सनातन धर्म बोर्ड

माझगांव डॉक लिमिटेड पनडुब्बी विभाग वर्कशॉप-‘C’

माझगांव डॉक लिमिटेड पनडुब्बी विभाग वर्कशॉप-‘C’ An interior view of Mazagon Dock Limited - Submarine Department Workshop 'C' showing cylindrical submarine hull sections and heavy machinery arranged inside a massive fabrication bay with overhead cranes and shipyard personnel.

अध्याय 1 – Mazagon Dock Limited और Submarine Division Workshop-‘C’ का परिचय

1.1 एक महत्वपूर्ण औद्योगिक संस्थान की कहानी

भारत का औद्योगिक विकास कई ऐसे संस्थानों के काम पर निर्भर करता है, जहाँ तकनीकी ज्ञान, मेहनत, अनुशासन और अच्छी कार्यप्रणाली का विशेष महत्व होता है। जहाज निर्माण और पनडुब्बी से जुड़े काम ऐसे ही क्षेत्र हैं, जहाँ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है। यहाँ काम करने वाले कर्मचारियों को अपने काम की गुणवत्ता, सुरक्षा और समय का ध्यान रखना पड़ता है।

Mazagon Dock Limited मुंबई के मझगांव क्षेत्र में स्थित एक प्रसिद्ध जहाज निर्माण संस्थान है। इसका पता Dockyard Road, Mazagaon, Mumbai-400010, India है। इस संस्थान का नाम जहाज निर्माण और रक्षा क्षेत्र से जुड़े औद्योगिक कामों के कारण जाना जाता है।

इस केस स्टडी का मुख्य विषय Mazagon Dock Limited की Submarine Division Workshop-‘C’ है। इस वर्कशॉप से संबंधित उपलब्ध जानकारी में FIVE-S Workplace Management System और वर्ष 2015 में जारी प्रमाणपत्र का उल्लेख मिलता है, जिसकी वैधता वर्ष 2018 तक बताई गई है।

यह कहानी इस बात को समझाने का प्रयास करती है कि किसी तकनीकी वर्कशॉप में FIVE-S जैसी कार्यस्थल प्रबंधन प्रणाली क्यों उपयोगी होती है और इससे काम करने के तरीके में किस प्रकार सुधार लाया जा सकता है।

1.2 वर्कशॉप में सही व्यवस्था का महत्व

किसी भी वर्कशॉप में कई प्रकार के औजार, उपकरण, मशीनें, तकनीकी दस्तावेज और दूसरे जरूरी सामान होते हैं। यदि इन सभी चीजों को सही तरीके से नहीं रखा जाए, तो कर्मचारियों को जरूरत के समय सामान खोजने में परेशानी हो सकती है।

मान लीजिए, किसी कर्मचारी को एक विशेष औजार की जरूरत है। यदि उस औजार की कोई तय जगह नहीं है, तो उसे खोजने में कई मिनट लग सकते हैं। यह समस्या बार-बार होने पर पूरे दिन के काम पर असर पड़ सकता है।

इसके विपरीत, यदि हर औजार की जगह तय हो, उस पर पहचान का निशान लगा हो और इस्तेमाल के बाद उसे उसी जगह रखा जाए, तो कर्मचारी आसानी से काम कर सकता है।

इसी तरह, यदि किसी वर्कशॉप में रास्ते साफ न हों, जरूरी सामान इधर-उधर पड़ा हो या काम के बाद उपकरण व्यवस्थित न किए जाएँ, तो दुर्घटना और काम में देरी का खतरा बढ़ सकता है।

पनडुब्बी निर्माण से जुड़ी तकनीकी गतिविधियों में सटीकता और अनुशासन का विशेष महत्व होता है। इसलिए कार्यस्थल पर अच्छी व्यवस्था बनाए रखना केवल सफाई का विषय नहीं है। यह काम की गुणवत्ता और सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।

1.3 FIVE-S Workplace Management System क्या है?

FIVE-S एक ऐसी कार्यस्थल प्रबंधन पद्धति है, जिसका उद्देश्य काम की जगह को साफ, व्यवस्थित, सुरक्षित और उपयोगी बनाना है। इसे सामान्य भाषा में समझें तो इसका मतलब है कि जरूरी सामान अपने स्थान पर रहे, गैरजरूरी सामान हटाया जाए, सफाई की नियमित व्यवस्था हो और सभी कर्मचारी तय नियमों का पालन करें।

FIVE-S के पाँच मुख्य चरण हैं:

1. Seiri – छँटाई: जरूरी और गैरजरूरी सामान को अलग करना।

2. Seiton – सही जगह पर रखना: हर औजार, दस्तावेज और उपकरण के लिए उचित स्थान तय करना।

3. Seiso – सफाई: कार्यस्थल, मशीनों और आसपास के क्षेत्र को साफ रखना।

4. Seiketsu – एक जैसे नियम बनाना: सफाई और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्पष्ट नियम और तरीके तय करना।

5. Shitsuke – अनुशासन बनाए रखना: कर्मचारियों में ऐसी आदत विकसित करना कि वे रोजाना इन नियमों का पालन करें।

इन पाँच चरणों का उद्देश्य केवल एक दिन वर्कशॉप को साफ करना नहीं है। असली उद्देश्य ऐसी आदत बनाना है, जिससे कार्यस्थल लंबे समय तक व्यवस्थित बना रहे।

1.4 प्रमाणन की भूमिका

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए FIVE-S Workplace Management System से संबंधित प्रमाणपत्र वर्ष 2015 में जारी किया गया था और उसकी वैधता वर्ष 2018 तक थी।

प्रमाणन का महत्व इस बात में है कि कार्यस्थल प्रबंधन को एक व्यवस्थित विषय के रूप में देखा जाए। इसमें तय प्रक्रियाओं, जिम्मेदारियों और काम करने के तरीकों पर ध्यान दिया जाता है। (https://www.mazagondock.in/)

हालाँकि, केवल प्रमाणपत्र मिलने से यह साबित नहीं होता कि हर समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई थी या उत्पादन में किसी निश्चित प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। वास्तविक परिणाम जानने के लिए उस समय के ऑडिट रिकॉर्ड, कार्यस्थल निरीक्षण और प्रदर्शन के आंकड़ों की जरूरत होती है।

फिर भी, FIVE-S को अपनाना किसी वर्कशॉप के लिए बेहतर व्यवस्था की दिशा में एक उपयोगी कदम हो सकता है।

1.5 इस कहानी का मुख्य उद्देश्य

इस केस स्टडी का उद्देश्य यह बताना है कि FIVE-S जैसी प्रणाली तकनीकी कार्यस्थल को बेहतर बनाने में किस प्रकार मदद कर सकती है।

यह कहानी सफाई, समय की बचत, औजारों की व्यवस्था, कर्मचारियों की भागीदारी, सुरक्षा, गुणवत्ता और लंबे समय तक सुधार बनाए रखने जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाएगी।

