सनातन धर्म बोर्ड

निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies)

निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies)

ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण – निरीक्षण करने वाले विभिन्न प्रकार के निकायों की गतिविधियों के लिए सामान्य मानदंड

ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण निरीक्षण निकायों की क्षमता के लिए विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त एक महत्वपूर्ण मानक है। बहुत से लोग ISO 17020 को ISO 9001 के साथ भ्रमित करते हैं, जबकि ISO 9001 एक सामान्य गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System) है।

ISO/IEC 17020 निरीक्षण निकाय की विशेष तकनीकी क्षमता (Specialized Competence) का मूल्यांकन और प्रमाणन सुनिश्चित करता है।

SDAB Certification यह अपेक्षा करता है कि निरीक्षण निकाय निम्नलिखित आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य करें:

ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण – निरीक्षण करने वाले विभिन्न प्रकार के निकायों की गतिविधियों के लिए सामान्य मानदंड;
उस क्षेत्र के लिए स्पष्ट रूप से परिभाषित विशेष तकनीकी क्षमता (Specialized Capability) प्रदर्शित करना, जिसमें निरीक्षण किया जाता है;
SDAB Accreditation Scheme Manual की आवश्यकताओं का पालन करना।


ISO/IEC 17020, विशेष तकनीकी क्षमता और SDAB अनुपालन

सारांश (Abstract)

यह व्यापक मार्गदर्शिका निरीक्षण निकायों के लिए मान्यता (Accreditation) आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत करती है। इसका मुख्य ध्यान ISO/IEC 17020 मानक, विशेष तकनीकी क्षमता के प्रदर्शन, तथा SDAB (Standards and Accreditation Board) जैसे मान्यता निकायों की योजना और प्रक्रियाओं के अनुपालन पर केंद्रित है।

यह दस्तावेज़ निरीक्षण निकायों के प्रबंधकों, तकनीकी कर्मचारियों, गुणवत्ता विशेषज्ञों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ सामग्री के रूप में तैयार किया गया है, जो मान्यता प्राप्त करने, लागू करने और बनाए रखने की प्रक्रिया को समझना चाहते हैं।

यह दस्तावेज़ निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों को स्पष्ट करता है:

  • गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन (जैसे ISO 9001) और निरीक्षण निकाय मान्यता (ISO/IEC 17020 Accreditation) के बीच महत्वपूर्ण अंतर।
  • ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण की मूल आवश्यकताएँ।
  • किसी निरीक्षण निकाय की तकनीकी क्षमता को प्रमाणित करने के तरीके।
  • मान्यता निकाय की विशिष्ट योजनाओं, नियमों और प्रक्रियाओं के साथ एकीकरण।

विषय सूची (Table of Contents)

  1. परिचय: स्वतंत्र क्षमता (Independent Competence) की आवश्यकता
  2. आधुनिक समाज और अर्थव्यवस्था में निरीक्षण की भूमिका
  3. निरीक्षण की परिभाषा: एक विशिष्ट गतिविधि
  4. विश्वसनीय और अविश्वसनीय निरीक्षण के परिणाम
  5. विश्वास का आधार: मान्यता (Accreditation)
  6. भ्रम को दूर करना: ISO/IEC 17020 बनाम ISO 9001
  7. ISO 9001: ग्राहक संतुष्टि के लिए गुणवत्ता प्रबंधन ढांचा
  8. ISO/IEC 17020: तकनीकी क्षमता और निष्पक्षता का ढांचा
  9. तुलना: क्षेत्र, उद्देश्य और परिणाम
  10. निरीक्षण निकायों के लिए ISO 9001 अकेला पर्याप्त क्यों नहीं है
  11. ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण का विस्तृत विश्लेषण
  12. मानक का इतिहास और विकास
  13. मूल सिद्धांत: निष्पक्षता, क्षमता और जिम्मेदारी
  14. संरचनात्मक आवश्यकताएँ: निरीक्षण निकायों के प्रकार A, B और C
  15. प्रकार A: स्वतंत्र तृतीय-पक्ष निरीक्षण निकाय
  16. प्रकार B: सीमित हितों और सुरक्षा उपायों वाले निकाय
  17. प्रकार C: आंतरिक निरीक्षण इकाइयाँ
  18. क्लॉज-दर-क्लॉज विश्लेषण:
  • क्लॉज 4: सामान्य आवश्यकताएँ
  • क्लॉज 5: संरचनात्मक आवश्यकताएँ
  • क्लॉज 6: संसाधन आवश्यकताएँ
  • क्लॉज 7: प्रक्रिया आवश्यकताएँ
  • क्लॉज 8: प्रबंधन प्रणाली आवश्यकताएँ
  1. क्षमता का केंद्र: विशेष तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन
  2. निरीक्षण क्षेत्र (Field of Inspection) और मान्यता का दायरा
  3. प्रदर्शित क्षमता के घटक
  4. SDAB Accreditation Scheme Manual की भूमिका
  5. मान्यता प्रक्रिया और मूल्यांकन प्रणाली
  6. ISO/IEC 17020, तकनीकी क्षमता और SDAB अनुपालन का संबंध
  7. मान्यता प्राप्त करने की चरणबद्ध प्रक्रिया
  8. सामान्य कमियाँ और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियाँ
  9. ILAC Mutual Recognition Arrangement (MRA) का महत्व
  10. क्षेत्र-विशिष्ट अध्ययन और उदाहरण
  11. निष्कर्ष: मान्यता का रणनीतिक महत्व

1. परिचय: स्वतंत्र क्षमता की अनिवार्यता

निरीक्षण (Inspection) आधुनिक दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह सामग्रियों, उत्पादों, उपकरणों, प्रतिष्ठानों, प्रक्रियाओं और सेवाओं का व्यवस्थित एवं स्वतंत्र मूल्यांकन है, जिसमें निर्धारित आवश्यकताओं के अनुसार जांच, परीक्षण और पेशेवर निर्णय शामिल होते हैं।

लिफ्ट की सुरक्षा, दबाव पात्र (Pressure Vessel) की मजबूती, पुलों की संरचनात्मक स्थिति, विद्युत प्रणालियों की गुणवत्ता या औद्योगिक उपकरणों की विश्वसनीयता — इन सभी क्षेत्रों में निरीक्षण निकाय यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं कि वस्तुएँ निर्धारित मानकों, नियमों और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।

अविश्वसनीय या गलत निरीक्षण के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जैसे:

  • आर्थिक नुकसान;
  • परियोजनाओं में देरी;
  • उपकरणों की विफलता;
  • पर्यावरणीय क्षति;
  • दुर्घटनाएँ;
  • मानव जीवन की हानि।

इसलिए निरीक्षण करने वाले निकाय की:

  • तकनीकी क्षमता,
  • निष्पक्षता,
  • विश्वसनीयता,
  • और कार्यों की निरंतरता

अत्यंत आवश्यक है।

यहीं पर ISO/IEC 17020 के अनुसार मान्यता (Accreditation) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

मान्यता एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष पुष्टि है कि कोई निरीक्षण निकाय विशेष निरीक्षण कार्यों को करने के लिए सक्षम है।

यह केवल एक बार प्राप्त किया जाने वाला प्रमाण नहीं है, बल्कि निरंतर मूल्यांकन और निगरानी की प्रक्रिया है।

जब SDAB किसी निरीक्षण निकाय को मान्यता प्रदान करता है, तो यह सार्वजनिक रूप से यह विश्वास प्रदान करता है कि वह निकाय:

