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उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए क्षमता संबंधी आवश्यकताएँ

उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए क्षमता संबंधी आवश्यकताएँ

परिचय, उद्देश्य एवं प्रमाणन निकायों की मूलभूत आवश्यकताएँ

उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए क्षमता संबंधी आवश्यकताएँ

आवेदन करने वाले प्रत्येक प्रमाणन निकाय (Certification Body – CB) के लिए मूलभूत आवश्यकता यह है कि वह ISO/IEC 17021 के सभी प्रासंगिक प्रावधानों को पूरा करता हो।

अनेक मामलों में यह संभव होता है कि कोई प्रमाणन निकाय यह प्रदर्शित कर दे कि उसने मानक की तकनीकी आवश्यकताओं का पालन किया है, किन्तु उसके प्रबंधन प्रणाली (Management System) के वास्तविक कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण कमियाँ मौजूद हों। केवल दस्तावेज़ तैयार कर लेना पर्याप्त नहीं है; यह भी आवश्यक है कि प्रमाणन निकाय अपनी प्रक्रियाओं को प्रभावी रूप से लागू करे और प्रमाणन व्यवसाय के भीतर उचित क्षमता (Competence), योग्यता (Capability), कौशल (Skill) तथा पेशेवर दक्षता (Professional Expertise) का प्रदर्शन करे।


परामर्श (Consultancy) और प्रमाणन (Certification) के मध्य अंतर

वर्तमान समय में अनेक परामर्शदाता संस्थाओं (Consultancies) ने प्रमाणन सेवाएँ प्रदान करने के व्यावसायिक अवसरों को पहचानते हुए इस क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया है।

यद्यपि परामर्श और प्रमाणन दोनों क्षेत्रों में कुछ तकनीकी ज्ञान, अनुभव एवं विशेषज्ञता समान हो सकती है, फिर भी दोनों की प्रकृति, उद्देश्य तथा उत्तरदायित्व पूर्णतः भिन्न हैं।

परामर्शदाता का मुख्य उद्देश्य ग्राहक को सलाह देना, उसका मार्गदर्शन करना तथा उसकी प्रबंधन प्रणाली को विकसित करने में सहायता प्रदान करना होता है।

इसके विपरीत, प्रमाणन निकाय का दायित्व किसी संगठन की प्रबंधन प्रणाली का स्वतंत्र (Independent), निष्पक्ष (Impartial) तथा वस्तुनिष्ठ (Objective) मूल्यांकन करना होता है, जिससे यह निर्धारित किया जा सके कि वह संबंधित अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुरूप है या नहीं।

इस कारण से परामर्शदाता के लिए आवश्यक सभी कौशल प्रमाणन निकाय के लिए उपयुक्त नहीं होते, और प्रमाणन के लिए आवश्यक सभी दक्षताएँ परामर्श कार्य में आवश्यक नहीं होतीं। दोनों क्षेत्रों में कुछ समानताएँ अवश्य हैं, किन्तु उनकी कार्यशैली, नैतिक उत्तरदायित्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है।

इसी कारण उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए कुछ विशेष आवश्यकताओं का निर्धारण किया गया है।


उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए अनिवार्य आवश्यकताएँ

उम्मीदवार प्रमाणन निकायों को निम्नलिखित आवश्यकताओं का पालन करना अनिवार्य होगा—

• व्यक्तिगत अनुभव, क्षमता एवं कौशल का प्रदर्शन

उम्मीदवारों को यह प्रदर्शित करना होगा कि उनके पास पर्याप्त व्यक्तिगत अनुभव, योग्यता, क्षमता, कौशल तथा व्यावसायिक दक्षता उपलब्ध है।


• गुण, ज्ञान एवं कौशल का मूल्यांकन

उम्मीदवारों के व्यक्तिगत गुणों, ज्ञान तथा कौशल का मूल्यांकन ISO/IEC 17021-2 की तालिका 1 (Table 1) के आधार पर किया जाएगा। (इस दस्तावेज़ में संदर्भ हेतु तालिका 1 सम्मिलित है।)


• 110 माह का सामूहिक व्यावसायिक अनुभव

आवेदन की तिथि तक प्रमाणन निकाय को यह प्रदर्शित करना होगा कि उसके पास प्रमाणन व्यवसाय में वरिष्ठ स्तर (Senior Level) पर कुल मिलाकर 110 माह (110 Months) का व्यावसायिक अनुभव उपलब्ध है।

इस अनुभव का मूल्यांकन आवेदन प्रपत्र (सामान्यतः ASL(F)2) में प्रस्तुत जानकारी के आधार पर किया जाएगा।

यदि किसी उम्मीदवार को इस बात में संदेह हो कि कौन-सा अनुभव “व्यावसायिक प्रमाणन अनुभव” की श्रेणी में स्वीकार किया जाएगा, तो आवेदन प्रस्तुत करने से पूर्व SDAB से मार्गदर्शन प्राप्त करना उचित होगा।


• एक व्यक्ति का योगदान 45% से अधिक नहीं होगा

110 माह के कुल अनुभव में किसी एक व्यक्ति का योगदान 45 प्रतिशत से अधिक स्वीकार नहीं किया जाएगा।

यह प्रावधान इस उद्देश्य से बनाया गया है कि प्रमाणन निकाय केवल एक व्यक्ति के अनुभव पर निर्भर न रहे, बल्कि उसके पास अनुभवी एवं सक्षम पेशेवरों की सामूहिक टीम उपलब्ध हो।


• दस्तावेज़ों की गुणवत्ता एवं मौलिकता

सभी प्रस्तुत दस्तावेज़ उच्च स्तर की व्यावसायिक गुणवत्ता के होने चाहिए तथा वे उम्मीदवार प्रमाणन निकाय का स्वयं का मौलिक कार्य होने चाहिए।

SDAB निम्नलिखित बिंदुओं को विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानता है—

