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माझगांव डॉक लिमिटेड – एस.बी. रखरखाव कार्यशाला – उत्तरी यार्ड

माझगांव डॉक लिमिटेड – एस.बी. रखरखाव कार्यशाला – उत्तरी यार्ड An aerial view of the Mazagon Dock Limited S.B. Maintenance Workshop - North Yard showing submarine hulls inside covered bays and docked naval vessels alongside dry dock facilities with the Mumbai skyline across the water.

परिचय: कार्यस्थल को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना

किसी भी कंपनी में अच्छा काम करने के लिए सिर्फ अच्छी मशीनें और कुशल कर्मचारी होना ही काफी नहीं है। कार्यस्थल का साफ-सुथरा होना, औजारों को सही जगह पर रखना, मशीनों की देखभाल करना और काम करने के सही तरीके अपनाना भी बहुत जरूरी है। जब हर चीज अपनी जगह पर होती है, तो कर्मचारियों को काम करने में आसानी होती है और उनका समय भी बचता है।

यह कहानी मुंबई के नॉर्थ यार्ड में स्थित Mazagon Dock Limited की SB-Maintenance Workshop के बारे में है। इसमें Five-S Workplace Management System और 5S Certificate पर ध्यान दिया गया है। प्रोजेक्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, यह प्रमाणपत्र 2015 में जारी किया गया था और 2018 तक वैध था।

5S सिस्टम का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखना है। इसमें पांच मुख्य चरण होते हैं: Sort, Set in Order, Shine, Standardize और Sustain। आसान भाषा में, इनका मतलब है बेकार सामान हटाना, जरूरी सामान को सही जगह पर रखना, सफाई बनाए रखना, काम करने के लिए एक जैसे नियम बनाना और इन अच्छी आदतों को रोज जारी रखना।

मेंटेनेंस वर्कशॉप में इन पांचों चरणों का खास महत्व है। यहां कर्मचारियों को अपने काम के लिए अलग-अलग औजारों, मशीनों और स्पेयर पार्ट्स की जरूरत होती है। अगर ये चीजें सही जगह पर नहीं रखी जाती हैं, तो उन्हें ढूंढने में काफी समय लग सकता है। सामान बिखरा होने से काम में देरी हो सकती है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है। 5S सिस्टम इन समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

SB-Maintenance Workshop जैसी जगह पर 5S सिस्टम अपनाने से काम करने का तरीका बेहतर बनाया जा सकता है। जब कर्मचारियों को पता होता है कि कौन-सा औजार कहां रखा है और काम खत्म होने के बाद उसे कहां रखना है, तो काम करना आसान हो जाता है। इससे कर्मचारी अपने औजारों और उपकरणों की बेहतर देखभाल भी कर सकते हैं।

इस प्रोजेक्ट में बताया गया 5S Certificate कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। लेकिन केवल प्रमाणपत्र मिल जाना ही काफी नहीं है। असली फायदा तब होता है, जब मैनेजमेंट और कर्मचारी रोज अपने काम में 5S के नियमों का पालन करते हैं। नियमित सफाई, औजारों को सही जगह पर रखना, सुरक्षा नियमों का पालन करना और समय-समय पर जांच करना इस सिस्टम को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करता है।

इस कहानी में यह भी बताया गया है कि काम करने की अच्छी आदतें, कर्मचारियों के बीच सहयोग और सही व्यवस्था किसी वर्कशॉप के काम को बेहतर बनाने में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि, इनसे मिलने वाले वास्तविक फायदे इस बात पर निर्भर करते हैं कि 5S सिस्टम को कितनी अच्छी तरह लागू किया जाता है।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि कंपनी का नाम, वर्कशॉप का पता, प्रमाणपत्र का प्रकार और उसकी तारीखें प्रोजेक्ट में दी गई जानकारी पर आधारित हैं। प्रमाणपत्र की कॉपी, ऑडिट रिपोर्ट या काम में हुए सुधार के आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इसलिए इस कहानी में दिए गए उदाहरण यह समझाने के लिए हैं कि किसी मेंटेनेंस वर्कशॉप में 5S सिस्टम कैसे काम कर सकता है। इन्हें Mazagon Dock Limited की इस वर्कशॉप में हुई किसी खास घटना या उपलब्धि का प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए।

यह भी समझना जरूरी है कि 5S Certificate और ISO 9001 Certification अलग-अलग हैं। ISO 9001 एक अलग मानक है, जो कंपनी में काम की गुणवत्ता को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है। 5S सिस्टम गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकता है, लेकिन इस कहानी में यह दावा नहीं किया गया है कि इस वर्कशॉप को ISO 9001 प्रमाणपत्र मिला था।

आगे के दस अध्यायों में 5S सिस्टम के पांच चरणों, कार्यस्थल की सफाई, कर्मचारियों की भागीदारी, सुरक्षा, टीमवर्क और काम करने के बेहतर तरीकों के बारे में बताया जाएगा। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने के बाद भी अच्छी आदतों को जारी रखना क्यों जरूरी है।

इस कहानी का मुख्य संदेश सरल है: साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल बनाने के लिए छोटे-छोटे कदम जरूरी हैं। जब मैनेजमेंट और कर्मचारी मिलकर इन आदतों को रोज अपनाते हैं, तो कार्यस्थल को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।

अध्याय 1 — औद्योगिक इतिहास और बेहतर काम की शुरुआत

Mazagon Dock Limited का इतिहास भारत में जहाज बनाने और समुद्री क्षेत्र के विकास से जुड़ा हुआ है। मुंबई के मझगांव इलाके में स्थित यह कंपनी समय के साथ एक छोटी डॉक सुविधा से बढ़कर एक बड़े जहाज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित हुई। इस कंपनी ने भारत की जहाज निर्माण क्षमता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यहां बड़े जहाजों और युद्धपोतों के निर्माण के साथ-साथ कई तकनीकी काम भी किए जाते हैं, जिनके लिए कुशल कर्मचारियों और अच्छी कार्य व्यवस्था की जरूरत होती है।

कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Mazagon Dock का इतिहास 1774 से शुरू होता है। उस समय मझगांव में एक छोटा ड्राई डॉक बनाया गया था। बाद में, 1934 में कंपनी को एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में स्थापित किया गया। वर्ष 1960 में भारत सरकार ने इसे अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद कंपनी ने धीरे-धीरे अपने काम का विस्तार किया और भारत के प्रमुख जहाज निर्माण केंद्रों में अपनी जगह बनाई।

इतनी बड़ी कंपनी को सफलतापूर्वक चलाने के लिए केवल जहाज बनाने की अच्छी तकनीक होना ही काफी नहीं है। इसके साथ-साथ मशीनों की देखभाल, औजारों को सही जगह पर रखना, स्पेयर पार्ट्स का सही रिकॉर्ड रखना और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल बनाए रखना भी जरूरी है। इन सभी कामों में मेंटेनेंस वर्कशॉप की अहम भूमिका होती है। (https://www.mazagondock.in/)

मुंबई के डॉकयार्ड रोड, मझगांव स्थित नॉर्थ यार्ड की SB-Maintenance Workshop इसी औद्योगिक व्यवस्था का एक हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्कशॉप के लिए Five-S Workplace Management System से संबंधित 5S Certificate जारी किया गया था। प्रमाणपत्र जारी होने का वर्ष 2015 और उसकी वैधता 2018 तक बताई गई है।

इस तरह की व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रोज के काम को बेहतर और आसान बनाना है। किसी भी बड़ी वर्कशॉप में कर्मचारियों को कई तरह के औजारों, मशीनों और स्पेयर पार्ट्स की जरूरत पड़ती है। अगर ये चीजें सही जगह पर नहीं रखी जाती हैं, तो कर्मचारियों को उन्हें ढूंढने में समय लग सकता है। इससे काम में देरी हो सकती है और कभी-कभी सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि किसी कर्मचारी को मशीन की मरम्मत करने के लिए एक खास औजार चाहिए। अगर सभी औजार बिना किसी पहचान के एक ही जगह रखे गए हैं, तो उसे सही औजार खोजने में काफी समय लग सकता है। लेकिन अगर हर औजार की तय जगह है और उस जगह पर उसका नाम लिखा है, तो कर्मचारी उसे जल्दी ढूंढ सकता है और अपना काम शुरू कर सकता है।

यह केवल समझाने के लिए दिया गया उदाहरण है। इसे Mazagon Dock की इस वर्कशॉप में हुई किसी वास्तविक घटना के रूप में नहीं बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह समझाना है कि सामान को सही जगह पर रखने जैसी छोटी आदतें भी काम को आसान बना सकती हैं।

यहीं पर 5S सिस्टम उपयोगी साबित होता है। यह कर्मचारियों को सिखाता है कि काम की जगह को कैसे व्यवस्थित रखा जाए, जरूरी सामान को कैसे संभाला जाए और सफाई व सुरक्षा का ध्यान कैसे रखा जाए। इससे कार्यस्थल को केवल कभी-कभी साफ करने के बजाय रोज व्यवस्थित रखने की आदत बन सकती है।

इस सिस्टम की एक और खास बात यह है कि यह काम करने के लिए कुछ सामान्य नियम तय करने में मदद करता है। जब सभी कर्मचारी एक ही तरीके से औजार रखते हैं, मशीनों के आसपास सफाई बनाए रखते हैं और काम खत्म होने के बाद सामान वापस उसकी जगह पर रखते हैं, तो पूरी टीम के लिए काम करना आसान हो जाता है।

पुराने और अनुभवी कर्मचारियों को अक्सर पता होता है कि औजार कहां रखे जाने चाहिए और मशीनों की देखभाल कैसे करनी चाहिए। 5S सिस्टम इन अच्छी आदतों को एक तय व्यवस्था में बदलने में मदद कर सकता है। इससे नए कर्मचारियों को भी काम समझने में आसानी होती है और वे जल्दी सीख सकते हैं कि वर्कशॉप में किन नियमों का पालन करना है।

एक व्यवस्थित वर्कशॉप में सुपरवाइजर के लिए भी काम की जांच करना आसान हो सकता है। वह देख सकता है कि औजार अपनी जगह पर हैं या नहीं, रास्ते साफ हैं या नहीं और कर्मचारी तय नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। अगर कोई समस्या दिखाई देती है, तो उसे समय पर ठीक करने की कोशिश की जा सकती है।

वर्ष 2015 में जारी किए गए 5S Certificate को इस प्रोजेक्ट में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। यह प्रमाणपत्र वर्कशॉप में Five-S Workplace Management System से जुड़ी पहल को पहचान देने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव था, जैसा कि प्रोजेक्ट की जानकारी में बताया गया है। हालांकि, प्रमाणपत्र की मूल कॉपी या ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।

यह समझना भी जरूरी है कि प्रमाणपत्र मिलना ही सुधार का आखिरी कदम नहीं होता। अगर कर्मचारी कुछ समय तक ही नियमों का पालन करें और बाद में फिर से औजार इधर-उधर रखने लगें, तो व्यवस्था पहले जैसी हो सकती है। इसलिए 5S सिस्टम को लंबे समय तक सफल बनाए रखने के लिए नियमित सफाई, समय-समय पर जांच और सभी कर्मचारियों का सहयोग जरूरी है।

Mazagon Dock Limited का विकास यह दिखाता है कि बड़े औद्योगिक कामों को सफल बनाने के लिए तकनीक, अनुभव और सही व्यवस्था की जरूरत होती है। जहाज निर्माण जैसे काम में कई विभागों और कर्मचारियों को मिलकर काम करना पड़ता है। ऐसे में हर विभाग का व्यवस्थित होना जरूरी है, ताकि काम सही तरीके से आगे बढ़ सके।

इस कहानी का पहला महत्वपूर्ण सबक यही है कि किसी कंपनी की सफलता केवल बड़े प्रोजेक्ट या आधुनिक मशीनों पर निर्भर नहीं करती। रोज के काम में अनुशासन, सफाई, सही व्यवस्था और टीमवर्क भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। 5S सिस्टम इन्हीं छोटी-छोटी बातों को बेहतर बनाने का एक तरीका है, जो कार्यस्थल को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने में मदद कर सकता है।

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अध्याय 2 — Five-S Workplace Management System को समझना

Five-S Workplace Management System काम करने की जगह को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित रखने का एक आसान तरीका है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि कर्मचारियों को अपना काम करने में आसानी हो, जरूरी सामान समय पर मिल जाए और काम करते समय बेवजह की परेशानी न हो।

इस सिस्टम में पांच मुख्य चरण होते हैं: Sort, Set in Order, Shine, Standardize और Sustain। हर चरण का अपना अलग काम है, लेकिन सभी का उद्देश्य एक ही है—कार्यस्थल को बेहतर बनाना और काम करने की अच्छी आदतों को रोज जारी रखना।

आसान भाषा में समझें तो Sort का मतलब है गैर-जरूरी सामान को अलग करना, Set in Order का मतलब है जरूरी सामान को सही जगह पर रखना, Shine का मतलब है सफाई बनाए रखना, Standardize का मतलब है काम करने के लिए एक जैसे नियम बनाना और Sustain का मतलब है इन नियमों का लगातार पालन करना।

मेंटेनेंस वर्कशॉप में इन पांचों चरणों का खास महत्व है। यहां कर्मचारियों को अलग-अलग औजारों, मशीनों, स्पेयर पार्ट्स, जरूरी कागजों और जांच करने वाले उपकरणों की जरूरत पड़ती है। अगर इन सभी चीजों को सही तरीके से नहीं रखा जाए, तो काम में देरी हो सकती है और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

1. Sort — गैर-जरूरी सामान को अलग करना

5S का पहला चरण Sort है। इसका मतलब है कि कार्यस्थल पर रखे सामान को ध्यान से देखना और यह तय करना कि कौन-सी चीज काम के लिए जरूरी है और कौन-सी नहीं।

वर्कशॉप में कई बार पुराने औजार, खराब सामान, खाली डिब्बे और पुराने कागज जरूरत से ज्यादा जगह घेर लेते हैं। ऐसे सामान के कारण जरूरी चीजों को ढूंढना मुश्किल हो सकता है।

इस समस्या को दूर करने के लिए कर्मचारी अपनी अलमारियों, टेबल, स्टोरेज एरिया और काम करने की जगह की जांच कर सकते हैं। जो सामान जरूरी है, उसे रखा जाता है। जो सामान इस्तेमाल में नहीं है, उसे पहचानकर उसके बारे में सही फैसला लिया जाता है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी शेल्फ पर मशीन का पुराना पार्ट रखा है और किसी को नहीं पता कि उसकी जरूरत है या नहीं, तो उसे बिना जांच किए फेंकना सही नहीं होगा। पहले जिम्मेदार कर्मचारी उसकी स्थिति और उपयोग की जांच करेंगे। इसके बाद तय किया जाएगा कि उसे रखना है, मरम्मत करनी है, वापस भेजना है या नियमों के अनुसार हटाना है।

इससे पता चलता है कि Sort का मतलब केवल सामान हटाना नहीं है। इसका असली उद्देश्य जरूरी चीजों को पहचानना और गैर-जरूरी सामान के कारण होने वाली परेशानी को कम करना है।

2. Set in Order — हर चीज को सही जगह पर रखना

दूसरा चरण Set in Order है। इसका मतलब है कि काम में इस्तेमाल होने वाले सभी औजारों, स्पेयर पार्ट्स और दूसरे जरूरी सामान के लिए सही जगह तय की जाए।

जब हर चीज की एक निश्चित जगह होती है, तो कर्मचारी उसे आसानी से ढूंढ सकते हैं। इससे समय बचता है और काम के दौरान होने वाली उलझन कम होती है।