इससे एक मुख्य सीख मिलती है: बड़ी औद्योगिक सफलता केवल बड़ी मशीनों या आधुनिक तकनीक से नहीं मिलती। सही व्यवस्था, जिम्मेदार कर्मचारी और रोजाना अपनाई जाने वाली अच्छी आदतें भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं।


अध्याय 2 – FIVE-S प्रणाली अपनाने की जरूरत और कार्यस्थल की चुनौतियाँ

2.1 किसी वर्कशॉप में आने वाली सामान्य समस्याएँ

एक तकनीकी वर्कशॉप में कई प्रकार के काम एक साथ चलते हैं। कुछ कर्मचारी उपकरणों का उपयोग करते हैं, कुछ तकनीकी निर्देशों के अनुसार काम करते हैं और कुछ लोग निरीक्षण, रखरखाव या रिकॉर्ड से जुड़े काम संभालते हैं।

ऐसे वातावरण में व्यवस्था बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। यदि सामान की जगह तय न हो, तो कर्मचारी जरूरत के समय उसे खोजने में समय लगा सकते हैं। यदि कार्यस्थल की सफाई की जिम्मेदारी स्पष्ट न हो, तो कुछ जगहों पर गंदगी जमा हो सकती है।

कभी-कभी कर्मचारी पुराने दस्तावेजों को नए दस्तावेजों के साथ रख देते हैं। इससे सही जानकारी ढूँढ़ना कठिन हो सकता है। इसी तरह, इस्तेमाल के बाद औजार वापस न रखने से अगले कर्मचारी को परेशानी हो सकती है।

ये समस्याएँ केवल किसी एक संस्थान तक सीमित नहीं हैं। दुनिया भर की औद्योगिक इकाइयों में ऐसी स्थितियाँ सामने आ सकती हैं, यदि कार्यस्थल के लिए स्पष्ट नियम और नियमित जाँच न हो।

Submarine Division Workshop-‘C’ के संबंध में ऐसी किसी विशेष समस्या का प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसलिए यहाँ इन उदाहरणों का उपयोग केवल यह समझाने के लिए किया गया है कि किसी तकनीकी वर्कशॉप में FIVE-S की जरूरत क्यों पड़ सकती है।

2.2 सामान खोजने में लगने वाला समय

किसी कर्मचारी का काम तभी आसानी से आगे बढ़ता है, जब उसे जरूरी औजार और जानकारी सही समय पर मिल जाए।

उदाहरण के लिए, यदि किसी औजार को रखने की जगह तय नहीं है, तो कर्मचारी उसे अलग-अलग मेजों, अलमारियों या स्टोरेज क्षेत्रों में खोज सकता है। यदि पाँच कर्मचारियों को दिन में कई बार ऐसा करना पड़े, तो कुल मिलाकर काफी समय खर्च हो सकता है।

FIVE-S के दूसरे चरण यानी Seiton का उद्देश्य इसी तरह की परेशानी को कम करना है।

इसके लिए औजारों के लिए तय स्थान बनाया जा सकता है। अलमारियों पर नाम लिखे जा सकते हैं। जरूरी उपकरणों के लिए पहचान चिह्न लगाए जा सकते हैं। इस्तेमाल के बाद सामान वापस रखने का नियम बनाया जा सकता है।

इससे कर्मचारी बिना अनावश्यक खोज के अपना काम शुरू कर सकते हैं।

2.3 सफाई और सुरक्षा का संबंध

वर्कशॉप में सफाई का मतलब केवल फर्श साफ करना नहीं है। इसमें रास्तों को खुला रखना, सामान को सुरक्षित तरीके से रखना, काम के क्षेत्र को व्यवस्थित करना और किसी भी असामान्य स्थिति को समय पर पहचानना भी शामिल है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी रास्ते पर सामान रखा है, तो कर्मचारी को वहाँ से गुजरने में परेशानी हो सकती है। यदि कोई औजार अपनी तय जगह पर नहीं है, तो काम के दौरान अनावश्यक जोखिम पैदा हो सकता है।

FIVE-S की नियमित व्यवस्था से ऐसी स्थितियों को पहचानने और सुधारने में मदद मिल सकती है।

हालाँकि, FIVE-S को सभी तकनीकी सुरक्षा प्रक्रियाओं का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। मशीनों की सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, आग से बचाव और खतरनाक पदार्थों के प्रबंधन के लिए अलग-अलग लागू नियमों का पालन करना जरूरी होता है।

2.4 छँटाई से शुरुआत

FIVE-S का पहला चरण Seiri है। इसका अर्थ है जरूरी और गैरजरूरी सामान में अंतर करना।

वर्कशॉप में समय के साथ पुराने दस्तावेज, अनुपयोगी सामग्री, अतिरिक्त पैकिंग, खराब औजार या ऐसे सामान जमा हो सकते हैं जिनकी तत्काल जरूरत नहीं होती।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर पुरानी वस्तु को फेंक देना चाहिए। तकनीकी और रक्षा से जुड़े कार्यों में रिकॉर्ड, पुर्जे और उपकरण विशेष कारणों से सुरक्षित रखने पड़ सकते हैं।

इसलिए छँटाई करते समय पहले यह तय करना जरूरी है कि किस वस्तु का उपयोग होता है, किसे सुरक्षित रखना आवश्यक है और किसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हटाया जा सकता है।

यदि किसी वस्तु के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं है, तो उसे बिना अनुमति हटाने के बजाय संबंधित अधिकारी से निर्णय लेना चाहिए।

2.5 कर्मचारियों को साथ लेकर चलना

कोई भी व्यवस्था केवल निर्देश देने से सफल नहीं होती। कर्मचारियों को यह समझना जरूरी है कि नियम क्यों बनाए जा रहे हैं और उनसे उनके रोजाना के काम में क्या लाभ हो सकता है।

यदि किसी कर्मचारी को औजारों की नई व्यवस्था बनाने में शामिल किया जाए, तो वह अपने अनुभव के आधार पर बेहतर सुझाव दे सकता है।

उदाहरण के लिए, किसी औजार का उपयोग दिन में कई बार होता है, इसलिए उसे ऐसी जगह रखना उचित होगा जहाँ से उसे आसानी से लिया और वापस रखा जा सके। वहीं, कम उपयोग होने वाले उपकरणों के लिए अलग स्टोरेज स्थान रखा जा सकता है।

ऐसी छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों का अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।

2.6 FIVE-S एक बार का काम नहीं

किसी वर्कशॉप को एक दिन साफ कर देना आसान हो सकता है, लेकिन उस व्यवस्था को कई महीनों और वर्षों तक बनाए रखना ज्यादा महत्वपूर्ण है।

यदि औजार फिर से इधर-उधर रखे जाने लगें, सफाई की जाँच बंद हो जाए या कर्मचारी तय नियमों को भूल जाएँ, तो कुछ ही समय में पुरानी समस्याएँ वापस आ सकती हैं।

इसीलिए FIVE-S में नियमित जाँच, जिम्मेदारी और अनुशासन को महत्व दिया जाता है।

Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए वर्ष 2015 से 2018 तक के प्रमाणपत्र रिकॉर्ड को देखते हुए इस अवधि को FIVE-S प्रमाणन से जुड़ी ऐतिहासिक अवधि के रूप में समझा जा सकता है। इस अवधि में कौन-कौन से सुधार हुए, इसे निश्चित रूप से बताने के लिए अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत होगी।

इस अध्याय की मुख्य सीख यह है कि FIVE-S की जरूरत केवल सफाई के लिए नहीं, बल्कि काम को आसान, सुरक्षित और अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए होती है।


अध्याय 3 – FIVE-S के पाँच चरण और उनका व्यावहारिक उपयोग

An exterior view of the Mazagon Dock Limited Submarine Dept Workshop 'C' building in Mumbai, with open bay doors revealing a large submarine inside and shipyard personnel along Dockyard Road.

