इन लोको पेरेंटिस (In Loco Parentis) मान्यता (Accreditation)
एक उत्कृष्टता का प्रतीक, जो SDAB (Sanatan Dharma Accreditation Board) – एक स्वतंत्र एवं तृतीय-पक्ष मान्यता प्रदान करने वाली संस्था – द्वारा उन प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों (Early Education & Child Care Centres – EECCC) को प्रदान किया जाता है, जो शिक्षा, गुणवत्ता, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा बाल देखभाल के उच्चतम मानकों को निरंतर बनाए रखते हैं।
SDAB “इन लोको पेरेंटिस” (In Loco Parentis) लाइसेंस एक स्वैच्छिक गुणवत्ता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मान्यता है, जिसे विशेष रूप से प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों (EECCC) के लिए विकसित एवं संचालित किया गया है।
परिचय : बाल देखभाल में गुणवत्ता की नई परिभाषा
In Loco Parentis एक लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है “माता-पिता के स्थान पर”। यह सिद्धांत शिक्षा और बाल देखभाल के क्षेत्र में लंबे समय से एक महत्वपूर्ण कानूनी एवं नैतिक आधार रहा है। इसका आशय है कि किसी भी बाल देखभाल संस्था या शिक्षक का दायित्व है कि वह बच्चे के सर्वोत्तम हितों को प्राथमिकता देते हुए उसकी उसी प्रकार देखभाल करे, जैसी एक जिम्मेदार और संवेदनशील अभिभावक करता है, साथ ही बच्चे की व्यक्तिगत पहचान, गरिमा एवं स्वतंत्रता का सम्मान भी बनाए रखे।
आधुनिक प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों (Early Education & Child Care Centres – EECCC) के संदर्भ में यह सिद्धांत केवल एक कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि उत्कृष्ट गुणवत्ता का मूल दर्शन बन जाता है। इसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे के समग्र विकास के लिए एक सुरक्षित, प्रेरणादायक, आनंददायक एवं अधिकार-आधारित वातावरण प्रदान करना है।
इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए SDAB (Standards Development and Accreditation Body) ने In Loco Parentis (ILP) Accreditation की स्थापना की है। यह एक स्वतंत्र एवं तृतीय-पक्ष मान्यता प्रणाली है, जो केवल एक प्रमाणपत्र नहीं बल्कि गुणवत्ता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति उत्कृष्ट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यह मान्यता उन प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों को प्रदान की जाती है जो अपने संचालन के प्रत्येक क्षेत्र—जैसे कि आधारभूत संरचना, मानव संसाधन, शिक्षण पद्धति, प्रशासन, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा बाल संरक्षण—में उच्चतम मानकों का निरंतर पालन करते हैं।
यह दस्तावेज़ In Loco Parentis Accreditation की व्यापक अवधारणा का विस्तृत परिचय प्रस्तुत करता है। इसमें संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC) पर आधारित इसके दार्शनिक आधार, संरचनात्मक एवं संचालन संबंधी मानकों, ISO 17011 की भावना पर आधारित कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया तथा बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज को होने वाले बहुआयामी लाभों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
अंततः, ILP Accreditation केवल एक मान्यता नहीं है, बल्कि यह निरंतर आत्ममूल्यांकन, उत्तरदायित्व, गुणवत्ता सुधार तथा प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हितों के प्रति समर्पित एक सशक्त ढांचा है।
इन लोको पेरेंटिस (In Loco Parentis) का अर्थ
In Loco Parentis का शाब्दिक अर्थ है—
“माता-पिता के स्थान पर”
SDAB का In Loco Parentis Standard इसी सिद्धांत से प्रेरित है कि बाल देखभाल संस्थाएँ उन बच्चों के सर्वोत्तम हित में कार्य करें जिनकी देखभाल उन्हें सौंपी गई है। यह मानक यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक संस्था बच्चों के अधिकारों, गरिमा, व्यक्तित्व एवं स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए उनके समग्र विकास के लिए सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराए।
संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC)
संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of the Child – UNCRC) एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधि है, जिसमें बच्चों के निम्नलिखित अधिकारों को मान्यता दी गई है—
- नागरिक अधिकार
- राजनीतिक अधिकार
- आर्थिक अधिकार
- सामाजिक अधिकार
- स्वास्थ्य संबंधी अधिकार
- सांस्कृतिक अधिकार
In Loco Parentis Certification का उद्देश्य उन सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सहयोग प्रदान करना है जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए कार्यरत हैं।
मान्यता का उद्देश्य
इस मान्यता का उद्देश्य प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों में गुणवत्ता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन की प्रभावशीलता को मजबूत बनाना है, ताकि समाज, अभिभावकों, बच्चों तथा शिक्षा संस्थानों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान की जा सकें।
यह मान्यता एक सिस्टम आधारित दृष्टिकोण (System Approach) को अपनाती है, जिसमें विभिन्न परस्पर जुड़े हुए घटक मिलकर निरंतर आत्मचिंतन (Reflection), मूल्यांकन (Evaluation) तथा सतत सुधार (Continuous Improvement) की संस्कृति को विकसित करते हैं।
In Loco Parentis Accreditation का अर्थ
In Loco Parentis Accreditation यह प्रमाणित करता है कि कोई प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र निम्नलिखित मानकों को पूरा करता है—
- संगठनात्मक संरचना (Structure)
- प्रशासन (Administration)
- स्थान, आधारभूत संरचना एवं वातावरण (Space, Infrastructure & Environment)
- योजना एवं नीतियाँ (Planning & Policy Framework)
- वित्तीय प्रबंधन (Funding)
- मानव संसाधन (Human Resources)
In Loco Parentis Certification यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र निम्नलिखित सर्वोत्तम मानकों का पालन करता है—
- उपयुक्त स्थान (Location)
- भवन एवं वास्तु योजना (Indoor एवं Outdoor Architecture)
- प्रवेश नियंत्रण एवं सुरक्षा (Access Control & Security)
- उपकरण एवं संसाधन (Equipment)
- डे-केयर कार्यक्रम (Day-Care Programme)
- नीतियाँ एवं प्रक्रियाएँ (Policies)
- योग्य एवं प्रशिक्षित कर्मचारी (Staff)
- सुरक्षा प्रबंधन (Safety)
- स्वच्छता (Hygiene)
- रखरखाव (Maintenance)
- प्रभावी प्रशासन (Organisation)
“In Loco Parentis” Accreditation क्यों?