  • निष्पक्ष रूप से कार्य करता है;
  • योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों को नियुक्त करता है;
  • मान्य निरीक्षण विधियों का उपयोग करता है;
  • सही और विश्वसनीय रिकॉर्ड बनाए रखता है;
  • ISO/IEC 17020 के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है।

2. भ्रम को दूर करना: ISO/IEC 17020 बनाम ISO 9001

उद्योग में एक सामान्य और महत्वपूर्ण गलतफहमी यह है कि ISO 17020 मान्यता और ISO 9001 प्रमाणन को समान समझ लिया जाता है।

दोनों का उद्देश्य अलग-अलग है और इन्हें समझना आवश्यक है।


ISO 9001: गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management System)

ISO 9001 एक सामान्य गुणवत्ता प्रबंधन मानक है, जिसे किसी भी प्रकार का संगठन लागू कर सकता है, जैसे:

  • अस्पताल,
  • निर्माण कंपनियाँ,
  • सॉफ्टवेयर कंपनियाँ,
  • सेवा प्रदाता संस्थाएँ।

इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • ग्राहक संतुष्टि बढ़ाना;
  • प्रक्रियाओं को नियंत्रित करना;
  • लगातार सुधार करना;
  • ग्राहक और कानूनी आवश्यकताओं को पूरा करना।

ISO 9001 यह प्रश्न पूछता है:

“क्या संगठन के पास अपने कार्यों में लगातार गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी प्रबंधन प्रणाली है?”


ISO/IEC 17020: निरीक्षण निकायों की क्षमता का मानक

ISO/IEC 17020 एक विशेष मानक है जो निरीक्षण निकायों के संचालन के लिए बनाया गया है।

इसका मुख्य ध्यान है:

  • तकनीकी क्षमता;
  • निरीक्षण परिणामों की विश्वसनीयता;
  • निष्पक्षता;
  • स्वतंत्रता;
  • निरीक्षण प्रक्रियाओं की वैधता।

ISO/IEC 17020 यह प्रश्न पूछता है:

“क्या यह निरीक्षण निकाय तकनीकी रूप से सक्षम और निष्पक्ष है ताकि विश्वसनीय निरीक्षण परिणाम प्रदान कर सके?”

ISO/IEC 17020, विशेष तकनीकी क्षमता और SDAB अनुपालन

भाग 2: ISO/IEC 17020 और ISO 9001 का तुलनात्मक विश्लेषण तथा ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण की विस्तृत व्याख्या


ISO/IEC 17020 बनाम ISO 9001: मुख्य अंतर

ISO 9001 और ISO/IEC 17020 दोनों गुणवत्ता और विश्वसनीयता से संबंधित मानक हैं, लेकिन दोनों के उद्देश्य और मूल्यांकन का क्षेत्र अलग-अलग है।

1. कार्यक्षेत्र (Scope)

ISO 9001:

ISO 9001 संगठन की संपूर्ण गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली पर केंद्रित है। यह सुनिश्चित करता है कि संगठन अपनी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करता है और ग्राहक आवश्यकताओं को पूरा करता है।

ISO/IEC 17020:

ISO/IEC 17020 विशेष रूप से निरीक्षण निकायों के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निरीक्षण करने वाला निकाय तकनीकी रूप से सक्षम है और उसके निरीक्षण परिणाम विश्वसनीय हैं।


2. क्षमता का मूल्यांकन (Assessment of Competence)

ISO 9001:

ISO 9001 में यह देखा जाता है कि:

  • कर्मचारियों की भूमिकाएँ निर्धारित हैं या नहीं;
  • प्रशिक्षण प्रणाली उपलब्ध है या नहीं;
  • संगठन कर्मचारियों की योग्यता का प्रबंधन करता है या नहीं।

ISO/IEC 17020:

ISO/IEC 17020 में मूल्यांकन अधिक गहराई से किया जाता है।

निरीक्षणकर्ताओं (Inspectors) की:

  • शैक्षणिक योग्यता;
  • तकनीकी प्रशिक्षण;
  • व्यावहारिक अनुभव;
  • निरीक्षण करने की क्षमता;
  • विशिष्ट कार्यों के लिए अधिकृतता (Authorization)

का वास्तविक मूल्यांकन किया जाता है।


3. निष्पक्षता और स्वतंत्रता (Impartiality & Independence)

ISO 9001:

ISO 9001 ग्राहक संतुष्टि और प्रक्रिया नियंत्रण पर ध्यान देता है। इसमें निष्पक्षता और स्वतंत्रता के लिए उतने विस्तृत संरचनात्मक नियम नहीं होते।

ISO/IEC 17020:

ISO/IEC 17020 में निष्पक्षता एक मूलभूत आवश्यकता है।

निरीक्षण निकाय को:

  • हितों के टकराव (Conflict of Interest) की पहचान करनी होती है;
  • जोखिमों का विश्लेषण करना होता है;
  • निष्पक्षता बनाए रखने के उपाय लागू करने होते हैं।

4. निरीक्षण विधियों का सत्यापन (Method Validation)

ISO 9001:

ISO 9001 प्रक्रियाओं के नियंत्रण की मांग करता है, लेकिन प्रत्येक तकनीकी विधि के वैज्ञानिक सत्यापन की आवश्यकता नहीं रखता।

ISO/IEC 17020:

ISO/IEC 17020 के अनुसार:

  • मानक निरीक्षण विधियाँ सही संस्करण में उपलब्ध होनी चाहिए;
  • गैर-मानक या आंतरिक विकसित विधियों को सत्यापित (Validated) करना आवश्यक है;
  • यह प्रमाणित करना आवश्यक है कि विधि अपने उद्देश्य के लिए उपयुक्त है।

5. मापन अनुरेखणीयता (Measurement Traceability)

ISO 9001:

मापन उपकरणों को उपयुक्त और नियंत्रित रखने की आवश्यकता होती है।

ISO/IEC 17020:

मापन उपकरणों के लिए आवश्यक है कि:

  • उपकरणों की नियमित कैलिब्रेशन हो;
  • कैलिब्रेशन राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानकों से अनुरेखणीय (Traceable) हो;
  • मापन परिणामों की विश्वसनीयता सुनिश्चित हो।

निष्कर्ष: ISO 9001 अकेला क्यों पर्याप्त नहीं है?