इसके लिए अलमारियों पर नाम लिखे जा सकते हैं, सामान रखने की जगह पर निशान लगाए जा सकते हैं और अलग-अलग सामान के लिए अलग स्थान तय किए जा सकते हैं। रोज इस्तेमाल होने वाले औजार ऐसी जगह रखे जा सकते हैं, जहां से उन्हें आसानी से लिया और वापस रखा जा सके।

उदाहरण के लिए, अगर किसी औजार को रखने के लिए वर्कशॉप में एक निश्चित जगह बनाई गई है और उस पर उसका नाम लिखा है, तो कर्मचारी को उसे ढूंढने में परेशानी नहीं होगी। काम पूरा होने के बाद औजार को उसी जगह वापस रखने से अगली बार इस्तेमाल करने वाले कर्मचारी को भी आसानी होगी।

इस व्यवस्था से यह पहचानना भी आसान हो सकता है कि कोई औजार अपनी जगह पर नहीं है या उसे वापस रखना भूल गए हैं।

हालांकि, हर छोटी चीज पर लेबल लगाना जरूरी नहीं है। मुख्य बात यह है कि सामान रखने की व्यवस्था सरल हो और सभी कर्मचारी उसे आसानी से समझ सकें।

3. Shine — सफाई रखना और मशीनों की जांच करना

तीसरा चरण Shine है। इसका मतलब है कार्यस्थल, औजारों और मशीनों की सफाई बनाए रखना। लेकिन इस चरण का उद्देश्य केवल जगह को साफ दिखाना नहीं है। सफाई करते समय मशीनों और उपकरणों की स्थिति पर भी ध्यान देना जरूरी है।

उदाहरण के लिए, मशीन की सफाई करते समय अगर कहीं तेल का रिसाव, टूटा हुआ तार, ढीला पार्ट या कोई दूसरी खराबी दिखाई देती है, तो कर्मचारी इसकी जानकारी संबंधित अधिकारी को दे सकते हैं। इससे समस्या को समय पर जांचने और जरूरी कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

वर्कशॉप में सफाई की जिम्मेदारी तय होना भी जरूरी है। कर्मचारियों को पता होना चाहिए कि किस जगह की सफाई कौन करेगा और सफाई के दौरान किसी खराबी को देखने पर किसे सूचना देनी है।

सुरक्षा का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। मशीन चालू होने पर या बिजली के खतरनाक हिस्सों के पास बिना सही सुरक्षा प्रक्रिया के सफाई नहीं करनी चाहिए। खतरनाक पदार्थों को संभालते समय भी जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।

इस तरह नियमित सफाई से कार्यस्थल बेहतर बना रहता है और उपकरणों की स्थिति पर ध्यान देना भी आसान होता है।

4. Standardize — काम करने के लिए एक जैसे नियम बनाना

चौथा चरण Standardize है। इसका मतलब है कि सफाई, सामान रखने और काम करने के लिए कुछ स्पष्ट नियम बनाए जाएं, ताकि सभी कर्मचारी एक ही तरीके से काम कर सकें।

अगर एक कर्मचारी औजारों को सही जगह पर रखता है, लेकिन दूसरा कर्मचारी उन्हें इस्तेमाल करने के बाद इधर-उधर छोड़ देता है, तो कुछ समय बाद पूरी व्यवस्था खराब हो सकती है। इसलिए सभी कर्मचारियों के लिए नियम एक जैसे होने चाहिए।

इसके लिए वर्कशॉप में सफाई का समय तय किया जा सकता है। औजारों को वापस रखने के नियम बनाए जा सकते हैं। मशीनों की जांच के लिए चेकलिस्ट तैयार की जा सकती है और अलग-अलग कामों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

जरूरत पड़ने पर तस्वीरों या आसान निर्देशों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को समझने में आसानी होगी कि काम करने की जगह कैसी होनी चाहिए और सामान किस तरह रखा जाना चाहिए।

इन नियमों का फायदा तभी होता है, जब कर्मचारी उन्हें समझें, उनका पालन करें और जिम्मेदार अधिकारी समय-समय पर उनकी जांच करें।

5. Sustain — अच्छी आदतों को लगातार बनाए रखना

पांचवां चरण Sustain है। इसका मतलब है कि कार्यस्थल को साफ और व्यवस्थित रखने के लिए बनाए गए नियमों का लगातार पालन किया जाए।

शुरुआत में किसी भी वर्कशॉप को व्यवस्थित बनाना आसान हो सकता है, लेकिन उस व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखना ज्यादा जरूरी है। कई बार काम का दबाव बढ़ जाता है, कर्मचारी दूसरे कामों में व्यस्त हो जाते हैं या औजारों को वापस सही जगह पर रखना भूल जाते हैं। धीरे-धीरे पुरानी आदतें फिर से शुरू हो सकती हैं।

इस समस्या से बचने के लिए नियमित जांच, कर्मचारियों की भागीदारी और मैनेजमेंट का सहयोग जरूरी है। सुपरवाइजर समय-समय पर देख सकते हैं कि औजार सही जगह पर हैं या नहीं, सफाई हो रही है या नहीं और कर्मचारी सुरक्षा नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

अगर कोई कमी दिखाई देती है, तो उसे दूर करने के लिए सही कदम उठाए जा सकते हैं। कर्मचारियों को यह भी समझाना जरूरी है कि सफाई और व्यवस्था केवल निरीक्षण के समय के लिए नहीं, बल्कि रोज के काम का हिस्सा हैं।

जब सभी कर्मचारी इन नियमों को अपनी रोज की आदत बना लेते हैं, तो 5S सिस्टम को लंबे समय तक बनाए रखना आसान हो जाता है।

पांचों चरण एक साथ कैसे काम करते हैं?

5S के सभी चरण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। केवल गैर-जरूरी सामान हटाने से काम पूरा नहीं होता। जरूरी सामान को सही जगह पर रखना, सफाई करना, नियम बनाना और उन नियमों का लगातार पालन करना भी जरूरी है।

उदाहरण के लिए, अगर वर्कशॉप से गैर-जरूरी सामान हटा दिया जाए, लेकिन बाकी औजारों के लिए सही जगह तय न की जाए, तो कुछ समय बाद फिर से अव्यवस्था हो सकती है। इसी तरह, अगर सफाई के नियम बनाए जाएं, लेकिन कोई उनकी जांच न करे, तो कर्मचारी धीरे-धीरे उनका पालन करना बंद कर सकते हैं।

इसलिए पांचों चरणों को एक साथ अपनाना जरूरी है। जब कर्मचारी और मैनेजमेंट मिलकर काम करते हैं, तो कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखना आसान हो सकता है।

SB-Maintenance Workshop के लिए 5S का महत्व

इस प्रोजेक्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, Mazagon Dock Limited की SB-Maintenance Workshop के लिए Five-S Workplace Management System से संबंधित प्रमाणपत्र 2015 में जारी किया गया था और इसकी वैधता 2018 तक बताई गई है।

ऊपर बताए गए पांच चरण यह समझाते हैं कि 5S सिस्टम का उद्देश्य क्या है और इसे किसी मेंटेनेंस वर्कशॉप में किस तरह उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, इस विशेष वर्कशॉप में कौन-कौन से नियम लागू किए गए थे और उनसे क्या परिणाम मिले, इसकी पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक ऑडिट रिपोर्ट या अन्य रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

फिर भी, 5S सिस्टम के सामान्य सिद्धांत यह समझने में मदद करते हैं कि सही व्यवस्था, सफाई, औजारों की उचित देखभाल और कर्मचारियों की भागीदारी किसी भी औद्योगिक कार्यस्थल के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।

इस अध्याय से मुख्य सीख यह है कि 5S केवल सफाई करने का तरीका नहीं है। यह काम करने की जगह को बेहतर बनाने, समय बचाने, सुरक्षा का ध्यान रखने और अच्छी आदतों को रोज जारी रखने की एक पूरी व्यवस्था है।

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अध्याय 3 — मेंटेनेंस वर्कशॉप: काम को सही और भरोसेमंद बनाने का आधार

An elevated view of the Mazagon Dock Limited - SB Maintenance Workshop - North Yard showing large industrial workshop buildings, yellow dockyard cranes, and naval defense ships along the waterfront.

किसी भी बड़ी औद्योगिक कंपनी में मशीनों और उपकरणों की देखभाल बहुत जरूरी होती है। कंपनी में काम तभी अच्छी तरह चल सकता है, जब मशीनें सही स्थिति में हों, जरूरी औजार उपलब्ध हों और कर्मचारियों को अपना काम करने में परेशानी न हो। इसलिए मेंटेनेंस यानी मशीनों और उपकरणों की देखभाल किसी भी औद्योगिक कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जहाज बनाने वाली कंपनी में मेंटेनेंस का महत्व और भी बढ़ जाता है। जहाज बनाने और उनकी मरम्मत करने के लिए कई तरह की मशीनों, उपकरणों और तकनीकी साधनों की जरूरत होती है। इन सभी के सही उपयोग के लिए अलग-अलग टीमों को मिलकर काम करना पड़ता है। साथ ही, काम की गुणवत्ता, कर्मचारियों की सुरक्षा और तय समय पर काम पूरा करने का भी ध्यान रखना होता है।

Mazagon Dock Limited एक बड़ी जहाज निर्माण कंपनी है, जहां जहाज बनाने और उनसे जुड़े कई तकनीकी काम किए जाते हैं। कंपनी के काम को सही तरीके से चलाने के लिए केवल आधुनिक मशीनें होना ही काफी नहीं है। मशीनों की देखभाल, औजारों की सही व्यवस्था और काम करने की अच्छी आदतें भी जरूरी हैं।

मुंबई के नॉर्थ यार्ड में स्थित SB-Maintenance Workshop को इसी औद्योगिक व्यवस्था के संदर्भ में समझा जा सकता है। इस वर्कशॉप में इस्तेमाल होने वाले सभी उपकरणों, कर्मचारियों की संख्या और उनकी अलग-अलग जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस अध्याय में सामान्य मेंटेनेंस वर्कशॉप के काम और उसमें 5S सिस्टम के महत्व को समझाया गया है।

मेंटेनेंस वर्कशॉप में सही व्यवस्था क्यों जरूरी है?

एक मेंटेनेंस वर्कशॉप में कर्मचारियों को अपना काम पूरा करने के लिए कई चीजों की जरूरत होती है। इनमें औजार, स्पेयर पार्ट्स, जांच करने वाले उपकरण और मशीनों से जुड़ी जरूरी जानकारी शामिल हो सकती है।

अगर इन चीजों को सही तरीके से नहीं रखा जाता है, तो काम में देरी हो सकती है। उदाहरण के लिए, किसी कर्मचारी को मरम्मत के लिए एक खास औजार चाहिए, लेकिन वह अपनी जगह पर नहीं मिलता। ऐसे में कर्मचारी को उसे ढूंढने में समय लगाना पड़ सकता है।

इसी तरह, अगर खराब औजारों को सही औजारों से अलग नहीं रखा जाता है, तो गलती से उनका इस्तेमाल होने का खतरा हो सकता है। अगर कर्मचारियों को यह पता नहीं है कि किसी उपकरण की जांच हो चुकी है या नहीं, तो काम के दौरान परेशानी पैदा हो सकती है।

इन समस्याओं को कम करने के लिए कार्यस्थल पर सही व्यवस्था होना जरूरी है। औजारों की जगह तय करना, सामान पर पहचान के लिए नाम या निशान लगाना और खराब उपकरणों को अलग रखना इसमें मदद कर सकता है।

5S सिस्टम मेंटेनेंस के काम को कैसे बेहतर बना सकता है?

5S सिस्टम का उद्देश्य कार्यस्थल को साफ और व्यवस्थित रखना है। इसके पांच चरण कर्मचारियों को सामान सही तरीके से रखने, सफाई बनाए रखने और काम करने के नियमों का पालन करने में मदद करते हैं।

मान लीजिए कि किसी कर्मचारी को मशीन की नियमित देखभाल करनी है। काम शुरू करने से पहले उसे जरूरी औजार और स्पेयर पार्ट्स चाहिए। अगर सभी सामान अपनी तय जगह पर रखा है और औजारों की पहचान आसानी से की जा सकती है, तो कर्मचारी अपना काम जल्दी शुरू कर सकता है।

अगर कोई औजार गायब है या खराब है, तो सही व्यवस्था होने पर इस बात का पता लगाना भी आसान हो सकता है। इससे कर्मचारी समय पर संबंधित अधिकारी को जानकारी दे सकता है और जरूरी कार्रवाई की जा सकती है।

यह केवल समझाने के लिए दिया गया उदाहरण है। इससे यह दावा नहीं किया जा रहा है कि Mazagon Dock की SB-Maintenance Workshop में ठीक यही स्थिति हुई थी या वहां काम के समय में कोई निश्चित सुधार दर्ज किया गया था।

1. जरूरी सामान को आसानी से पहचानना

वर्कशॉप में औजारों और स्पेयर पार्ट्स की सही व्यवस्था होने से कर्मचारियों को पता रहता है कि कौन-सी चीज कहां रखी गई है।

जब सामान पर सही नाम या पहचान का निशान होता है, तो उसे ढूंढने में कम परेशानी होती है। इससे कर्मचारियों को बार-बार दूसरों से पूछने की जरूरत भी कम पड़ सकती है।

इसके अलावा, अगर कोई जरूरी सामान अपनी जगह पर नहीं है, तो इसकी जानकारी जल्दी मिल सकती है। इससे सामान की उपलब्धता पर बेहतर नजर रखी जा सकती है।

2. मशीनों और उपकरणों की स्थिति पर ध्यान देना

वर्कशॉप में सफाई और नियमित जांच से मशीनों और उपकरणों की स्थिति को समझने में मदद मिल सकती है।

उदाहरण के लिए, सफाई करते समय किसी मशीन के पास तेल का रिसाव या किसी औजार में खराबी दिखाई दे सकती है। ऐसी स्थिति में कर्मचारी संबंधित अधिकारी को सूचना दे सकता है, ताकि जरूरत के अनुसार जांच और मरम्मत की जा सके।

हालांकि, केवल सफाई करने से सभी तकनीकी समस्याओं का पता नहीं चलता। मशीनों की सही जांच और मेंटेनेंस के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। 5S सिस्टम इन प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से अपनाने में सहायता कर सकता है।

3. कर्मचारियों के बीच तालमेल बढ़ाना

एक वर्कशॉप में कई कर्मचारी एक ही जगह या एक ही उपकरण का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर हर कर्मचारी सामान रखने का अलग तरीका अपनाए, तो दूसरे कर्मचारियों को परेशानी हो सकती है।

लेकिन जब सभी लोग एक जैसे नियमों का पालन करते हैं, तो काम करना आसान हो जाता है। उदाहरण के लिए, औजार इस्तेमाल करने के बाद उन्हें वापस तय जगह पर रखना और काम पूरा होने पर अपनी जगह साफ करना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी हो सकती है।

इस तरह की व्यवस्था से कर्मचारियों के बीच तालमेल बेहतर बनाने और काम के दौरान होने वाली गलतफहमियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व देना

वर्कशॉप में सामान व्यवस्थित करते समय केवल सुंदरता या सफाई पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे जरूरी है।

भारी सामान को ऐसी जगह रखना चाहिए, जहां से उसे सुरक्षित तरीके से उठाया जा सके। खतरनाक पदार्थों को तय सुरक्षा नियमों के अनुसार रखना चाहिए। आने-जाने के रास्ते और आग बुझाने वाले उपकरणों के आसपास पर्याप्त जगह होनी चाहिए।