3.1 पहला चरण: Seiri यानी जरूरी और गैरजरूरी सामान की छँटाई

FIVE-S का पहला चरण Seiri है। इसे सरल भाषा में छँटाई कहा जा सकता है।

किसी भी वर्कशॉप में बहुत-सी वस्तुएँ होती हैं। कुछ रोजाना इस्तेमाल होती हैं, कुछ कभी-कभी और कुछ लंबे समय से उपयोग में नहीं आई होतीं।

यदि इन सभी चीजों को एक ही स्थान पर बिना किसी व्यवस्था के रखा जाए, तो जरूरी सामान ढूँढ़ना कठिन हो सकता है।

इसलिए सबसे पहले यह पहचानना जरूरी है कि कौन-सा सामान काम के लिए आवश्यक है और कौन-सा नहीं।

उदाहरण के लिए, कार्यस्थल पर रोजाना उपयोग होने वाले औजारों को आसानी से उपलब्ध स्थान पर रखा जा सकता है। अतिरिक्त सामग्री को अलग क्षेत्र में रखा जा सकता है। खराब उपकरणों की पहचान करके उन्हें सामान्य उपयोग से अलग किया जा सकता है, ताकि कोई कर्मचारी गलती से उनका उपयोग न करे।

पुराने तकनीकी रिकॉर्ड को हटाने से पहले संबंधित रिकॉर्ड-रखने के नियमों का पालन करना चाहिए।

Seiri का वास्तविक उद्देश्य जगह खाली करना भर नहीं है। इसका उद्देश्य कार्यस्थल पर मौजूद सामान की स्थिति को स्पष्ट करना है।

3.2 दूसरा चरण: Seiton यानी हर चीज की तय जगह

दूसरे चरण में तय किया जाता है कि हर जरूरी वस्तु कहाँ रखी जाएगी।

इसे एक आसान उदाहरण से समझ सकते हैं। यदि घर में चाबियाँ रखने की जगह तय है, तो बाहर जाते समय उन्हें खोजने में कम समय लगता है। इसी तरह वर्कशॉप में औजारों, दस्तावेजों और अन्य सामान की तय जगह होने से काम करना आसान हो सकता है।

वर्कशॉप में इसके लिए अलमारियों पर लेबल लगाए जा सकते हैं। उपकरणों के लिए नाम वाली जगह बनाई जा सकती है। स्टोरेज क्षेत्रों में सामान को पहचान के अनुसार रखा जा सकता है।

जहाँ अनुमति हो, वहाँ औजार रखने वाले बोर्ड पर हर औजार की अलग जगह निर्धारित की जा सकती है। इससे यह देखना आसान हो सकता है कि कौन-सा औजार उपलब्ध है और कौन-सा अपनी जगह पर नहीं है।

लेकिन तकनीकी या सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की व्यवस्था संबंधित इंजीनियरिंग और सुरक्षा नियमों के अनुसार ही की जानी चाहिए।

सही जगह पर सामान रखने से कर्मचारियों को खोजने में कम समय लग सकता है और काम में होने वाली अनावश्यक रुकावटें कम हो सकती हैं।

3.3 तीसरा चरण: Seiso यानी नियमित सफाई

तीसरे चरण में सफाई पर ध्यान दिया जाता है।

सफाई को केवल किसी एक कर्मचारी का काम मानने के बजाय पूरे कार्यस्थल की साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जा सकता है।

इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों की सफाई की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। काम शुरू करने से पहले या काम खत्म होने के बाद आवश्यक जाँच की जा सकती है।

मशीनों और उपकरणों की सफाई उनके निर्माता के निर्देशों और संबंधित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुसार होनी चाहिए।

यदि किसी जगह पर तेल, धूल, पानी या दूसरी सामग्री जमा हो रही है, तो केवल उसे साफ करना पर्याप्त नहीं है। यह भी देखना जरूरी है कि समस्या बार-बार क्यों पैदा हो रही है।

इस तरह सफाई का संबंध निरीक्षण और समस्या की पहचान से भी जुड़ जाता है।

किसी भी असामान्य स्थिति को देखकर कर्मचारी उसे संबंधित अधिकारी तक पहुँचा सकता है। इससे संभावित समस्या को बढ़ने से पहले पहचानने में मदद मिल सकती है।

3.4 चौथा चरण: Seiketsu यानी समान नियम बनाना

पहले तीन चरणों में छँटाई, सही जगह और सफाई पर ध्यान दिया जाता है। चौथे चरण में इन कामों को नियमित बनाए रखने के लिए एक समान नियम तैयार किए जाते हैं।

यदि हर कर्मचारी अपनी पसंद से अलग व्यवस्था अपनाए, तो कुछ समय बाद भ्रम पैदा हो सकता है।

इसलिए यह तय करना उपयोगी होता है कि सामान कहाँ रखा जाएगा, सफाई कब की जाएगी, कौन निरीक्षण करेगा और किसी समस्या की सूचना कैसे दी जाएगी।

इन नियमों को सरल भाषा में लिखा जा सकता है। जहाँ जरूरी हो, वहाँ संकेत, लेबल या चित्रों का उपयोग किया जा सकता है।

नए कर्मचारियों को भी इन नियमों के बारे में बताया जाना चाहिए, ताकि वे शुरुआत से ही सही तरीके से काम कर सकें।

नियम ऐसे होने चाहिए जिन्हें कर्मचारी आसानी से समझ सकें और रोजाना अपना सकें।

3.5 पाँचवाँ चरण: Shitsuke यानी अनुशासन और अच्छी आदत

पाँचवाँ चरण FIVE-S का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा सकता है, क्योंकि इसमें व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखने की बात होती है।

यदि कर्मचारी कुछ दिनों तक नियमों का पालन करें और बाद में उन्हें भूल जाएँ, तो FIVE-S का उद्देश्य पूरा नहीं होगा।

इसलिए नियमित प्रशिक्षण, निरीक्षण और कर्मचारियों की भागीदारी आवश्यक है।

उदाहरण के लिए, यदि किसी औजार का उपयोग करने के बाद उसे वापस रखने का नियम है, तो सभी कर्मचारियों को इसे अपनी रोजाना की आदत बनाना चाहिए।