किसी निरीक्षण निकाय के पास ISO 9001 प्रमाणन होना उसकी प्रबंधन प्रणाली की गुणवत्ता को दर्शा सकता है, लेकिन यह इस बात की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता कि वह संस्था तकनीकी रूप से सक्षम निरीक्षण कर सकती है।

ISO/IEC 17020 ही वह अंतरराष्ट्रीय मानक है जो यह सुनिश्चित करता है कि निरीक्षण निकाय:

  • सक्षम कर्मचारियों के साथ कार्य करता है;
  • उचित उपकरणों का उपयोग करता है;
  • सही निरीक्षण विधियाँ अपनाता है;
  • निष्पक्ष और विश्वसनीय परिणाम प्रदान करता है।

इसलिए ISO 17020 निरीक्षण निकायों की विश्वसनीयता का वास्तविक मानक है।


3. ISO/IEC 17020: नवीनतम संस्करण – सामान्य मानदंडों का विस्तृत विश्लेषण

ISO/IEC 17020 का नवीनतम संस्करण सक्षम और विश्वसनीय निरीक्षण सेवाएँ प्रदान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत आवश्यकताओं को निर्धारित करता है।

यह मानक सुनिश्चित करता है कि निरीक्षण निकाय लगातार:

  • सटीक;
  • निष्पक्ष;
  • दोहराने योग्य;
  • तकनीकी रूप से विश्वसनीय

निरीक्षण परिणाम प्रदान करें।


ISO/IEC 17020 के मूल सिद्धांत

1. निष्पक्षता (Impartiality)

निरीक्षण हमेशा वस्तुनिष्ठ और निष्पक्ष तरीके से किया जाना चाहिए।

निरीक्षण निकाय को:

  • निष्पक्षता के लिए संभावित जोखिमों की पहचान करनी चाहिए;
  • जोखिमों का मूल्यांकन करना चाहिए;
  • आवश्यक नियंत्रण उपाय लागू करने चाहिए;
  • किसी भी व्यावसायिक या व्यक्तिगत हित को निरीक्षण परिणामों को प्रभावित नहीं करने देना चाहिए।

2. क्षमता (Competence)

निरीक्षण निकाय के पास निम्नलिखित योग्य संसाधन होने चाहिए:

  • प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारी;
  • उपयुक्त तकनीकी ज्ञान;
  • मान्य निरीक्षण प्रक्रियाएँ;
  • उपयुक्त उपकरण;
  • नियंत्रित कार्य वातावरण।

निरीक्षण निकाय को यह प्रमाणित करना होता है कि वह अपने निर्धारित निरीक्षण क्षेत्र में सक्षम है।


3. जिम्मेदारी (Responsibility)

निरीक्षण निकाय अपने निरीक्षण कार्यों और परिणामों के लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होता है।

इसके लिए आवश्यक है कि:

  • निकाय एक कानूनी इकाई के रूप में परिभाषित हो;
  • संगठनात्मक जिम्मेदारियाँ स्पष्ट हों;
  • प्रबंधन निरीक्षण गतिविधियों के लिए उत्तरदायी हो;
  • आवश्यक व्यावसायिक दायित्व बीमा (Professional Liability Insurance) उपलब्ध हो, जहाँ आवश्यक हो।

निरीक्षण निकायों के प्रकार (Types of Inspection Bodies)

ISO/IEC 17020 निरीक्षण निकायों को तीन प्रकारों में विभाजित करता है:

प्रकार A (Type A): स्वतंत्र तृतीय-पक्ष निरीक्षण निकाय

Type A निरीक्षण निकाय पूरी तरह स्वतंत्र होता है।

इसकी विशेषताएँ:

  • यह डिजाइन, निर्माण, आपूर्ति, स्थापना या रखरखाव करने वाली संस्थाओं से स्वतंत्र होता है;
  • निरीक्षण किए जाने वाले उत्पाद या वस्तु में इसका कोई प्रत्यक्ष हित नहीं होता;
  • यह स्वतंत्र तृतीय-पक्ष निरीक्षण सेवा प्रदान करता है।

उदाहरण:
एक स्वतंत्र कंपनी जो बीमा कंपनी के लिए क्रेन या लिफ्ट का निरीक्षण करती है।


प्रकार B (Type B): अलग पहचान वाला आंतरिक निरीक्षण निकाय

Type B निरीक्षण निकाय किसी बड़े संगठन का हिस्सा होता है, लेकिन इसकी भूमिका स्पष्ट रूप से अलग होती है।

इसकी विशेषताएँ:

  • संगठन के अंदर अलग पहचान होती है;
  • जिम्मेदारियाँ स्पष्ट रूप से विभाजित होती हैं;
  • निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियंत्रण लागू होते हैं।

उदाहरण:
एक रेलवे कंपनी का निरीक्षण विभाग जो अपनी मूल संस्था के उपकरणों का निरीक्षण करता है।


प्रकार C (Type C): आंतरिक निरीक्षण इकाई

Type C निरीक्षण निकाय उसी संगठन का भाग होता है जो:

  • उत्पाद बनाता है;
  • स्थापित करता है;
  • उपयोग करता है;
  • रखरखाव करता है।

यह मुख्य रूप से अपनी ही संस्था के लिए निरीक्षण करता है।

इसमें निष्पक्षता बनाए रखने के लिए:

  • स्पष्ट प्रक्रियाएँ;
  • जिम्मेदारी का विभाजन;
  • जोखिम नियंत्रण

आवश्यक होते हैं।

उदाहरण:
किसी फैक्ट्री का आंतरिक गुणवत्ता निरीक्षण विभाग।

निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies). सुरक्षा हेलमेट और आईडी कार्ड पहने सरकारी निरीक्षक आधुनिक औद्योगिक इकाई में मशीनों, दस्तावेज़ों और गुणवत्ता मानकों का निरीक्षण करते हुए।
निरीक्षण निकाय उद्योगों, संस्थानों और सेवाओं का निरीक्षण कर गुणवत्ता, सुरक्षा, कानूनी अनुपालन और सार्वजनिक हित सुनिश्चित करता है।

ISO/IEC 17020 क्लॉज-दर-क्लॉज अवलोकन

क्लॉज 4 – सामान्य आवश्यकताएँ (General Requirements)

इस क्लॉज में मुख्य रूप से:

निष्पक्षता (Impartiality)

और

गोपनीयता (Confidentiality)

की आवश्यकताएँ निर्धारित की गई हैं।

निरीक्षण निकाय को:

  • निष्पक्षता जोखिमों की पहचान करनी चाहिए;
  • ग्राहकों की जानकारी गोपनीय रखनी चाहिए;
  • निरीक्षण परिणामों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

क्लॉज 5 – संरचनात्मक आवश्यकताएँ (Structural Requirements)

इसमें शामिल हैं:

  • कानूनी पहचान;
  • संगठनात्मक संरचना;
  • प्रबंधन की जिम्मेदारी;
  • अधिकार और जिम्मेदारियों का निर्धारण;
  • संगठन चार्ट।

प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होता है कि निरीक्षण गतिविधियाँ प्रभावी रूप से संचालित हों।

क्लॉज 6 – संसाधन आवश्यकताएँ (Resource Requirements)

ISO/IEC 17020 का क्लॉज 6 निरीक्षण निकाय की वास्तविक तकनीकी क्षमता का आधार है। इसमें यह निर्धारित किया गया है कि निरीक्षण निकाय के पास अपने कार्यों को सही तरीके से करने के लिए आवश्यक:

  • योग्य कर्मचारी;
  • उपयुक्त सुविधाएँ;
  • सही उपकरण;
  • नियंत्रित तकनीकी संसाधन

उपलब्ध होने चाहिए।


6.1 कर्मचारी (Personnel)

निरीक्षण निकाय की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति उसके सक्षम कर्मचारी होते हैं।

निरीक्षण निकाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि निरीक्षण कार्य करने वाले सभी व्यक्तियों के पास:

  • आवश्यक शैक्षणिक योग्यता;
  • संबंधित तकनीकी ज्ञान;
  • व्यावहारिक अनुभव;
  • आवश्यक प्रशिक्षण;
  • निरीक्षण क्षेत्र से संबंधित कौशल

उपलब्ध हो।


कर्मचारियों की योग्यता के लिए आवश्यक नियंत्रण

निरीक्षण निकाय को निम्नलिखित व्यवस्थाएँ स्थापित करनी चाहिए:

1. योग्यता मानदंड (Competence Criteria)