इसी तरह, मशीनों और बिजली के उपकरणों में बदलाव करने से पहले जरूरी अनुमति और सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

5S सिस्टम का उद्देश्य काम की जगह को बेहतर बनाना है, न कि ऐसी व्यवस्था बनाना जिससे कर्मचारियों के लिए नया खतरा पैदा हो।

कर्मचारियों और मैनेजमेंट की भूमिका

5S सिस्टम को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों और मैनेजमेंट, दोनों का सहयोग जरूरी है।

वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों को अपने काम की अच्छी जानकारी होती है। वे बता सकते हैं कि कौन-से औजार ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, किन चीजों को ढूंढने में परेशानी होती है और सामान रखने की व्यवस्था में कहां सुधार किया जा सकता है।

सुपरवाइजर कर्मचारियों के सुझावों को समझकर काम की जरूरतों के अनुसार व्यवस्था बनाने में मदद कर सकते हैं। वे जिम्मेदारियां तय कर सकते हैं और समय-समय पर जांच कर सकते हैं कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

मैनेजमेंट की जिम्मेदारी है कि कर्मचारियों को जरूरी निर्देश, समय और सहायता मिले। अगर कंपनी में काम का दबाव ज्यादा हो, तब भी सफाई, सुरक्षा और औजारों की सही व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जब सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझते हैं, तो कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखना आसान हो सकता है।

5S Certificate और काम की वास्तविक गुणवत्ता

इस प्रोजेक्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, Mazagon Dock Limited की SB-Maintenance Workshop के लिए Five-S Workplace Management System का प्रमाणपत्र 2015 में जारी किया गया था और इसकी वैधता 2018 तक बताई गई है।

यह प्रमाणपत्र इस कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन केवल प्रमाणपत्र के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि वर्कशॉप में मशीनों की खराबी कम हो गई, मरम्मत का समय घट गया या उत्पादन में निश्चित बढ़ोतरी हुई।

ऐसे परिणामों की पुष्टि करने के लिए मेंटेनेंस रिकॉर्ड, निरीक्षण रिपोर्ट और काम से जुड़े आंकड़ों की जरूरत होती है। उपलब्ध जानकारी में ऐसे रिकॉर्ड शामिल नहीं हैं।

5S सिस्टम का वास्तविक महत्व इस बात में है कि यह कर्मचारियों को काम करने की जगह को बेहतर बनाने के लिए एक स्पष्ट तरीका देता है। अगर इसे सही तरीके से अपनाया जाए, तो औजारों की पहचान, सामान की व्यवस्था, सफाई और काम के तालमेल में सुधार करने में मदद मिल सकती है।

इस अध्याय से क्या सीख मिलती है?

एक बड़ी जहाज निर्माण कंपनी में मेंटेनेंस वर्कशॉप की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि मशीनों और उपकरणों की सही देखभाल से काम को व्यवस्थित तरीके से चलाने में मदद मिलती है।

अच्छे परिणाम पाने के लिए केवल तकनीकी जानकारी होना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों को सही औजार, सुरक्षित कार्यस्थल और काम करने की स्पष्ट व्यवस्था भी मिलनी चाहिए।

5S सिस्टम इन जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकता है। यह कर्मचारियों को सामान सही जगह पर रखने, सफाई बनाए रखने, खराबियों पर ध्यान देने और मिलकर काम करने की आदत विकसित करने में मदद करता है।

मुख्य सीख यह है कि मेंटेनेंस का अच्छा काम केवल मशीनों की मरम्मत करने तक सीमित नहीं है। सही व्यवस्था, सुरक्षा, सफाई और टीमवर्क भी किसी वर्कशॉप को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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अध्याय 4 — सर्टिफिकेशन की तैयारी: कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाने से लेकर एक सही सिस्टम तैयार करने तक

किसी भी सर्टिफिकेशन की तैयारी शुरू करने से पहले एक जरूरी सवाल समझना होता है: कार्यस्थल पर काम करने का सही तरीका क्या होना चाहिए और यह कैसे सुनिश्चित किया जाए कि सभी लोग उस तरीके का लगातार पालन करें?

Five-S Workplace Management System में केवल सफाई करना ही काफी नहीं होता। इसके लिए कार्यस्थल को व्यवस्थित रखना, वहां की समस्याओं को पहचानना, सुधार के अवसर ढूंढना, कर्मचारियों की जिम्मेदारियां तय करना और समय-समय पर यह जांचना जरूरी होता है कि बनाए गए नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop के 5S Certificate का वर्ष 2015 बताया गया है। हालांकि, इस वर्कशॉप की मूल कार्ययोजना, जांच की चेकलिस्ट और ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस अध्याय में एक सामान्य मेंटेनेंस वर्कशॉप में सर्टिफिकेशन की तैयारी के लिए अपनाए जा सकने वाले तरीकों को समझाया गया है। इसे Mazagon Dock में हुई प्रमाणित गतिविधियों की सूची नहीं माना जाना चाहिए।

कार्यस्थल की मौजूदा स्थिति को समझना

सुधार की शुरुआत आमतौर पर कार्यस्थल की मौजूदा स्थिति को समझने से होती है। इसके लिए एक टीम वर्कशॉप के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर सकती है। टीम यह देख सकती है कि औजार कहां रखे जाते हैं, स्पेयर पार्ट्स किस तरह स्टोर किए जाते हैं, मशीनों और उपकरणों की स्थिति कैसी है, सफाई कैसे की जाती है और सभी लोग साझा संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह करते हैं।

इस शुरुआती जांच का उद्देश्य यह समझना होता है कि अभी क्या सही चल रहा है और किन जगहों पर सुधार की जरूरत है।

यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सुधार वास्तविक समस्याओं के आधार पर होना चाहिए, केवल अनुमान के आधार पर नहीं। कभी-कभी किसी बाहरी व्यक्ति को सामान रखने का तरीका अव्यवस्थित लग सकता है, जबकि उसके पीछे कोई तकनीकी कारण हो सकता है। दूसरी ओर, कोई जगह देखने में साफ-सुथरी हो सकती है, लेकिन वहां उपकरणों पर पहचान के लेबल न हों, जिम्मेदारियां स्पष्ट न हों या सामान रखने का तरीका सही न हो।

इसलिए केवल बाहर से देखकर फैसला करना पर्याप्त नहीं है।

कर्मचारियों से सुझाव लेना

वर्कशॉप में रोज काम करने वाले कर्मचारी वहां की वास्तविक स्थिति को अच्छी तरह समझते हैं। वे बता सकते हैं कि कौन-से औजार बार-बार इस्तेमाल होते हैं, किन कामों में देरी होती है, किन वस्तुओं को सुरक्षित जगह पर रखना जरूरी है और सामान रखने के मौजूदा तरीके में क्या परेशानियां आती हैं।

सुपरवाइजर भी उन समस्याओं की पहचान करने में मदद कर सकते हैं जो बार-बार सामने आती हैं। वे यह समझा सकते हैं कि कार्यस्थल की व्यवस्था का काम की योजना, समय और सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है।

कर्मचारियों की भागीदारी से सुधार के फैसले अधिक व्यावहारिक बन सकते हैं। इससे ऐसे नियम बनाने में भी मदद मिलती है जिन्हें कर्मचारी आसानी से समझ सकें और रोजमर्रा के काम में अपना सकें।

सुधार के लिए प्राथमिकताएं तय करना

कार्यस्थल की सभी समस्याएं एक जैसी नहीं होतीं। कुछ समस्याओं पर तुरंत ध्यान देना जरूरी होता है, जबकि कुछ में धीरे-धीरे सुधार किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, रास्ते में सामान पड़ा होना, गलत तरीके से रखे गए उपकरण, खराब औजारों की पहचान न होना या खतरनाक पदार्थों का सही नियंत्रण न होना गंभीर सुरक्षा और कामकाज से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थितियों में उचित और समय पर कार्रवाई जरूरी है।

इसके मुकाबले, सामान के लेबल को अधिक स्पष्ट बनाना या पहचान के तरीकों को एक जैसा करना ऐसी गतिविधियां हो सकती हैं जिन्हें सुधार की योजना के अनुसार पूरा किया जाए।

प्राथमिकताएं तय करने से 5S की प्रक्रिया केवल सफाई अभियान बनकर नहीं रह जाती। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि कार्यस्थल की सुंदरता पर ध्यान देते समय सुरक्षा और कामकाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को नजरअंदाज न किया जाए।

जिम्मेदारियां स्पष्ट करना

किसी भी व्यवस्थित कार्यस्थल के लिए यह जरूरी है कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी पता हो। कर्मचारियों को मालूम होना चाहिए कि उन्हें किस क्षेत्र की व्यवस्था बनाए रखनी है, साझा औजारों की देखभाल कौन करेगा और सामान रखने की जगह या उपकरणों की व्यवस्था में बदलाव करने की अनुमति किससे लेनी है।

एक सामान्य कार्यान्वयन प्रक्रिया में इसके लिए एक सरल Area Ownership Chart यानी क्षेत्र-जिम्मेदारी चार्ट बनाया जा सकता है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लिए किसी कर्मचारी या टीम की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। सुपरवाइजर यह देख सकते हैं कि तय नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।

यदि किसी समस्या का समाधान कर्मचारी के अधिकार या तकनीकी जानकारी से बाहर है, तो उसे संबंधित विभाग तक पहुंचाया जाना चाहिए।

इस व्यवस्था से एक आम समस्या को कम करने में मदद मिलती है—जब हर व्यक्ति सोचता है कि इस समस्या को कोई दूसरा ठीक कर देगा। जिम्मेदारियां स्पष्ट होने पर समस्या की सूचना देना और उस पर कार्रवाई करना आसान हो जाता है।

कार्यस्थल की शुरुआती स्थिति का रिकॉर्ड बनाना

सुधार का सही आकलन करने के लिए शुरुआत में कार्यस्थल की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करना उपयोगी होता है। इसके लिए फोटो, निरीक्षण रिकॉर्ड और साधारण चेकलिस्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस रिकॉर्ड को Baseline यानी शुरुआती स्थिति का रिकॉर्ड कहा जा सकता है। इसका उद्देश्य यह दर्ज करना है कि शुरुआत में व्यवस्था कैसी थी और किन बदलावों की जरूरत थी।

उदाहरण के लिए, शुरुआती निरीक्षण में यह सामने आ सकता है कि बार-बार इस्तेमाल होने वाले औजारों के लिए कोई तय जगह नहीं है या कुछ स्टोरेज कैबिनेट पर स्पष्ट पहचान के लेबल नहीं लगे हैं। बाद में दोबारा निरीक्षण करके यह देखा जा सकता है कि औजारों की जगह तय की गई है या नहीं और कर्मचारी नई व्यवस्था का पालन कर रहे हैं या नहीं।

इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि सुधार को देखा और जांचा जा सके। केवल यह कह देना कि कार्यस्थल पहले से बेहतर हो गया है, पर्याप्त नहीं होता। सुधार के लिए ऐसे स्पष्ट नियम होने चाहिए जिन्हें निरीक्षण के दौरान जांचा जा सके।

जरूरी दस्तावेज तैयार करना

दस्तावेज किसी भी व्यवस्था को लंबे समय तक सही तरीके से चलाने में मदद करते हैं। खासकर तब, जब एक ही क्षेत्र में कई कर्मचारी काम करते हों या समय के साथ जिम्मेदारियां बदलती रहती हों।

एक सामान्य 5S व्यवस्था में निम्नलिखित रिकॉर्ड उपयोगी हो सकते हैं:

  • सफाई का शेड्यूल।
  • औजारों और सामान को रखने की जगहों की सूची।
  • निरीक्षण की चेकलिस्ट।
  • समस्याओं और उन पर की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड।
  • खराब या इस्तेमाल के योग्य नहीं रहे उपकरणों को अलग रखने के निर्देश।

दस्तावेजों की संख्या और उनकी जटिलता काम की जरूरत के अनुसार होनी चाहिए। बहुत ज्यादा कठिन फॉर्म भरने से कर्मचारियों पर अनावश्यक काम बढ़ सकता है। वहीं, पर्याप्त रिकॉर्ड न होने से नियमों को समझना और उनका पालन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।

एक अच्छी व्यवस्था वही है जिसमें कर्मचारियों को काम करने के लिए जरूरी जानकारी मिले और यह भी दिखाया जा सके कि तय नियमों की समय-समय पर समीक्षा होती है।

कर्मचारियों को जानकारी और प्रशिक्षण देना

सर्टिफिकेशन की तैयारी में कर्मचारियों को यह समझाना भी जरूरी है कि 5S क्यों अपनाया जा रहा है।

अगर कर्मचारी इसे केवल निरीक्षण के समय दिखाने वाली व्यवस्था समझेंगे, तो उनका ध्यान कुछ समय के लिए कार्यस्थल को साफ दिखाने पर रह सकता है। लेकिन अगर उन्हें बताया जाए कि 5S से औजार ढूंढना आसान हो सकता है, काम में भ्रम कम हो सकता है और खराब या असामान्य स्थिति को जल्दी पहचाना जा सकता है, तो वे इसके महत्व को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

इसके लिए वर्कशॉप में व्यावहारिक प्रदर्शन, टीम के साथ चर्चा, आसान भाषा में लिखे निर्देश और कर्मचारियों से सुझाव लेने जैसी गतिविधियां की जा सकती हैं।

सुपरवाइजर को भी यह समझाना चाहिए कि 5S के पांचों सिद्धांत रोजमर्रा के काम से कैसे जुड़े हैं। जब कर्मचारी इन सिद्धांतों को अपने काम का हिस्सा मानते हैं, तो उनका पालन करना अधिक आसान हो जाता है।

औपचारिक जांच से पहले समीक्षा

बाहरी ऑडिट या औपचारिक जांच से पहले आंतरिक समीक्षा करना उपयोगी होता है। इसमें यह देखा जा सकता है कि बनाए गए नियमों और कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति में कितना अंतर है।

यदि कोई कमी सामने आती है, तो उसके सुधार के लिए उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ यह भी दर्ज किया जा सकता है कि जिम्मेदारी किसे दी गई है और सुधार का काम पूरा हुआ है या नहीं।

अच्छी तैयारी का मतलब यह नहीं है कि जांच करने वाले व्यक्ति के आने से पहले सभी समस्याओं को छिपा दिया जाए। इसका सही अर्थ यह है कि संस्था समस्याओं को पहचानती है, उन्हें ठीक करने के लिए कदम उठाती है और सुधार को बनाए रखने के लिए एक व्यवस्थित तरीका अपनाती है।

2015 के सर्टिफिकेशन का महत्व

उपलब्ध जानकारी में 2015 का वर्ष SB-Maintenance Workshop के 5S Certificate से जुड़ा हुआ बताया गया है। इस वर्ष को वर्कशॉप की सुधार यात्रा को समझाने के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा सकता है।

हालांकि, केवल सर्टिफिकेट के वर्ष के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि कौन-सी विशेष गतिविधियां कब की गई थीं, ऑडिट में क्या निष्कर्ष निकले थे या उत्पादकता में कितना सुधार हुआ था। इन बातों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जरूरत होगी।

इस कहानी का मुख्य उद्देश्य यह समझाना है कि किसी कार्यस्थल को सर्टिफिकेशन के लिए तैयार करने में योजना, जिम्मेदारी, दस्तावेज और लगातार समीक्षा की क्या भूमिका होती है।

इस अध्याय से क्या सीख मिलती है?