1. अभिभावकों का विश्वास
यह मान्यता अभिभावकों को यह विश्वास दिलाती है कि आपका केंद्र गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं उत्कृष्ट प्रारंभिक शिक्षा और बाल देखभाल सेवाएँ प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
2. बच्चों के समग्र विकास की गारंटी
अभिभावकों को यह भरोसा मिलता है कि उनके बच्चों को—
- सुरक्षित वातावरण
- आनंददायक अनुभव
- सकारात्मक सीखने का माहौल
- प्रेरणादायक गतिविधियाँ
- गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा
- संवेदनशील एवं जिम्मेदार देखभाल
प्राप्त होगी।
3. SDAB का विशेषज्ञ सहयोग
प्रमाणन प्रक्रिया के दौरान केंद्रों को SDAB द्वारा अनुमोदित समाधान सहयोगी (Approved Solution Partner) का पूर्ण तकनीकी एवं विशेषज्ञ सहयोग प्राप्त होता है, जिससे In Loco Parentis Standard को प्रभावी रूप से लागू किया जा सके।
4. अंतरराष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन प्रक्रिया
SDAB, ISO 17011 की विचारधारा, मूल्यांकन प्रक्रिया एवं कठोरता के अनुरूप In Loco Parentis Accreditation प्रदान करता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रत्येक मान्यता निष्पक्ष, पारदर्शी एवं अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो।
- गरिमा अथवा अधिकारों का उल्लंघन न हो।
- प्रत्येक बच्चा सुरक्षित वातावरण में अपनी विशिष्ट पहचान विकसित कर सके।
इस प्रकार In Loco Parentis Accreditation बच्चों के संरक्षण और उनकी स्वतंत्रता के बीच एक संतुलित एवं आधुनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।
1.2 संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC) पर आधारित मान्यता
SDAB In Loco Parentis Accreditation पूरी तरह से संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of the Child – UNCRC) के सिद्धांतों पर आधारित है।
UNCRC विश्व की सबसे महत्वपूर्ण मानवाधिकार संधियों में से एक है, जो प्रत्येक बच्चे के नागरिक, सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक अधिकारों की रक्षा करती है।
ILP Accreditation का उद्देश्य उन सभी व्यक्तियों एवं संस्थाओं को सहयोग देना है जो बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके समग्र विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।
इस मान्यता में UNCRC के निम्नलिखित प्रमुख सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप दिया गया है—
(क) बच्चे का सर्वोत्तम हित (Article 3)
प्रत्येक निर्णय में बच्चे का सर्वोत्तम हित सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।
इसका अर्थ है कि—
- नीतियाँ बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई जाएँ।
- बजट का उपयोग बच्चों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा पर किया जाए।
- प्रत्येक गतिविधि बच्चों के विकास को ध्यान में रखकर आयोजित की जाए।
- किसी भी प्रशासनिक निर्णय का अंतिम उद्देश्य बच्चों का कल्याण हो।
(ख) जीवन, सुरक्षा एवं विकास का अधिकार (Article 6)
प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में स्वस्थ एवं समग्र विकास का अधिकार है।
इसलिए मान्यता प्राप्त केंद्रों को सुनिश्चित करना होगा कि—
- सुरक्षित भवन एवं खेल क्षेत्र उपलब्ध हों।
- पौष्टिक भोजन एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
- स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के सभी मानकों का पालन किया जाए।
- बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के लिए उपयुक्त कार्यक्रम संचालित किए जाएँ।
(ग) सहभागिता का अधिकार (Article 12)
प्रत्येक बच्चे को अपनी राय व्यक्त करने तथा उससे संबंधित निर्णयों में भाग लेने का अधिकार है।
इसलिए केंद्रों को—
- बच्चों की बात सुननी चाहिए।
- उनकी रुचियों एवं विचारों का सम्मान करना चाहिए।
- शिक्षण गतिविधियों में बच्चों की सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
- ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जहाँ बच्चे बिना भय के स्वयं को अभिव्यक्त कर सकें।
(घ) शिक्षा, खेल एवं मनोरंजन का अधिकार (Articles 28 एवं 31)
उच्च गुणवत्ता वाली प्रारंभिक शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होती।
ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक केंद्र—
- खेल आधारित शिक्षा (Play-Based Learning) को अपनाए।
- रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दे।
- कला, संगीत, कहानी, विज्ञान एवं खोज आधारित शिक्षण प्रदान करे।
- बच्चों को पर्याप्त समय खेल, विश्राम एवं मनोरंजन के लिए उपलब्ध कराए।
(ङ) हिंसा, शोषण एवं उपेक्षा से संरक्षण (Article 19)
प्रत्येक बच्चे को हर प्रकार की हिंसा, दुर्व्यवहार, उपेक्षा एवं शोषण से सुरक्षा प्राप्त होनी चाहिए।
इसीलिए ILP Standard में निम्नलिखित अनिवार्य हैं—
- Child Protection Policy
- Safeguarding Procedures
- सुरक्षा प्रशिक्षण
- शिकायत निवारण प्रणाली
- आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था
- सुरक्षित परिसर
- पृष्ठभूमि सत्यापन (Background Verification) वाले कर्मचारी
इस प्रकार ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि बाल देखभाल केवल एक सेवा नहीं बल्कि बच्चों के अधिकारों पर आधारित उत्तरदायित्व (Rights-Based Practice) बने।
1.3 सिस्टम आधारित दृष्टिकोण (System Approach) : निरंतर सुधार की संस्कृति
ILP Accreditation केवल मानकों की सूची नहीं है।
यह एक System Approach पर आधारित गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली है जिसमें प्रत्येक घटक एक-दूसरे से जुड़ा हुआ होता है।
इसका उद्देश्य गुणवत्ता, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को समाज, अभिभावकों, बच्चों तथा प्रारंभिक शिक्षा संस्थानों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर बेहतर बनाना है।
इस दृष्टिकोण के तीन प्रमुख आधार हैं—
1. परस्पर जुड़े हुए घटक (Interconnectedness)
एक उत्कृष्ट प्रारंभिक शिक्षा केंद्र अनेक परस्पर जुड़े हुए घटकों से मिलकर बनता है।
उदाहरण के लिए—
- योग्य शिक्षक बेहतर शिक्षण प्रदान करते हैं।
- बेहतर शिक्षण बच्चों के विकास को प्रभावित करता है।
- बच्चों का विकास सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण पर निर्भर करता है।
- सुरक्षित वातावरण प्रभावी प्रशासन एवं पर्याप्त वित्तीय संसाधनों पर आधारित होता है।
अर्थात यदि किसी एक क्षेत्र में कमजोरी आती है तो उसका प्रभाव पूरे संस्थान की गुणवत्ता पर पड़ता है।
2. आत्मचिंतन एवं मूल्यांकन (Reflection)
ILP Accreditation प्रत्येक केंद्र को नियमित रूप से स्वयं का मूल्यांकन करने के लिए प्रेरित करती है।
इसके अंतर्गत—
- कक्षाओं का अवलोकन
- बच्चों की प्रगति का विश्लेषण
- अभिभावकों से प्राप्त सुझाव
- कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
- दुर्घटना एवं सुरक्षा रिपोर्ट
- गुणवत्ता समीक्षा
का नियमित विश्लेषण किया जाता है।
इससे संस्था अपनी वास्तविक स्थिति को समझकर सुधार की दिशा निर्धारित कर सकती है।
3. सतत सुधार (Continuous Improvement)
SDAB का मानना है कि गुणवत्ता कोई अंतिम उपलब्धि नहीं बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।
इसलिए प्रत्येक मान्यता प्राप्त केंद्र को—
- सुधार योजनाएँ बनानी होंगी।
- कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देना होगा।
- नीतियों की समय-समय पर समीक्षा करनी होगी।
- नई शोध एवं आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाना होगा।
- बच्चों एवं अभिभावकों की बदलती आवश्यकताओं के अनुसार स्वयं को विकसित करना होगा।
इस प्रकार गुणवत्ता आश्वासन केवल यह नहीं देखता कि—
“क्या संस्था के पास नीति है?”
बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि—
“क्या वह नीति वास्तव में प्रभावी रूप से लागू हो रही है, बच्चों को लाभ पहुँचा रही है तथा समय के साथ निरंतर बेहतर बन रही है?”
अध्याय 1 का सार