  • साहित्यिक चोरी (Plagiarism) पूर्णतः निषिद्ध है।
  • किसी अन्य संस्था या संगठन के नाम वाले दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जाने चाहिए।
  • सभी इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ों में उचित दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control) होना चाहिए, जिसमें दस्तावेज़ का नाम, दस्तावेज़ संख्या, संशोधन स्थिति (Revision Status) अथवा संस्करण (Version) स्पष्ट रूप से अंकित हो।

• आवेदन हेतु आवश्यक तीन प्रमुख तत्व

उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि आवेदन के लिए मुख्य रूप से केवल निम्नलिखित तीन प्रकार के साक्ष्य अपेक्षित हैं—

1. प्रबंधन प्रणाली का दस्तावेज़ीकरण

ऐसे दस्तावेज़ जो यह प्रदर्शित करें कि उम्मीदवार का प्रबंधन प्रणाली ढाँचा ISO/IEC 17021 के अनुरूप स्थापित किया गया है।

2. प्रबंधन प्रणाली के कार्यान्वयन के अभिलेख

ऐसे रिकॉर्ड जो यह प्रमाणित करें कि प्रबंधन प्रणाली केवल दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसका वास्तविक कार्यान्वयन भी किया जा रहा है।

3. कर्मचारियों की क्षमता

कर्मचारियों की क्षमता के संदर्भ में निम्नलिखित बिंदुओं का मूल्यांकन विशेष रूप से किया जाएगा—

  • ISO/IEC 17021 तथा इस दस्तावेज़ की तालिका 1 के अनुसार व्यक्तियों के गुण एवं विशेषताएँ।
  • जीवन-वृत्त (Curriculum Vitae – CV) तथा आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता एवं सत्यता।
  • सभी CV तथा आवेदन प्रपत्रों की पूर्णता एवं सटीकता।

क्षमता एवं सत्यनिष्ठा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक रूपरेखा

1.0 परिचय : प्रदर्शनीय क्षमता की अनिवार्यता

वैश्विक बाज़ार में गुणवत्ता प्रबंधन (ISO 9001), पर्यावरण प्रबंधन (ISO 14001), सूचना सुरक्षा (ISO 27001) तथा अन्य प्रबंधन प्रणालियों के अनुपालन की पुष्टि के लिए तृतीय-पक्ष प्रमाणन (Third-Party Certification) पर व्यापक विश्वास किया जाता है।

इस विश्वास के कारण प्रमाणन निकायों पर अत्यंत महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व आ जाता है।

इन निकायों के संचालन के लिए मूल अंतरराष्ट्रीय मानक ISO/IEC 17021-1 – “Conformity Assessment – Requirements for Bodies Providing Audit and Certification of Management Systems” है।

यद्यपि यह मानक प्रमाणन निकायों के संचालन हेतु एक सुदृढ़ एवं व्यापक ढाँचा प्रदान करता है, व्यवहार में प्रायः एक महत्वपूर्ण समस्या सामने आती है। अनेक बार कोई संगठन दस्तावेज़ों के आधार पर यह प्रदर्शित कर देता है कि वह मानक की सभी आवश्यकताओं का पालन करता है, किन्तु वास्तविक संचालन, कार्यान्वयन तथा संगठनात्मक संस्कृति में उन आवश्यकताओं का प्रभावी अनुपालन दिखाई नहीं देता।

दस्तावेज़ों में लिखी गई प्रक्रियाओं और वास्तविक कार्यप्रणाली के बीच यह अंतर प्रमाणन प्रणाली की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकता है।

इसी कारण यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रमाणन निकाय केवल प्रक्रियात्मक अनुपालन ही न दिखाएँ, बल्कि वे अपने कार्यों में उच्च स्तर की पेशेवर क्षमता, तकनीकी विशेषज्ञता, नैतिक निष्पक्षता तथा क्षेत्र-विशेष की दक्षता का भी वास्तविक प्रदर्शन करें।

इसी उद्देश्य से Specific Discipline Accreditation Body (SDAB) ने उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए अतिरिक्त एवं अधिक कठोर क्षमता संबंधी आवश्यकताओं का निर्धारण किया है, ताकि केवल वही संस्थाएँ मान्यता प्राप्त कर सकें जो न केवल मानकों का अनुपालन करती हों, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी उत्कृष्टता, विश्वसनीयता तथा निष्पक्षता का प्रदर्शन करती हों।

परामर्श (Consultancy) और प्रमाणन (Certification) के मध्य अंतर तथा उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए मुख्य पूर्वापेक्षाएँ

2.0 परामर्श (Consultancy) और प्रमाणन (Certification) के बीच स्पष्ट अंतर: एक आवश्यक विभाजन

प्रबंधन प्रणाली मानकों (Management System Standards) के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ ऐसी परामर्शदाता संस्थाओं (Consultancies) की संख्या भी बढ़ी है जो संगठनों को इन मानकों के अनुरूप अपनी प्रबंधन प्रणालियाँ विकसित एवं लागू करने में सहायता प्रदान करती हैं। इसी के साथ अनेक परामर्श संस्थाओं ने प्रमाणन सेवाएँ (Certification Services) प्रदान करने की व्यावसायिक संभावनाओं को भी पहचाना है और इस क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास किया है।

यद्यपि परामर्श और प्रमाणन दोनों में तकनीकी ज्ञान, मानकों की समझ तथा उद्योग-विशिष्ट अनुभव जैसी कुछ समान योग्यताएँ आवश्यक होती हैं, फिर भी दोनों की भूमिका, उद्देश्य और नैतिक उत्तरदायित्व मूल रूप से अलग हैं।

एक परामर्शदाता (Consultant) का मुख्य कार्य संगठन को सलाह देना, उसकी समस्याओं का समाधान सुझाना तथा उसकी प्रबंधन प्रणाली को विकसित करने में सहायता करना है। परामर्शदाता ग्राहक के हित में कार्य करता है और उसका उद्देश्य ग्राहक को सफलता प्राप्त करने में सहयोग देना होता है।