सर्टिफिकेशन की तैयारी केवल एक दिन की सफाई या निरीक्षण की तैयारी नहीं है। इसकी असली ताकत रोजाना अपनाई जाने वाली अच्छी आदतों में होती है।

एक अच्छी तरह तैयार वर्कशॉप में कर्मचारियों को पता होता है कि कार्यस्थल कैसा होना चाहिए, उनकी जिम्मेदारी क्या है और किसी कमी को दूर करने के लिए क्या करना है। वहां समस्याओं को छिपाने के बजाय पहचानने और सुधारने पर ध्यान दिया जाता है।

यही सोच Five-S Workplace Management System को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया के बजाय काम करने का एक व्यावहारिक तरीका बनाती है। जब व्यवस्था, जिम्मेदारी और नियमित समीक्षा एक साथ चलती हैं, तो कार्यस्थल को साफ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती है।

#निरंतरसुधार

अध्याय 5 — लोगों की भूमिका: कर्मचारियों की भागीदारी और कार्यस्थल के प्रति जिम्मेदारी

शिष्टाचार: Apex Productions

किसी भी मैनेजमेंट सिस्टम की सफलता आखिरकार वहां काम करने वाले लोगों पर निर्भर करती है। नियम यह बता सकते हैं कि कार्यस्थल कैसा होना चाहिए और सुपरवाइजर यह जांच सकते हैं कि नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। लेकिन रोजमर्रा के काम में इन नियमों को सही तरीके से अपनाने की जिम्मेदारी कर्मचारियों की होती है।

यह बात 5S के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके पांचों सिद्धांत रोजाना काम करने की आदतों से जुड़े हैं। औजार को उसकी तय जगह पर रखना, काम पूरा होने के बाद उस जगह की सफाई करना, खराब उपकरण की पहचान करना और गलत या अस्पष्ट लेबल को ठीक करना छोटे काम लग सकते हैं। लेकिन इन्हीं आदतों से तय होता है कि कार्यस्थल के नियम केवल निरीक्षण के दिन लागू होते हैं या रोजाना उनका पालन किया जाता है।

इसलिए Five-S Workplace Management System की सफलता की कहानी में केवल साफ-सुथरे कार्यस्थल की बात करना पर्याप्त नहीं है। यह समझना भी जरूरी है कि कर्मचारी और उनके आपसी सहयोग से इस व्यवस्था को लंबे समय तक कैसे बनाए रखा जा सकता है।

कर्मचारियों का अनुभव क्यों जरूरी है?

मेंटेनेंस वर्कशॉप में काम करने वाले कर्मचारियों के पास काम से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव होता है। वे जानते हैं कि कौन-से औजार सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं, किन उपकरणों को सावधानी से संभालना जरूरी है, किन पार्ट्स में भ्रम हो सकता है और किन कामों के दौरान एक जगह पर ज्यादा भीड़ हो जाती है।

अगर कर्मचारियों से सलाह लिए बिना कार्यस्थल की व्यवस्था बनाई जाए, तो वह देखने में अच्छी लग सकती है, लेकिन रोजाना इस्तेमाल करने में परेशानी पैदा कर सकती है।

उदाहरण के लिए, अगर किसी जरूरी औजार को काम करने की जगह से बहुत दूर रखा गया है, तो कर्मचारी उसे बार-बार लाने-ले जाने के बजाय काम करने वाली मेज पर ही छोड़ने लग सकते हैं। इसी तरह, अगर स्टोरेज पर लगा लेबल साफ नहीं है, तो अलग-अलग कर्मचारी एक ही जगह का इस्तेमाल अलग-अलग तरीके से कर सकते हैं।

कर्मचारियों को व्यवस्था तैयार करने में शामिल करने से ऐसी समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है।

मिलकर सही व्यवस्था बनाना

मान लीजिए कि किसी वर्कशॉप की टीम आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले औजारों को व्यवस्थित करने पर चर्चा कर रही है। एक कर्मचारी सुझाव देता है कि औजारों को उनके तकनीकी काम के अनुसार रखा जाए। दूसरा कर्मचारी कहता है कि उन्हें उस क्रम में रखना बेहतर होगा, जिस क्रम में काम करते समय उनकी जरूरत पड़ती है।

टीम दोनों तरीकों को वास्तविक काम की जरूरतों के आधार पर जांचती है और ऐसी व्यवस्था चुनती है जिससे औजार आसानी से मिल सकें और सुरक्षा से भी समझौता न हो।

यह केवल समझाने के लिए दिया गया एक काल्पनिक उदाहरण है। यह Mazagon Dock की किसी वास्तविक मीटिंग का प्रमाणित विवरण नहीं है।

इस उदाहरण से एक महत्वपूर्ण बात समझ में आती है: कार्यस्थल के नियम ऐसे होने चाहिए जिन्हें वहां काम करने वाले लोग आसानी से अपना सकें। इसलिए नियम बनाने में कर्मचारियों के अनुभव और सुझावों को महत्व देना चाहिए।

व्यक्तिगत आदतों से साझा नियमों तक

अनुभवी कर्मचारी अक्सर अपना काम व्यवस्थित रखने के लिए कुछ व्यक्तिगत तरीके विकसित कर लेते हैं। ये तरीके उनके लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन दूसरे कर्मचारियों के लिए उन्हें समझना हमेशा आसान नहीं होता।

5S के तहत बनाई गई साझा व्यवस्था सभी के लिए एक समान आधार तैयार करती है। कर्मचारियों को केवल किसी दूसरे व्यक्ति की याददाश्त या उसकी पसंद पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे देख सकते हैं कि सामान कहां रखा जाना चाहिए, किस स्थिति में कार्यस्थल को बनाए रखना है और कोई वस्तु अपनी जगह से गायब है या नहीं।

यह व्यवस्था उन जगहों पर विशेष रूप से उपयोगी होती है जहां कई कर्मचारी या टीमें एक ही औजार और सामग्री का इस्तेमाल करती हैं।

जब सभी लोग एक जैसे नियमों का पालन करते हैं, तो कार्यस्थल किसी एक व्यक्ति की आदतों पर निर्भर नहीं रहता। कोई कर्मचारी छुट्टी पर हो या उसकी जिम्मेदारी बदल जाए, तब भी दूसरे लोग तय व्यवस्था को समझकर काम कर सकते हैं।

नेतृत्व का सही उदाहरण

कर्मचारी अपने सुपरवाइजर और मैनेजर के व्यवहार से भी सीखते हैं। अगर अधिकारी कार्यस्थल का निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन खुद बनाए गए नियमों का पालन नहीं करते, तो धीरे-धीरे इस व्यवस्था की गंभीरता कम हो सकती है।

अच्छा नेतृत्व केवल निर्देश देने से नहीं, बल्कि अपने काम से उदाहरण पेश करने से दिखाई देता है। इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी सफाई और व्यवस्था के लिए समय दें, उचित स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराएं, कर्मचारियों की समस्याओं पर ध्यान दें और उपयोगी सुझावों को महत्व दें।

उदाहरण के लिए, यदि जरूरी शेल्फ, पहचान के लेबल या खराब सामान को सुरक्षित तरीके से अलग रखने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो कर्मचारियों से पूरी व्यवस्था बनाए रखने की अपेक्षा करना उचित नहीं होगा। प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि नियमों का पालन करने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए।

इसी तरह, अगर कर्मचारी बार-बार किसी समस्या की जानकारी देते हैं, तो प्रबंधन को उस पर विचार करना चाहिए। यदि उनकी बातों पर लगातार कोई कार्रवाई नहीं होती, तो वे आगे चलकर सुझाव देना बंद कर सकते हैं।

इसलिए 5S को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी के साथ-साथ प्रबंधन का सहयोग भी जरूरी है।

प्रशिक्षण और सही समझ

कार्यस्थल के नियम तब अधिक प्रभावी होते हैं, जब कर्मचारियों को पता हो कि उन्हें क्यों बनाया गया है।

उदाहरण के लिए, केवल यह कहना कि काम के बाद औजार को उसकी जगह पर रख दें, हमेशा पर्याप्त नहीं हो सकता। लेकिन जब कर्मचारियों को समझाया जाता है कि इससे गायब औजारों की पहचान करना आसान होता है, जिम्मेदारी स्पष्ट रहती है और दूसरे कर्मचारियों को भी समय पर औजार मिल जाते हैं, तो वे इस नियम के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं।

प्रशिक्षण ऐसा होना चाहिए जिसका रोजाना के काम से सीधा संबंध हो। औजारों को सही जगह पर रखने का प्रदर्शन, खराब उपकरणों की पहचान करना और सफाई के सही तरीके समझाना कर्मचारियों को 5S के सिद्धांतों को व्यवहार में अपनाने में मदद कर सकता है।

नए कर्मचारियों को भी शुरुआत में कार्यस्थल की व्यवस्था के बारे में जानकारी देना जरूरी है। अगर उन्हें यह नहीं बताया जाता कि सामान रखने का कोई विशेष तरीका क्यों अपनाया गया है, तो वे अनजाने में उस व्यवस्था को बिगाड़ सकते हैं।

इसलिए प्रशिक्षण केवल एक बार की गतिविधि नहीं होना चाहिए। जरूरत के अनुसार कर्मचारियों को निर्देश और जानकारी दोबारा देना भी उपयोगी हो सकता है।

अच्छी भागीदारी को प्रोत्साहित करना

कर्मचारियों को 5S में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने का एक अच्छा तरीका उनके उपयोगी प्रयासों की सराहना करना है। जरूरी नहीं कि इसके लिए बड़े पुरस्कार दिए जाएं। किसी अच्छे सुझाव की प्रशंसा करना, सफल सुधार को दूसरी टीमों के साथ साझा करना या किसी कर्मचारी के अच्छे प्रयास को पहचान देना भी सकारात्मक असर डाल सकता है।

हालांकि, इस तरह की सराहना का उद्देश्य केवल अच्छे निरीक्षण परिणाम प्राप्त करना नहीं होना चाहिए। कर्मचारियों को ऐसी स्थिति में नहीं डालना चाहिए जहां वे अच्छे अंक पाने के लिए समस्याओं या खराब उपकरणों को छिपाने लगें।

5S का असली उद्देश्य काम को बेहतर बनाना है, न कि केवल कुछ समय के लिए कार्यस्थल को बिल्कुल सही दिखाना।

एक अच्छी कार्यसंस्कृति में समस्याओं की जानकारी देने को सुधार का अवसर माना जाता है। हर समस्या के लिए तुरंत किसी कर्मचारी को दोषी ठहराना सही तरीका नहीं है। जिम्मेदारी तय करना जरूरी है, लेकिन कर्मचारियों को वास्तविक समस्याएं सामने रखने का अवसर भी मिलना चाहिए।

जब कर्मचारी बिना अनावश्यक डर के समस्या बता सकते हैं, तो उन्हें समय पर सुधारने में मदद मिलती है।

अलग-अलग शिफ्ट और जिम्मेदारियों में एक जैसी व्यवस्था

किसी कार्यस्थल की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि वहां काम करने वाले लोगों के बदलने पर भी जरूरी जानकारी बनी रहे। स्पष्ट लेबल, एक जैसे नियम और दिखाई देने वाले निर्देश अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारियों के बीच तालमेल बनाए रखने में मदद करते हैं।

यह व्यवस्था तब भी उपयोगी होती है, जब कोई कर्मचारी छुट्टी पर हो या किसी दूसरे कर्मचारी को उसकी जिम्मेदारी दी जाए।

उदाहरण के लिए, साझा औजारों और सामग्री के लिए स्पष्ट पहचान और तय जगह होने से नए कर्मचारी को भी यह समझने में आसानी हो सकती है कि सामान कहां रखा जाना चाहिए और इस्तेमाल के बाद उसे कहां लौटाना है।

इस तरह कार्यस्थल की व्यवस्था केवल कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारी पर निर्भर नहीं रहती। जरूरी जानकारी कार्यस्थल पर ही उपलब्ध रहती है और सभी कर्मचारी उसे देखकर काम कर सकते हैं।

SB-Maintenance Workshop के संदर्भ में कर्मचारियों की भूमिका

Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop के संदर्भ में कर्मचारियों की भागीदारी को Five-S Workplace Management System को लंबे समय तक बनाए रखने वाला एक महत्वपूर्ण कारक समझा जा सकता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह पुष्टि नहीं होती कि इस वर्कशॉप में कौन-से कर्मचारी प्रशिक्षण में शामिल हुए, प्रशिक्षण किस तरह दिया गया या कर्मचारियों की भागीदारी को मापने के लिए कौन-से रिकॉर्ड तैयार किए गए थे। इसलिए इन गतिविधियों को वर्कशॉप में हुई प्रमाणित घटनाओं के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।

फिर भी, 5S का मूल सिद्धांत स्पष्ट है: सर्टिफिकेट किसी व्यवस्था को मान्यता दे सकता है, लेकिन उस व्यवस्था को रोजाना चलाने का काम लोग ही करते हैं।

जब कर्मचारियों को व्यवस्था का उद्देश्य समझ में आता है, उन्हें सुधार के सुझाव देने का अवसर मिलता है और वे तय नियमों को बनाए रखने की जिम्मेदारी स्वीकार करते हैं, तो कार्यस्थल की व्यवस्था अधिक टिकाऊ बन सकती है।

इस अध्याय से क्या सीख मिलती है?

5S की असली सफलता केवल अधिक व्यवस्थित वर्कशॉप बनाने में नहीं है। इसकी सफलता इस बात में है कि वहां काम करने वाले लोग काम करने का एक साझा तरीका अपनाएं।

जब हर कर्मचारी समझता है कि उसके छोटे-छोटे काम पूरी टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं, तो वह औजारों को सही जगह पर रखने, सफाई बनाए रखने, समस्याओं की जानकारी देने और तय नियमों का पालन करने में अधिक जिम्मेदारी दिखा सकता है।

इसलिए 5S को केवल प्रबंधन या निरीक्षण की जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए। यह कर्मचारियों, सुपरवाइजर और प्रबंधन—सभी की साझा जिम्मेदारी है।

अंत में, एक व्यवस्थित कार्यस्थल केवल नियमों से नहीं बनता। वह लोगों की अच्छी आदतों, आपसी सहयोग और अपनी जिम्मेदारी समझने से बनता है। यही सोच Five-S Workplace Management System को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने में मदद कर सकती है।

#लीनप्रबंधन

अध्याय 6 — सर्टिफिकेशन से लगातार सुधार तक

Mazagon Dock Shipbuilders Confident Of Achieving 15% Ebitda Margin In FY26, Backed By Strong Orderbook

सर्टिफिकेशन किसी भी संस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। लेकिन इसका असली फायदा इस बात पर निर्भर करता है कि जांच पूरी होने के बाद क्या किया जाता है। कोई वर्कशॉप निरीक्षण के समय पूरी तरह व्यवस्थित हो सकती है, लेकिन अगर जिम्मेदारियों, नियमित जांच और सुधार की प्रक्रिया को बनाए नहीं रखा गया, तो धीरे-धीरे वहां पुरानी आदतें वापस आ सकती हैं।

Five-S Workplace Management System को समझने के लिए यह बात बहुत महत्वपूर्ण है। शुरुआत में 5S के कारण कार्यस्थल पर साफ-सफाई और व्यवस्था जैसे बदलाव दिखाई दे सकते हैं। लेकिन इन बदलावों को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारियां और लगातार सुधार जरूरी हैं।

Mazagon Dock Limited की प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट इस विषय को समझने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी देती है। कंपनी की 2016–17 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 15 वर्कशॉप, कार्यालयों और स्टोर में 5S लागू किया गया था और उन्हें सर्टिफिकेशन मिला था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 5S की प्रभावशीलता और उसे लंबे समय तक बनाए रखने की स्थिति की जांच के लिए हर तीन महीने में आंतरिक ऑडिट किए जाने थे।

रिपोर्ट के अनुसार, जून 2016 में सात वर्कशॉप का री-सर्टिफिकेशन ऑडिट किया गया था। इनमें Maintenance Workshop–North Yard भी शामिल था। इसके बाद 1 सितंबर 2016 को इन सात वर्कशॉप को सर्टिफिकेट दिए गए। रिपोर्ट में इस समूह का औसत स्कोर 82% दर्ज किया गया और सर्टिफिकेट की श्रेणी “श्रेष्ठ” (Shrestha) बताई गई है।

यह प्रकाशित जानकारी दिखाती है कि Mazagon Dock Limited में 5S को केवल एक बार की जाने वाली गतिविधि के रूप में नहीं, बल्कि कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने और उसकी स्थिति की नियमित जांच करने वाली प्रक्रिया के रूप में अपनाया गया था।

यहां दो अलग-अलग बातों को समझना जरूरी है। इस परियोजना के लिए उपलब्ध जानकारी में वर्कशॉप के सर्टिफिकेट का वर्ष 2015 और उसकी वैधता 2018 तक बताई गई है। वहीं, कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में Maintenance Workshop–North Yard के जून 2016 के री-सर्टिफिकेशन ऑडिट का उल्लेख है। ये सर्टिफिकेशन से जुड़े अलग-अलग पड़ाव हैं। इन्हें एक ही घटना नहीं मानना चाहिए।

वार्षिक रिपोर्ट में इस वर्कशॉप में किए गए हर बदलाव या उसकी व्यक्तिगत कार्यक्षमता में हुए सुधार का पूरा विवरण नहीं दिया गया है। फिर भी, नियमित ऑडिट की जानकारी यह समझने में मदद करती है कि शुरुआती सर्टिफिकेशन के बाद भी 5S व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लगातार समीक्षा की जा सकती है।

नियमित जांच क्यों जरूरी है?