SDAB In Loco Parentis Accreditation केवल कानूनी अनुपालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सर्वोत्तम हित, मानवाधिकार, सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, सहभागिता तथा समग्र विकास पर आधारित एक व्यापक गुणवत्ता प्रणाली है।
यह मान्यता प्रत्येक प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र में ऐसी कार्य-संस्कृति विकसित करती है जिसमें—
- बच्चे सर्वोच्च प्राथमिकता होते हैं।
- उनके अधिकारों का सम्मान किया जाता है।
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाता है।
- प्रत्येक निर्णय बच्चों के हित में लिया जाता है।
- और संस्था निरंतर आत्ममूल्यांकन एवं सुधार के माध्यम से उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहती है।
अध्याय 2 : मान्यता के प्रमुख स्तंभ – संरचनात्मक एवं प्रशासनिक मानक
(The Pillars of Accreditation – Structural and Governance Standards)
In Loco Parentis (ILP) Accreditation यह प्रमाणित करती है कि कोई प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र (Early Education & Child Care Centre – EECCC) केवल न्यूनतम कानूनी आवश्यकताओं का पालन ही नहीं करता, बल्कि गुणवत्ता, प्रशासन, सुरक्षा, संसाधन प्रबंधन तथा मानव संसाधन के उच्चतम मानकों को भी निरंतर बनाए रखता है।
इस मान्यता के अंतर्गत छह प्रमुख आधारभूत स्तंभ (Pillars) निर्धारित किए गए हैं, जो किसी भी उत्कृष्ट बाल देखभाल केंद्र की मजबूत नींव बनाते हैं।
2.1 संगठनात्मक संरचना एवं सुशासन (Structure and Governance)
किसी भी उच्च गुणवत्ता वाले प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र की सफलता उसके प्रभावी, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासन पर निर्भर करती है।
ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक केंद्र में स्पष्ट प्रशासनिक संरचना, उत्तरदायित्व तथा नैतिक नेतृत्व स्थापित हो।
कानूनी संरचना (Legal Constitution)
प्रत्येक केंद्र को एक वैध एवं पंजीकृत कानूनी संस्था के रूप में संचालित होना चाहिए।
संस्था के स्वामित्व, प्रबंधन एवं प्रशासन से संबंधित सभी जानकारी स्पष्ट, पारदर्शी एवं विधिसम्मत होनी चाहिए।
शासी निकाय (Governing Body)
केंद्र में एक सक्षम प्रबंधन समिति, निदेशक मंडल अथवा संचालन समिति होनी चाहिए, जिसकी भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित हों।
यह निकाय निम्नलिखित के लिए उत्तरदायी होगा—
- संस्थान की नीतियों का निर्माण
- गुणवत्ता सुनिश्चित करना
- बच्चों के सर्वोत्तम हितों की रक्षा करना
- SDAB In Loco Parentis Standard का पालन सुनिश्चित करना
- संस्था के दीर्घकालिक विकास की योजना बनाना
मिशन, विज़न एवं मूल्य (Mission, Vision and Values)
प्रत्येक केंद्र के पास लिखित रूप में—
- मिशन (Mission)
- विज़न (Vision)
- मूल मूल्य (Core Values)
होने चाहिए, जो निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित हों—
- बच्चों का सर्वोत्तम हित
- In Loco Parentis का दर्शन
- संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार अभिसमय (UNCRC)
- गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समावेशिता
इन मूल्यों की जानकारी कर्मचारियों, अभिभावकों एवं अन्य हितधारकों को उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
रणनीतिक योजना (Strategic Planning)
उत्कृष्ट संस्थाएँ केवल वर्तमान पर ध्यान नहीं देतीं, बल्कि भविष्य की भी योजना बनाती हैं।
इसलिए प्रत्येक केंद्र के पास—
- दीर्घकालिक विकास योजना
- गुणवत्ता सुधार योजना
- वित्तीय योजना
- जोखिम प्रबंधन योजना
- मानव संसाधन विकास योजना
होनी चाहिए।
नैतिक आचार संहिता (Ethical Framework)
प्रत्येक कर्मचारी एवं प्रबंधन सदस्य के लिए स्पष्ट आचार संहिता अनिवार्य होगी।
इसमें शामिल होंगे—
- गोपनीयता (Confidentiality)
- हितों के टकराव से बचाव (Conflict of Interest)
- व्यावसायिक आचरण
- बच्चों के अधिकारों का सम्मान
- निष्पक्ष एवं समान व्यवहार
2.2 प्रशासन एवं संगठन (Administration and Organization)
सुदृढ़ प्रशासन किसी भी गुणवत्तापूर्ण केंद्र का आधार होता है।
ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र की सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएँ सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी हों।
प्रबंधन प्रणाली (Management Systems)
केंद्र में निम्नलिखित के लिए व्यवस्थित प्रणाली होनी चाहिए—
- बच्चों का पंजीकरण
- उपस्थिति रिकॉर्ड
- स्वास्थ्य रिकॉर्ड
- विकास संबंधी अभिलेख
- कर्मचारियों के रिकॉर्ड
- प्रशिक्षण रिकॉर्ड
- सुरक्षा घटनाओं का रिकॉर्ड
- अभिभावकों के साथ संचार
सभी अभिलेख सुरक्षित, अद्यतन एवं गोपनीय होने चाहिए।
वित्तीय प्रबंधन (Financial Management)
वित्तीय प्रणाली पारदर्शी एवं उत्तरदायी होनी चाहिए।
इसमें शामिल हैं—
- वार्षिक बजट
- लेखा प्रणाली
- आंतरिक एवं बाहरी ऑडिट
- शुल्क प्रबंधन
- गुणवत्ता सुधार हेतु वित्तीय प्रावधान
- संसाधनों का उचित उपयोग
जोखिम प्रबंधन (Risk Management)
प्रत्येक केंद्र को संभावित जोखिमों की पहचान कर उन्हें न्यूनतम करने की प्रभावी व्यवस्था विकसित करनी होगी।
इसमें शामिल हैं—
- सुरक्षा जोखिम
- स्वास्थ्य संबंधी जोखिम
- प्राकृतिक आपदाएँ
- आग से सुरक्षा
- कानूनी जोखिम
- संचालन संबंधी जोखिम
जोखिम प्रबंधन केवल दुर्घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संभावित जोखिमों की पहले से पहचान कर रोकथाम करना इसका उद्देश्य होना चाहिए।
कानूनी अनुपालन (Regulatory Compliance)
प्रत्येक केंद्र को सभी राष्ट्रीय, राज्य एवं स्थानीय नियमों का पालन करना होगा।
उदाहरण—
- बाल देखभाल संबंधी नियम
- भवन सुरक्षा नियम
- अग्नि सुरक्षा
- स्वास्थ्य विभाग के निर्देश
- स्वच्छता मानक
- श्रम कानून
- स्थानीय प्रशासनिक आवश्यकताएँ

2.3 स्थान, आधारभूत संरचना एवं वातावरण (Space, Infrastructure and Environment)
ILP Accreditation यह मानती है कि सीखने का वातावरण स्वयं एक “तीसरा शिक्षक” (Third Teacher) होता है।
इसलिए भवन, परिसर एवं वातावरण बच्चों के विकास के अनुकूल होना चाहिए।
अनुमोदित क्षमता (Licensed Capacity)
केंद्र में बच्चों की संख्या उपलब्ध स्थान एवं निर्धारित अनुपात के अनुरूप होनी चाहिए।
अत्यधिक भीड़भाड़ बच्चों की सुरक्षा एवं शिक्षा दोनों को प्रभावित करती है।
कार्यात्मक क्षेत्र (Functional Areas)
केंद्र में निम्नलिखित पृथक एवं सुव्यवस्थित क्षेत्र होने चाहिए—
- कक्षा कक्ष
- विश्राम क्षेत्र
- रचनात्मक गतिविधि क्षेत्र
- खेल क्षेत्र
- पुस्तक एवं कहानी क्षेत्र
- भोजन क्षेत्र
- स्वच्छता सुविधाएँ
- प्रशासनिक कार्यालय
- कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाएँ
अनुकूल वातावरण (Ambience and Climate)
केंद्र का वातावरण—
- बच्चों के अनुकूल
- स्वागतपूर्ण
- सुरक्षित
- प्रेरणादायक
- सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील
- सौंदर्यपूर्ण
होना चाहिए।
विशेष ध्यान दिया जाएगा—
- प्राकृतिक प्रकाश
- वेंटिलेशन
- तापमान नियंत्रण
- ध्वनि नियंत्रण
- स्वच्छता
- रंगों का उपयोग
- बच्चों के लिए अनुकूल सजावट
बाहरी खेल क्षेत्र (Outdoor Environment)
प्रत्येक मान्यता प्राप्त केंद्र में सुरक्षित एवं आकर्षक बाहरी खेल क्षेत्र होना चाहिए।
इसमें—
- प्राकृतिक तत्व
- शारीरिक गतिविधियाँ
- खोज आधारित खेल
- संतुलन एवं समन्वय विकसित करने वाली गतिविधियाँ
- संवेदी अनुभव
उपलब्ध होने चाहिए।
2.4 योजना एवं नीति ढाँचा (Planning and Policy Framework)
किसी भी संस्था की नीतियाँ उसके मूल्यों एवं कार्यप्रणाली का लिखित स्वरूप होती हैं।
ILP Accreditation के अंतर्गत प्रत्येक केंद्र के पास विस्तृत नीति दस्तावेज होना आवश्यक है।
समग्र नीति पुस्तिका (Comprehensive Policy Manual)
इसमें निम्नलिखित विषय शामिल होने चाहिए—
- बाल संरक्षण (Child Protection)
- Safeguarding Policy
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
- समावेशन एवं विविधता