प्रत्येक निरीक्षण गतिविधि के लिए स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाना चाहिए कि:

  • किस स्तर की शिक्षा आवश्यक है;
  • कितना अनुभव आवश्यक है;
  • कौन सा तकनीकी प्रशिक्षण आवश्यक है;
  • कौन से कौशल आवश्यक हैं।

2. प्रशिक्षण प्रणाली (Training System)

निरीक्षण निकाय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारी:

  • प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त करें;
  • नियमित तकनीकी प्रशिक्षण लेते रहें;
  • नए मानकों और तकनीकों से अपडेट रहें।

3. अनुभव का रिकॉर्ड (Experience Records)

प्रत्येक निरीक्षक के लिए रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए जिसमें शामिल हों:

  • कार्य अनुभव;
  • किए गए निरीक्षणों की संख्या;
  • निरीक्षण क्षेत्रों का विवरण;
  • पर्यवेक्षण के अंतर्गत किया गया कार्य।

4. निरीक्षक की अधिकृतता (Authorization)

किसी भी व्यक्ति को स्वतंत्र रूप से निरीक्षण करने से पहले:

  • उसकी क्षमता का मूल्यांकन किया जाना चाहिए;
  • व्यावहारिक प्रदर्शन देखा जाना चाहिए;
  • उसे लिखित रूप से अधिकृत किया जाना चाहिए।

अधिकृतता में स्पष्ट होना चाहिए कि व्यक्ति किन निरीक्षण कार्यों को करने के लिए सक्षम है।


5. निरीक्षणकर्ताओं का पर्यवेक्षण (Supervision)

नए या प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे निरीक्षकों के कार्यों की निगरानी आवश्यक है।

पर्यवेक्षण में शामिल हो सकता है:

  • निरीक्षण के दौरान प्रत्यक्ष निगरानी;
  • निरीक्षण रिपोर्ट की समीक्षा;
  • तकनीकी मार्गदर्शन।

6.2 सुविधाएँ और उपकरण (Facilities & Equipment)

निरीक्षण निकाय के पास ऐसे संसाधन होने चाहिए जो निरीक्षण कार्यों को सही और विश्वसनीय रूप से पूरा करने में सक्षम हों।


उपकरण आवश्यकताएँ

सभी उपकरण:

  • पहचान योग्य होने चाहिए;
  • उपयुक्त क्षमता वाले होने चाहिए;
  • नियमित रूप से रखरखाव किए जाने चाहिए;
  • कैलिब्रेशन स्थिति के साथ नियंत्रित होने चाहिए।

उपकरण नियंत्रण प्रणाली में शामिल होना चाहिए:

उपकरण सूची (Equipment Register)

प्रत्येक उपकरण के लिए:

  • विशिष्ट पहचान संख्या;
  • निर्माता विवरण;
  • मॉडल नंबर;
  • उपयोग क्षेत्र;
  • कैलिब्रेशन तिथि;
  • अगली कैलिब्रेशन तिथि

का रिकॉर्ड होना चाहिए।


कैलिब्रेशन और मापन अनुरेखणीयता (Calibration & Traceability)

जहाँ निरीक्षण परिणाम उपकरणों पर निर्भर करते हैं, वहाँ:

  • उपकरणों का नियमित कैलिब्रेशन आवश्यक है;
  • कैलिब्रेशन राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानकों तक अनुरेखणीय होना चाहिए;
  • मापन परिणामों की विश्वसनीयता सुनिश्चित होनी चाहिए।

खराब या आउट-ऑफ-कैलिब्रेशन उपकरण

यदि कोई उपकरण:

  • क्षतिग्रस्त हो;
  • कैलिब्रेशन सीमा से बाहर पाया जाए;
  • गलत परिणाम दे सकता हो;

तो निरीक्षण निकाय को:

  • उपकरण को उपयोग से हटाना चाहिए;
  • पिछले निरीक्षण परिणामों का मूल्यांकन करना चाहिए;
  • आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

6.3 उप-ठेकेदारी (Subcontracting)

यदि निरीक्षण निकाय किसी कार्य का कुछ भाग किसी अन्य संस्था से करवाता है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि:

  • उप-ठेकेदार सक्षम है;
  • उसके पास आवश्यक तकनीकी योग्यता है;
  • उसकी गतिविधियाँ नियंत्रित हैं;
  • अंतिम जिम्मेदारी निरीक्षण निकाय की ही रहती है।

क्लॉज 7 – प्रक्रिया आवश्यकताएँ (Process Requirements)

क्लॉज 7 निरीक्षण गतिविधियों के वास्तविक संचालन को नियंत्रित करता है।

यह बताता है कि निरीक्षण किस प्रकार किया जाना चाहिए।


7.1 निरीक्षण विधियाँ और प्रक्रियाएँ

(Inspection Methods & Procedures)

निरीक्षण निकाय को:

  • उपयुक्त निरीक्षण विधियाँ चुननी चाहिए;
  • सभी विधियों को नियंत्रित दस्तावेजों के रूप में रखना चाहिए;
  • कर्मचारियों को उपलब्ध कराना चाहिए।

मानक विधियाँ (Standard Methods)

यदि निरीक्षण किसी मान्यता प्राप्त मानक के अनुसार किया जाता है, जैसे:

  • ISO Standards;
  • ASTM Standards;
  • राष्ट्रीय नियम;
  • उद्योग मानक;

तो निरीक्षण निकाय को सुनिश्चित करना चाहिए कि:

  • सही संस्करण उपलब्ध है;
  • कर्मचारी उसे सही तरीके से लागू कर सकते हैं।

गैर-मानक विधियाँ (Non-Standard Methods)

यदि निरीक्षण निकाय अपनी स्वयं की विधि विकसित करता है, तो उसे:

  • पूरी तरह दस्तावेजीकृत करना होगा;
  • तकनीकी रूप से सत्यापित करना होगा;
  • यह प्रमाणित करना होगा कि विधि उद्देश्य के लिए उपयुक्त है।

7.2 निरीक्षण वस्तुओं का प्रबंधन

(Handling of Inspection Items)

निरीक्षण किए जाने वाले उपकरण, उत्पाद या सामग्री की पहचान और सुरक्षा बनाए रखना आवश्यक है।

प्रक्रियाओं में शामिल होना चाहिए:

  • वस्तु की पहचान;
  • परिवहन व्यवस्था;
  • भंडारण;
  • क्षति से सुरक्षा;
  • निरीक्षण के बाद वापसी या निपटान।

7.3 रिकॉर्ड प्रबंधन (Records)

निरीक्षण निकाय को सभी निरीक्षण गतिविधियों के पर्याप्त रिकॉर्ड रखने चाहिए।

रिकॉर्ड में शामिल हो सकते हैं:

  • निरीक्षण तिथि;
  • निरीक्षक का नाम;
  • उपयोग किए गए उपकरण;
  • निरीक्षण विधि;
  • प्राप्त परिणाम;
  • निर्णय;
  • जारी रिपोर्ट।

रिकॉर्ड इस प्रकार रखे जाने चाहिए कि:

  • निरीक्षण दोहराया जा सके;
  • परिणामों का सत्यापन किया जा सके;
  • ग्राहक या मान्यता निकाय द्वारा समीक्षा की जा सके।

7.4 निरीक्षण रिपोर्ट और प्रमाणपत्र

(Inspection Reports & Certificates)

निरीक्षण रिपोर्ट स्पष्ट, सटीक और पूर्ण होनी चाहिए।

रिपोर्ट में सामान्यतः शामिल होना चाहिए:

  • निरीक्षण निकाय का नाम;
  • ग्राहक का विवरण;
  • निरीक्षण वस्तु का विवरण;
  • निरीक्षण स्थान और तिथि;
  • लागू मानक या विधि;
  • निरीक्षण परिणाम;
  • निष्कर्ष;
  • अधिकृत व्यक्ति के हस्ताक्षर।

रिपोर्ट में ऐसी भाषा नहीं होनी चाहिए जिससे गलत व्याख्या की संभावना हो।


क्लॉज 8 – प्रबंधन प्रणाली आवश्यकताएँ

(Management System Requirements)

ISO/IEC 17020 निरीक्षण निकायों को अपनी प्रबंधन प्रणाली लागू करने के लिए दो विकल्प प्रदान करता है।


विकल्प A (Option A)

निरीक्षण निकाय ISO 9001 आधारित प्रबंधन प्रणाली अपना सकता है।

इसमें शामिल होते हैं:

  • दस्तावेज नियंत्रण;
  • रिकॉर्ड नियंत्रण;
  • सुधारात्मक कार्रवाई;
  • आंतरिक ऑडिट;
  • प्रबंधन समीक्षा;
  • निरंतर सुधार।

विकल्प B (Option B)

निरीक्षण निकाय ISO 9001 प्रमाणित संगठन की प्रबंधन प्रणाली का उपयोग कर सकता है।

इस स्थिति में यह सुनिश्चित करना होगा कि ISO/IEC 17020 की सभी आवश्यकताएँ पूरी हों।


प्रबंधन प्रणाली के मुख्य तत्व

1. दस्तावेज नियंत्रण

सभी प्रक्रियाएँ:

  • स्वीकृत;
  • नियंत्रित;
  • अद्यतन;
  • उपलब्ध

होनी चाहिए।


2. सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action)

जब कोई समस्या या गैर-अनुरूपता (Non-Conformity) पाई जाती है, तो:

  • कारण की पहचान;
  • सुधारात्मक कार्रवाई;
  • प्रभावशीलता की जांच

की जानी चाहिए।


3. आंतरिक ऑडिट (Internal Audit)

निरीक्षण निकाय को नियमित अंतराल पर आंतरिक ऑडिट करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि:

  • प्रक्रियाएँ लागू हैं;
  • मानक की आवश्यकताएँ पूरी हो रही हैं;
  • सुधार के अवसर पहचाने जा रहे हैं।

4. प्रबंधन समीक्षा (Management Review)

शीर्ष प्रबंधन को समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए:

  • निरीक्षण प्रदर्शन;
  • शिकायतें;
  • ऑडिट परिणाम;
  • सुधारात्मक कार्रवाई;
  • संसाधनों की पर्याप्तता।

विशेष तकनीकी क्षमता (Specialized Capability) का महत्व

ISO/IEC 17020 केवल एक प्रबंधन प्रणाली नहीं है। इसका वास्तविक उद्देश्य यह प्रमाणित करना है कि निरीक्षण निकाय अपने विशेष क्षेत्र में तकनीकी रूप से सक्षम है।

एक निरीक्षण निकाय को यह प्रदर्शित करना होता है कि उसके पास:

  • योग्य निरीक्षक;
  • प्रमाणित प्रक्रियाएँ;
  • उपयुक्त उपकरण;
  • मान्य तकनीकी विधियाँ;
  • विश्वसनीय रिपोर्टिंग प्रणाली

मौजूद है।

4. विशेष तकनीकी क्षमता का केंद्र

(The Heart of Competence: Demonstrating Specialized Capability)

ISO/IEC 17020 निरीक्षण निकाय के लिए एक सामान्य ढांचा प्रदान करता है, लेकिन किसी निरीक्षण निकाय की वास्तविक क्षमता उसके विशेष तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक योग्यता से सिद्ध होती है।

विशेष तकनीकी क्षमता (Specialized Capability) का अर्थ है कि निरीक्षण निकाय यह प्रमाणित कर सके कि वह अपने निर्धारित निरीक्षण क्षेत्र में:

  • सही तकनीकी ज्ञान रखता है;
  • सक्षम कर्मचारियों द्वारा कार्य करता है;
  • उचित निरीक्षण विधियों का उपयोग करता है;
  • विश्वसनीय परिणाम प्रदान करता है;
  • अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार कार्य करता है।

एक निरीक्षण निकाय केवल यह दावा नहीं कर सकता कि वह किसी क्षेत्र में निरीक्षण करने में सक्षम है; उसे अपनी क्षमता के ठोस प्रमाण प्रस्तुत करने होते हैं।


निरीक्षण क्षेत्र की परिभाषा

(Defining the Field of Inspection)

निरीक्षण निकाय की क्षमता उसके Scope of Accreditation (मान्यता के दायरे) द्वारा स्पष्ट की जाती है।

Scope of Accreditation एक आधिकारिक दस्तावेज होता है जिसमें यह बताया जाता है कि निरीक्षण निकाय किन क्षेत्रों में मान्यता प्राप्त है।


मान्यता के दायरे में सामान्यतः शामिल होते हैं:

1. उद्योग क्षेत्र (Industry Sector)

उदाहरण:

  • निर्माण उद्योग (Construction);
  • ऊर्जा क्षेत्र (Energy);
  • परिवहन (Transportation);
  • विनिर्माण (Manufacturing);
  • लिफ्टिंग उपकरण (Lifting Equipment);
  • दबाव उपकरण (Pressure Equipment)।

2. निरीक्षण की वस्तु (Object of Inspection)

उदाहरण:

  • क्रेन;
  • लिफ्ट;
  • प्रेशर वेसल;
  • पाइपलाइन;
  • विद्युत प्रणाली;
  • मशीनरी;
  • भवन संरचना।

3. निरीक्षण गतिविधि (Inspection Activity)

उदाहरण:

  • प्रारंभिक निरीक्षण (Initial Inspection);
  • आवधिक निरीक्षण (Periodic Inspection);
  • सुरक्षा निरीक्षण;
  • गुणवत्ता निरीक्षण;
  • अनुपालन मूल्यांकन।

4. लागू मानक या नियम (Applicable Standards)

उदाहरण:

  • ISO Standards;
  • राष्ट्रीय नियम;
  • तकनीकी विनिर्देश;
  • उद्योग आधारित मानक।

प्रदर्शित तकनीकी क्षमता के मुख्य घटक

(Components of Demonstrated Capability)


1. कर्मचारी क्षमता

(Personnel Competence)

निरीक्षण निकाय के प्रत्येक निरीक्षक के पास एक सक्षम तकनीकी प्रोफाइल होना चाहिए।

प्रत्येक निरीक्षक के लिए एक Personnel Competence File बनाए रखा जाना चाहिए।


कर्मचारी फाइल में शामिल होना चाहिए:

शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification)

  • डिग्री;
  • डिप्लोमा;
  • तकनीकी प्रमाणपत्र;
  • व्यावसायिक योग्यता।

प्रशिक्षण रिकॉर्ड (Training Records)

इसमें शामिल हो:

  • प्रारंभिक तकनीकी प्रशिक्षण;
  • विशेष निरीक्षण प्रशिक्षण;
  • सुरक्षा प्रशिक्षण;
  • नए मानकों पर प्रशिक्षण।

कार्य अनुभव (Work Experience)

प्रमाण के रूप में:

  • पूर्व रोजगार रिकॉर्ड;
  • परियोजना अनुभव;
  • निरीक्षण लॉगबुक;
  • पर्यवेक्षक की पुष्टि।

क्षमता मूल्यांकन (Competence Assessment)

निरीक्षण निकाय को यह प्रमाणित करना चाहिए कि निरीक्षक:

  • निरीक्षण विधियों को समझता है;
  • उपकरणों का सही उपयोग कर सकता है;
  • तकनीकी निर्णय ले सकता है;
  • सही रिपोर्ट तैयार कर सकता है।

अधिकृतता प्रमाणपत्र (Authorization)

प्रबंधन द्वारा प्रत्येक निरीक्षक को लिखित अधिकृतता प्रदान की जानी चाहिए जिसमें स्पष्ट हो:

  • निरीक्षक किन वस्तुओं का निरीक्षण कर सकता है;
  • कौन से मानक लागू कर सकता है;
  • किस सीमा तक निर्णय लेने के लिए अधिकृत है।

2. निरीक्षण विधियों का नियंत्रण

(Validated Methods Library)

निरीक्षण निकाय के पास सभी निरीक्षण विधियों की एक नियंत्रित लाइब्रेरी होनी चाहिए।


मानक विधियाँ (Standard Methods)

यदि निरीक्षण किसी प्रकाशित मानक के अनुसार किया जाता है, तो संस्था को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि:

  • सही मानक उपलब्ध है;
  • नवीनतम संस्करण का उपयोग हो रहा है;
  • कर्मचारी मानक की आवश्यकताओं को समझते हैं।

उदाहरण:

  • ISO Standards;
  • ASTM Standards;
  • राष्ट्रीय तकनीकी नियम।

गैर-मानक विधियाँ

(Non-Standard / In-House Methods)

यदि निरीक्षण निकाय स्वयं कोई विधि विकसित करता है, तो उसे:

  • पूर्ण रूप से दस्तावेजीकृत करना होगा;
  • तकनीकी आधार प्रस्तुत करना होगा;
  • सत्यापन (Validation) करना होगा।

विधि सत्यापन में शामिल हो सकते हैं:

  • मानक विधि से तुलना;
  • पुनरावृत्ति परीक्षण (Repeatability Testing);
  • सटीकता मूल्यांकन;
  • तकनीकी अध्ययन;
  • विशेषज्ञ समीक्षा।

उद्देश्य यह प्रमाणित करना है कि विधि:

  • विश्वसनीय है;
  • दोहराई जा सकती है;
  • अपने उद्देश्य के लिए उपयुक्त है।

3. उपकरण नियंत्रण प्रणाली

(Equipment Master List and Calibration System)

निरीक्षण परिणामों की विश्वसनीयता के लिए उपकरणों का उचित नियंत्रण आवश्यक है।


उपकरण सूची में शामिल होना चाहिए:

प्रत्येक उपकरण के लिए:

  • उपकरण पहचान संख्या;
  • नाम और प्रकार;
  • निर्माता;
  • मॉडल नंबर;
  • उपयोग क्षेत्र;
  • कैलिब्रेशन स्थिति;
  • अगली कैलिब्रेशन तिथि।

कैलिब्रेशन प्रणाली

निरीक्षण निकाय को सुनिश्चित करना चाहिए कि:

  • सभी महत्वपूर्ण उपकरण कैलिब्रेटेड हों;
  • कैलिब्रेशन प्रमाणपत्र उपलब्ध हों;
  • मापन राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय मानकों तक अनुरेखणीय हो।

आउट-ऑफ-कैलिब्रेशन स्थिति

यदि कोई उपकरण कैलिब्रेशन सीमा से बाहर पाया जाता है, तो संस्था को:

  • उपकरण को रोकना चाहिए;
  • प्रभावित निरीक्षणों की समीक्षा करनी चाहिए;
  • आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।

4. निरीक्षण वस्तु प्रबंधन

(Sample / Inspection Item Management)

निरीक्षण वस्तु की पहचान और स्थिति बनाए रखना आवश्यक है।

प्रक्रियाओं में शामिल होना चाहिए:

  • वस्तु की पहचान;
  • प्राप्ति रिकॉर्ड;
  • निरीक्षण पूर्व स्थिति;
  • निरीक्षण के दौरान सुरक्षा;
  • निरीक्षण के बाद वापसी या निपटान।

5. तकनीकी समीक्षा और रिपोर्टिंग

(Technical Review & Reporting)

निरीक्षण रिपोर्ट निरीक्षण प्रक्रिया का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण भाग है।

एक अच्छी रिपोर्ट:

  • स्पष्ट;
  • सटीक;
  • निष्पक्ष;
  • तकनीकी रूप से सही

होनी चाहिए।


रिपोर्ट में शामिल होना चाहिए:

  • निरीक्षण निकाय का नाम;
  • निरीक्षण स्थान;
  • ग्राहक विवरण;
  • निरीक्षण वस्तु;
  • प्रयुक्त विधि;
  • परिणाम;
  • निष्कर्ष;
  • अधिकृत हस्ताक्षर।

तकनीकी पोर्टफोलियो का निर्माण

(Creating a Robust Technical Portfolio)

मान्यता मूल्यांकन के दौरान SDAB या अन्य मान्यता निकाय निरीक्षण संस्था के तकनीकी दस्तावेजों की समीक्षा करते हैं।

एक मजबूत तकनीकी पोर्टफोलियो में शामिल होना चाहिए:


1. संगठनात्मक दस्तावेज

  • संगठन संरचना;
  • जिम्मेदारियों का विवरण;
  • निरीक्षण क्षेत्र।

2. कर्मचारी दस्तावेज

  • योग्यता प्रमाण;
  • प्रशिक्षण रिकॉर्ड;
  • अनुभव रिकॉर्ड;
  • क्षमता मूल्यांकन।

3. तकनीकी दस्तावेज

  • निरीक्षण प्रक्रियाएँ;
  • कार्य निर्देश;
  • मानक सूची;
  • विधि सत्यापन रिकॉर्ड।

4. उपकरण दस्तावेज

  • उपकरण सूची;
  • कैलिब्रेशन प्रमाणपत्र;
  • रखरखाव रिकॉर्ड।

5. निरीक्षण रिकॉर्ड

  • पूर्ण किए गए निरीक्षण;
  • रिपोर्ट नमूने;
  • तकनीकी समीक्षा रिकॉर्ड।

SDAB Accreditation Scheme Manual की भूमिका

(The Role of SDAB Accreditation Scheme Manual)

ISO/IEC 17020 अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं को निर्धारित करता है, जबकि SDAB Accreditation Scheme Manual इन आवश्यकताओं को लागू करने के लिए विशेष नियम और प्रक्रियाएँ प्रदान करता है।

यह मैनुअल निरीक्षण निकाय और मान्यता निकाय के बीच कार्यप्रणाली को स्पष्ट करता है।


SDAB Scheme Manual में सामान्यतः शामिल विषय

1. आवेदन प्रक्रिया (Application Process)

निरीक्षण निकाय को:

  • आवेदन प्रस्तुत करना;
  • आवश्यक दस्तावेज देना;
  • अपना निरीक्षण क्षेत्र घोषित करना;
  • मूल्यांकन शुल्क और प्रक्रिया स्वीकार करनी होती है।

2. मूल्यांकन प्रक्रिया (Assessment Process)

मूल्यांकन में शामिल हो सकते हैं:

दस्तावेज समीक्षा (Document Review)