वर्कशॉप में काम की स्थिति लगातार बदलती रहती है। नए उपकरण आ सकते हैं, सामग्री का इस्तेमाल होता रहता है, औजारों की मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है और काम की प्राथमिकताएं बदल सकती हैं। कभी-कभी अस्थायी रूप से बनाई गई व्यवस्था भी लंबे समय तक चलने लगती है, अगर उसकी समय पर समीक्षा न की जाए।

उदाहरण के लिए, किसी औजार को रखने की जगह पहले सही हो सकती है, लेकिन काम का तरीका बदलने पर वह जगह सुविधाजनक नहीं रह जाती। समय के साथ लेबल खराब हो सकते हैं, सामान की पहचान करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं या कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदलने के कारण सफाई की जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं रह सकती।

अगर इन बदलावों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो धीरे-धीरे कार्यस्थल की व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

नियमित जांच से ऐसी समस्याओं को समय पर पहचानने और सुधारने में मदद मिलती है। इससे यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि कार्यस्थल के लिए बनाए गए नियम केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि रोजाना के काम में भी उनका पालन हो।

आंतरिक ऑडिट से सीखना

5S का आंतरिक ऑडिट यानी संस्था के भीतर की जाने वाली जांच यह देखने में मदद कर सकता है कि कार्यस्थल की व्यवस्था सही तरीके से चल रही है या नहीं।

इसमें यह जांचा जा सकता है कि गैर-जरूरी सामान जमा तो नहीं हो गया, औजार अपनी तय जगह पर हैं या नहीं, काम करने की जगह साफ है या नहीं, तय नियमों का पालन हो रहा है या नहीं और पहले सामने आई समस्याओं को ठीक किया गया है या नहीं।

इस जांच का उद्देश्य केवल अंक देना या कमियां निकालना नहीं होना चाहिए। इसका एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह समझना भी है कि कोई समस्या बार-बार क्यों हो रही है और उसे दोबारा होने से कैसे रोका जा सकता है।

मान लीजिए, कोई औजार बार-बार अपनी तय जगह से बाहर मिलता है। पहली नजर में उसका समाधान उसे वापस सही जगह पर रखना हो सकता है। लेकिन बेहतर तरीका यह पता लगाना है कि ऐसा बार-बार क्यों हो रहा है।

हो सकता है कि औजार रखने की जगह काम करने वाले कर्मचारी के लिए सुविधाजनक न हो। यह भी संभव है कि कई कर्मचारी उस औजार का इस्तेमाल करते हों, लेकिन उसे वापस रखने की जिम्मेदारी तय न हो। या फिर उसकी जगह पर लगा लेबल स्पष्ट न हो।

ऐसी स्थिति में केवल औजार वापस रखना अस्थायी समाधान होगा। यदि संभव हो, तो समस्या के असली कारण को दूर करना ज्यादा उपयोगी होगा।

इस तरह आंतरिक ऑडिट केवल निगरानी का तरीका नहीं रहता, बल्कि सीखने और व्यवस्था को बेहतर बनाने का माध्यम बन जाता है।

सुधार को मापना और उसका रिकॉर्ड रखना

लगातार सुधार के लिए जरूरी है कि संस्था उन बातों पर नजर रखे जिनसे कार्यस्थल की स्थिति का सही पता चलता है।

इसके लिए कुछ उपयोगी संकेतकों का इस्तेमाल किया जा सकता है, जैसे:

  • तय समय पर निरीक्षण पूरा हुआ या नहीं।
  • सुधार के लिए दी गई कितनी कार्रवाइयां अभी बाकी हैं।
  • सामान को उसकी निर्धारित जगह पर रखने के नियमों का कितना पालन हो रहा है।
  • पहले पहचानी गई समस्याएं दोबारा सामने आ रही हैं या नहीं।

इन संकेतकों का चुनाव वर्कशॉप की जरूरत के अनुसार किया जाना चाहिए। बहुत सारे आंकड़े इकट्ठा करना अपने आप में बेहतर व्यवस्था का प्रमाण नहीं है। कुछ ऐसे संकेतक ज्यादा उपयोगी हो सकते हैं जो वास्तविक समस्याओं और सुधार की स्थिति को साफ-साफ दिखाते हों।

किसी भी सुधार का दावा करने के लिए उचित प्रमाण भी जरूरी है।

उदाहरण के लिए, यदि संस्था यह दिखाना चाहती है कि औजार ढूंढने में लगने वाला समय कम हुआ है, तो उसे शुरुआत में समय का रिकॉर्ड लेना चाहिए और बाद में समान परिस्थितियों में दोबारा तुलना करनी चाहिए। इसी तरह, यदि कार्यस्थल पर होने वाली दुर्घटनाओं में कमी का दावा किया जाता है, तो उसके लिए संबंधित सुरक्षा रिकॉर्ड का इस्तेमाल होना चाहिए। आंकड़ों की सीमाओं को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

केवल सर्टिफिकेट मिलने से यह साबित नहीं होता कि उत्पादकता बढ़ गई, समय की बचत हुई या दुर्घटनाएं कम हो गईं। ऐसे परिणामों के लिए अलग से प्रमाण और रिकॉर्ड की जरूरत होती है।

समस्याओं को ठीक करना और जिम्मेदारी तय करना

एक अच्छी व्यवस्था में कमियों को दूर करने का स्पष्ट तरीका होना चाहिए। जांच में सामने आई समस्या की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, सुधार के लिए उचित समय दिया जाना चाहिए और काम पूरा होने के बाद यह जांचना चाहिए कि समस्या वास्तव में ठीक हुई है या नहीं।

हर समस्या के लिए लंबी जांच जरूरी नहीं होती। कुछ समस्याओं को तुरंत ठीक किया जा सकता है। दूसरी समस्याओं के लिए नए उपकरण, अनुमति, खरीदारी या किसी दूसरे विभाग के सहयोग की जरूरत पड़ सकती है।

महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी समस्या को केवल रिकॉर्ड में लिख देने से उसे हल हुआ नहीं माना जाना चाहिए।

यदि कोई समस्या अभी बाकी है, तो उसकी स्थिति स्पष्ट रहनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी को उसकी जानकारी दी जानी चाहिए और सुधार पूरा होने तक उस पर नजर रखनी चाहिए।

इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि समस्याएं केवल इसलिए नजरों से दूर न हो जाएं क्योंकि उनका रिकॉर्ड तैयार कर लिया गया है।

काम का दबाव बढ़ने पर भी 5S बनाए रखना

किसी भी मैनेजमेंट सिस्टम की असली परीक्षा तब होती है, जब काम का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में कर्मचारी सफाई को बाद के लिए टाल सकते हैं, सामान को अस्थायी रूप से गलत जगह रख सकते हैं या नियमित जांच छोड़ सकते हैं।

लेकिन अगर 5S को लंबे समय तक बनाए रखना है, तो कार्यस्थल की व्यवस्था को सामान्य काम का हिस्सा बनाना जरूरी है। इसे केवल खाली समय या किसी एक कर्मचारी की व्यक्तिगत रुचि पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

काम की योजना बनाते समय सफाई, सामान की सही व्यवस्था और जरूरी जांच के लिए भी समय देना उपयोगी होता है। सुपरवाइजर और प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारी तय नियमों का पालन कर सकें और जरूरत पड़ने पर उन्हें आवश्यक संसाधन मिलें।

Mazagon Dock Limited की वार्षिक रिपोर्ट में बताए गए नियमित आंतरिक ऑडिट और सर्टिफिकेशन या री-सर्टिफिकेशन की गतिविधियां इसी व्यापक सोच को समझने में मदद करती हैं। इन प्रक्रियाओं का उद्देश्य कार्यस्थल की व्यवस्था की प्रभावशीलता और उसे बनाए रखने की स्थिति का आकलन करना था।

सर्टिफिकेशन और लगातार सुधार में अंतर

सर्टिफिकेशन और लगातार सुधार एक-दूसरे से जुड़े हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य अलग है।

सर्टिफिकेशन एक औपचारिक जांच और मान्यता का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। इसके माध्यम से किसी निर्धारित सिस्टम का मूल्यांकन किया जा सकता है।

दूसरी ओर, लगातार सुधार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सिस्टम समय के साथ भी उपयोगी और प्रभावी बना रहे। इसके लिए नियमित समीक्षा, समस्याओं की पहचान, सुधारात्मक कार्रवाई और नई परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था में बदलाव करना जरूरी होता है।

किसी वर्कशॉप को एक बार सर्टिफिकेट मिल जाने का मतलब यह नहीं है कि उसकी व्यवस्था हमेशा अपने आप सही बनी रहेगी। इसके लिए कर्मचारियों, सुपरवाइजर और प्रबंधन को लगातार प्रयास करना पड़ता है।

SB-Maintenance Workshop के लिए इस अध्याय का महत्व

Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop की 5S कहानी को लंबे समय के नजरिए से देखें, तो इसका महत्वपूर्ण संदेश यह है कि एक व्यवस्थित कार्यस्थल को बनाए रखने के लिए नियमित जांच और सुधार की प्रक्रिया जरूरी होती है।

उपलब्ध वार्षिक रिपोर्ट व्यापक संगठन में 5S ऑडिट और री-सर्टिफिकेशन के बारे में जानकारी देती है। हालांकि, इससे इस विशेष वर्कशॉप में हुए हर सुधार या उसके व्यक्तिगत प्रदर्शन में आए बदलाव की पुष्टि नहीं होती।

इसलिए सर्टिफिकेशन को स्थायी सफलता की गारंटी के रूप में नहीं देखना चाहिए। इसे एक ऐसी व्यवस्था की शुरुआत या महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में समझना बेहतर है, जो आगे भी समीक्षा, सुधार और सीखने का आधार बन सकती है।

यदि किसी जांच में कोई कमी सामने आती है, तो उसका उपयोग केवल अगली जांच की तैयारी के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए।

इस अध्याय से क्या सीख मिलती है?

5S का सर्टिफिकेट प्राप्त करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हो सकती है, लेकिन असली सफलता उस व्यवस्था को रोजमर्रा के काम में बनाए रखने में है।

नियमित निरीक्षण से समस्याओं का पता चलता है। सही कार्रवाई से उन्हें दूर करने में मदद मिलती है। रिकॉर्ड से सुधार की स्थिति समझ में आती है और कर्मचारियों की भागीदारी से अच्छी आदतों को बनाए रखना आसान होता है।

अंत में, सर्टिफिकेशन यह बताता है कि संस्था ने एक महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया है, जबकि लगातार सुधार यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि कार्यस्थल समय के साथ भी व्यवस्थित, सुरक्षित और काम के लिए तैयार बना रहे।

#कार्यस्थलव्यवस्थापन

अध्याय 7 — कार्यस्थल की व्यवस्था, गुणवत्ता और सुरक्षा के बीच संबंध

गुणवत्ता और सुरक्षा की बात करते समय अक्सर तकनीकी मानकों, निरीक्षण की प्रक्रियाओं और मैनेजमेंट सिस्टम का उल्लेख किया जाता है। लेकिन इन दोनों का संबंध उस जगह से भी होता है, जहां कर्मचारी रोजाना अपना काम करते हैं।

अगर कार्यस्थल व्यवस्थित हो, तो औजार ढूंढना, जरूरी सामग्री तक पहुंचना, किसी असामान्य स्थिति को पहचानना और तय प्रक्रियाओं का पालन करना आसान हो सकता है। हालांकि, केवल व्यवस्था बनाए रखने से बेहतर गुणवत्ता की गारंटी नहीं मिलती और न ही सभी खतरों को खत्म किया जा सकता है। फिर भी, यह उन अच्छी आदतों को बढ़ावा दे सकती है जिनकी मदद से औद्योगिक काम अधिक भरोसेमंद तरीके से किया जा सकता है।

एक बड़े जहाज निर्माण संगठन की मेंटेनेंस वर्कशॉप में यह संबंध विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। मेंटेनेंस के काम में विशेष उपकरणों, बदले जाने वाले पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, मैकेनिकल असेंबली और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल हो सकता है, जिन्हें सावधानी से संभालना जरूरी होता है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop में किए जाने वाले सभी विशेष कार्यों की पुष्टि नहीं होती। इसलिए इस अध्याय में 5S के सामान्य औद्योगिक उपयोग और गुणवत्ता तथा सुरक्षा के साथ उसके संबंध को समझाया गया है।

कार्यस्थल की व्यवस्था और गुणवत्ता

गुणवत्ता इस बात पर भी निर्भर करती है कि काम करते समय सही उपकरण, सामग्री और प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं या नहीं। यदि सामान की पहचान स्पष्ट न हो, उसे रखने की व्यवस्था अलग-अलग हो या उपकरणों पर उचित नियंत्रण न हो, तो गलतियां होने की संभावना बढ़ सकती है।

5S की व्यवस्थित व्यवस्था कार्यस्थल को समझना आसान बना सकती है। औजारों के लिए तय जगह होने से कर्मचारी सही औजार पहचान सकते हैं। स्पष्ट लेबल से भ्रम कम हो सकता है। सामग्री को तय तरीके से रखने से अलग-अलग प्रकार की वस्तुओं में अंतर करना आसान होता है। नियमित जांच से गायब या खराब सामान का पता लगाने में भी मदद मिल सकती है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि दो पार्ट्स देखने में लगभग एक जैसे हैं। यदि उन्हें रखने की जगह और उनकी पहचान स्पष्ट नहीं है, तो कर्मचारी को यह पता लगाने में अतिरिक्त समय लग सकता है कि किसी काम के लिए सही पार्ट कौन-सा है। लेकिन यदि दोनों पार्ट्स की पहचान और स्टोरेज की व्यवस्था स्पष्ट हो, तो इस तरह का भ्रम कम हो सकता है।