- पोषण एवं खाद्य सुरक्षा
- व्यवहार प्रबंधन
- शिक्षण एवं पाठ्यक्रम
- कर्मचारियों की नियुक्ति
- अभिभावक सहभागिता
- शिकायत निवारण
- आपातकालीन प्रबंधन
- गोपनीयता
- डेटा सुरक्षा
नीतियों का क्रियान्वयन (Implementation of Policies)
केवल नीति बनाना पर्याप्त नहीं है।
ILP Accreditation यह भी सुनिश्चित करती है कि—
- सभी कर्मचारियों को नीतियों का प्रशिक्षण दिया जाए।
- नीतियाँ व्यवहार में लागू हों।
- अभिभावकों को उनकी जानकारी उपलब्ध हो।
- नियमित रूप से अनुपालन की समीक्षा की जाए।
नीतियों की नियमित समीक्षा (Policy Review)
सभी नीतियों की कम-से-कम वर्ष में एक बार समीक्षा की जानी चाहिए।
यदि—
- नए कानून लागू हों,
- नई शोध उपलब्ध हो,
- सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएँ बदलें,
- या संस्था में सुधार की आवश्यकता हो,
तो नीतियों को अद्यतन किया जाना चाहिए।
2.5 वित्तीय संसाधन एवं स्थिरता (Funding and Financial Sustainability)
उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा एवं देखभाल के लिए वित्तीय स्थिरता अत्यंत आवश्यक है।
ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि केंद्र आर्थिक रूप से मजबूत एवं दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ हो।
पारदर्शी शुल्क प्रणाली
अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए—
- शुल्क कितना है।
- शुल्क में कौन-कौन सी सेवाएँ शामिल हैं।
- अतिरिक्त शुल्क किस उद्देश्य से लिया जाएगा।
वित्तीय योजना
संस्थान के पास दीर्घकालिक वित्तीय योजना होनी चाहिए, जिसमें—
- भविष्य का बजट
- संसाधनों का विकास
- रखरखाव
- कर्मचारियों का प्रशिक्षण
- बच्चों की सीखने की सामग्री
- गुणवत्ता सुधार
के लिए पर्याप्त प्रावधान हो।
धन का नैतिक उपयोग
सभी वित्तीय संसाधनों का उपयोग संस्था के मिशन एवं बच्चों के सर्वोत्तम हितों के अनुरूप किया जाना चाहिए।
2.6 मानव संसाधन – गुणवत्ता की आधारशिला (Human Resources – The Heart of Quality Care)
किसी भी प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र की सबसे बड़ी शक्ति उसके कर्मचारी होते हैं।
उनकी योग्यता, व्यवहार, प्रशिक्षण एवं समर्पण सीधे बच्चों के अनुभव एवं विकास को प्रभावित करते हैं।
भर्ती एवं सत्यापन (Recruitment and Vetting)
सभी कर्मचारियों की नियुक्ति पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए।
इसमें शामिल हैं—
- योग्यता का सत्यापन
- अनुभव का मूल्यांकन
- संदर्भ जाँच (Reference Check)
- पुलिस सत्यापन / Background Verification
- व्यक्तिगत साक्षात्कार
- बच्चों के साथ कार्य करने की उपयुक्तता का मूल्यांकन
योग्यता एवं स्टाफ अनुपात (Qualifications and Staff Ratios)
सभी शिक्षकों एवं देखभालकर्ताओं को निर्धारित शैक्षणिक योग्यताएँ पूरी करनी होंगी।
बच्चों एवं कर्मचारियों का अनुपात हर समय निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
जहाँ संभव हो, ILP Accreditation न्यूनतम कानूनी मानकों से भी बेहतर अनुपात को प्रोत्साहित करती है।
प्रारंभिक प्रशिक्षण एवं सतत व्यावसायिक विकास (Induction and Continuous Professional Development – CPD)
प्रत्येक कर्मचारी के लिए—
- प्रारंभिक अभिमुखीकरण (Induction)
- नियमित प्रशिक्षण
- बाल विकास
- आधुनिक शिक्षण पद्धतियाँ
- सुरक्षा एवं संरक्षण
- समावेशी शिक्षा
- प्राथमिक उपचार (First Aid)
- नेतृत्व विकास
जैसे विषयों पर निरंतर प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।
कर्मचारी कल्याण एवं पर्यवेक्षण (Staff Wellbeing and Supervision)
SDAB का मानना है—
“एक संतुष्ट एवं समर्थ शिक्षक ही बच्चों की सर्वोत्तम देखभाल कर सकता है।”
इसलिए संस्थान को—
- स्वस्थ कार्य वातावरण
- उचित वेतन एवं सुविधाएँ
- मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- नियमित मार्गदर्शन
- पेशेवर सहयोग
- निष्पक्ष कार्य संस्कृति
प्रदान करनी चाहिए।
प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Management)
प्रत्येक कर्मचारी का नियमित एवं निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
इसका उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि—
- कौशल विकास,
- उत्कृष्ट कार्य को प्रोत्साहन,
- प्रशिक्षण की आवश्यकता की पहचान,
- तथा निरंतर गुणवत्ता सुधार
सुनिश्चित करना है।
अध्याय 2 का सार
In Loco Parentis Accreditation का यह अध्याय स्पष्ट करता है कि उत्कृष्ट प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केवल अच्छे शिक्षकों से ही संभव नहीं होती, बल्कि इसके लिए मजबूत प्रशासन, पारदर्शी शासन, सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण, प्रभावी नीतियाँ, वित्तीय स्थिरता तथा प्रशिक्षित एवं समर्पित मानव संसाधन का समन्वित होना आवश्यक है।
इन छह आधारभूत स्तंभों के माध्यम से SDAB यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त केंद्र बच्चों के लिए एक सुरक्षित, उत्तरदायी, समावेशी एवं उच्च गुणवत्ता वाला शिक्षण एवं देखभाल वातावरण प्रदान करे।
अध्याय 3 : मान्यता के प्रमुख स्तंभ – संचालन एवं कार्यक्रम संबंधी मानक
(The Pillars of Accreditation – Operational and Programmatic Standards)
इस अध्याय में उन मानकों का वर्णन किया गया है जो किसी प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र (Early Education & Child Care Centre – EECCC) के दैनिक संचालन, शिक्षण पद्धति, सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा परिवारों के साथ सहभागिता को निर्धारित करते हैं। ये मानक यह सुनिश्चित करते हैं कि केंद्र की नीतियाँ केवल दस्तावेज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक बच्चे के दैनिक अनुभव में प्रभावी रूप से दिखाई दें।
3.1 स्थान, भवन डिज़ाइन एवं प्रवेश नियंत्रण
(Location, Architectural Design and Access Control)
उपयुक्त स्थान (Location)
प्रत्येक केंद्र ऐसे स्थान पर स्थापित होना चाहिए जहाँ बच्चों की सुरक्षा, पहुँच तथा समग्र विकास सुनिश्चित हो।
स्थान का चयन करते समय निम्नलिखित बातों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए—
- सुरक्षित एवं शांत वातावरण
- यातायात से न्यूनतम जोखिम
- प्रदूषण एवं शोर का कम स्तर
- आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता
- अभिभावकों के लिए सुगम पहुँच
- स्थानीय समुदाय के अनुरूप उपयुक्त वातावरण
भवन एवं वास्तु डिज़ाइन (Architectural Design – Indoor & Outdoor)
भवन का डिज़ाइन बच्चों की आयु, सुरक्षा एवं विकासात्मक आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
इसमें निम्नलिखित विशेषताएँ अपेक्षित हैं—
- बच्चों के अनुकूल फर्नीचर एवं उपकरण
- पर्याप्त प्राकृतिक प्रकाश एवं वायु संचार
- सभी गतिविधियों के लिए स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित क्षेत्र
- कक्षाओं के बीच सुरक्षित आवागमन
- प्रशिक्षकों के लिए बच्चों पर निरंतर निगरानी की सुविधा
- गैर-विषैले (Non-Toxic) एवं सुरक्षित निर्माण सामग्री
- दिव्यांग बच्चों के लिए सुगम (Accessible) डिज़ाइन
- सीखने, खेलने एवं विश्राम के लिए संतुलित स्थान
बाहरी खेल क्षेत्र (Outdoor Learning Environment)
बाहरी खेल क्षेत्र केवल मनोरंजन का स्थान नहीं बल्कि सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम होना चाहिए।
इसमें निम्नलिखित सुविधाएँ उपलब्ध हों—
- सुरक्षित खेल उपकरण
- प्राकृतिक वातावरण
- बागवानी एवं प्रकृति आधारित गतिविधियाँ
- संतुलन एवं समन्वय विकसित करने वाले उपकरण
- रेत एवं जल खेल (Sand & Water Play)
- शारीरिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त खुला स्थान
- खोज एवं प्रयोग आधारित खेल
प्रवेश नियंत्रण एवं सुरक्षा (Access Control and Security)
प्रत्येक केंद्र में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इसके लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएँ आवश्यक हैं—
- सुरक्षित चारदीवारी
- नियंत्रित प्रवेश एवं निकास द्वार
- आगंतुक पंजीकरण प्रणाली