इसके विपरीत, एक प्रमाणन निकाय (Certification Body – CB) का कार्य किसी संगठन की प्रबंधन प्रणाली का स्वतंत्र, निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करना होता है। उसका दायित्व यह निर्धारित करना है कि संबंधित संगठन वास्तव में लागू मानक की आवश्यकताओं का पालन करता है या नहीं। इसलिए प्रमाणन निकाय को किसी भी प्रकार के हितों के टकराव (Conflict of Interest) से मुक्त रहना आवश्यक है।

ग्राहक को ऑडिट पास कराने हेतु मार्गदर्शन देना परामर्शदाता की भूमिका हो सकती है, किन्तु वही कार्य किसी प्रमाणन ऑडिटर के लिए पूर्णतः अनुचित है। प्रमाणन ऑडिटर का दायित्व केवल उपलब्ध वस्तुनिष्ठ साक्ष्यों (Objective Evidence) के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लेना होता है।

यद्यपि दोनों क्षेत्रों में संबंधित मानकों का ज्ञान आवश्यक है, परंतु उस ज्ञान का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है—

  • परामर्शदाता ज्ञान का उपयोग प्रणाली विकसित करने और सुधारने के लिए करता है।
  • प्रमाणन निकाय उसी ज्ञान का उपयोग स्वतंत्र रूप से प्रणाली का मूल्यांकन करने के लिए करता है।

इसी कारण परामर्श से प्रमाणन क्षेत्र में प्रवेश केवल सेवा विस्तार नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता, निष्पक्षता तथा ऑडिट सिद्धांतों के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता की मांग करता है।

SDAB की आवश्यकताएँ इसी परिवर्तन का परीक्षण करती हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के पास केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र शासन व्यवस्था (Governance), परिचालन अनुशासन (Operational Discipline) तथा प्रमाणन व्यवसाय के अनुरूप पेशेवर कार्य संस्कृति भी हो।


3.0 उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए मुख्य पूर्वापेक्षाएँ

SDAB सभी उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए निम्नलिखित आवश्यकताओं को अनिवार्य मानता है। ये आवश्यकताएँ किसी भी सक्षम, विश्वसनीय तथा निष्पक्ष प्रमाणन निकाय की आधारशिला हैं।


3.1 विश्वसनीयता की नींव (The Foundation of Credibility)

किसी भी प्रमाणन निकाय की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति उसके कर्मचारी, ऑडिटर तथा तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं। उनकी योग्यता, अनुभव तथा निर्णय लेने की क्षमता ही उस निकाय की विश्वसनीयता निर्धारित करती है।

इसी कारण SDAB अपेक्षा करता है कि उम्मीदवार प्रमाणन निकाय अपने कर्मचारियों के प्रमाणन व्यवसाय से संबंधित अनुभव का मात्रात्मक (Quantitative) एवं सत्यापन योग्य (Verifiable) प्रमाण प्रस्तुत करें।

इस आवश्यकता का उद्देश्य केवल अनुभव का दावा स्वीकार करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रमाणन निकाय वास्तव में अनुभवी, परिपक्व तथा सक्षम पेशेवरों की टीम पर आधारित हो।


110 माह के सामूहिक अनुभव की आवश्यकता

SDAB के अनुसार आवेदन की तिथि तक प्रमाणन निकाय के पास वरिष्ठ स्तर (Senior Level) पर प्रमाणन व्यवसाय में कुल 110 माह (110 Months) का व्यावसायिक अनुभव होना अनिवार्य है।

यह अवधि लगभग नौ वर्ष से अधिक के वरिष्ठ स्तर के व्यावसायिक अनुभव के बराबर है।

“वरिष्ठ स्तर” से आशय ऐसे पदों से है जिनमें प्रमाणन प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व एवं निर्णय लेने की शक्ति सम्मिलित हो।

ऐसे अनुभवों में निम्नलिखित कार्य सम्मिलित हो सकते हैं—

  • प्रबंधन प्रणाली मानकों के विरुद्ध लीड ऑडिटर (Lead Auditor) के रूप में ऑडिट करना।
  • अंतिम प्रमाणन निर्णय (Certification Decision) लेना या ऑडिट रिपोर्टों की तकनीकी समीक्षा करना।
  • प्रमाणन योजनाओं (Certification Schemes) अथवा प्रमाणन कार्यक्रमों का प्रबंधन करना।
  • ऑडिट प्रक्रियाओं का विकास करना तथा ऑडिट टीमों का नेतृत्व करना।
  • जटिल अपीलों (Appeals) तथा विवादित मामलों का समाधान करना।

कौन-सा अनुभव स्वीकार किया जाएगा

आंतरिक ऑडिट (Internal Audit), गुणवत्ता प्रबंधन (Quality Management) अथवा परामर्श (Consultancy) का अनुभव उपयोगी अवश्य है, किन्तु उसे प्रमाणन व्यवसाय के वरिष्ठ स्तर के अनुभव का प्रत्यक्ष विकल्प नहीं माना जाएगा।

SDAB का मुख्य ध्यान केवल ऐसे अनुभव पर रहेगा जो वास्तव में स्वतंत्र तृतीय-पक्ष प्रमाणन (Third-Party Certification) से संबंधित हो।

इस अनुभव का सत्यापन आवेदन प्रपत्र ASL(F)2 में प्रस्तुत जानकारी के आधार पर किया जाएगा, जिसमें निम्नलिखित विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने चाहिए—

  • कार्य अवधि (Dates)
  • नियोक्ता का नाम
  • पदनाम (Job Title)
  • प्रमाणन से संबंधित वास्तविक उत्तरदायित्व

45% व्यक्तिगत योगदान सीमा (The 45% Rule)

SDAB के अनुसार कुल 110 माह के अनुभव में किसी एक व्यक्ति का योगदान 45 प्रतिशत से अधिक स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अर्थात् कोई भी व्यक्ति अधिकतम लगभग 49.5 माह (लगभग चार वर्ष) का अनुभव ही कुल आवश्यकता में जोड़ सकता है।

यह नियम केवल एक प्रशासनिक प्रावधान नहीं है, बल्कि प्रमाणन निकाय की स्थिरता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण साधन है।