यदि कोई कर्मचारी किसी समस्या को पहचानता है, तो उसे समस्या छिपाने के बजाय सही तरीके से रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

प्रबंधन को भी नियमों का पालन करना चाहिए। जब वरिष्ठ अधिकारी स्वयं अनुशासन और व्यवस्था को महत्व देते हैं, तो कर्मचारियों के लिए भी उन आदतों को अपनाना आसान होता है।

3.6 पाँचों चरण एक-दूसरे से जुड़े हैं

FIVE-S के पाँचों चरण अलग-अलग दिखाई देते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक-दूसरे पर निर्भर हैं।

छँटाई के बिना सही व्यवस्था बनाना मुश्किल हो सकता है। सही जगह तय होने के बाद सफाई बनाए रखना आसान हो सकता है। नियमों के बिना व्यवस्था अलग-अलग लोगों पर निर्भर रह सकती है। और अनुशासन के बिना नियम लंबे समय तक टिक नहीं सकते।

Submarine Division Workshop-‘C’ जैसे तकनीकी कार्यस्थल के संदर्भ में FIVE-S का उपयोग कार्यक्षेत्र को व्यवस्थित रखने, औजारों की पहचान आसान बनाने और नियमित निरीक्षण को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है।

यह दावा नहीं किया जा सकता कि प्रमाणपत्र मिलने के बाद इन सभी प्रक्रियाओं को किस हद तक लागू किया गया था, क्योंकि इसके लिए विस्तृत रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।

फिर भी, FIVE-S के ये पाँच चरण किसी भी औद्योगिक कार्यस्थल के लिए उपयोगी मार्गदर्शन देते हैं।


अध्याय 4 – कर्मचारियों की भागीदारी और काम करने के तरीके में सुधार

4.1 कर्मचारी किसी भी व्यवस्था की असली ताकत हैं

किसी संस्थान के पास अच्छी मशीनें, आधुनिक उपकरण और स्पष्ट नियम हो सकते हैं। लेकिन यदि कर्मचारी उन नियमों को नहीं समझते या उनका पालन नहीं करते, तो व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पाता।

इसीलिए FIVE-S में कर्मचारियों की भागीदारी को बहुत महत्व दिया जाता है।

कर्मचारी अपने कार्यस्थल की समस्याओं को सबसे करीब से देखते हैं। उन्हें पता होता है कि कौन-सा औजार बार-बार इस्तेमाल होता है, किस स्थान पर काम करते समय परेशानी आती है और किन कारणों से समय बर्बाद होता है।

यदि उनके अनुभव को महत्व दिया जाए, तो कार्यस्थल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अच्छे सुझाव मिल सकते हैं।

4.2 कर्मचारियों को जिम्मेदारी समझाना

FIVE-S लागू करने के लिए यह स्पष्ट होना चाहिए कि किस व्यक्ति या टीम की क्या जिम्मेदारी है।

उदाहरण के लिए, किसी क्षेत्र में औजारों को व्यवस्थित रखने की जिम्मेदारी संबंधित टीम को दी जा सकती है। किसी अन्य क्षेत्र में सफाई और निरीक्षण की जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

इसका अर्थ यह नहीं कि हर समस्या का दोष किसी एक कर्मचारी पर डाल दिया जाए। उद्देश्य यह होना चाहिए कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें और समस्या होने पर मिलकर उसका समाधान करें।

यदि कोई औजार बार-बार अपनी जगह से गायब मिलता है, तो केवल कर्मचारी को डाँटना पर्याप्त नहीं होगा। यह भी देखना चाहिए कि उसकी जगह स्पष्ट है या नहीं, उसे लेने और लौटाने की प्रक्रिया आसान है या नहीं और क्या सभी कर्मचारियों को नियम की जानकारी है।

इस तरह समस्या का कारण समझकर सुधार किया जा सकता है।

4.3 प्रशिक्षण से सही आदतें विकसित करना

कर्मचारियों को FIVE-S की जानकारी देना जरूरी है। प्रशिक्षण में केवल पाँच चरणों के नाम याद करवाना पर्याप्त नहीं है।

उन्हें यह भी समझाना चाहिए कि कार्यस्थल की व्यवस्था का उनके रोजाना के काम पर क्या प्रभाव पड़ता है।

उदाहरण के लिए, यदि हर औजार की जगह तय हो, तो काम शुरू करने में कम समय लग सकता है। यदि रास्ते खुले हों, तो आने-जाने में परेशानी कम हो सकती है। यदि सफाई नियमित हो, तो असामान्य स्थितियों को पहचानना आसान हो सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक कार्यस्थल के उदाहरणों का उपयोग किया जा सकता है।

नए कर्मचारी के लिए भी यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। इससे वह शुरुआत से ही सही तरीके से काम करने की आदत सीख सकता है।

4.4 कर्मचारियों के सुझावों को महत्व देना

कभी-कभी किसी व्यवस्था में छोटी-सी समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, क्योंकि उसे ठीक करने के लिए कोई सुझाव सामने नहीं आता।

यदि कर्मचारियों को अपने विचार साझा करने का अवसर दिया जाए, तो वे कई सरल सुधार सुझा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, किसी स्टोरेज स्थान पर लेबल साफ दिखाई नहीं देता। कर्मचारी सुझाव दे सकता है कि लेबल को अधिक स्पष्ट बनाया जाए।

किसी औजार को बार-बार दूसरे क्षेत्र से लाना पड़ता है। कर्मचारी यह सुझाव दे सकता है कि नियमों के अनुसार उसका स्थान अधिक सुविधाजनक किया जाए।

ऐसे सुझावों को लागू करने से पहले संबंधित अधिकारी की मंजूरी और तकनीकी आवश्यकताओं की जाँच जरूरी हो सकती है।

इससे कर्मचारियों को यह महसूस होता है कि उनकी बात सुनी जा रही है और कार्यस्थल सुधार में उनकी भूमिका है।

4.5 टीमवर्क और आपसी सहयोग

एक वर्कशॉप में कई लोग मिलकर काम करते हैं। एक व्यक्ति का काम दूसरे व्यक्ति के काम से जुड़ा हो सकता है।

यदि किसी कर्मचारी को जरूरी औजार समय पर नहीं मिलता, तो उसके बाद काम करने वाले व्यक्ति को भी इंतजार करना पड़ सकता है।

इसी तरह, यदि किसी दस्तावेज की पहचान स्पष्ट नहीं है, तो दूसरे कर्मचारी को सही जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो सकती है।

FIVE-S के नियम इन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि वे सभी कर्मचारियों के लिए एक समान व्यवस्था तैयार करते हैं।

इस व्यवस्था में टीमवर्क का मतलब है कि कर्मचारी केवल अपना कार्यक्षेत्र ही नहीं, बल्कि साझा स्थानों और उपकरणों की स्थिति का भी ध्यान रखें।