- CCTV (जहाँ लागू हो)
- अधिकृत अभिभावकों द्वारा ही बच्चों को ले जाने की व्यवस्था
- बच्चों के बिना अनुमति परिसर से बाहर जाने पर पूर्ण प्रतिबंध
- आपातकालीन सुरक्षा योजना
सुरक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो बच्चों की रक्षा करे, लेकिन केंद्र का वातावरण भयमुक्त एवं स्वागतपूर्ण बना रहे।
3.2 उपकरण, शिक्षण संसाधन एवं रखरखाव
(Equipment, Resources and Maintenance)
सुरक्षित एवं उपयुक्त उपकरण
केंद्र में उपलब्ध सभी उपकरण—
- आयु के अनुरूप
- सुरक्षित
- मजबूत
- स्वच्छ
- प्रमाणित
- अच्छी स्थिति में
होने चाहिए।
इनमें शामिल हैं—
- खिलौने
- फर्नीचर
- खेल उपकरण
- शिक्षण सामग्री
- पुस्तकें
- कला सामग्री
- डिजिटल संसाधन (यदि उपलब्ध हों)
विविध शिक्षण संसाधन
बच्चों के समग्र विकास के लिए विविध प्रकार की शिक्षण सामग्री उपलब्ध होनी चाहिए, जैसे—
- ब्लॉक्स
- पहेलियाँ
- विज्ञान गतिविधियाँ
- संगीत वाद्य
- कहानी पुस्तकें
- कला एवं हस्तशिल्प सामग्री
- गणितीय शिक्षण सामग्री
- भाषा विकास सामग्री
- कल्पनाशील खेल (Pretend Play) सामग्री
इन संसाधनों का उद्देश्य बच्चों में—
- रचनात्मकता
- समस्या समाधान
- भाषा विकास
- सामाजिक कौशल
- जिज्ञासा
- स्वतंत्र सोच
का विकास करना है।
रखरखाव (Maintenance)
केंद्र में नियमित रखरखाव प्रणाली होनी चाहिए।
इसमें शामिल हैं—
- भवन निरीक्षण
- विद्युत व्यवस्था की जाँच
- खेल उपकरणों का निरीक्षण
- फर्नीचर की मरम्मत
- स्वच्छता निरीक्षण
- सुरक्षा उपकरणों का परीक्षण
- क्षतिग्रस्त सामग्री का तत्काल प्रतिस्थापन
रखरखाव केवल समस्या आने पर नहीं बल्कि निर्धारित समयानुसार किया जाना चाहिए।
3.3 डे-केयर कार्यक्रम (Day-Care Programme – Curriculum & Pedagogy)
यह किसी भी बाल देखभाल केंद्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
ILP Accreditation यह सुनिश्चित करती है कि शिक्षण कार्यक्रम बच्चों के समग्र विकास पर आधारित हो।
शैक्षणिक दर्शन (Educational Philosophy)
प्रत्येक केंद्र के पास स्पष्ट शैक्षणिक दृष्टिकोण होना चाहिए।
यह निम्नलिखित में से किसी या एकाधिक दृष्टिकोणों पर आधारित हो सकता है—
- खेल आधारित शिक्षा (Play-Based Learning)
- Montessori
- Reggio Emilia
- Inquiry Based Learning
- अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning)
- समेकित (Integrated) शिक्षण
लेकिन प्रत्येक स्थिति में शिक्षा का केंद्र बच्चा होना चाहिए।
बच्चा-केंद्रित एवं खेल आधारित शिक्षा
बच्चे खेल के माध्यम से सबसे प्रभावी ढंग से सीखते हैं।
इसलिए कार्यक्रम में—
- स्वतंत्र खेल
- समूह गतिविधियाँ
- रचनात्मक गतिविधियाँ
- कहानी
- संगीत
- नृत्य
- कला
- प्रकृति आधारित गतिविधियाँ
- खोज एवं प्रयोग
को पर्याप्त स्थान दिया जाना चाहिए।
समग्र विकास (Holistic Development)
पाठ्यक्रम बच्चों के निम्नलिखित सभी विकास क्षेत्रों को संतुलित रूप से प्रोत्साहित करे—
- शारीरिक विकास
- संज्ञानात्मक विकास
- भाषा विकास
- सामाजिक विकास
- भावनात्मक विकास
- रचनात्मक विकास
- नैतिक एवं मूल्य आधारित विकास
अवलोकन एवं प्रलेखन (Observation and Documentation)
शिक्षकों को प्रत्येक बच्चे के विकास का नियमित अवलोकन करना चाहिए।
इसका उद्देश्य है—
- व्यक्तिगत सीखने की आवश्यकताओं को समझना
- विकास की प्रगति का रिकॉर्ड रखना
- भविष्य की गतिविधियों की योजना बनाना
- अभिभावकों के साथ विकास संबंधी जानकारी साझा करना
दैनिक दिनचर्या एवं परिवर्तन (Routines and Transitions)
दैनिक कार्यक्रम—
- नियमित
- संतुलित
- लचीला
- बच्चों की आयु के अनुरूप
होना चाहिए।
एक गतिविधि से दूसरी गतिविधि में परिवर्तन शांत, सम्मानजनक एवं व्यवस्थित ढंग से कराया जाना चाहिए।
3.4 शिक्षक एवं बच्चों के बीच संवाद (Staff Interactions and Pedagogical Practices)
उच्च गुणवत्ता वाली प्रारंभिक शिक्षा का सबसे महत्वपूर्ण तत्व शिक्षक और बच्चे के बीच संबंध होता है।
स्नेहपूर्ण एवं उत्तरदायी संबंध
शिक्षकों का व्यवहार—
- सम्मानजनक
- संवेदनशील
- धैर्यपूर्ण
- प्रोत्साहन देने वाला
- सहयोगात्मक
होना चाहिए।
बच्चों से सकारात्मक भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।
व्यवहार मार्गदर्शन (Behaviour Guidance)
अनुशासन का उद्देश्य दंड देना नहीं बल्कि बच्चों को उचित व्यवहार सिखाना होना चाहिए।
इसलिए निम्नलिखित तरीकों को प्रोत्साहित किया जाता है—
- सकारात्मक प्रोत्साहन
- पुनर्निर्देशन (Redirection)
- प्राकृतिक परिणाम (Natural Consequences)
- समस्या समाधान
- आत्म-नियंत्रण का विकास
- संवाद आधारित समाधान
शारीरिक दंड, मानसिक उत्पीड़न अथवा अपमानजनक व्यवहार पूर्णतः प्रतिबंधित है।
सीखने में सहयोग (Facilitation of Learning)
शिक्षक केवल ज्ञान देने वाले नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया के सहयात्री (Facilitators) होते हैं।
वे—
- खुले प्रश्न पूछते हैं।
- बच्चों को सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
- प्रयोग एवं खोज को प्रोत्साहित करते हैं।
- बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं।
- सीखने को आनंददायक बनाते हैं।
3.5 सुरक्षा, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य प्रबंधन
(Safety, Hygiene and Health Management)
स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नीतियाँ
प्रत्येक केंद्र के पास लिखित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा नीतियाँ होनी चाहिए।
इनमें शामिल होंगे—
- बीमारी प्रबंधन
- दवा प्रशासन
- एलर्जी प्रबंधन
- सूर्य सुरक्षा
- संक्रमण नियंत्रण
- आपातकालीन प्रबंधन
- अग्नि सुरक्षा
- प्राकृतिक आपदाओं की तैयारी
स्वच्छता व्यवस्था
केंद्र में उच्च स्तर की स्वच्छता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
विशेष रूप से—
- नियमित हाथ धोना
- खिलौनों की सफाई
- कक्षाओं की स्वच्छता
- शौचालयों की सफाई
- भोजन तैयार करने के क्षेत्र की स्वच्छता
- संक्रमण नियंत्रण
पोषण एवं शारीरिक गतिविधि
यदि केंद्र भोजन उपलब्ध कराता है तो—
- संतुलित एवं पौष्टिक भोजन
- सुरक्षित पेयजल
- आयु के अनुसार भोजन
- विशेष आहार आवश्यकताओं का सम्मान
सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बच्चों को प्रतिदिन पर्याप्त शारीरिक गतिविधियों के अवसर भी मिलने चाहिए।
प्राथमिक उपचार एवं आपातकालीन तैयारी
प्रत्येक केंद्र में—
- प्रशिक्षित First Aid कर्मचारी
- CPR प्रशिक्षण प्राप्त स्टाफ
- पूर्ण प्राथमिक उपचार किट
- नियमित आपातकालीन अभ्यास (Mock Drills)
- स्पष्ट निकासी योजना (Evacuation Plan)
होनी चाहिए।
3.6 अभिभावकों एवं परिवारों के साथ साझेदारी
(Partnership with Parents and Families)
ILP Accreditation यह स्वीकार करती है कि बच्चे के प्रथम एवं सबसे महत्वपूर्ण शिक्षक उसके माता-पिता होते हैं।
इसलिए केंद्र एवं परिवार के बीच मजबूत साझेदारी आवश्यक है।
खुला एवं नियमित संवाद
केंद्र को निम्न माध्यमों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए—
- दैनिक बातचीत
- प्रगति रिपोर्ट
- डिजिटल पोर्टफोलियो
- अभिभावक बैठकें
- समाचार पत्र (Newsletter)
- मोबाइल ऐप (यदि उपलब्ध हो)
परिवार की सहभागिता
अभिभावकों को केंद्र की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
उदाहरण—
- सांस्कृतिक कार्यक्रम
- अभिभावक कार्यशालाएँ
- स्वयंसेवी सहभागिता
- सुझाव एवं प्रतिक्रिया
- विशेष दिवसों का आयोजन
विविधता एवं समावेशन का सम्मान
प्रत्येक परिवार की—
- भाषा
- संस्कृति
- परंपराएँ
- धार्मिक विश्वास
- पारिवारिक संरचना
का सम्मान किया जाना चाहिए।
केंद्र को ऐसा वातावरण विकसित करना चाहिए जहाँ सभी परिवार स्वयं को समान रूप से सम्मानित एवं स्वागतयोग्य महसूस करें।
अध्याय 3 का सार
इस अध्याय में वर्णित संचालन एवं कार्यक्रम संबंधी मानक यह सुनिश्चित करते हैं कि In Loco Parentis Accreditation केवल प्रशासनिक उत्कृष्टता तक सीमित न रहकर बच्चों के दैनिक अनुभव, सीखने की गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षक-बाल संबंध तथा परिवारों की सहभागिता को भी सर्वोच्च स्तर तक पहुँचाए।