इस आवश्यकता के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं—

(1) जोखिम में कमी (Risk Mitigation)

यदि संपूर्ण प्रमाणन निकाय केवल एक व्यक्ति के अनुभव पर निर्भर होगा, तो उसके अनुपस्थित होने अथवा संस्था छोड़ने की स्थिति में पूरी संस्था की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

45% सीमा यह सुनिश्चित करती है कि संस्था के पास सक्षम एवं अनुभवी व्यक्तियों की टीम उपलब्ध हो।


(2) सामूहिक निर्णय क्षमता (Collective Judgment)

एक मजबूत प्रमाणन निकाय केवल एक विशेषज्ञ पर आधारित नहीं होना चाहिए।

अनुभवी टीम होने से—

  • सहकर्मी समीक्षा (Peer Review)
  • सामूहिक तकनीकी निर्णय
  • निष्पक्ष प्रमाणन निर्णय

अधिक प्रभावी एवं विश्वसनीय बनते हैं।


(3) बाजार में वास्तविक उपस्थिति (Demonstrated Market Presence)

यदि किसी प्रमाणन निकाय की टीम के पास सामूहिक रूप से 110 माह का वरिष्ठ अनुभव उपलब्ध है, तो यह दर्शाता है कि संस्था या उसकी मुख्य टीम लंबे समय से प्रमाणन व्यवसाय में सक्रिय रही है।

इससे उसकी विश्वसनीयता तथा स्थिरता दोनों बढ़ती हैं।


अनुभव का सत्यापन एवं आवेदन से पूर्व स्पष्टता का महत्व

SDAB अनुभव संबंधी प्रत्येक दावे का विस्तृत परीक्षण करेगा।

सामान्य अथवा अस्पष्ट विवरण स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

मूल्यांकनकर्ता प्रत्येक व्यक्ति के व्यावसायिक इतिहास का अध्ययन करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उसका अनुभव वास्तव में प्रमाणन व्यवसाय से संबंधित आवश्यक दक्षताओं को प्रदर्शित करता है।

यदि किसी उम्मीदवार को किसी विशेष अनुभव की स्वीकार्यता को लेकर संदेह हो, तो आवेदन प्रस्तुत करने से पूर्व SDAB से स्पष्टीकरण प्राप्त करना अत्यंत आवश्यक है।

यदि उम्मीदवार यह मानकर आवेदन प्रस्तुत कर देता है कि उसका कोई अनुभव स्वीकार कर लिया जाएगा और बाद में वह अनुभव अस्वीकार कर दिया जाता है, तो कुल 110 माह की आवश्यकता पूरी न होने के कारण आवेदन सीधे अस्वीकृत किया जा सकता है।

इसी कारण SDAB इस पूर्वापेक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण मानता है, क्योंकि यह सुनिश्चित करती है कि उम्मीदवार प्रमाणन निकाय वास्तव में अनुभवी, संतुलित तथा सक्षम नेतृत्व पर आधारित हो।


3.2 गुणों, ज्ञान एवं कौशल का गुणात्मक मूल्यांकन

केवल आवश्यक अनुभव अवधि पूरी कर लेना पर्याप्त नहीं है।

SDAB प्रत्येक उम्मीदवार प्रमाणन निकाय के कर्मचारियों एवं तकनीकी विशेषज्ञों का गुणात्मक (Qualitative) मूल्यांकन भी करेगा।

यह मूल्यांकन ISO/IEC 17021-2 की तालिका 1 (Table 1) में वर्णित क्षमता आवश्यकताओं के आधार पर किया जाएगा।

इस मूल्यांकन में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को सम्मिलित किया जाएगा—

व्यक्तिगत गुण (Personal Attributes)

  • सत्यनिष्ठा (Integrity)
  • नैतिक प्रतिबद्धता
  • निष्पक्षता
  • खुले विचार
  • कूटनीतिक व्यवहार
  • सूक्ष्म अवलोकन क्षमता
  • विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
  • दृढ़ता
  • निर्णय लेने की क्षमता
  • आत्मनिर्भरता

सामान्य ज्ञान एवं कौशल

  • ऑडिट सिद्धांत एवं व्यवहार
  • प्रबंधन प्रणाली मानकों का ज्ञान
  • संगठनात्मक प्रक्रियाओं की समझ
  • संबंधित विधिक एवं नियामक आवश्यकताओं का ज्ञान

विषय-विशेष विशेषज्ञता

प्रमाणन निकाय को उन विशिष्ट क्षेत्रों में भी पर्याप्त तकनीकी विशेषज्ञता प्रदर्शित करनी होगी जिनमें वह प्रमाणन प्रदान करना चाहता है, जैसे—

  • ISO 14001 हेतु पर्यावरण विज्ञान
  • ISO 22000 हेतु खाद्य सुरक्षा
  • ISO 27001 हेतु सूचना सुरक्षा
  • अन्य संबंधित प्रबंधन प्रणाली मानक

इन सभी पहलुओं का मूल्यांकन आवेदन के प्रत्येक चरण में किया जाएगा, जिसमें CV, अनुभव अभिलेख, दस्तावेज़ तथा साक्षात्कार सम्मिलित हो सकते हैं।

दस्तावेज़ों की गुणवत्ता, आवेदन के तीन प्रमुख स्तंभ तथा प्रबंधन प्रणाली के कार्यान्वयन के साक्ष्य

3.3 दस्तावेज़ों की गुणवत्ता एवं मौलिकता के लिए अनिवार्य मानक

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सभी दस्तावेज़ उसकी व्यावसायिकता (Professionalism), विवरणों पर ध्यान (Attention to Detail) तथा प्रक्रियागत अनुशासन (Process Integrity) का प्रत्यक्ष प्रतिबिंब होते हैं। इसलिए SDAB अपेक्षा करता है कि प्रत्येक दस्तावेज़ उच्च गुणवत्ता का हो तथा पूर्णतः उम्मीदवार प्रमाणन निकाय का स्वयं का मौलिक कार्य हो।