जिसमें जांच की जाती है:

  • गुणवत्ता प्रणाली;
  • प्रक्रियाएँ;
  • तकनीकी दस्तावेज;
  • रिकॉर्ड।

कार्यालय मूल्यांकन (Office Assessment)

इसमें देखा जाता है:

  • प्रबंधन प्रणाली का कार्यान्वयन;
  • कर्मचारियों की क्षमता;
  • रिकॉर्ड नियंत्रण।

गवाह निरीक्षण (Witness Assessment)

यह सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक है।

SDAB मूल्यांकनकर्ता वास्तविक निरीक्षण गतिविधि को देखकर यह पुष्टि करते हैं कि:

  • निरीक्षक सक्षम है;
  • प्रक्रिया सही तरीके से लागू हो रही है;
  • रिपोर्टिंग उचित है।

SDAB Accreditation Scheme Manual की भूमिका (जारी)

3. मूल्यांकनकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों की योग्यता

(Competence of Assessors and Technical Experts)

SDAB द्वारा नियुक्त मूल्यांकनकर्ता (Assessors) और तकनीकी विशेषज्ञ (Technical Experts) स्वयं भी सक्षम और अनुभवी होने चाहिए।

उनके पास होना चाहिए:

  • संबंधित निरीक्षण क्षेत्र का तकनीकी ज्ञान;
  • ISO/IEC 17020 की समझ;
  • मूल्यांकन करने का अनुभव;
  • निरीक्षण प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान।

तकनीकी विशेषज्ञों की भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि निरीक्षण निकाय द्वारा किए जा रहे कार्यों का वास्तविक तकनीकी मूल्यांकन किया जा सके।


4. मान्यता निर्णय प्रक्रिया

(Accreditation Decision Process)

मूल्यांकन पूरा होने के बाद:

  • मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की जाती है;
  • गैर-अनुरूपताओं (Non-Conformities) की पहचान की जाती है;
  • निरीक्षण निकाय सुधारात्मक कार्रवाई प्रस्तुत करता है;
  • SDAB की निर्णय समिति समीक्षा करती है।

मान्यता प्रदान करने का निर्णय स्वतंत्र और निष्पक्ष प्रक्रिया के आधार पर लिया जाता है।


5. मान्यता प्रदान करना, बनाए रखना और समाप्त करना

(Granting, Maintaining, Extending, Suspending & Withdrawal)

SDAB द्वारा मान्यता प्राप्त होने के बाद निरीक्षण निकाय को लगातार ISO/IEC 17020 की आवश्यकताओं का पालन करना होता है।


मान्यता का विस्तार (Extension of Accreditation)

यदि निरीक्षण निकाय नए क्षेत्रों में निरीक्षण सेवाएँ शुरू करना चाहता है, तो उसे:

  • नया दायरा प्रस्तुत करना होगा;
  • तकनीकी क्षमता प्रमाणित करनी होगी;
  • अतिरिक्त मूल्यांकन से गुजरना होगा।

मान्यता का निलंबन (Suspension)

यदि कोई गंभीर समस्या पाई जाती है, जैसे:

  • तकनीकी क्षमता में कमी;
  • गलत निरीक्षण परिणाम;
  • मानक का गंभीर उल्लंघन;

तो मान्यता अस्थायी रूप से निलंबित की जा सकती है।


मान्यता वापस लेना (Withdrawal)

यदि निरीक्षण निकाय लगातार आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता, तो मान्यता समाप्त की जा सकती है।


6. निगरानी और पुनर्मूल्यांकन

(Surveillance and Re-assessment Activities)

मान्यता एक बार प्राप्त करके समाप्त नहीं हो जाती।

SDAB समय-समय पर निरीक्षण करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि:

  • तकनीकी क्षमता बनी हुई है;
  • प्रक्रियाएँ लागू हैं;
  • उपकरण नियंत्रित हैं;
  • कर्मचारी सक्षम हैं।

निगरानी मूल्यांकन में शामिल हो सकते हैं:

  • दस्तावेज समीक्षा;
  • कार्यालय निरीक्षण;
  • तकनीकी रिकॉर्ड जांच;
  • गवाह निरीक्षण;
  • कर्मचारियों के साथ चर्चा।

7. मान्यता चिन्ह का उपयोग

(Use of Accreditation Symbols and Claims)

मान्यता प्राप्त निरीक्षण निकाय SDAB मान्यता चिन्ह का उपयोग केवल निर्धारित नियमों के अनुसार कर सकता है।

उसे:

  • गलत दावे नहीं करने चाहिए;
  • मान्यता के दायरे से बाहर सेवाओं पर चिन्ह का उपयोग नहीं करना चाहिए;
  • ग्राहकों को भ्रमित करने वाली जानकारी नहीं देनी चाहिए।

8. शिकायत और अपील प्रक्रिया

(Complaint and Appeal Mechanisms)

एक प्रभावी मान्यता प्रणाली में शिकायत और अपील की स्वतंत्र व्यवस्था होनी चाहिए।

निरीक्षण निकाय या ग्राहक:

  • मूल्यांकन परिणामों पर अपील कर सकते हैं;
  • निर्णयों की समीक्षा का अनुरोध कर सकते हैं।

सभी शिकायतों को:

  • निष्पक्ष;
  • पारदर्शी;
  • समयबद्ध

तरीके से संभाला जाना चाहिए।


ISO/IEC 17020, विशेष तकनीकी क्षमता और SDAB अनुपालन का संबंध

(Integration of ISO/IEC 17020, Specialized Capability and SDAB Compliance)

एक सफल मान्यता प्राप्त निरीक्षण निकाय तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित होता है:


1. ISO/IEC 17020

यह निर्धारित करता है:

  • निरीक्षण निकाय कैसे संचालित होगा;
  • निष्पक्षता कैसे सुनिश्चित होगी;
  • तकनीकी क्षमता कैसे प्रदर्शित की जाएगी।

2. विशेष तकनीकी क्षमता

यह प्रमाणित करती है कि संस्था:

  • अपने क्षेत्र को समझती है;
  • सक्षम निरीक्षक रखती है;
  • सही तकनीक और उपकरण उपयोग करती है;
  • विश्वसनीय परिणाम देती है।

3. SDAB Accreditation Scheme

यह सुनिश्चित करता है कि:

  • मान्यता प्रक्रिया नियंत्रित हो;
  • मूल्यांकन निष्पक्ष हो;
  • अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुसार निगरानी हो।

मान्यता प्राप्त करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

(Accreditation Journey: Step-by-Step Implementation Guide)


चरण 1: अंतर विश्लेषण और प्रबंधन प्रतिबद्धता

(Gap Analysis & Commitment)

इस चरण में संगठन:

  • ISO/IEC 17020 आवश्यकताओं को समझता है;
  • वर्तमान प्रणाली का मूल्यांकन करता है;
  • कमियों की पहचान करता है;
  • शीर्ष प्रबंधन की प्रतिबद्धता प्राप्त करता है।

चरण 2: प्रबंधन प्रणाली विकास

(Management System Development)

इसमें तैयार किए जाते हैं:

  • गुणवत्ता नीति;
  • प्रक्रियाएँ;
  • कार्य निर्देश;
  • रिकॉर्ड प्रणाली;
  • दस्तावेज नियंत्रण प्रणाली।

चरण 3: तकनीकी प्रणाली विकास

(Technical System Development)

इस चरण में:

  • निरीक्षण का दायरा निर्धारित किया जाता है;
  • निरीक्षण विधियाँ चुनी जाती हैं;
  • उपकरण व्यवस्था बनाई जाती है;
  • कर्मचारियों की योग्यता विकसित की जाती है।

चरण 4: आंतरिक कार्यान्वयन और प्रशिक्षण

(Internal Implementation and Training)

इसमें:

  • कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाता है;
  • वास्तविक निरीक्षण किए जाते हैं;
  • आंतरिक ऑडिट किए जाते हैं;
  • प्रबंधन समीक्षा आयोजित की जाती है।

चरण 5: आवेदन और पूर्व-मूल्यांकन

(Pre-Assessment and Application)

निरीक्षण निकाय:

  • SDAB को आवेदन देता है;
  • आवश्यक दस्तावेज जमा करता है;
  • प्रारंभिक तैयारी मूल्यांकन करा सकता है।

चरण 6: प्रारंभिक मूल्यांकन

(Initial Assessment)

इसमें दो मुख्य भाग होते हैं:

चरण 1: दस्तावेज समीक्षा

जांच की जाती है:

  • प्रक्रियाएँ;
  • नीतियाँ;
  • तकनीकी दस्तावेज।

चरण 2: ऑन-साइट और गवाह मूल्यांकन

इसमें:

  • वास्तविक कार्यस्थल निरीक्षण;
  • निरीक्षक प्रदर्शन;
  • उपकरण उपयोग;
  • रिपोर्टिंग प्रक्रिया

का मूल्यांकन किया जाता है।


चरण 7: सुधारात्मक कार्रवाई और निर्णय

(Corrective Actions and Decision)

यदि कमियाँ मिलती हैं तो:

  • कारण विश्लेषण किया जाता है;
  • सुधारात्मक कार्रवाई लागू की जाती है;
  • SDAB अंतिम निर्णय लेता है।

चरण 8: मान्यता के बाद की गतिविधियाँ

(Accreditation and Beyond)

मान्यता प्राप्त करने के बाद संस्था को:

  • निरंतर सुधार करना;
  • निगरानी मूल्यांकन के लिए तैयार रहना;
  • तकनीकी क्षमता बनाए रखना

आवश्यक है।


सामान्य कमियाँ और सर्वोत्तम कार्य प्रणालियाँ

(Common Pitfalls and Best Practices)


ISO/IEC 17020 मूल्यांकन में सामान्य गैर-अनुरूपताएँ

कुछ सामान्य कमियाँ:

1. अपर्याप्त कर्मचारी योग्यता रिकॉर्ड

समस्या:

  • प्रशिक्षण प्रमाण उपलब्ध नहीं;
  • अनुभव रिकॉर्ड अधूरे;
  • अधिकृतता स्पष्ट नहीं।

समाधान:

  • प्रत्येक कर्मचारी के लिए पूर्ण क्षमता फाइल बनाएँ।

2. उपकरण नियंत्रण में कमी

समस्या:

  • कैलिब्रेशन समाप्त;
  • उपकरण पहचान नहीं;
  • रखरखाव रिकॉर्ड नहीं।

समाधान:

  • मजबूत Equipment Management System लागू करें।

3. निरीक्षण विधियों का गलत उपयोग

समस्या:

  • पुराने मानकों का उपयोग;
  • गैर-सत्यापित विधियाँ।

समाधान:

  • नियंत्रित और सत्यापित विधि प्रणाली रखें।

4. निरीक्षण रिपोर्ट में कमी

समस्या:

  • आवश्यक तकनीकी जानकारी गायब;
  • अस्पष्ट निष्कर्ष।

समाधान:

  • नियंत्रित रिपोर्ट प्रारूप लागू करें।

निष्पक्षता बनाए रखने के सर्वोत्तम उपाय

निरीक्षण निकाय को:

  • हितों के टकराव की पहचान करनी चाहिए;
  • स्वतंत्र निर्णय सुनिश्चित करना चाहिए;
  • कर्मचारियों को निष्पक्षता नीति से अवगत कराना चाहिए;
  • नियमित जोखिम समीक्षा करनी चाहिए।

तकनीकी रिकॉर्ड प्रबंधन

एक प्रभावी रिकॉर्ड प्रणाली:

  • निरीक्षण इतिहास सुरक्षित रखती है;
  • परिणामों की पुष्टि संभव बनाती है;
  • ग्राहक विश्वास बढ़ाती है।

ILAC Mutual Recognition Arrangement (MRA)

अंतरराष्ट्रीय मान्यता सहयोग

ILAC (International Laboratory Accreditation Cooperation) एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो मान्यता निकायों के बीच सहयोग और पारस्परिक मान्यता को बढ़ावा देता है।


ILAC MRA का महत्व

ILAC MRA के माध्यम से:

  • एक देश में जारी निरीक्षण रिपोर्ट दूसरे देशों में स्वीकार की जा सकती हैं;
  • अंतरराष्ट्रीय व्यापार आसान होता है;
  • तकनीकी बाधाएँ कम होती हैं;
  • ग्राहकों और नियामकों का विश्वास बढ़ता है।

क्षेत्र आधारित उदाहरण

(Sector Applications)


उदाहरण 1: लिफ्टिंग उपकरण निरीक्षण निकाय (Type A)

एक स्वतंत्र निरीक्षण संस्था:

  • क्रेन;
  • होइस्ट;
  • लिफ्टिंग उपकरण

का निरीक्षण करती है।

इसके लिए आवश्यक है:

  • प्रशिक्षित निरीक्षक;
  • प्रमाणित उपकरण;
  • मान्य निरीक्षण प्रक्रिया;
  • स्वतंत्र निर्णय प्रणाली।

उदाहरण 2: विनिर्माण इकाई का आंतरिक निरीक्षण विभाग (Type C)

एक फैक्ट्री का गुणवत्ता विभाग:

  • अपने उत्पादों का निरीक्षण करता है;
  • उत्पादन प्रक्रिया नियंत्रित करता है।

उसे:

  • निष्पक्षता जोखिमों को नियंत्रित करना;
  • जिम्मेदारियाँ स्पष्ट करना;
  • रिकॉर्ड बनाए रखना

आवश्यक है।


निष्कर्ष: मान्यता का रणनीतिक महत्व

(Strategic Value of Accreditation)

ISO/IEC 17020 और SDAB मान्यता केवल एक प्रमाणपत्र नहीं है, बल्कि यह निरीक्षण निकाय की विश्वसनीयता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रमाण है।


मान्यता के प्रमुख लाभ:

1. विश्वसनीयता में वृद्धि

मान्यता चिन्ह ग्राहकों और उद्योग को विश्वास देता है कि संस्था सक्षम है।


2. जोखिम में कमी

विश्वसनीय निरीक्षण:

  • दुर्घटनाओं को कम करता है;
  • खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों को रोकता है;
  • कानूनी जोखिम घटाता है।

3. बाजार अवसर

कई सरकारी परियोजनाएँ, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय अनुबंध मान्यता प्राप्त निरीक्षण सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं।


4. संचालन में सुधार

मान्यता प्रक्रिया:

  • प्रक्रियाओं को बेहतर बनाती है;
  • कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाती है;
  • संगठन में गुणवत्ता संस्कृति विकसित करती है।

5. वैश्विक स्वीकार्यता

SDAB मान्यता के माध्यम से निरीक्षण निकाय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक विश्वसनीयता प्राप्त कर सकते हैं।


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