एक मान्यता प्राप्त केंद्र वह है जहाँ सुरक्षित वातावरण, प्रेरणादायक शिक्षा, सम्मानपूर्ण संबंध, प्रभावी स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रबंधन तथा परिवारों के साथ सक्रिय सहयोग मिलकर प्रत्येक बच्चे के समग्र विकास का आधार बनते हैं।
अध्याय 4 : मान्यता प्रक्रिया – कठोरता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता
(The Accreditation Process – Rigor and Objectivity)
SDAB In Loco Parentis (ILP) Accreditation की विश्वसनीयता उसकी सुव्यवस्थित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया पर आधारित है। SDAB मान्यता प्रदान करते समय ISO 17011 की कार्यप्रणाली, सिद्धांतों एवं कठोरता के अनुरूप कार्य करता है, जिससे प्रत्येक मूल्यांकन निष्पक्ष, सुसंगत एवं अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित होता है।
मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया केवल एक निरीक्षण नहीं है, बल्कि यह एक सतत गुणवत्ता सुधार यात्रा है, जो संस्थान को आत्ममूल्यांकन, सुधार एवं उत्कृष्टता की दिशा में अग्रसर करती है।
4.1 मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया (The Journey to Accreditation)
चरण 1 : प्रारंभिक संपर्क एवं स्व-मूल्यांकन (Enquiry and Self-Assessment)
मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया केंद्र द्वारा SDAB से संपर्क करने के साथ प्रारंभ होती है।
रुचि व्यक्त करने के पश्चात केंद्र को In Loco Parentis Standard Manual उपलब्ध कराया जाता है, जिसमें सभी मानकों एवं आवश्यकताओं का विस्तृत विवरण होता है।
इसके बाद संस्था स्वयं का व्यापक मूल्यांकन करती है, जिसमें—
- वर्तमान कार्यप्रणाली की समीक्षा
- नीतियों का मूल्यांकन
- सुरक्षा व्यवस्था की जाँच
- मानव संसाधनों का विश्लेषण
- आधारभूत संरचना का निरीक्षण
- गुणवत्ता मानकों के साथ तुलना
की जाती है।
इस स्व-मूल्यांकन का उद्देश्य संस्था की वर्तमान स्थिति, उसकी शक्तियों एवं सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्रों की पहचान करना है।
चरण 2 : SDAB अनुमोदित समाधान सहयोगी (Solution Partner) की सहायता
आवश्यकतानुसार केंद्र SDAB द्वारा अनुमोदित समाधान सहयोगी (Approved Solution Partner) की सेवाएँ प्राप्त कर सकता है।
ये विशेषज्ञ निम्नलिखित कार्यों में सहायता प्रदान करते हैं—
- Gap Analysis (अंतर विश्लेषण)
- मानकों की समझ
- नीति निर्माण
- दस्तावेज़ तैयार करना
- कर्मचारियों का प्रशिक्षण
- गुणवत्ता सुधार योजना
- ILP Standard का प्रभावी क्रियान्वयन
महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सहयोगी केवल परामर्श देते हैं। अंतिम मूल्यांकन एवं मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं होती, जिससे निष्पक्षता बनी रहती है।
चरण 3 : औपचारिक आवेदन (Formal Application)
जब संस्था स्वयं को तैयार समझती है, तब वह SDAB के समक्ष औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करती है।
आवेदन के साथ निम्नलिखित दस्तावेज़ संलग्न किए जाते हैं—
- स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट
- नीति पुस्तिका
- संगठनात्मक संरचना
- कानूनी दस्तावेज़
- कर्मचारियों की जानकारी
- प्रशिक्षण अभिलेख
- सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज़
- अन्य आवश्यक प्रमाण
चरण 4 : दस्तावेज़ों की समीक्षा (Documentation Review)
SDAB के विशेषज्ञ आवेदन के साथ प्रस्तुत सभी दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करते हैं।
इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि—
- सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।
- नीतियाँ निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं।
- संस्था प्रारंभिक रूप से मान्यता प्रक्रिया के लिए तैयार है।
- ऑन-साइट मूल्यांकन के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध है।
यदि आवश्यक हो तो संस्था से अतिरिक्त जानकारी अथवा स्पष्टीकरण भी माँगा जा सकता है।
चरण 5 : स्थल पर मूल्यांकन (On-Site Assessment)
यह मान्यता प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।
SDAB द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता (Assessors) केंद्र का प्रत्यक्ष निरीक्षण करते हैं।
आमतौर पर मूल्यांकन दल में—
- प्रारंभिक शिक्षा विशेषज्ञ
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विशेषज्ञ
- गुणवत्ता प्रबंधन विशेषज्ञ
शामिल होते हैं।
मूल्यांकन एक से तीन दिनों तक चल सकता है, जो केंद्र के आकार एवं गतिविधियों पर निर्भर करता है।
(क) प्रत्यक्ष अवलोकन (Observation)
मूल्यांकनकर्ता बच्चों एवं शिक्षकों की दैनिक गतिविधियों का शांत एवं निष्पक्ष अवलोकन करते हैं।
वे विशेष रूप से देखते हैं—
- बच्चों एवं शिक्षकों के बीच संवाद
- शिक्षण गतिविधियाँ
- खेल आधारित शिक्षा
- सुरक्षा व्यवस्था
- स्वच्छता
- दिनचर्या
- बच्चों की सहभागिता
- कक्षा का वातावरण
(ख) साक्षात्कार (Interviews)
मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान विभिन्न हितधारकों से बातचीत की जाती है।
इनमें शामिल हैं—
- निदेशक
- प्रबंधन
- शिक्षक
- सहायक कर्मचारी
- अभिभावक
- आवश्यकता होने पर अन्य संबंधित व्यक्ति
इसका उद्देश्य यह समझना होता है कि नीतियाँ वास्तव में व्यवहार में किस प्रकार लागू की जा रही हैं।
(ग) भवन एवं सुविधाओं का निरीक्षण (Facility Inspection)
मूल्यांकनकर्ता निम्नलिखित का विस्तृत निरीक्षण करते हैं—
- भवन
- कक्षाएँ
- खेल क्षेत्र
- शौचालय
- रसोई
- सुरक्षा उपकरण
- प्राथमिक उपचार व्यवस्था
- अग्नि सुरक्षा
- सफाई व्यवस्था
- उपकरणों की गुणवत्ता
- रखरखाव प्रणाली
(घ) साक्ष्यों का सत्यापन (Evidence Verification)
केवल दस्तावेज़ों के आधार पर निर्णय नहीं लिया जाता।
मूल्यांकनकर्ता यह सुनिश्चित करते हैं कि—
- लिखित नीतियाँ व्यवहार में लागू हैं।
- कर्मचारी उन्हें समझते हैं।
- बच्चों को वास्तविक लाभ मिल रहा है।
- सुरक्षा एवं गुणवत्ता प्रणाली प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।
चरण 6 : मूल्यांकन रिपोर्ट एवं निर्णय (Assessment Report and Accreditation Decision)
मूल्यांकन पूर्ण होने के पश्चात विशेषज्ञ टीम विस्तृत रिपोर्ट तैयार करती है।
इस रिपोर्ट में शामिल होते हैं—
- मानकों के अनुरूप पाए गए क्षेत्र
- सुधार की आवश्यकता वाले क्षेत्र
- लघु (Minor) गैर-अनुपालन
- प्रमुख (Major) गैर-अनुपालन
- गुणवत्ता सुधार हेतु सुझाव
- समग्र निष्कर्ष
अंतिम निर्णय SDAB की स्वतंत्र निर्णय समिति द्वारा लिया जाता है।
संभावित निर्णय—
1. पूर्ण मान्यता (Accreditation Granted)
जब संस्था सभी आवश्यक मानकों को संतोषजनक रूप से पूरा करती है।
2. शर्तों सहित मान्यता (Accreditation Granted with Conditions)
जब कुछ लघु सुधार अपेक्षित हों।
संस्था को निर्धारित समय के भीतर आवश्यक सुधार प्रस्तुत करने होते हैं।
3. मान्यता अस्वीकृत (Accreditation Denied)
यदि गंभीर कमियाँ पाई जाती हैं अथवा प्रमुख मानकों का पालन नहीं किया गया हो।
ऐसी स्थिति में संस्था आवश्यक सुधार करने के पश्चात पुनः आवेदन कर सकती है।
चरण 7 : निगरानी एवं पुनः मान्यता (Surveillance and Re-Accreditation)
मान्यता एक निश्चित अवधि (उदाहरणतः 3 से 4 वर्ष) के लिए वैध होती है।
इस अवधि के दौरान SDAB समय-समय पर निगरानी (Surveillance) करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संस्था निरंतर निर्धारित मानकों का पालन कर रही है।
निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर संस्था को पुनः व्यापक मूल्यांकन से गुजरना होता है।
इसे Re-Accreditation कहा जाता है।
4.2 मूल्यांकन प्रक्रिया के मूल सिद्धांत (Principles of the Assessment Process)
1. विशेषज्ञता (Competence)
सभी मूल्यांकनकर्ता—
- प्रशिक्षित
- अनुभवी
- योग्य
- प्रारंभिक शिक्षा के विशेषज्ञ
- गुणवत्ता प्रबंधन की समझ रखने वाले
होते हैं।