(क) साहित्यिक चोरी (Plagiarism) पूर्णतः निषिद्ध

किसी अन्य प्रमाणन निकाय, परामर्शदाता संस्था अथवा सार्वजनिक स्रोत से बिना उचित अनुमति, संदर्भ या आवश्यक संशोधन के पाठ, प्रक्रियाएँ, प्रपत्र या रिपोर्ट की प्रतिलिपि बनाकर प्रस्तुत करना पूर्णतः प्रतिबंधित है।

ऐसा पाया जाने पर आवेदन तत्काल अस्वीकार किया जा सकता है, क्योंकि यह इस बात का संकेत है कि उम्मीदवार ने अपनी स्वयं की प्रबंधन प्रणाली विकसित नहीं की है तथा संबंधित आवश्यकताओं की वास्तविक समझ का अभाव है।


(ख) गोपनीयता एवं स्वतंत्रता (Confidentiality and Independence)

आवेदन के साथ प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों में किसी अन्य संगठन, ग्राहक या संस्था का नाम, स्वामित्व संबंधी जानकारी (Proprietary Information) अथवा गोपनीय विवरण सम्मिलित नहीं होना चाहिए।

उदाहरण के लिए, यदि कोई संस्था पहले परामर्श सेवाएँ प्रदान करती थी, तो वह अपने पूर्व ग्राहकों की वास्तविक ऑडिट रिपोर्ट, दस्तावेज़ या अन्य गोपनीय जानकारी आवेदन के साथ प्रस्तुत नहीं कर सकती।

ऐसा करना गोपनीयता का उल्लंघन माना जाएगा तथा इससे उम्मीदवार प्रमाणन निकाय की निष्पक्षता एवं सूचना सुरक्षा संबंधी समझ पर गंभीर प्रश्न उठेंगे।


(ग) दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control)

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय को यह प्रदर्शित करना होगा कि उसकी अपनी प्रबंधन प्रणाली में प्रभावी दस्तावेज़ नियंत्रण व्यवस्था लागू है।

प्रत्येक इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज़ में निम्नलिखित जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए—

  • दस्तावेज़ का नाम
  • विशिष्ट दस्तावेज़ संख्या (Document Number)
  • संशोधन संख्या (Revision Number)
  • संस्करण (Version)
  • वर्तमान स्थिति (Current Status)

यदि उम्मीदवार अपने स्वयं के दस्तावेज़ों का उचित नियंत्रण नहीं रखता, तो यह उसकी उस क्षमता पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है जिसके आधार पर वह अन्य संगठनों की प्रबंधन प्रणाली का ऑडिट करेगा।

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय
. 3D दृश्य जिसमें एक आधुनिक प्रमाणन निकाय योग्य उम्मीदवार को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान कर रहा है। आसपास ऑडिटर, परीक्षक और गुणवत्ता विशेषज्ञ कार्य करते हुए दिखाई दे रहे हैं तथा निष्पक्षता, मूल्यांकन, गोपनीयता और ISO/IEC 17024 अनुपालन को दर्शाने वाले होलोग्राफिक प्रतीक प्रदर्शित हैं।
आधुनिक 3D दृश्य जो उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए आवश्यक क्षमता, निष्पक्षता, मूल्यांकन प्रक्रिया, गोपनीयता, गुणवत्ता प्रबंधन और ISO/IEC 17024 मानकों के अनुपालन को दर्शाता है।

4.0 आवेदन के तीन प्रमुख स्तंभ (The Three Pillars of the Application)

SDAB उम्मीदवारों को सलाह देता है कि वे अत्यधिक बड़ी मात्रा में अनावश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के बजाय केवल उन्हीं साक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें जो प्रमाणन निकाय की वास्तविक क्षमता को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करते हों।

आवेदन मुख्यतः निम्नलिखित तीन आधारभूत स्तंभों (Three Pillars) पर आधारित होगा—


4.1 प्रथम स्तंभ: प्रबंधन प्रणाली की संरचना (Documented Management System Structure)

यह स्तंभ इस प्रश्न का उत्तर देता है—

“उम्मीदवार प्रमाणन निकाय की प्रबंधन प्रणाली किस प्रकार स्थापित की गई है?”

उम्मीदवार को ऐसे दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे जो यह प्रमाणित करें कि उसकी प्रबंधन प्रणाली ISO/IEC 17021-1 की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित की गई है।

इन दस्तावेज़ों में निम्नलिखित शामिल होने चाहिए—

प्रबंधन प्रणाली मैनुअल (Management System Manual)

ऐसा दस्तावेज़ जो संपूर्ण प्रबंधन प्रणाली की संरचना, उद्देश्य, नीतियों तथा संचालन की रूपरेखा स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करे।


प्रक्रियाएँ (Documented Procedures)

सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए लिखित एवं नियंत्रित प्रक्रियाएँ उपलब्ध होनी चाहिए, जैसे—

  • निष्पक्षता (Impartiality) सुनिश्चित करने की प्रक्रिया
  • शिकायतों (Complaints) के निस्तारण की प्रक्रिया
  • अपील (Appeals) प्रबंधन प्रक्रिया
  • ऑडिट कार्यक्रम (Audit Programme) का प्रबंधन
  • कर्मचारियों की क्षमता का मूल्यांकन
  • प्रमाणन प्रदान करने, निलंबित करने तथा वापस लेने की प्रक्रिया
  • आंतरिक ऑडिट (Internal Audit)
  • प्रबंधन समीक्षा (Management Review)

निष्पक्षता जोखिम प्रबंधन

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय को यह प्रदर्शित करना होगा कि उसने निष्पक्षता को प्रभावित करने वाले संभावित जोखिमों की पहचान, विश्लेषण एवं नियंत्रण के लिए प्रभावी व्यवस्था स्थापित की है।


संगठनात्मक संरचना

दस्तावेज़ों में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध होनी चाहिए—

  • संगठनात्मक चार्ट
  • प्रत्येक पद का कार्य विवरण (Job Description)
  • अधिकार एवं उत्तरदायित्व (Authority and Responsibility)

4.2 द्वितीय स्तंभ: प्रबंधन प्रणाली के कार्यान्वयन के अभिलेख (Records Demonstrating Implementation of the Management System)

दूसरा स्तंभ केवल यह नहीं देखता कि प्रबंधन प्रणाली दस्तावेज़ों में लिखी गई है, बल्कि यह प्रमाण भी अपेक्षित करता है कि वह वास्तव में संगठन के दैनिक कार्यों में लागू की जा रही है।

यह स्तंभ मूल रूप से इस प्रश्न का उत्तर देता है—

“क्या प्रमाणन निकाय वही कार्य करता है जो उसने अपनी प्रक्रियाओं में निर्धारित किया है?”