4.6 गलती से सीखने की संस्कृति

किसी भी कार्यस्थल पर गलतियाँ या कमियाँ सामने आ सकती हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि उनसे सीख कैसे ली जाती है।

यदि किसी कर्मचारी को यह डर हो कि समस्या बताने पर उसे तुरंत दंड मिलेगा, तो वह समस्या छिपा सकता है। इससे छोटी समस्या बड़ी बन सकती है।

इसके बजाय ऐसी कार्य संस्कृति विकसित करना उपयोगी है, जहाँ कर्मचारी समस्या की सूचना समय पर दें और प्रबंधन उसका कारण समझने का प्रयास करे।

जहाँ जानबूझकर नियम तोड़ने का मामला हो, वहाँ उचित कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन सामान्य मानवीय गलती और व्यवस्था की कमजोरी को भी पहचानना जरूरी है।

FIVE-S के माध्यम से कर्मचारियों को अपने कार्यक्षेत्र की जिम्मेदारी समझने और सुधार के लिए योगदान देने का अवसर मिल सकता है।

4.7 प्रमाणन और कर्मचारियों की भूमिका

Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए वर्ष 2015 में जारी FIVE-S प्रमाणपत्र इस केस स्टडी का मुख्य ऐतिहासिक आधार है।

हालाँकि, उस समय कर्मचारियों के प्रशिक्षण, भागीदारी या प्रदर्शन के विशिष्ट परिणामों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि प्रमाणन के कारण कर्मचारियों की उत्पादकता में कितना बदलाव आया।

लेकिन सामान्य रूप से यह स्पष्ट है कि FIVE-S जैसी व्यवस्था तभी उपयोगी होती है, जब कर्मचारी उसे केवल कागजी नियम न मानें, बल्कि रोजाना के काम का हिस्सा बनाएँ।

इस अध्याय का संदेश है कि कार्यस्थल का सुधार किसी एक अधिकारी की जिम्मेदारी नहीं है। यह प्रबंधन और कर्मचारियों के मिलकर काम करने से ही बेहतर बन सकता है।


अध्याय 5 – कार्यस्थल की सुरक्षा, गुणवत्ता और समय की बचत

5.1 सुरक्षा को रोजाना के काम का हिस्सा बनाना

औद्योगिक कार्यस्थल पर सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण है। कर्मचारी मशीनों, उपकरणों और अलग-अलग तकनीकी प्रक्रियाओं के साथ काम कर सकते हैं। ऐसे वातावरण में साफ और व्यवस्थित कार्यस्थल बनाए रखना जरूरी होता है।

FIVE-S का उद्देश्य कार्यस्थल को ऐसा बनाना है, जहाँ अनावश्यक सामान, गंदगी और खराब व्यवस्था के कारण होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।

उदाहरण के लिए, यदि आने-जाने के रास्ते स्पष्ट हों और वहाँ सामान न रखा जाए, तो कर्मचारियों को चलने में आसानी हो सकती है।

यदि औजार तय स्थान पर रखे जाएँ, तो उन्हें ढूँढ़ने और इधर-उधर रखने की समस्या कम हो सकती है।

यदि किसी उपकरण में खराबी दिखाई देती है, तो उसे सामान्य उपयोग से अलग करने और संबंधित अधिकारी को सूचना देने की प्रक्रिया होनी चाहिए।

इन उदाहरणों का उद्देश्य यह बताना है कि अच्छी व्यवस्था सुरक्षा में कैसे मदद कर सकती है। FIVE-S अपने आप में मशीन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा या अन्य जरूरी सुरक्षा नियमों का विकल्प नहीं है।

5.2 छोटे सुधार भी महत्वपूर्ण होते हैं

कई बार कर्मचारी सोचते हैं कि काम में बड़ा सुधार लाने के लिए बड़ी मशीन या महँगी तकनीक की जरूरत होती है।

लेकिन कुछ सुधार बिना बड़े खर्च के भी किए जा सकते हैं।

उदाहरण के लिए, सामान के लिए स्पष्ट लेबल लगाना, अलमारी की व्यवस्था ठीक करना, नियमित सफाई की जिम्मेदारी तय करना और खराब उपकरणों की पहचान करना ऐसे कदम हैं जो उचित योजना से अपनाए जा सकते हैं।

इन सुधारों से कार्यस्थल को समझना आसान हो सकता है।

हालाँकि, हर बदलाव को लागू करने से पहले यह देखना जरूरी है कि वह तकनीकी नियमों, सुरक्षा और काम की जरूरतों के अनुसार सही है या नहीं।

5.3 गुणवत्ता केवल अंतिम जाँच से नहीं आती

किसी भी तकनीकी काम में गुणवत्ता का मतलब केवल तैयार काम की जाँच करना नहीं है। गुणवत्ता इस बात पर भी निर्भर करती है कि काम शुरू से सही तरीके से किया गया या नहीं।

यदि कर्मचारी के पास सही औजार उपलब्ध हो, दस्तावेजों की पहचान स्पष्ट हो और कार्यस्थल व्यवस्थित हो, तो काम करने की प्रक्रिया अधिक सुचारु हो सकती है।

इसके विपरीत, गलत दस्तावेज का उपयोग, औजारों की पहचान में भ्रम या खराब व्यवस्था काम में गलती की संभावना बढ़ा सकती है।

FIVE-S का मुख्य उद्देश्य सीधे तकनीकी गुणवत्ता की गारंटी देना नहीं है। इसका उद्देश्य ऐसा कार्य वातावरण तैयार करना है, जिसमें कर्मचारी सही तरीके से काम कर सकें।

अंतिम गुणवत्ता के लिए तकनीकी निर्देशों, निरीक्षण, परीक्षण और संबंधित गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रियाओं का पालन भी जरूरी होता है।

5.4 समय की बचत कैसे हो सकती है?

समय की बचत FIVE-S का एक महत्वपूर्ण संभावित लाभ है।

मान लीजिए, किसी कर्मचारी को रोजाना कई बार औजार खोजने पड़ते हैं। हर बार केवल कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन पूरे दिन में यह समय काफी बढ़ सकता है।

यदि औजारों की जगह तय हो और उन्हें इस्तेमाल के बाद वापस रखा जाए, तो खोजने में लगने वाला समय कम हो सकता है।

इसी तरह, स्पष्ट लेबल और व्यवस्थित दस्तावेजों से जानकारी ढूँढ़ने में आसानी हो सकती है।

लेकिन किसी वास्तविक वर्कशॉप में कितने मिनट या कितने प्रतिशत समय की बचत हुई, यह बताने के लिए पहले और बाद के आंकड़ों की जरूरत होती है।

Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए ऐसे तुलनात्मक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए यहाँ किसी निश्चित प्रतिशत का दावा नहीं किया जा रहा है।

5.5 काम में रुकावट कम करने का महत्व

किसी कार्यस्थल पर बार-बार छोटी रुकावटें आने से पूरे काम की गति प्रभावित हो सकती है।