उन्हें नियमित रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता बनी रहे।
2. निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता (Impartiality and Independence)
SDAB की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता उसकी स्वतंत्रता है।
मूल्यांकनकर्ता—
- किसी भी प्रकार के हितों के टकराव से मुक्त होते हैं।
- निर्णय केवल उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लेते हैं।
- किसी संस्था के लिए परामर्श एवं मूल्यांकन दोनों कार्य एक साथ नहीं करते।
इससे मूल्यांकन पूर्णतः निष्पक्ष एवं विश्वसनीय रहता है।
3. पारदर्शिता (Transparency)
मान्यता प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती है।
संस्था को—
- मानक पहले से उपलब्ध कराए जाते हैं।
- मूल्यांकन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जाती है।
- विस्तृत रिपोर्ट प्रदान की जाती है।
- सुधार संबंधी सुझाव दिए जाते हैं।
4. सुसंगतता (Consistency)
सभी आवेदकों का मूल्यांकन समान मानकों एवं प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है।
इससे यह सुनिश्चित होता है कि—
- सभी संस्थाओं के साथ समान व्यवहार हो।
- मान्यता का स्तर सभी स्थानों पर एक समान रहे।
- गुणवत्ता का राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समान मूल्य बना रहे।
अध्याय 4 का सार
SDAB In Loco Parentis Accreditation की मान्यता प्रक्रिया केवल निरीक्षण या दस्तावेज़ सत्यापन तक सीमित नहीं है। यह एक व्यापक, व्यवस्थित एवं प्रमाण-आधारित मूल्यांकन प्रणाली है, जिसमें स्व-मूल्यांकन, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, दस्तावेज़ समीक्षा, स्थल निरीक्षण, साक्ष्य सत्यापन, स्वतंत्र निर्णय तथा सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि प्रत्येक मान्यता प्राप्त केंद्र वास्तव में बच्चों के सर्वोत्तम हितों, सुरक्षा, गुणवत्ता एवं समग्र विकास के उच्चतम मानकों का पालन कर रहा है।
ISO 17011 की भावना से प्रेरित यह प्रक्रिया निष्पक्षता, पारदर्शिता, विशेषज्ञता एवं निरंतर सुधार के सिद्धांतों पर आधारित है, जिससे In Loco Parentis Accreditation एक विश्वसनीय एवं प्रतिष्ठित गुणवत्ता मानक के रूप में स्थापित होती है।
अध्याय 5 : In Loco Parentis Accreditation का महत्व एवं लाभ
(The Value Proposition – Why Pursue “In Loco Parentis” Accreditation?)
SDAB In Loco Parentis (ILP) Accreditation केवल एक मान्यता प्रमाणपत्र नहीं है, बल्कि यह गुणवत्ता, सुरक्षा, उत्तरदायित्व एवं उत्कृष्टता के प्रति संस्था की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
यह मान्यता बच्चों, अभिभावकों, प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों (EECCC), शिक्षकों तथा संपूर्ण समाज के लिए अनेक महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करती है।
5.1 अभिभावकों एवं परिवारों के लिए – विश्वास और आश्वासन
(For Parents and Families – Confidence and Trust)
गुणवत्ता का विश्वसनीय प्रमाण
आज के समय में अभिभावकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने बच्चे के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र का चयन करना है।
In Loco Parentis Accreditation अभिभावकों को यह विश्वास प्रदान करती है कि संबंधित केंद्र—
- बच्चों के सर्वोत्तम हितों के प्रति प्रतिबद्ध है।
- उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षा एवं देखभाल मानकों का पालन करता है।
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
- निरंतर गुणवत्ता सुधार के लिए कार्य करता है।
यह प्रमाणन अभिभावकों के लिए एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष गुणवत्ता संकेतक (Quality Indicator) के रूप में कार्य करता है।
बच्चे के सुरक्षित एवं सकारात्मक विकास का विश्वास
अभिभावकों को यह भरोसा मिलता है कि उनके बच्चे को—
- सुरक्षित वातावरण
- प्रेमपूर्ण देखभाल
- प्रेरणादायक शिक्षा
- आनंददायक गतिविधियाँ
- सामाजिक एवं भावनात्मक विकास के अवसर
- सम्मानजनक व्यवहार
- खेल आधारित सीखने का अनुभव
प्राप्त होगा।
इससे परिवारों की मानसिक शांति एवं विश्वास दोनों बढ़ते हैं।
पारदर्शिता एवं संवाद
मान्यता प्राप्त केंद्र अभिभावकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हैं।
उन्हें—
- बच्चों की प्रगति की जानकारी
- दैनिक गतिविधियों की सूचना
- विकास संबंधी रिपोर्ट
- सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
- निर्णय प्रक्रिया में सहभागिता
प्रदान की जाती है।
5.2 प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्रों के लिए – उत्कृष्टता एवं प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त
(For Early Education & Child Care Centres – Differentiation and Excellence)
गुणवत्ता में अग्रणी पहचान
In Loco Parentis Accreditation किसी भी केंद्र को अन्य संस्थानों से अलग पहचान प्रदान करती है।
यह दर्शाती है कि संस्था—
- केवल न्यूनतम कानूनी आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है।
- बल्कि अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्य कर रही है।
इससे केंद्र की प्रतिष्ठा एवं विश्वसनीयता दोनों बढ़ती हैं।
प्रतिस्पर्धात्मक लाभ (Competitive Advantage)
आज गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा की माँग निरंतर बढ़ रही है।
ऐसी स्थिति में ILP Accreditation—
- नए अभिभावकों को आकर्षित करती है।
- संस्था की सार्वजनिक छवि को मजबूत बनाती है।
- बाज़ार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करती है।
- दीर्घकालिक विकास में सहायता करती है।
गुणवत्ता सुधार का व्यवस्थित मार्गदर्शन
यह मान्यता केवल मूल्यांकन नहीं करती बल्कि संस्थान को उत्कृष्टता प्राप्त करने का स्पष्ट मार्ग भी प्रदान करती है।
स्व-मूल्यांकन, बाहरी निरीक्षण एवं विशेषज्ञ सुझावों के माध्यम से संस्था—
- अपनी कमियों की पहचान करती है।
- सुधार योजना बनाती है।
- बेहतर नीतियाँ विकसित करती है।
- सेवाओं की गुणवत्ता निरंतर बढ़ाती है।
कर्मचारियों का विकास एवं प्रेरणा
उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों में कार्य करना प्रत्येक शिक्षक एवं कर्मचारी के लिए गर्व की बात होती है।
मान्यता प्राप्त केंद्र—
- उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करते हैं।
- कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
- व्यावसायिक विकास के अवसर उपलब्ध कराते हैं।
- सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करते हैं।
- कर्मचारियों के मनोबल एवं संतुष्टि में वृद्धि करते हैं।
जोखिम प्रबंधन (Risk Mitigation)
सुदृढ़ नीतियाँ एवं प्रक्रियाएँ संस्था को—
- कानूनी जोखिम
- सुरक्षा जोखिम
- संचालन संबंधी जोखिम
- प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम
से सुरक्षित रखने में सहायता करती हैं।
5.3 बच्चों के लिए – सबसे बड़े लाभार्थी
(For Children – The Ultimate Beneficiaries)
In Loco Parentis Accreditation का सबसे बड़ा लाभ बच्चों को प्राप्त होता है।
उच्च गुणवत्ता वाली प्रारंभिक शिक्षा
बच्चों को ऐसा वातावरण प्राप्त होता है जहाँ—
- सीखना आनंददायक होता है।
- खेल के माध्यम से शिक्षा दी जाती है।
- व्यक्तिगत आवश्यकताओं का सम्मान किया जाता है।
- प्रत्येक बच्चे की क्षमता का विकास किया जाता है।
समग्र विकास
मान्यता प्राप्त केंद्र बच्चों के—
- शारीरिक विकास
- मानसिक विकास
- बौद्धिक विकास
- सामाजिक विकास
- भावनात्मक विकास
- रचनात्मक विकास
- भाषा विकास
- नैतिक विकास
पर समान रूप से ध्यान देते हैं।
सुरक्षा एवं संरक्षण
बच्चों को ऐसा वातावरण मिलता है जहाँ—
- वे सुरक्षित महसूस करते हैं।
- उनकी गरिमा का सम्मान किया जाता है।
- किसी भी प्रकार की हिंसा, उपेक्षा अथवा भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होता।
- उनके अधिकारों की रक्षा की जाती है।
आत्मविश्वास एवं सहभागिता
बच्चों को—
- अपनी बात रखने का अवसर