यह केवल समझाने के लिए दिया गया उदाहरण है। इसका अर्थ यह नहीं है कि ऐसी घटना Mazagon Dock की वर्कशॉप में हुई थी।

यह भी समझना जरूरी है कि 5S तकनीकी जांच और गुणवत्ता नियंत्रण का स्थान नहीं ले सकता। यह इंजीनियरिंग से जुड़े निर्देशों, सामग्री की पहचान और उसके रिकॉर्ड, निरीक्षण की आवश्यकताओं या औपचारिक गुणवत्ता जांच का विकल्प नहीं है।

किसी पार्ट पर सही लेबल लगा होने का मतलब यह नहीं है कि वह पार्ट पूरी तरह सही है या किसी विशेष काम के लिए उपयुक्त है। उसकी तकनीकी जांच करना फिर भी जरूरी है।

5S का मुख्य योगदान यह है कि वह ऐसा कार्यस्थल तैयार करने में मदद करता है, जहां तकनीकी जांच और गुणवत्ता नियंत्रण की प्रक्रियाओं को सही तरीके से लागू करना आसान हो।

कार्यस्थल की व्यवस्था और सुरक्षा

सामान को गलत तरीके से रखने से रास्ते बंद हो सकते हैं, ठोकर लगने का खतरा पैदा हो सकता है या उपकरणों को उठाने और इस्तेमाल करने में परेशानी हो सकती है। इसी तरह, अगर सफाई और व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाए, तो किसी पदार्थ का रिसाव, तेल का फैलाव या खराब सामग्री समय पर दिखाई नहीं दे सकती।

एक व्यवस्थित कार्यस्थल में आने-जाने के रास्ते साफ रखने, सामान के लिए निर्धारित जगह बनाने और असामान्य स्थितियों को आसानी से पहचानने में मदद मिल सकती है। इन तरीकों को लागू करते समय संबंधित तकनीकी और कानूनी सुरक्षा आवश्यकताओं का पालन करना भी जरूरी है।

उदाहरण के लिए, सामान रखने की तय व्यवस्था से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि सामग्री को अस्थायी रूप से रास्ते में न रखा जाए। स्पष्ट पहचान से सामान्य सामान और विशेष सावधानी से संभाले जाने वाले सामान के बीच अंतर करना आसान हो सकता है। नियमित सफाई के दौरान कर्मचारी ऐसी स्थितियों को भी पहचान सकते हैं जिनकी सूचना संबंधित अधिकारी को देना जरूरी हो।

लेकिन केवल साफ-सुथरा दिखाई देने वाला कार्यस्थल पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। किसी वर्कशॉप में मशीनों पर उचित सुरक्षा व्यवस्था न हो, खतरनाक पदार्थों को गलत तरीके से संभाला जा रहा हो या कर्मचारियों को जरूरी प्रशिक्षण न मिला हो, तो वहां गंभीर जोखिम बने रह सकते हैं।

इसलिए 5S कार्यक्रम को सुरक्षा से जुड़ी दूसरी जरूरी प्रक्रियाओं के साथ लागू करना चाहिए। इनमें जोखिम का आकलन, सुरक्षित तरीके से काम करने के निर्देश, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल, उपकरणों की जांच और अधिकृत मेंटेनेंस प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं।

Visual Management यानी देखकर समझ आने वाली व्यवस्था

Visual Management का मतलब है ऐसी व्यवस्था बनाना जिसमें कर्मचारी केवल देखकर समझ सकें कि सामान कहां रखा जाना चाहिए और कार्यस्थल की सही स्थिति कैसी होनी चाहिए।

इसके लिए स्पष्ट लेबल, फर्श पर निशान, स्टोरेज की सीमा बताने वाली लाइनें और आसान भाषा में लिखे निर्देश इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इनकी मदद से कर्मचारी जल्दी समझ सकते हैं कि कौन-सी वस्तु कहां रखनी है और किसी नियम का पालन नहीं होने पर क्या बदलाव हुआ है।

हालांकि, ऐसे संकेत वास्तविक जरूरत के अनुसार होने चाहिए। बहुत ज्यादा निशान या अलग-अलग प्रकार के लेबल भ्रम पैदा कर सकते हैं। इसी तरह, पुराने या खराब हो चुके लेबल गलत जानकारी दे सकते हैं।

इसलिए Visual Management की व्यवस्था सरल, सही और समय-समय पर जांची जाने वाली होनी चाहिए।

साझा मेंटेनेंस वर्कशॉप में यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए भी उपयोगी हो सकती है जो किसी विशेष क्षेत्र में नियमित रूप से काम नहीं करते। स्पष्ट संकेतों से उन्हें वहां की बुनियादी व्यवस्था समझने में आसानी हो सकती है।

गुणवत्ता के प्रति जागरूक कार्यसंस्कृति बनाना

5S और गुणवत्ता के बीच गहरा संबंध केवल औजारों को व्यवस्थित रखने तक सीमित नहीं है। इसका संबंध उन आदतों से भी है जो कर्मचारियों को अपने काम की स्थिति पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करती हैं।

जब कर्मचारी नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र को देखते हैं, नियमों से अलग स्थिति को पहचानते हैं और उसे ठीक करने की जिम्मेदारी लेते हैं, तो समस्याओं पर समय रहते ध्यान देना आसान हो सकता है।

इससे ऐसी कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है जिसमें समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय शुरुआती स्तर पर ही उनका समाधान खोजा जाता है।

5S से आपसी बातचीत और तालमेल में भी मदद मिल सकती है। जब किसी समस्या की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है, तो कर्मचारी उसके बारे में आसानी से चर्चा कर सकते हैं। अस्पष्ट तरीके से समस्या बताने के बजाय वे किसी विशेष जगह, खराब स्थिति या गायब वस्तु की पहचान करके जरूरी कार्रवाई तय कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि किसी स्टोरेज क्षेत्र में सामान बार-बार गलत जगह रखा जाता है, तो टीम उस विशेष क्षेत्र की पहचान कर सकती है और यह समझ सकती है कि समस्या लेबल, जगह की कमी या जिम्मेदारी स्पष्ट न होने के कारण हो रही है।

इस तरह कार्यस्थल की व्यवस्था केवल सफाई तक सीमित नहीं रहती, बल्कि बेहतर संवाद और समस्या का समाधान खोजने में भी सहायक बन सकती है।

5S और ISO 9001 के बीच अंतर

Mazagon Dock Limited की इस कहानी के संदर्भ में 5S और ISO 9001 के बीच अंतर समझना जरूरी है।

इस परियोजना के लिए उपलब्ध जानकारी में दिया गया 5S Certificate, Five-S Workplace Management System से संबंधित है। इसे ISO 9001 का सर्टिफिकेट नहीं माना जाना चाहिए।

ISO 9001 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली से जुड़ा एक अंतरराष्ट्रीय मानक है। यह इस बात पर ध्यान देता है कि कोई संस्था अपनी प्रक्रियाओं को कैसे स्थापित करती है, उन्हें कैसे चलाती है, लागू आवश्यकताओं को कैसे पूरा करती है और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने के लिए किस तरह सुधार करती है।

दूसरी ओर, 5S का मुख्य ध्यान कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने, गैर-जरूरी सामान हटाने, सफाई बनाए रखने, एक जैसे नियम अपनाने और अच्छी आदतों को लगातार जारी रखने पर होता है।

5S की अच्छी व्यवस्था ISO 9001 जैसी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को सहयोग दे सकती है, लेकिन दोनों एक-दूसरे के समान नहीं हैं।

Mazagon Dock Limited की प्रकाशित वार्षिक रिपोर्टों में भी 5S Workplace Management और ISO 9001 Quality Management का उल्लेख अलग-अलग विषयों के रूप में किया गया है। उदाहरण के लिए, कंपनी की 2017–18 की वार्षिक रिपोर्ट में 5S लागू करने के साथ-साथ Shipbuilding Division की ISO 9001:2015 सर्टिफिकेशन गतिविधियों का अलग से वर्णन किया गया है।

यह अंतर एक महत्वपूर्ण प्रबंधन सिद्धांत को समझाता है: अलग-अलग सिस्टम एक-दूसरे को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, लेकिन हर सिस्टम का अपना उद्देश्य और अपनी आवश्यकताएं होती हैं।

इसलिए 5S की उपयोगिता का मूल्यांकन उसी के सही संदर्भ में किया जाना चाहिए। यह गुणवत्ता और सुरक्षा को सहयोग देने वाला वातावरण तैयार कर सकता है, लेकिन तकनीकी मानकों और प्रबंधन से जुड़े जरूरी नियंत्रणों की जगह नहीं ले सकता।

SB-Maintenance Workshop के संदर्भ में महत्व

Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop के लिए इस अध्याय का व्यापक संदेश यह है कि व्यवस्थित कार्यस्थल गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर तरीके से लागू करने में मदद कर सकता है।

लेकिन इसके लिए केवल सफाई और सामान को सही जगह पर रखना पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों के पास जरूरी तकनीकी जानकारी होनी चाहिए, उपकरण सही होने चाहिए, काम करने के निर्देश स्पष्ट होने चाहिए और सुपरवाइजर को व्यवस्था की निगरानी करनी चाहिए।

इन सभी बातों के साथ 5S अपनाने से कार्यस्थल को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह दावा नहीं किया जा सकता कि इस विशेष वर्कशॉप में 5S लागू होने के बाद गुणवत्ता में कितने प्रतिशत सुधार हुआ या सुरक्षा से जुड़ी घटनाओं में कितनी कमी आई। ऐसे परिणामों को साबित करने के लिए संबंधित रिकॉर्ड और आंकड़ों की जरूरत होगी।

फिर भी, 5S का व्यावहारिक महत्व स्पष्ट है: यह कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल की स्थिति पर ध्यान देने, समस्याओं को पहचानने और तय नियमों का पालन करने की आदत विकसित करने में मदद कर सकता है।

इस अध्याय से क्या सीख मिलती है?

एक अच्छी वर्कशॉप वह नहीं है जो केवल निरीक्षण के समय साफ दिखाई दे। अच्छी वर्कशॉप वह है जहां कर्मचारी रोजाना व्यवस्था बनाए रखें, सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और गुणवत्ता से जुड़े नियमों का पालन करें।

कार्यस्थल की व्यवस्था से औजारों और सामग्री को संभालना आसान हो सकता है। स्पष्ट पहचान से भ्रम कम हो सकता है। नियमित सफाई से असामान्य स्थितियों को पहचानने में मदद मिल सकती है। लेकिन इन लाभों को बनाए रखने के लिए तकनीकी जांच, सही प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन भी जरूरी है।

अंत में, 5S, गुणवत्ता और सुरक्षा एक-दूसरे को सहयोग दे सकते हैं। जब कार्यस्थल की व्यवस्था, कर्मचारियों की जागरूकता और सही तकनीकी प्रक्रियाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो एक अधिक भरोसेमंद और जिम्मेदार कार्यसंस्कृति विकसित करने में मदद मिलती है।

#औद्योगिकसुरक्षा

अध्याय 8 — संगठन की प्रगति और रोजमर्रा के अनुशासन का योगदान

An official Five-S Workplace Management System Certificate issued by Six Sigma Quality International to Mazagon Dock Limited for the SB-Maintenance Workshop - North Yard.

किसी कंपनी की तरक्की की बात होती है, तो आमतौर पर उत्पादन बढ़ने, नई तकनीक आने, बड़े प्रोजेक्ट मिलने, बेहतर सुविधाएं बनने और बाजार में नए अवसर मिलने का जिक्र किया जाता है। ये सभी बातें महत्वपूर्ण हैं। लेकिन किसी संगठन की तरक्की इस बात पर भी निर्भर करती है कि उसके अंदर रोजाना काम करने के लिए व्यवस्थाएं कितनी अच्छी हैं।

Mazagon Dock Limited का इतिहास कई दशकों में एक औद्योगिक संस्था के विकास को दिखाता है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसकी शुरुआत एक छोटी डॉक सुविधा के रूप में हुई थी और समय के साथ यह एक प्रमुख जहाज निर्माण संगठन बन गई। यह भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और अन्य समुद्री जरूरतों के लिए काम करती है। कंपनी ने अलग-अलग कार्य इकाइयों और कई प्रकार के उत्पादों के साथ अपने काम का विस्तार भी किया है।

इतने बड़े संगठन को आगे बढ़ाने के लिए कई विभागों के बीच अच्छा तालमेल होना जरूरी है। तकनीकी विभाग, मेंटेनेंस टीमें, स्टोर विभाग, उत्पादन इकाइयां, योजना बनाने वाले कर्मचारी और प्रशासनिक विभाग—सभी को एक साझा व्यवस्था के अनुसार काम करना पड़ता है।

कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने का सिस्टम इस तालमेल को बेहतर बनाने में मदद करने वाले व्यावहारिक तरीकों में से एक है।

संगठन के विकास के साथ काम की जटिलता बढ़ना

जब किसी कंपनी का काम बढ़ता है, तो कर्मचारियों, औजारों, सामग्री, प्रक्रियाओं और विभागों के बीच तालमेल की जरूरत भी बढ़ सकती है। एक छोटी टीम में आसानी से चलने वाली व्यवस्था को कई विभागों या अलग-अलग शिफ्ट में एक जैसा बनाए रखना अधिक कठिन हो सकता है।

एक स्पष्ट Workplace Management System इस चुनौती को संभालने में मदद कर सकता है। इसके तहत कुछ सामान्य सिद्धांत तय किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, गैर-जरूरी सामान को नियंत्रित रखना, जरूरी वस्तुओं के लिए सही जगह तय करना, कार्यस्थल की देखभाल करना, नियमों का रिकॉर्ड रखना और समय-समय पर उनके पालन की जांच करना।

इन सामान्य सिद्धांतों का फायदा यह है कि संगठन अपने सभी विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दे सकता है, बिना यह जरूरी बनाए कि हर विभाग की व्यवस्था बिल्कुल एक जैसी हो।

उदाहरण के लिए, एक वर्कशॉप में बड़े उपकरणों के कारण सामान रखने की विशेष व्यवस्था की जरूरत हो सकती है, जबकि दूसरी वर्कशॉप में अलग प्रकार की जगह की जरूरत हो सकती है। दोनों वर्कशॉप अपने काम के अनुसार अलग व्यवस्था अपनाते हुए भी 5S के मूल सिद्धांतों का पालन कर सकती हैं।

एक बड़े औद्योगिक संगठन में एक जैसे मूल नियम और जरूरत के अनुसार अलग व्यवस्था—इन दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है।

काम में अनुशासन: विकास को सहयोग देने वाला आधार

एक व्यवस्थित मेंटेनेंस वर्कशॉप कर्मचारियों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है। सामान की स्पष्ट पहचान से भ्रम कम हो सकता है, औजारों के लिए तय जगह होने से उन्हें ढूंढना आसान हो सकता है और नियमित जांच से बार-बार होने वाली समस्याओं का पता लगाया जा सकता है।

हालांकि, ये फायदे कंपनी की कुल तरक्की का सीधा प्रमाण नहीं हैं। केवल 5S सर्टिफिकेट मिलने से यह साबित नहीं होता कि उत्पादन बढ़ा, खर्च कम हुआ या काम समय पर पूरा होने की दर बेहतर हुई। ऐसे निष्कर्षों के लिए अलग से संचालन और वित्तीय आंकड़ों की जरूरत होती है।