उदाहरण के लिए, औजार की तलाश, दस्तावेज की पहचान, स्टोरेज में भ्रम या सफाई की खराब व्यवस्था के कारण काम कुछ समय के लिए रुक सकता है।

FIVE-S के नियम ऐसी रुकावटों के कुछ कारणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

इसके लिए वर्कशॉप में नियमित निरीक्षण किया जा सकता है। कर्मचारियों से पूछा जा सकता है कि कौन-सी समस्याएँ बार-बार सामने आती हैं। फिर उन समस्याओं के लिए व्यावहारिक समाधान तैयार किए जा सकते हैं।

इस प्रक्रिया में केवल समस्या ठीक करना ही नहीं, बल्कि यह समझना भी जरूरी है कि समस्या दोबारा क्यों पैदा हुई।

5.6 खराबी और समस्या की समय पर पहचान

सफाई करते समय कर्मचारी कई बार ऐसी स्थिति देख सकते हैं, जिस पर सामान्य काम के दौरान उनका ध्यान नहीं जाता।

उदाहरण के लिए, किसी उपकरण की बाहरी स्थिति में बदलाव दिखाई देना, किसी क्षेत्र में बार-बार गंदगी जमा होना या किसी सामान की पहचान का निशान खराब होना।

ऐसी स्थिति में संबंधित अधिकारी को सूचना देना उपयोगी हो सकता है।

हालाँकि, केवल सफाई के आधार पर किसी उपकरण को सुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। आवश्यक निरीक्षण और तकनीकी जाँच का पालन करना जरूरी है।

FIVE-S की उपयोगिता इस बात में है कि यह कार्यस्थल पर ध्यान देने, समस्याओं की पहचान करने और समय पर सुधार की आदत को बढ़ावा दे सकती है।

5.7 सुरक्षा और गुणवत्ता के बीच संबंध

सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल कर्मचारियों को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकता है।

जब औजार सही जगह पर हों, रास्ते खुले हों और कार्यक्षेत्र की स्थिति स्पष्ट हो, तो अनावश्यक भ्रम कम हो सकता है।

इससे सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़ी प्रक्रियाओं को अपनाना आसान हो सकता है।

फिर भी, किसी संस्थान के वास्तविक सुरक्षा रिकॉर्ड या गुणवत्ता परिणामों में सुधार का दावा करने के लिए संबंधित आंकड़ों की जरूरत होती है।

इस अध्याय की मुख्य सीख यह है कि अच्छी व्यवस्था समय बचाने, जोखिम कम करने और सही तरीके से काम करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर सकती है।


अध्याय 6 – FIVE-S प्रमाणन, निरीक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी

6.1 प्रमाणन का सरल अर्थ

प्रमाणन का सामान्य उद्देश्य किसी निर्धारित मानक या प्रणाली के अनुसार व्यवस्था का मूल्यांकन करना होता है।

इस केस स्टडी में Submarine Division Workshop-‘C’ से संबंधित FIVE-S Workplace Management System प्रमाणपत्र का उल्लेख है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इसे वर्ष 2015 में जारी किया गया था और इसकी वैधता वर्ष 2018 तक थी।

यह जानकारी इस केस स्टडी के लिए एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक आधार प्रदान करती है।

हालाँकि, प्रमाणपत्र के बारे में अधिक विस्तृत जानकारी, जैसे प्रमाणन संस्था का नाम, प्रमाणपत्र संख्या, मूल्यांकन का पूरा दायरा और निरीक्षण रिपोर्ट, उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।

इसलिए इन जानकारियों के बारे में कोई अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।

6.2 प्रमाणपत्र से आगे की असली जिम्मेदारी

प्रमाणपत्र प्राप्त करना किसी प्रणाली को अपनाने की प्रक्रिया का एक हिस्सा हो सकता है। लेकिन रोजाना उसके नियमों का पालन करना अलग और लगातार चलने वाला काम है।

मान लीजिए, किसी वर्कशॉप में औजारों के लिए तय स्थान बनाया गया है। यदि कुछ दिनों बाद कर्मचारी औजारों को कहीं भी रखने लगें, तो बनाई गई व्यवस्था का लाभ कम हो सकता है।

इसीलिए प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नियम स्पष्ट हों और उन्हें बनाए रखने के लिए जरूरी समय तथा संसाधन उपलब्ध हों।

यदि किसी क्षेत्र में सुधार की जरूरत दिखाई देती है, तो उसे अनदेखा करने के बजाय उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस तरह प्रमाणन को केवल दीवार पर लगाए जाने वाले प्रमाणपत्र के रूप में नहीं, बल्कि बेहतर कार्यप्रणाली बनाए रखने की जिम्मेदारी के रूप में देखा जा सकता है।

6.3 निरीक्षण का महत्व

नियमित निरीक्षण से यह समझने में मदद मिल सकती है कि कार्यस्थल की व्यवस्था सही तरीके से चल रही है या नहीं।

निरीक्षण में कुछ सामान्य प्रश्न पूछे जा सकते हैं:

  • क्या जरूरी सामान अपनी तय जगह पर है?
  • क्या रास्ते और कार्यक्षेत्र साफ हैं?
  • क्या खराब उपकरणों की पहचान स्पष्ट है?
  • क्या सफाई की जिम्मेदारी तय है?
  • क्या कर्मचारियों को FIVE-S के नियमों की जानकारी है?
  • क्या पहले सामने आई समस्याओं को ठीक किया गया है?

ये उदाहरण सामान्य FIVE-S निरीक्षण के लिए हैं। इन्हें Submarine Division Workshop-‘C’ की वास्तविक निरीक्षण सूची नहीं माना जाना चाहिए।

किसी भी औपचारिक निरीक्षण में संस्थान की अपनी प्रक्रियाओं और लागू आवश्यकताओं का पालन करना चाहिए।

6.4 रिकॉर्ड रखना क्यों जरूरी है?

किसी व्यवस्था में सुधार हो रहा है या नहीं, यह समझने के लिए रिकॉर्ड उपयोगी होते हैं।

यदि सफाई की जाँच की जाती है, तो उसका रिकॉर्ड रखा जा सकता है। यदि कोई समस्या सामने आती है, तो उसके बारे में लिखा जा सकता है कि समस्या क्या थी, किसे सूचना दी गई और उसे ठीक करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

इसी तरह, प्रशिक्षण, निरीक्षण और सुधार से जुड़े रिकॉर्ड भी उपयोगी हो सकते हैं।

रिकॉर्ड रखने का उद्देश्य केवल कागजी काम बढ़ाना नहीं है। इससे यह समझने में मदद मिल सकती है कि कौन-सी समस्याएँ बार-बार आती हैं और उन्हें रोकने के लिए क्या किया जा सकता है।

रिकॉर्ड वास्तविक, सही और संबंधित नियमों के अनुसार सुरक्षित होने चाहिए।

6.5 प्रबंधन की भूमिका

प्रबंधन का काम केवल कर्मचारियों को नियम बताना नहीं है। उसे यह भी देखना चाहिए कि नियमों का पालन करने के लिए जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध हैं या नहीं।