केवल प्रक्रियाएँ प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं होगा।

SDAB वास्तविक, वस्तुनिष्ठ एवं प्रामाणिक अभिलेख (Objective Records) देखना चाहता है जो यह सिद्ध करें कि—

  • प्रणाली सक्रिय रूप से लागू है।
  • प्रक्रियाओं का नियमित पालन किया जा रहा है।
  • निरंतर सुधार (Continual Improvement) की प्रक्रिया प्रभावी रूप से संचालित हो रही है।

वास्तविक अभिलेखों का महत्व

प्रस्तुत किए जाने वाले अभिलेख वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों के दौरान तैयार किए गए होने चाहिए।

केवल आवेदन के उद्देश्य से बनाए गए नमूना (Sample) रिकॉर्ड स्वीकार्य नहीं होंगे।

उदाहरण के लिए—

यदि प्रथम स्तंभ में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया प्रस्तुत की गई है, तो दूसरे स्तंभ में ऐसी समिति (Impartiality Committee) की बैठक के अभिलेख भी प्रस्तुत किए जाने चाहिए जिनसे यह स्पष्ट हो कि—

  • संभावित हितों के टकराव (Conflict of Interest) की पहचान की गई।
  • उन पर चर्चा की गई।
  • आवश्यक नियंत्रण उपाय लागू किए गए।

इसी प्रकार यदि संस्था कर्मचारियों की क्षमता का मूल्यांकन करने की प्रक्रिया प्रस्तुत करती है, तो उसके समर्थन में निम्नलिखित वास्तविक रिकॉर्ड भी उपलब्ध होने चाहिए—

  • प्रशिक्षण अभिलेख
  • क्षमता मूल्यांकन रिपोर्ट
  • साक्षी ऑडिट (Witness Audit) रिपोर्ट
  • प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Review)

ये सभी अभिलेख ISO/IEC 17021-2 की तालिका 1 के अनुरूप क्षमता मूल्यांकन को प्रदर्शित करने चाहिए।


SDAB द्वारा प्रमुख अभिलेखों का मूल्यांकन

मूल्यांकन के दौरान SDAB निम्नलिखित अभिलेखों का विशेष रूप से परीक्षण करेगा—

(1) प्रबंधन समीक्षा (Management Review) के अभिलेख

यह सबसे महत्वपूर्ण अभिलेखों में से एक माना जाता है।

इन अभिलेखों से यह स्पष्ट होना चाहिए कि शीर्ष प्रबंधन नियमित रूप से—

  • प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता की समीक्षा करता है।
  • निर्धारित उद्देश्यों की प्रगति का मूल्यांकन करता है।
  • शिकायतों एवं अपीलों का विश्लेषण करता है।
  • आंतरिक ऑडिट के परिणामों की समीक्षा करता है।
  • सुधारात्मक निर्णय लेकर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराता है।

(2) आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट एवं सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action Records)

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय को हाल ही में पूर्ण किए गए आंतरिक ऑडिट चक्र के दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे।

इनमें शामिल होना चाहिए—

  • आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट
  • असंगतियों (Nonconformities) का विवरण
  • मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis)
  • सुधारात्मक कार्रवाई
  • सुधार की प्रभावशीलता का सत्यापन
  • कार्रवाई पूर्ण होने के अभिलेख

इससे यह सिद्ध होता है कि संस्था स्वयं अपनी कमियों की पहचान करने तथा उनका प्रभावी समाधान करने में सक्षम है।


(3) प्रमाणन प्रक्रिया से संबंधित परिचालन अभिलेख

उम्मीदवार को वास्तविक प्रमाणन गतिविधियों के गुमनाम (Anonymized) उदाहरण प्रस्तुत करने चाहिए, जैसे—

  • ऑडिट योजना (Audit Plan)
  • साक्षात्कार नोट्स (गोपनीय जानकारी हटाकर)
  • ऑडिट रिपोर्ट
  • तकनीकी समीक्षा (Technical Review)
  • प्रमाणन निर्णय (Certification Decision)

इन अभिलेखों से यह प्रमाणित होना चाहिए कि सभी प्रक्रियाएँ नियमित एवं समान रूप से लागू की जा रही हैं।


(4) शिकायत एवं अपील प्रबंधन

यदि संस्था के पास शिकायत या अपील प्राप्त हुई है, तो उसके निस्तारण का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

इसमें यह प्रदर्शित होना चाहिए कि—

  • शिकायत प्राप्त की गई।
  • निष्पक्ष जाँच की गई।
  • निर्णय लिया गया।
  • निर्णय संबंधित पक्ष को सूचित किया गया।

इससे यह सिद्ध होता है कि शिकायत एवं अपील प्रबंधन प्रणाली केवल दस्तावेज़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक रूप से कार्यरत भी है।


प्रामाणिक अभिलेखों का महत्व

यदि उम्मीदवार केवल आदर्श (Perfect) नमूना दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है और उनमें वास्तविक उपयोग के संकेत—जैसे टिप्पणियाँ, अनुमोदन, तिथियाँ, हस्ताक्षर अथवा संशोधन—उपस्थित नहीं हैं, तो SDAB यह मान सकता है कि उसकी प्रबंधन प्रणाली केवल कागज़ों तक सीमित है तथा व्यवहार में लागू नहीं है।

इसी कारण दूसरा स्तंभ इस बात की अंतिम पुष्टि करता है कि उम्मीदवार प्रमाणन निकाय वास्तव में वही कार्य करता है जिसका उल्लेख उसने अपनी प्रक्रियाओं में किया है।