फिर भी, कार्यस्थल की अच्छी व्यवस्था संगठन के विकास में सहयोग दे सकती है। जब औजार, सामग्री और काम करने की जगह सही तरीके से व्यवस्थित हों, तो तकनीकी कर्मचारी अपने मुख्य काम पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।

इस योगदान को समझने के लिए विकास के सीधे कारणों और उसे सहयोग देने वाली क्षमताओं के बीच अंतर करना उपयोगी है।

कंपनी के विकास के सीधे कारणों में ग्राहकों की मांग, नए प्रोजेक्ट, निवेश, तकनीकी विकास, उत्पादन क्षमता और व्यावसायिक फैसले शामिल हो सकते हैं।

दूसरी ओर, काम में अनुशासन, मेंटेनेंस की योजना, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, प्रक्रियाओं में एकरूपता और संगठन के भीतर सीखने की आदत ऐसी क्षमताएं हैं जो विकास को सहयोग देती हैं।

Five-S Workplace Management System मुख्य रूप से दूसरी श्रेणी में आता है। यह कंपनी के बड़े लक्ष्यों को अपने आप हासिल नहीं करता, बल्कि उन लक्ष्यों के लिए काम करने वाले लोगों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद कर सकता है।

औद्योगिक क्षमता में मेंटेनेंस की भूमिका

किसी औद्योगिक संगठन की क्षमता केवल इस बात से तय नहीं होती कि उसके पास कितने उपकरण या मशीनें हैं। यह भी जरूरी है कि उन उपकरणों की सही देखभाल हो, उनके लिए उपयुक्त औजार उपलब्ध हों और उन्हें संभालने वाले कर्मचारियों को जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी हो।

एक व्यवस्थित मेंटेनेंस वर्कशॉप इस कामकाजी व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान दे सकती है। इससे तकनीकी कर्मचारियों को जरूरी संसाधन पहचानने, औजारों और सामग्री को सही तरीके से संभालने तथा ध्यान देने योग्य स्थितियों को पहचानने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, मशीनों की उपलब्धता और उनकी विश्वसनीयता का आकलन करने के लिए मेंटेनेंस से जुड़े वास्तविक रिकॉर्ड जरूरी होते हैं।

उदाहरण के लिए, निम्नलिखित रिकॉर्ड उपयोगी हो सकते हैं:

  • मेंटेनेंस के लिए जारी किए गए वर्क ऑर्डर।
  • उपकरण कितने समय तक बंद रहे, इसका रिकॉर्ड।
  • निर्धारित Preventive Maintenance यानी पहले से तय देखभाल के काम कितने पूरे हुए।
  • मशीनों की मरम्मत और खराबी का इतिहास।

ऐसे रिकॉर्ड से उपकरणों की स्थिति और मेंटेनेंस के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। केवल कार्यस्थल के सर्टिफिकेट से यह साबित नहीं होता कि मशीनों का बंद रहने का समय कम हुआ या उनकी विश्वसनीयता बढ़ गई।

Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop में 5S लागू होने के बाद मेंटेनेंस के परिणामों में कोई मापने योग्य बदलाव हुआ या नहीं, यह जानने के लिए भी ऐसे संबंधित रिकॉर्ड की जरूरत होगी।

कंपनी की विश्वसनीयता और अनुशासित कार्यप्रणाली

औपचारिक सर्टिफिकेशन यह बताने में मदद कर सकता है कि कार्यस्थल से जुड़ी किसी निर्धारित व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया है। संगठन के भीतर भी सर्टिफिकेट नियमों को समझने, सुधार पर चर्चा करने और अच्छी व्यवस्था को बनाए रखने के लिए एक संदर्भ बन सकता है।

लेकिन सर्टिफिकेट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करती है कि उसके दायरे, स्थिति और वैधता के बारे में सही जानकारी दी जाए। इसे ऐसे परिणामों का प्रमाण नहीं बताना चाहिए जिनका वास्तव में मूल्यांकन नहीं किया गया था।

इस परियोजना के लिए उपलब्ध जानकारी में 5S Certificate का वर्ष 2015 और उसकी वैधता 2018 तक बताई गई है। दूसरी ओर, Mazagon Dock Limited की 2016–17 की वार्षिक रिपोर्ट में Maintenance Workshop–North Yard सहित सात वर्कशॉप के जून 2016 में हुए री-सर्टिफिकेशन ऑडिट का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मूल्यांकन के बाद संबंधित वर्कशॉप को सर्टिफिकेट दिए गए थे।

ये दोनों जानकारियां Mazagon Dock में कार्यस्थल प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों के व्यापक संदर्भ को समझने में मदद करती हैं। हालांकि, इनके आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इस विशेष वर्कशॉप ने कंपनी की आय, उत्पादन या विस्तार में कितना योगदान दिया।

सफलता को सही नजरिए से समझना

किसी कंपनी की सफलता की कहानी लिखते समय अनुशासित कार्यप्रणाली के महत्व को पहचानना चाहिए। लेकिन कंपनी की हर उपलब्धि का श्रेय किसी एक सर्टिफिकेट या पहल को देना सही नहीं होगा।

Five-S Workplace Management System ऐसी कार्यसंस्कृति को सहयोग दे सकता है जिसमें कर्मचारी अधिक व्यवस्थित और एक जैसे तरीके से काम करें। जब इसके साथ सही योजना, तकनीकी जानकारी, प्रभावी मेंटेनेंस और प्रबंधन का सहयोग भी मिलता है, तो यह व्यवस्था कंपनी के व्यापक संचालन संबंधी लक्ष्यों को हासिल करने में मदद कर सकती है।

लेकिन एक बड़े जहाज निर्माण संगठन का विकास कई वर्षों में तैयार हुए अनेक कारकों का परिणाम होता है। कंपनी के पूरे औद्योगिक इतिहास को किसी एक सर्टिफिकेट के आधार पर नहीं समझा जा सकता।

इसलिए मुख्य सीख यह है कि औद्योगिक उत्कृष्टता के लिए बड़ी योजनाओं और रोजाना के अनुशासन—दोनों की जरूरत होती है। बड़े निवेश और रणनीतिक फैसले विकास की दिशा तय कर सकते हैं, जबकि व्यवस्थित कार्यस्थल कर्मचारियों को उस दिशा में जरूरी काम बेहतर तरीके से करने में मदद कर सकते हैं।

SB-Maintenance Workshop की 5S पहल से मिलने वाली सीख

Mazagon Dock Limited के SB-Maintenance Workshop की 5S कहानी को एक बड़े औद्योगिक संगठन में कार्यस्थल प्रबंधन के महत्व के उदाहरण के रूप में समझा जा सकता है।

इस पहल का महत्व केवल सर्टिफिकेट प्राप्त करने तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक संदेश यह है कि व्यवस्थित कार्यस्थल, स्पष्ट जिम्मेदारियां और रोजाना के काम में अनुशासन संगठन की कार्यप्रणाली को सहयोग दे सकते हैं।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह दावा नहीं किया जा सकता कि सर्टिफिकेशन के कारण कंपनी का कारोबार बढ़ा, उत्पादन में निश्चित प्रतिशत सुधार हुआ या लागत में कोई विशेष कमी आई। ऐसे दावों के लिए अलग प्रमाण जरूरी हैं।

अंत में, किसी बड़े संगठन की तरक्की केवल बड़ी मशीनों, बड़े प्रोजेक्टों और नई तकनीक से नहीं होती। सही योजना के साथ रोजाना के काम में अनुशासन, जिम्मेदारी और अच्छी व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। Five-S Workplace Management System इसी सोच को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है।

#परिचालनउत्कृष्टता

अध्याय 9 — 2018 के बाद: सुधार को बनाए रखना और सर्टिफिकेशन से सीखना

SB-Maintenance Workshop के 5S Certificate की दी गई जानकारी के अनुसार, यह सर्टिफिकेट 2015 में जारी हुआ था और इसकी वैधता 2018 तक थी। इससे एक महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है: जब सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त हो जाती है, तो उसके बाद क्या होता है?

किसी भी Management System में सर्टिफिकेट की वैधता समाप्त होने का मतलब यह नहीं है कि उससे जुड़ी अच्छी कार्यप्रणालियाँ भी समाप्त हो जाती हैं। यह वह समय होता है जब संगठन को सर्टिफिकेट की स्थिति की जाँच करनी चाहिए, यह समझना चाहिए कि पहले से लागू व्यवस्थाएँ अब भी उपयोगी हैं या नहीं, और आगे समीक्षा या दोबारा सर्टिफिकेशन की क्या जरूरत है।

उपलब्ध जानकारी में सर्टिफिकेट जारी होने का वर्ष 2015 और वैधता अवधि 2018 तक बताई गई है। लेकिन इसमें सर्टिफिकेट की सभी शर्तें, बाद में जारी हुए सर्टिफिकेट या पूरी Certification History शामिल नहीं है। इसलिए यह दावा करना सही नहीं होगा कि वही सर्टिफिकेट 2018 के बाद भी वैध रहा या उसके बाद वर्कशॉप को निश्चित रूप से कोई नया सर्टिफिकेट मिला।

हालाँकि, कंपनी की वार्षिक रिपोर्टों से यह पता चलता है कि Mazagon Dock में 5S को केवल सर्टिफिकेट प्राप्त करने की गतिविधि नहीं, बल्कि कार्यस्थल के प्रबंधन और सुधार से जुड़ी एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया के रूप में अपनाया गया था।

कंपनी की 2017–18 की Annual Report के अनुसार, Mazagon Dock Limited (MDL) में 5S Quality Concept की शुरुआत 2009 में हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उस समय तक 15 वर्कशॉप, ऑफिस और स्टोर में 5S लागू किया जा चुका था। रिपोर्ट में हर तीन महीने में Internal Audit और बाहरी Certification, First-Surveillance तथा Second-Surveillance Audits का भी उल्लेख है।

इसके बाद कंपनी की 2019–20 की Annual Report में बताया गया कि 22 वर्कशॉप, ऑफिस और स्टोर में 5S System लागू था। इसकी प्रभावशीलता और निरंतरता की समीक्षा के लिए Quarterly Internal Audits और बाहरी Surveillance Activities का उपयोग किया जाता था।

ये रिपोर्टें दिखाती हैं कि कंपनी के स्तर पर 5S को लगातार आगे बढ़ाया गया। लेकिन केवल इन रिपोर्टों के आधार पर यह साबित नहीं होता कि SB-Maintenance Workshop के पास 2018 के बाद हर समय वैध 5S Certificate था। इसकी पुष्टि के लिए वर्कशॉप के अपने सर्टिफिकेशन रिकॉर्ड देखना जरूरी होगा।

सर्टिफिकेशन के बाद भी सिस्टम को बनाए रखना

सर्टिफिकेशन के बाद सबसे जरूरी काम यह है कि कार्यस्थल पर बनाई गई अच्छी व्यवस्थाएँ रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनी रहें। औजारों की तय जगह, सामान की पहचान, सफाई की जिम्मेदारियाँ और निरीक्षण की नियमित प्रक्रिया केवल ऑडिट के समय के लिए नहीं होनी चाहिए। इन्हें सामान्य कामकाज का हिस्सा बनाए रखना चाहिए।

दूसरा जरूरी पहलू है—बदलती परिस्थितियों के अनुसार व्यवस्था में सुधार करना। किसी वर्कशॉप में नई मशीन आ सकती है, काम करने का तरीका बदल सकता है या नई सामग्री का उपयोग शुरू हो सकता है। ऐसे बदलावों के बाद पुरानी व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अब भी काम के लिए सही और उपयोगी है।

तीसरा पहलू है कमियों की पहचान करना और उन्हें दूर करने का भरोसेमंद तरीका बनाए रखना। उदाहरण के लिए, यदि किसी निरीक्षण में पता चलता है कि सामग्री को अलग-अलग जगहों पर बिना किसी एक जैसे नियम के रखा जा रहा है, तो केवल सामान को तुरंत सही जगह रखना ही पर्याप्त नहीं है। यह भी समझना चाहिए कि ऐसी स्थिति क्यों बनी और इसे दोबारा होने से कैसे रोका जा सकता है।

चौथा पहलू है कर्मचारियों को लगातार सहयोग देना। उचित Training, Supervision और जरूरी संसाधन उपलब्ध होने से कर्मचारियों को कार्यस्थल के नियम समझने और उनका पालन करने में मदद मिलती है। नियम तभी लंबे समय तक प्रभावी रह सकते हैं, जब उन्हें लागू करना व्यावहारिक और आसान हो।

संगठन के अनुभव से सीखना

एक अच्छी Workplace Management System संगठन को अपने अनुभवों से सीखने का अवसर देती है। नियमित निरीक्षण के दौरान यह पता चल सकता है कि कुछ समस्याएँ बार-बार सामने आ रही हैं या किसी खास नियम का पालन करना कर्मचारियों के लिए कठिन हो रहा है।

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि कई कार्यस्थलों पर साझा औजारों को खोजने में बार-बार परेशानी होती है। ऐसी स्थिति में प्रबंधन यह विचार कर सकता है कि औजारों की जिम्मेदारी स्पष्ट करना, बेहतर पहचान-चिह्न लगाना या रखने की व्यवस्था बदलना उपयोगी होगा या नहीं।

इसी तरह, यदि सफाई के काम में बार-बार देरी होती है, तो जिम्मेदारियों के बँटवारे या काम की Planning की समीक्षा की जा सकती है।

ये उदाहरण केवल समझाने के लिए दिए गए हैं। इनका मतलब यह नहीं है कि ऐसी समस्याएँ Mazagon Dock की SB-Maintenance Workshop में वास्तव में हुई थीं। इनका उद्देश्य यह बताना है कि बार-बार सामने आने वाली समस्याओं को सुधार के अवसर में कैसे बदला जा सकता है।

मुख्य बात यह है कि Audit का उद्देश्य केवल कमी ढूँढ़ना नहीं होना चाहिए। उसे यह समझने में भी मदद करनी चाहिए कि कमी क्यों आई, उसके पीछे कौन-से कारण थे और भविष्य में उसे दोबारा होने से कैसे रोका जा सकता है।

रिकॉर्ड और संगठन के अनुभव को सुरक्षित रखना

Workplace Management System लंबे समय तक तभी प्रभावी रहती है, जब उससे जुड़े जरूरी फैसलों, बदलावों और सुधारों का उचित रिकॉर्ड रखा जाए।

रिकॉर्ड से कर्मचारियों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि कोई व्यवस्था क्यों बनाई गई थी, उस समय किन जोखिमों पर ध्यान दिया गया था और जिम्मेदारियाँ बदलने पर किन नियमों को जारी रखना जरूरी है।

Documentation का एक और फायदा है। इससे यह फर्क स्पष्ट रहता है कि कोई सुधार वास्तव में पूरा हुआ है या केवल पूरा मान लिया गया है। उदाहरण के लिए, यदि किसी कमी को दूर करने के लिए Corrective Action लिया गया है, तो उसकी प्रभावशीलता की जाँच भी होनी चाहिए। केवल रिकॉर्ड में कार्रवाई लिख देने से यह साबित नहीं होता कि समस्या पूरी तरह दूर हो गई है।

इस तरह रिकॉर्ड रखने और परिणामों की जाँच करने से जवाबदेही बढ़ती है। साथ ही, नए कर्मचारी और भविष्य की टीमें पहले किए गए काम से सीखकर आगे सुधार कर सकती हैं।