यदि किसी क्षेत्र में पर्याप्त स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है, तो केवल सामान को व्यवस्थित रखने का निर्देश देने से समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी।

यदि सफाई के लिए जरूरी साधन उपलब्ध नहीं हैं, तो कर्मचारियों के लिए नियमों का पालन करना कठिन हो सकता है।

इसलिए प्रबंधन को समस्याओं को समझना और उनके व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराना चाहिए।

प्रबंधन कर्मचारियों के सुझावों को भी महत्व दे सकता है। इससे FIVE-S को केवल ऊपर से लागू किए गए नियमों के बजाय सभी की साझा जिम्मेदारी के रूप में अपनाने में मदद मिल सकती है।

6.6 लगातार सुधार की सोच

किसी भी कार्यस्थल में व्यवस्था को समय के साथ बेहतर बनाने की जरूरत पड़ सकती है।

नए उपकरण आने पर स्टोरेज की व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है। काम के तरीके में बदलाव होने पर सफाई की जिम्मेदारी फिर से तय करनी पड़ सकती है।

इसलिए FIVE-S को स्थिर नियमों की सूची के बजाय ऐसी प्रणाली के रूप में समझना चाहिए, जिसमें जरूरत के अनुसार समीक्षा और सुधार किया जाता है।

यदि कोई समस्या बार-बार सामने आती है, तो उसके मूल कारण की पहचान करना उपयोगी होता है।

उदाहरण के लिए, यदि कोई औजार लगातार अपनी जगह पर नहीं मिलता, तो यह पता करना जरूरी है कि क्या उसकी जगह स्पष्ट नहीं है, क्या उसे कई विभागों में उपयोग किया जाता है या क्या उसे वापस रखने की प्रक्रिया कठिन है।

समस्या का कारण समझने से अधिक टिकाऊ समाधान तैयार किया जा सकता है।

6.7 प्रमाणन की ऐतिहासिक अवधि

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमाणपत्र की वैधता वर्ष 2018 तक थी। इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि उसके बाद प्रमाणन का नवीनीकरण हुआ या नहीं।

वर्तमान प्रमाणन स्थिति जानने के लिए नवीनतम प्रमाणपत्र या संबंधित प्रमाणन संस्था के रिकॉर्ड की जाँच करनी होगी।

यह अंतर महत्वपूर्ण है, क्योंकि किसी पुराने प्रमाणपत्र का उल्लेख और वर्तमान वैध प्रमाणन का दावा दो अलग-अलग बातें हैं।

इस अध्याय की मुख्य सीख यह है कि प्रमाणन के साथ-साथ सही रिकॉर्ड, नियमित निरीक्षण, प्रबंधन की भागीदारी और लगातार सुधार भी जरूरी हैं।


अध्याय 7 – FIVE-S से संस्थान के विकास को कैसे सहायता मिल सकती है?

7.1 विकास का अर्थ केवल अधिक उत्पादन नहीं

जब किसी कंपनी या औद्योगिक संस्थान के विकास की बात होती है, तो लोग अक्सर अधिक उत्पादन, ज्यादा आय या नए ग्राहकों के बारे में सोचते हैं।

लेकिन विकास का अर्थ केवल आर्थिक वृद्धि नहीं होता।

किसी संस्थान के लिए बेहतर कार्यप्रणाली, कर्मचारियों की जिम्मेदारी, कम अनावश्यक देरी, अच्छी सुरक्षा आदतें और व्यवस्थित दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

FIVE-S इन क्षेत्रों में सुधार की दिशा में योगदान दे सकता है।

हालाँकि, FIVE-S प्रमाणपत्र मिलने से अपने आप अधिक ग्राहक, अधिक आय या अधिक उत्पादन सुनिश्चित नहीं होता। इन परिणामों पर कई दूसरे कारणों का भी प्रभाव पड़ता है।

7.2 रोजाना के काम में सुविधा

यदि कार्यस्थल व्यवस्थित हो, तो कर्मचारियों को रोजाना के काम में सुविधा मिल सकती है।

सामान की जगह तय होने से उसे खोजने में कम समय लग सकता है। साफ कार्यक्षेत्र में काम करना आसान हो सकता है। स्पष्ट नियम होने से नए कर्मचारियों को काम समझने में मदद मिल सकती है।

ये छोटे लाभ मिलकर काम की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बना सकते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि किसी टीम के सभी सदस्य जानते हैं कि जरूरी औजार कहाँ रखे जाते हैं और उपयोग के बाद उन्हें कैसे वापस रखना है, तो एक कर्मचारी की अनुपस्थिति में दूसरे कर्मचारी के लिए भी व्यवस्था समझना आसान हो सकता है।

इससे काम किसी एक व्यक्ति की याददाश्त पर कम निर्भर रह सकता है।

7.3 कर्मचारियों के समय का बेहतर उपयोग

कर्मचारियों का समय किसी भी औद्योगिक संस्थान के लिए महत्वपूर्ण संसाधन है।

यदि कर्मचारी अपना अधिक समय सामान खोजने, अनावश्यक आवाजाही या व्यवस्था की कमी से पैदा होने वाली समस्याओं को ठीक करने में बिताते हैं, तो जरूरी काम के लिए उपलब्ध समय कम हो सकता है।

FIVE-S ऐसी परेशानियों को कम करने में मदद कर सकता है।

लेकिन यह लाभ तभी स्पष्ट होगा, जब व्यवस्था को सही तरीके से लागू किया जाए और उसका नियमित पालन किया जाए।

किसी संस्थान में समय की वास्तविक बचत मापने के लिए पहले और बाद की स्थिति का रिकॉर्ड रखना उपयोगी होता है।

उदाहरण के लिए, औजार खोजने में लगने वाला औसत समय, कार्यस्थल निरीक्षण में मिली कमियाँ और बार-बार होने वाली रुकावटों को दर्ज किया जा सकता है।

इससे सुधार के प्रभाव को अधिक स्पष्ट तरीके से समझा जा सकता है।

7.4 काम की गुणवत्ता के लिए बेहतर माहौल

गुणवत्ता का संबंध केवल अंतिम उत्पाद से नहीं, बल्कि उसे तैयार करने की प्रक्रिया से भी होता है।

यदि कर्मचारी को सही दस्तावेज, उचित उपकरण और साफ कार्यक्षेत्र उपलब्ध हों, तो काम को निर्देशों के अनुसार करना आसान हो सकता है।

FIVE-S इस प्रकार के वातावरण को बेहतर बनाने में सहायता कर सकता है।

हालाँकि, तकनीकी गुणवत्ता के लिए जरूरी परीक्षण, निरीक्षण और विशेषज्ञता का महत्व अलग है। कार्यस्थल की सफाई से किसी उत्पाद या उपकरण की तकनीकी गुणवत्ता अपने आप प्रमाणित नहीं हो जाती।

इसलिए FIVE-S को गुणवत्ता प्रबंधन के लिए सहायक प्रणाली के रूप में देखना अधिक उचित है।