कर्मचारियों की क्षमता, SDAB का मूल्यांकन दर्शन, निष्कर्ष एवं शाखा कार्यालय

4.3 तृतीय स्तंभ: कर्मचारियों की प्रदर्शित क्षमता (Demonstrated Competence of Personnel)

किसी भी प्रमाणन निकाय की वास्तविक शक्ति उसके कर्मचारी, ऑडिटर तथा तकनीकी विशेषज्ञ होते हैं। इसलिए SDAB आवेदन के तीसरे और अंतिम स्तंभ के रूप में कर्मचारियों की क्षमता (Competence of Personnel) का विस्तृत मूल्यांकन करता है।

इस स्तंभ का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रमाणन निकाय के पास ऐसे योग्य, अनुभवी तथा सक्षम व्यक्ति उपलब्ध हों जो ISO/IEC 17021 के अनुरूप स्वतंत्र एवं निष्पक्ष प्रमाणन सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम हों।


(1) जीवन-वृत्त (CV) एवं आवेदन प्रपत्र

सभी प्रमुख कर्मचारियों के Curriculum Vitae (CV) तथा आवेदन प्रपत्र (जैसे ASL(F)2) पूर्ण, सटीक एवं सत्य होने चाहिए।

SDAB विशेष रूप से निम्नलिखित बातों का परीक्षण करेगा—

  • सभी जानकारी तथ्यात्मक एवं सत्य हो।
  • अनुभव का विवरण स्पष्ट एवं प्रमाणित हो।
  • कार्य अवधि (Employment Timeline) में कोई अस्पष्टता या विरोधाभास न हो।
  • पदनाम एवं उत्तरदायित्व वास्तविक कार्य से मेल खाते हों।
  • किसी भी प्रकार के अतिरंजित (Exaggerated) दावे न किए गए हों।

यदि CV या आवेदन प्रपत्रों में गलत, अधूरी अथवा भ्रामक जानकारी पाई जाती है, तो यह पूरे आवेदन की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।


(2) क्षमता आवश्यकताओं के साथ स्पष्ट सामंजस्य (Mapping to Competence Requirements)

उम्मीदवार प्रमाणन निकाय को यह स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा कि प्रत्येक कर्मचारी की योग्यता, अनुभव, ज्ञान तथा व्यक्तिगत गुण ISO/IEC 17021 तथा ISO/IEC 17021-2 की तालिका 1 में वर्णित आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।

केवल यह लिख देना पर्याप्त नहीं होगा कि कोई व्यक्ति सक्षम है।

इसके स्थान पर प्रत्येक कर्मचारी के—

  • अनुभव,
  • प्रशिक्षण,
  • तकनीकी विशेषज्ञता,
  • ऑडिट अनुभव,
  • तथा व्यक्तिगत गुणों

को संबंधित क्षमता आवश्यकताओं से स्पष्ट रूप से जोड़ा (Mapped) जाना चाहिए।


(3) क्षमता मूल्यांकन के अभिलेख

प्रमाणन निकाय को यह भी प्रदर्शित करना होगा कि उसके पास कर्मचारियों की प्रारंभिक (Initial) तथा निरंतर (Ongoing) क्षमता का मूल्यांकन करने की प्रभावी प्रणाली उपलब्ध है।

इसमें निम्नलिखित अभिलेख सम्मिलित हो सकते हैं—

  • साक्षी ऑडिट (Witness Audit) रिपोर्ट
  • प्रदर्शन मूल्यांकन (Performance Review)
  • प्रशिक्षण एवं विकास अभिलेख
  • तकनीकी विशेषज्ञता का सत्यापन
  • नियमित क्षमता पुनर्मूल्यांकन (Competence Re-evaluation)

इन अभिलेखों से यह स्पष्ट होना चाहिए कि प्रमाणन निकाय अपने कर्मचारियों की क्षमता का निरंतर मूल्यांकन करता है तथा आवश्यकता होने पर उन्हें अतिरिक्त प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान करता है।


5.0 SDAB का मूल्यांकन दर्शन (Assessment Philosophy): केवल चेकलिस्ट अनुपालन से आगे

SDAB का मूल्यांकन केवल इस आधार पर नहीं किया जाता कि आवेदन में सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न हैं या नहीं।

उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार प्रमाणन निकाय वास्तव में एक परिपक्व, प्रभावी तथा आत्ममूल्यांकन करने वाली संस्था है।

मूल्यांकन के दौरान SDAB निम्नलिखित प्रमुख सिद्धांतों पर विशेष ध्यान देता है—


(1) निरंतरता (Consistency)

क्या दस्तावेज़ों में वर्णित प्रक्रियाएँ, वास्तविक अभिलेखों तथा उन प्रक्रियाओं को लागू करने वाले कर्मचारियों की क्षमता के बीच स्पष्ट एवं तार्किक संबंध दिखाई देता है?

उदाहरण के लिए—

  • क्या लिखित प्रक्रिया वास्तव में लागू की जा रही है?
  • क्या संबंधित कर्मचारी उसी प्रक्रिया के अनुसार कार्य कर रहे हैं?
  • क्या उपलब्ध अभिलेख उस प्रक्रिया के अनुपालन का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं?

यदि इन तीनों में सामंजस्य नहीं है, तो यह प्रबंधन प्रणाली की प्रभावशीलता पर प्रश्न उठाता है।


(2) प्रभावशीलता (Effectiveness)

SDAB केवल प्रक्रियाओं की उपलब्धता नहीं देखता, बल्कि यह भी मूल्यांकन करता है कि वे अपेक्षित परिणाम प्रदान कर रही हैं या नहीं।

उदाहरण—

  • क्या निष्पक्षता सुनिश्चित करने की व्यवस्था वास्तव में हितों के टकराव की पहचान करती है?
  • क्या प्रबंधन समीक्षा के परिणामस्वरूप वास्तविक सुधारात्मक निर्णय लिए जाते हैं?
  • क्या शिकायतों एवं अपीलों का निष्पक्ष समाधान किया जाता है?