पुराने सर्टिफिकेट और वर्तमान स्थिति में अंतर

सर्टिफिकेशन से जुड़ी जानकारी देते समय तारीखों और वैधता की सही जानकारी देना बहुत जरूरी है। यदि किसी पुराने सर्टिफिकेट का उल्लेख किया जा रहा है, तो उसकी Issue Date और Validity Period स्पष्ट बतानी चाहिए। यदि बाद में नया सर्टिफिकेट मिला है, तो उस दावे के समर्थन में संबंधित दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।

यह बात खास तौर पर तब महत्वपूर्ण होती है, जब किसी Success Story को वेबसाइट, Marketing Material या किसी औपचारिक दस्तावेज में प्रकाशित किया जाता है। वैधता समाप्त हो चुका सर्टिफिकेट भी अतीत की उपलब्धि का प्रमाण हो सकता है, लेकिन उसे वर्तमान में वैध सर्टिफिकेट के रूप में प्रस्तुत नहीं करना चाहिए।

इसी तरह, यह तथ्य कि Mazagon Dock ने अपनी कई सुविधाओं में 5S लागू किया था या उसे लगातार आगे बढ़ाया, अपने आप यह साबित नहीं करता कि किसी खास वर्कशॉप के पास आज भी वैध सर्टिफिकेट है। हर वर्कशॉप की वर्तमान स्थिति की पुष्टि उसके अपने रिकॉर्ड से ही की जानी चाहिए।

सही जानकारी देना संगठन की विश्वसनीयता बनाए रखने का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे उपलब्धियों को उचित सम्मान मिलता है और पाठकों को भी तथ्यों की स्पष्ट समझ मिलती है।

लगातार अनुशासन बनाए रखने का महत्व

5S का लंबे समय तक मिलने वाला फायदा उन अच्छी आदतों और व्यवस्थाओं में दिखाई देता है, जो सर्टिफिकेशन की अवधि समाप्त होने के बाद भी उपयोगी रहती हैं। कर्मचारी औजारों को सही जगह रख सकते हैं, कार्यस्थल को साफ रख सकते हैं, असामान्य स्थितियों की पहचान कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार पुराने नियमों की समीक्षा कर सकते हैं।

इन कामों को जारी रखने के लिए हर समय सर्टिफिकेट का निरीक्षण होना जरूरी नहीं है। जरूरी यह है कि कर्मचारी और प्रबंधन कार्यस्थल के अनुशासन को अपनी रोजमर्रा की जिम्मेदारी मानें।

जब ऐसी कार्यप्रणालियाँ सामान्य कामकाज में शामिल हो जाती हैं, तो सर्टिफिकेशन केवल एक अंतिम लक्ष्य नहीं रह जाता। वह सुधार की लंबी यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन जाता है।

SB-Maintenance Workshop के 2015–2018 के 5S Certificate की जानकारी को इसी दृष्टिकोण से देखना चाहिए। यह जानकारी उस समय की उपलब्धि और कार्यस्थल प्रबंधन के प्रयासों पर चर्चा करने का आधार देती है, लेकिन इससे 2018 के बाद की स्थिति अपने आप साबित नहीं होती।

दूसरी ओर, Mazagon Dock की वार्षिक रिपोर्टें यह दिखाती हैं कि कंपनी के स्तर पर 5S को एक निरंतर चलने वाले कार्यक्रम के रूप में अपनाया गया। फिर भी, SB-Maintenance Workshop के बाद के सर्टिफिकेशन की सही स्थिति जानने के लिए उसके संबंधित दस्तावेजों की जरूरत होगी।

इस अध्याय से मुख्य सीख यह मिलती है कि सर्टिफिकेट किसी उपलब्धि को पहचान दे सकता है, लेकिन लंबे समय तक अच्छा काम बनाए रखने के लिए निरंतर अनुशासन, नियमित समीक्षा, कर्मचारियों की भागीदारी और लगातार सुधार जरूरी हैं। यही वे बातें हैं जो किसी भी कार्यस्थल को अपनी व्यवस्था बेहतर बनाने और अपने अनुभवों से सीखने में मदद कर सकती हैं।

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अध्याय 10 — कार्यस्थल के अनुशासन की विरासत और आगे बढ़ने का रास्ता

Mazagon Dock Limited की SB-Maintenance Workshop, North Yard में Five-S Workplace Management System की यह कहानी औद्योगिक प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाती है। इनमें कार्यस्थल को व्यवस्थित रखना, कर्मचारियों की भूमिका, तय प्रक्रिया के अनुसार मूल्यांकन करना और समय के साथ सुधारों को बनाए रखना शामिल है।

उपलब्ध Project Brief के अनुसार, इस कहानी में संबंधित वर्कशॉप का पता Dockyard Road, Mazagaon, Mumbai दिया गया है। इसमें Five-S Workplace Management System के लिए वर्ष 2015 में 5S Certificate जारी होने और उसकी वैधता 2018 तक बताए जाने का उल्लेख है। यही जानकारी इस Corporate Success Story का मुख्य आधार है।

इस कहानी को समझने के लिए कंपनी का व्यापक औद्योगिक सफर भी महत्वपूर्ण है। Mazagon Dock का एक छोटे डॉकयार्ड से विकसित होकर एक प्रमुख Shipbuilding Organization बनना कई दशकों के संस्थागत विकास, तकनीकी प्रगति और औद्योगिक क्षमता के निर्माण का परिणाम है। कंपनी की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, उसने अपने कामकाज और उत्पादों के दायरे को बढ़ाया है और समुद्री क्षेत्र की महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में योगदान दिया है।

इतने बड़े औद्योगिक संगठन में बेहतर कामकाज के लिए केवल बड़ी योजनाएँ, आधुनिक सुविधाएँ और विशेषज्ञता ही पर्याप्त नहीं हैं। इनके साथ कार्यस्थल की सही व्यवस्था, जिम्मेदारियों की स्पष्टता और लगातार सुधार करने की आदत भी जरूरी है।

Five-S System इसी दिशा में काम करने का एक व्यावहारिक तरीका प्रदान करता है।

Five-S के पाँच सिद्धांत और उनका महत्व

1. Sort — गैर-जरूरी सामान को अलग करना

इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर मौजूद जरूरी और गैर-जरूरी सामान की पहचान करना है। इससे जगह का बेहतर उपयोग करने और काम के लिए जरूरी संसाधनों को आसानी से पहचानने में मदद मिल सकती है।

2. Set in Order — हर चीज को सही जगह रखना

औजारों, सामग्री और दूसरे जरूरी संसाधनों के लिए तय जगह होने से उन्हें पहचानना और जरूरत के समय ढूँढ़ना आसान हो सकता है।

3. Shine — सफाई और नियमित निरीक्षण

कार्यस्थल को साफ रखने के साथ-साथ मशीनों, उपकरणों और आसपास की स्थिति पर ध्यान देना भी जरूरी है। इससे किसी असामान्य स्थिति को समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।

4. Standardize — काम करने के एक जैसे नियम बनाना

जो व्यवस्थाएँ उपयोगी साबित हों, उन्हें स्पष्ट नियमों और नियमित प्रक्रियाओं के रूप में अपनाया जा सकता है। इससे अलग-अलग कर्मचारियों और शिफ्टों में काम करने का तरीका अधिक एक जैसा रह सकता है।

5. Sustain — अनुशासन को लगातार बनाए रखना

किसी व्यवस्था को एक बार लागू कर देना पर्याप्त नहीं है। उसका नियमित पालन करना, समय-समय पर समीक्षा करना और जरूरत के अनुसार सुधार करना भी जरूरी है।

इन पाँचों सिद्धांतों का संयुक्त उद्देश्य यह है कि कर्मचारी कार्यस्थल को व्यवस्थित रखने को केवल कभी-कभार की सफाई न समझें, बल्कि इसे अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का हिस्सा मानें।

मेंटेनेंस वर्कशॉप में Five-S का व्यावहारिक महत्व

मेंटेनेंस वर्कशॉप में औजारों, उपकरणों, स्पेयर पार्ट्स और तकनीकी सामग्री की व्यवस्थित उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। Five-S जैसी व्यवस्था इस काम में सहयोग कर सकती है।

उदाहरण के लिए, यदि सामान रखने की जगह स्पष्ट रूप से तय हो, तो उपलब्ध संसाधनों की पहचान करना आसान हो सकता है। यदि साझा जगहों की जिम्मेदारी स्पष्ट हो, तो उन्हें व्यवस्थित बनाए रखना सरल हो सकता है। नियमित समीक्षा से यह पता चल सकता है कि किन नियमों का पालन नहीं हो रहा है। कर्मचारियों की भागीदारी से ऐसी व्यवस्थाएँ बन सकती हैं जिन्हें रोजमर्रा के काम में अपनाना आसान हो।

हालाँकि, ये अच्छी तरह लागू किए गए 5S System के संभावित लाभ हैं। उपलब्ध जानकारी से यह साबित नहीं होता कि SB-Maintenance Workshop में इन लाभों को किसी निश्चित संख्या या प्रतिशत में मापा गया था।

वर्कशॉप के वास्तविक प्रदर्शन का पूरा मूल्यांकन करने के लिए संबंधित रिकॉर्ड की जरूरत होगी। इनमें Audit Reports, Corrective Action Registers, Maintenance Performance Indicators और कर्मचारियों की Training से जुड़े दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।

इस तरह किसी व्यवस्था के संभावित लाभों और दस्तावेजों से साबित हुए परिणामों के बीच अंतर स्पष्ट रखना जरूरी है।

उपलब्धि को पहचानना, लेकिन तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं बताना

वर्ष 2015 का 5S Certificate इस कहानी में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक संदर्भ है। उपलब्ध Project Brief के अनुसार, यह Five-S Workplace Management System से जुड़ी सर्टिफिकेशन उपलब्धि को दर्शाता है।

कंपनी की व्यापक जानकारी इस उपलब्धि को और संदर्भ देती है। Mazagon Dock की 2016–17 की Annual Report में Maintenance Workshop–North Yard सहित सात वर्कशॉप के Recertification Audit का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद सितंबर 2016 में सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। सात वर्कशॉप के समूह का औसत स्कोर 82% बताया गया और इस समूह को “Shrestha” श्रेणी में रखा गया।

यह जानकारी बताती है कि Maintenance Workshop–North Yard कंपनी की व्यापक 5S Certification और Recertification गतिविधियों में शामिल थी। लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि इस विशेष वर्कशॉप का अलग से 82% स्कोर था। इसी तरह, इससे किसी खास वित्तीय लाभ या उत्पादन में वृद्धि की पुष्टि भी नहीं होती।

तथ्यों को सही रूप में प्रस्तुत करने से इस कहानी की विश्वसनीयता कम नहीं होती, बल्कि बढ़ती है। एक अच्छी Corporate Success Story में दस्तावेजों से प्रमाणित उपलब्धियों को पहचान दी जाती है और अतिरिक्त दावों के लिए जरूरी प्रमाण भी स्पष्ट रखे जाते हैं।

नेतृत्व और कर्मचारियों की भूमिका

किसी भी Workplace Management System को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने के लिए जिम्मेदारियों का सही बँटवारा जरूरी है।

प्रबंधन दिशा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराता है। Supervisors काम की निगरानी और समन्वय करते हैं। कर्मचारी रोजमर्रा के काम में तय मानकों का पालन करते हैं। जब सभी लोग अपनी भूमिका समझते हैं, तो कार्यस्थल की व्यवस्था बनाए रखना आसान हो सकता है।

इसके साथ सीखने की इच्छा भी जरूरी है। यदि कोई समस्या सामने आती है, तो उसके कारणों की जाँच की जानी चाहिए। सुझाए गए सुधारों को वास्तविक जरूरतों के अनुसार परखना चाहिए और Corrective Actions की प्रभावशीलता की समीक्षा करनी चाहिए।

जब ये गतिविधियाँ नियमित कामकाज का हिस्सा बन जाती हैं, तो कार्यस्थल में अनुशासन, स्पष्टता और जवाबदेही को बढ़ावा मिल सकता है।

संगठन की प्रगति में कार्यस्थल के अनुशासन का योगदान

किसी बढ़ते हुए औद्योगिक संगठन में 5S को एक सहायक क्षमता के रूप में देखा जा सकता है। यह कार्यस्थल की व्यवस्थाओं में एकरूपता लाने और लगातार सुधार की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

लेकिन यह दावा करना सही नहीं होगा कि केवल 5S Certificate के कारण Mazagon Dock का विस्तार हुआ, कंपनी की आय बढ़ी, नए Contracts मिले या उत्पादन में वृद्धि हुई। ऐसे परिणाम कई कारणों पर निर्भर करते हैं, जैसे ग्राहकों की माँग, परियोजनाएँ, निवेश, तकनीक, उत्पादन क्षमता और प्रबंधन की रणनीति। किसी एक कारण का सीधा प्रभाव साबित करने के लिए उपयुक्त प्रमाण जरूरी होते हैं।

इसलिए अधिक उचित निष्कर्ष यह है कि कार्यस्थल का अनुशासन उन तकनीकी, प्रबंधकीय और रणनीतिक क्षमताओं को सहयोग देता है, जिन पर औद्योगिक विकास निर्भर करता है।

लगातार सुधार करने की प्रतिबद्धता

किसी Workplace Management Initiative की सफलता का मूल्यांकन केवल उसके शुरुआती Assessment के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उसका दीर्घकालीन महत्व इस बात से जुड़ा है कि कर्मचारी तय मानकों को लगातार बनाए रखते हैं या नहीं, प्रबंधन सामने आई समस्याओं पर उचित कार्रवाई करता है या नहीं, और काम की जरूरत बदलने पर व्यवस्था में सुधार किया जाता है या नहीं।

सर्टिफिकेट की बताई गई वैधता अवधि समाप्त होने के बाद उसकी स्थिति के बारे में सही जानकारी देना भी जरूरी है। पुराने सर्टिफिकेशन को ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में ही बताना चाहिए, जब तक कि बाद के दस्तावेज नए या वर्तमान सर्टिफिकेशन की पुष्टि न कर दें। इससे संगठन की विश्वसनीयता बनी रहती है और उपलब्धि को सही संदर्भ में प्रस्तुत किया जाता है।

इस कहानी का मुख्य संदेश है कि उत्कृष्टता लगातार किए जाने वाले अनुशासित प्रयासों से बनती है। औजारों के लिए तय जगह, किसी पार्ट की स्पष्ट पहचान, कार्यस्थल की उचित सफाई और Corrective Action को सही तरीके से पूरा करना—ये सभी छोटे कदम लग सकते हैं। लेकिन जब इन्हें नियमित रूप से अपनाया जाता है, तो ये कामकाज को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित बनाने में सहयोग कर सकते हैं।

Mazagon Dock की SB-Maintenance Workshop के संदर्भ में Five-S Workplace Management System हमें यह समझने का अवसर देता है कि व्यवस्थित कार्यस्थल और पेशेवर औद्योगिक कार्यप्रणाली के बीच क्या संबंध हो सकता है। उपलब्ध सर्टिफिकेशन जानकारी इस कहानी का ऐतिहासिक आधार देती है, जबकि कंपनी की प्रकाशित वार्षिक रिपोर्टें वर्कशॉप को संगठन के व्यापक 5S Implementation और Assessment Programme के संदर्भ में रखती हैं।

इस कहानी से मिलने वाली सीख किसी एक वर्कशॉप या सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं है। कार्यस्थल में उत्कृष्टता एक बार हासिल करके छोड़ देने वाली उपलब्धि नहीं, बल्कि ऐसी जिम्मेदारी है जिसे रोज निभाना, नियमित रूप से परखना और समय के साथ बेहतर बनाना पड़ता है।

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