- निर्णयों में सहभागिता
- स्वतंत्र रूप से सीखने का अवसर
- आत्म-अभिव्यक्ति का अधिकार
प्राप्त होता है।
5.4 समाज एवं राष्ट्र के लिए – उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
(For the Community and Society – A Foundation for the Future)
प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र का स्तर ऊँचा उठाना
जब अधिक संस्थाएँ In Loco Parentis Accreditation प्राप्त करती हैं, तब पूरे प्रारंभिक शिक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता का स्तर बढ़ता है।
इससे—
- स्वस्थ प्रतिस्पर्धा
- बेहतर सेवाएँ
- अधिक उत्तरदायित्व
- बेहतर सुरक्षा
को बढ़ावा मिलता है।
मानव संसाधन में निवेश
अनुसंधानों से यह सिद्ध हो चुका है कि उच्च गुणवत्ता वाली प्रारंभिक शिक्षा—
- भविष्य की शिक्षा में सफलता
- बेहतर सामाजिक व्यवहार
- उच्च उत्पादकता
- स्वस्थ नागरिक
- अपराध में कमी
- आर्थिक विकास
में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
इस प्रकार ILP Accreditation केवल संस्थाओं में ही नहीं बल्कि देश के भविष्य में भी निवेश है।
सामाजिक समानता एवं समावेशन
यह मान्यता प्रत्येक बच्चे को समान अवसर प्रदान करने पर बल देती है।
चाहे बच्चा किसी भी—
- भाषा
- धर्म
- संस्कृति
- आर्थिक पृष्ठभूमि
- सामाजिक वर्ग
- विशेष आवश्यकता
से संबंधित हो, उसे समान सम्मान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होनी चाहिए।
निष्कर्ष : मान्यता से आगे – देखभाल का एक पवित्र संकल्प
(Conclusion – Beyond Accreditation: A Covenant of Care)
SDAB In Loco Parentis Accreditation केवल एक प्रमाणपत्र, चेकलिस्ट अथवा विपणन (Marketing) का साधन नहीं है।
यह उन परिवारों और संस्थाओं के बीच विश्वास का एक पवित्र संकल्प (Covenant) है, जो अपने बच्चों के सर्वोत्तम हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।
यह मान्यता इस सिद्धांत पर आधारित है कि—
“बच्चे की देखभाल केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।”
उत्कृष्टता की संस्कृति
In Loco Parentis Accreditation यह स्वीकार करती है कि उत्कृष्टता संयोगवश प्राप्त नहीं होती।
यह निरंतर—
- आत्ममूल्यांकन
- प्रशिक्षण
- उत्तरदायित्व
- गुणवत्ता सुधार
- नेतृत्व
- नवाचार
के माध्यम से विकसित होती है।
समग्र गुणवत्ता का एकीकृत ढाँचा
ILP Standard निम्नलिखित सभी क्षेत्रों को एकीकृत करता है—
- प्रभावी प्रशासन
- मजबूत नेतृत्व
- योग्य मानव संसाधन
- सुरक्षित एवं प्रेरणादायक वातावरण
- आधुनिक शिक्षण पद्धति
- स्वास्थ्य एवं सुरक्षा
- बाल अधिकार
- परिवारों के साथ सहभागिता
- सतत गुणवत्ता सुधार
अभिभावकों के लिए विश्वास
यह मान्यता अभिभावकों को यह आश्वासन देती है कि उनका बच्चा ऐसे केंद्र में है जहाँ—
- उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- उसकी गरिमा का सम्मान किया जाता है।
- उसे प्रेमपूर्ण एवं उत्तरदायी देखभाल प्राप्त होती है।
- उसके अधिकारों की रक्षा की जाती है।
- उसके समग्र विकास के लिए सर्वोत्तम अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं।
शिक्षकों के लिए प्रेरणा
यह मान्यता शिक्षकों एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट व्यावसायिक मानकों का पालन करने तथा निरंतर सीखने एवं विकसित होने के लिए प्रेरित करती है।
समाज के लिए योगदान
उच्च गुणवत्ता वाली प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक एवं आर्थिक पूंजी होती है।
इसलिए In Loco Parentis Accreditation केवल संस्थानों की गुणवत्ता नहीं बढ़ाती, बल्कि एक ऐसे समाज के निर्माण में योगदान देती है जहाँ प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त हो सके।
अंतिम संदेश
SDAB In Loco Parentis Accreditation एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता रूपरेखा (Quality Framework) है जो “माता-पिता के स्थान पर” कार्य करने की भावना को व्यवहार में परिवर्तित करती है।
यह प्रत्येक मान्यता प्राप्त प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र की यह सार्वजनिक घोषणा है कि—
“हम प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा, गरिमा, अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं।”
इसी प्रतिबद्धता के साथ In Loco Parentis Accreditation उत्कृष्टता, सुरक्षा, विश्वास एवं उत्तरदायित्व का एक सशक्त वैश्विक मानक बनकर उभरती है।
शाखाएँ एवं संपर्क विवरण (Branches & Contact Details)
SDAB मुख्यालय (Head Office)
सनातन धर्मा एक्रिडिटेशन बोर्ड (SDAB)
SDAB House
C/O Mr. Garry
54, Glengarnock Avenue,
E-14 3BP, Isle of Dogs, London, United Kingdom
दूरभाष (Tel.): +44-8369083940
ई-मेल: info@sanatanboards.com
वेबसाइट: www.sanatanboards.in
मुंबई मुख्य कार्यालय (Mumbai Head Office)
सनातन धर्मा एक्रिडिटेशन बोर्ड (SDAB)
SDAB House
B-401, New Om Kaveri CHS. Ltd.,
Nagindas Pada,
शिवसेना कार्यालय के समीप,
नालासोपारा (पूर्व), महाराष्ट्र, भारत
दूरभाष (Tel.): +91-7499991895
ई-मेल: info@sanatanboards.com
वेबसाइट: www.sanatanboards.in
दिल्ली–एनसीआर पंजीकृत कार्यालय (Delhi–NCR Registered Office)
सनातन धर्मा एक्रिडिटेशन बोर्ड (SDAB)
SDAB House
आसावटी (Asaoti), जिला पलवल,
फरीदाबाद – दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, भारत
दूरभाष (Tel.): +91-7979801035
फैक्स (Fax): +91-250 2341170
वेबसाइट: www.sanatanboards.in
SDAB – उत्कृष्टता, सुरक्षा एवं विश्वास का वैश्विक मानक
SDAB (Sanatan Dharma Accreditation Board) प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल संस्थानों में गुणवत्ता, सुरक्षा, सुशासन, नैतिकता तथा बाल अधिकारों पर आधारित उत्कृष्ट मानकों को स्थापित करने के लिए समर्पित एक स्वतंत्र एवं तृतीय-पक्ष मान्यता प्रदान करने वाली संस्था है।
In Loco Parentis (ILP) Accreditation के माध्यम से SDAB ऐसे संस्थानों को मान्यता प्रदान करता है जो बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, सम्मान एवं समग्र विकास के उच्चतम मानकों का निरंतर पालन करते हैं।
हमारा उद्देश्य (Our Mission)
- प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना।
- बच्चों के अधिकारों एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना।
- संस्थानों में सतत गुणवत्ता सुधार की संस्कृति विकसित करना।
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विश्वसनीय मान्यता प्रणाली उपलब्ध कराना।
- अभिभावकों, शिक्षकों एवं समाज में विश्वास स्थापित करना।
हमारा दृष्टिकोण (Our Vision)
“ऐसा सुरक्षित, समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा वातावरण विकसित करना, जहाँ प्रत्येक बच्चा सम्मान, संरक्षण, प्रेम एवं उत्कृष्ट शिक्षा प्राप्त कर अपने पूर्ण सामर्थ्य तक विकसित हो सके।”
हमारे मूल मूल्य (Our Core Values)
- बाल सर्वोपरि (Child First)
- गुणवत्ता (Quality)
- सुरक्षा (Safety)
- नैतिकता (Integrity)
- उत्तरदायित्व (Accountability)
- पारदर्शिता (Transparency)
- सतत सुधार (Continuous Improvement)
- समावेशन (Inclusion)
- नवाचार (Innovation)
समापन संदेश
In Loco Parentis Accreditation केवल एक मान्यता नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक जिम्मेदार एवं नैतिक प्रतिबद्धता है।
जब कोई प्रारंभिक शिक्षा एवं बाल देखभाल केंद्र SDAB In Loco Parentis Accreditation प्राप्त करता है, तो वह यह सार्वजनिक रूप से घोषित करता है कि—
“हम प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हित, उसकी सुरक्षा, गरिमा, अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के प्रति पूर्णतः समर्पित हैं तथा उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों का निरंतर पालन करेंगे।”
संपर्क करें
Sanatan Dharma Accreditation Board (SDAB)
🌐 वेबसाइट: www.sanatanboards.in
📧 ई-मेल: info@sanatanboards.com
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