यदि प्रक्रियाएँ केवल दस्तावेज़ों तक सीमित हैं और उनका व्यावहारिक प्रभाव दिखाई नहीं देता, तो उन्हें प्रभावी नहीं माना जाएगा।


(3) वास्तविक समझ एवं आत्मसात (Internalization)

SDAB यह भी देखता है कि क्या उम्मीदवार प्रमाणन निकाय ने केवल ISO मानक की भाषा की नकल (Copy) की है अथवा वास्तव में अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप एक प्रभावी प्रबंधन प्रणाली विकसित की है।

एक परिपक्व प्रमाणन निकाय—

  • अपनी संरचना के अनुरूप प्रक्रियाएँ विकसित करता है।
  • अपनी गतिविधियों के अनुरूप जोखिमों का विश्लेषण करता है।
  • निरंतर सुधार की संस्कृति अपनाता है।
  • अपनी प्रणाली का स्वामित्व (Ownership) स्वयं ग्रहण करता है।

(4) संगठनात्मक संस्कृति (Cultural Indicators)

SDAB दस्तावेज़ों, अभिलेखों तथा प्रस्तुत साक्ष्यों के माध्यम से यह भी समझने का प्रयास करता है कि संगठन की कार्य संस्कृति कैसी है।

विशेष रूप से निम्नलिखित गुणों की उपस्थिति अपेक्षित है—

  • सत्यनिष्ठा (Integrity)
  • नैतिक आचरण (Ethical Conduct)
  • आलोचनात्मक सोच (Critical Thinking)
  • निष्पक्ष निर्णय क्षमता
  • निरंतर सुधार (Continual Improvement)
  • पारदर्शिता (Transparency)

यदि संस्था केवल औपचारिक दस्तावेज़ तैयार करके अनुपालन प्रदर्शित करने का प्रयास करती है, तो उसे वास्तविक क्षमता का प्रमाण नहीं माना जाएगा।


6.0 निष्कर्ष: प्रमाणन की विश्वसनीयता को बनाए रखना

किसी संगठन को प्रमाणित करने का अधिकार केवल एक व्यावसायिक सेवा नहीं है, बल्कि यह अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक उत्तरदायित्व भी है।

प्रमाणन निकायों पर यह दायित्व होता है कि वे—

  • अंतरराष्ट्रीय मानकों की विश्वसनीयता बनाए रखें।
  • प्रमाणन प्रणाली में जनता एवं उद्योग का विश्वास कायम रखें।
  • निष्पक्ष एवं स्वतंत्र मूल्यांकन प्रदान करें।
  • सभी हितधारकों के हितों की रक्षा करें।

इसी उद्देश्य से SDAB ने उम्मीदवार प्रमाणन निकायों के लिए कठोर क्षमता संबंधी आवश्यकताएँ निर्धारित की हैं।

इन आवश्यकताओं का उद्देश्य किसी संस्था के लिए अनावश्यक बाधाएँ उत्पन्न करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि केवल वही संस्थाएँ मान्यता प्राप्त करें जिनके पास—

  • पर्याप्त व्यावसायिक अनुभव,
  • प्रभावी प्रबंधन प्रणाली,
  • प्रशिक्षित एवं सक्षम कर्मचारी,
  • निष्पक्ष कार्य संस्कृति,
  • तथा उच्च नैतिक मानक

उपलब्ध हों।

SDAB का विश्वास है कि एक सक्षम, स्वतंत्र तथा विश्वसनीय प्रमाणन निकाय ही प्रमाणन प्रणाली की प्रतिष्ठा को बनाए रख सकता है और उद्योग, ग्राहकों तथा समाज के लिए वास्तविक मूल्य उत्पन्न कर सकता है।

इसलिए उम्मीदवार प्रमाणन निकायों को इन आवश्यकताओं को केवल आवेदन की औपचारिक शर्तों के रूप में नहीं, बल्कि एक उत्कृष्ट एवं विश्वसनीय प्रमाणन संस्था स्थापित करने के आधारभूत मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में स्वीकार करना चाहिए।


SDAB शाखाएँ एवं संपर्क विवरण

SDAB मुख्य कार्यालय (Head Office)

Sanatan Dharma Accreditation Board (SDAB)
SDAB House
C/O Mr. Garry
54, Glengarnock Avenue
Isle of Dogs, London, United Kingdom
Post Code: E14 3BP

दूरभाष (Tel.): +44-8369083940
ई-मेल: info@sanatanboards.com
वेबसाइट: www.sanatanboards.in


मुंबई मुख्य कार्यालय (Mumbai Head Office)

Sanatan Dharma Accreditation Board (SDAB)
SDAB House
B-401, New Om Kaveri CHS Ltd.
Nagindas Pada
Shiv Sena Office के निकट
Nallasopara (East), Maharashtra, India

दूरभाष (Tel.): +91-7499991895
ई-मेल: info@sanatanboards.com
वेबसाइट: www.sanatanboards.in


दिल्ली–एनसीआर पंजीकृत कार्यालय (Delhi–NCR Registered Office)

Sanatan Dharma Accreditation Board (SDAB)
SDAB House
Asaoti, District Palwal
Faridabad–Delhi NCR
Haryana, India

दूरभाष (Tel.): +91-7979801035
फैक्स (Fax): +91-250-2341170
वेबसाइट: www.sanatanboards.in


समापन टिप्पणी

यह दस्तावेज़ ISO/IEC 17021 की आवश्यकताओं के अनुरूप उम्मीदवार प्रमाणन निकायों की क्षमता, निष्पक्षता, प्रबंधन प्रणाली, कर्मचारियों की योग्यता तथा संचालन व्यवस्था के मूल्यांकन हेतु SDAB द्वारा अपनाए जाने वाले सिद्धांतों एवं अपेक्षाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वे ही प्रमाणन निकाय मान्यता प्राप्त करें जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत पेशेवर, तकनीकी एवं नैतिक मानकों का पूर्ण पालन करते हों।

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"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
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    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
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