7.5 संस्थान की कार्य संस्कृति पर प्रभाव

किसी संस्थान की कार्य संस्कृति उसके रोजाना के व्यवहार से बनती है।

यदि कर्मचारी काम के बाद औजार वापस रखते हैं, अपने क्षेत्र की सफाई करते हैं और समस्याओं की समय पर जानकारी देते हैं, तो धीरे-धीरे जिम्मेदारी की अच्छी आदत विकसित हो सकती है।

यदि वरिष्ठ अधिकारी भी इन नियमों का पालन करते हैं, तो कर्मचारियों को सकारात्मक उदाहरण मिलता है।

ऐसी कार्य संस्कृति लंबे समय तक व्यवस्था बनाए रखने में मदद कर सकती है।

यह लाभ किसी एक प्रमाणपत्र से अपने आप नहीं आता। इसके लिए नियमित प्रयास, प्रशिक्षण और प्रबंधन की भागीदारी आवश्यक है।

7.6 संस्थान की छवि और भरोसा

व्यवस्थित कार्यस्थल किसी संस्थान के काम करने के तरीके के बारे में सकारात्मक संदेश दे सकता है।

जब कोई व्यक्ति कार्यस्थल पर स्पष्ट व्यवस्था, जिम्मेदारी और नियमित निरीक्षण देखता है, तो उसे यह समझने में मदद मिल सकती है कि वहाँ काम को व्यवस्थित तरीके से संभालने का प्रयास किया जा रहा है।

हालाँकि, संस्थान की वास्तविक प्रतिष्ठा उसके काम की गुणवत्ता, विश्वसनीयता, समय पर काम पूरा करने, सुरक्षा और अन्य प्रदर्शन परिणामों पर भी निर्भर करती है।

इसलिए FIVE-S को संस्थान की बेहतर कार्य संस्कृति के लिए उपयोगी आधार माना जा सकता है, लेकिन इसे किसी विशेष व्यावसायिक सफलता का अकेला कारण नहीं बताया जाना चाहिए।

7.7 विकास को मापना क्यों जरूरी है?

यदि किसी संस्थान को यह जानना है कि FIVE-S से कितना लाभ हुआ, तो उसे सही आंकड़े इकट्ठा करने चाहिए।

कुछ उपयोगी संकेतक हो सकते हैं:

  • औजार खोजने में लगने वाला समय।
  • कार्यस्थल निरीक्षण में मिलने वाली कमियाँ।
  • सफाई और व्यवस्था के पालन का स्तर।
  • सुधारात्मक कार्रवाई पूरी करने में लगने वाला समय।
  • कर्मचारियों के प्रशिक्षण की स्थिति।
  • कार्यस्थल से जुड़ी दर्ज की गई समस्याएँ।

इन संकेतकों का उपयोग वास्तविक स्थिति समझने के लिए किया जा सकता है।

Mazagon Dock Limited Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए इन संकेतकों के ऐतिहासिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस केस स्टडी में किसी निश्चित आर्थिक लाभ या उत्पादन वृद्धि का दावा नहीं किया गया है।

इस अध्याय का मुख्य संदेश है कि FIVE-S संस्थान के विकास के लिए एक उपयोगी आधार बन सकता है, लेकिन वास्तविक परिणामों को सही आंकड़ों से मापना जरूरी है।


अध्याय 8 – लगातार सुधार, अनुशासन और लंबे समय तक व्यवस्था बनाए रखना

An official Five-S Workplace Management System Certificate issued by Six Sigma Quality International to Mazagon Dock Limited for the Submarine Division Workshop-'C'.

8.1 सुधार को रोजाना की आदत बनाना

किसी भी कार्यस्थल में एक बार सुधार कर देना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती उस सुधार को लंबे समय तक बनाए रखना है।

यदि किसी दिन पूरी वर्कशॉप साफ कर दी जाए, लेकिन उसके बाद सफाई की जिम्मेदारी तय न हो, तो कुछ समय बाद फिर से गंदगी जमा हो सकती है।

इसी तरह, यदि औजारों की जगह तय कर दी जाए, लेकिन उनके इस्तेमाल के बाद वापस रखने का नियम लागू न हो, तो व्यवस्था धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है।

FIVE-S का पाँचवाँ चरण इसी समस्या पर ध्यान देता है। इसका उद्देश्य यह है कि सही व्यवस्था केवल निरीक्षण के दिन दिखाई न दे, बल्कि रोजाना के काम का हिस्सा बन जाए।

8.2 छोटी-छोटी जाँच का महत्व

नियमित निरीक्षण से यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कार्यस्थल की व्यवस्था सही बनी हुई है या नहीं।

इसके लिए जटिल प्रक्रिया की हमेशा जरूरत नहीं होती। कई मामलों में एक सरल जाँच सूची उपयोगी हो सकती है।

उदाहरण के लिए, कर्मचारी यह देख सकते हैं कि औजार अपनी जगह पर हैं या नहीं, रास्ते खुले हैं या नहीं और काम का क्षेत्र साफ है या नहीं।

यदि कोई समस्या मिलती है, तो उसकी जानकारी संबंधित व्यक्ति तक पहुँचाई जा सकती है।

हालाँकि, तकनीकी उपकरणों की जाँच केवल सामान्य सफाई सूची तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके लिए अलग तकनीकी निरीक्षण और सुरक्षा प्रक्रियाएँ लागू हो सकती हैं।

8.3 समस्या का मूल कारण समझना

कभी-कभी किसी समस्या को बार-बार ठीक किया जाता है, लेकिन वह फिर सामने आ जाती है।

उदाहरण के लिए, किसी स्थान पर हर सप्ताह सामान बिखरा हुआ मिलता है। केवल सामान को वापस रख देने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

यह समझना जरूरी है कि सामान वहाँ क्यों बिखरता है।

क्या उस स्थान पर पर्याप्त स्टोरेज नहीं है? क्या सामान की जगह स्पष्ट नहीं है? क्या कर्मचारियों को नियम की जानकारी नहीं है? क्या काम की प्रक्रिया में कोई ऐसी कठिनाई है जिसके कारण सामान वापस रखना मुश्किल होता है?

इन सवालों के जवाब से समस्या के वास्तविक कारण का पता लगाने में मदद मिल सकती है।

इसके बाद ऐसा सुधार किया जा सकता है, जिससे समस्या दोबारा होने की संभावना कम हो।

8.4 नियमों को आसान और व्यावहारिक रखना

कभी-कभी नियम इतने कठिन बना दिए जाते हैं कि कर्मचारी उनका नियमित पालन नहीं कर पाते।

FIVE-S के नियम स्पष्ट, सरल और कार्यस्थल की वास्तविक जरूरतों के अनुसार होने चाहिए।

उदाहरण के लिए, यदि किसी उपकरण को उपयोग के बाद वापस रखना है, तो उसकी जगह ऐसी होनी चाहिए जहाँ कर्मचारी आसानी से उसे रख सके।

यदि सफाई की जिम्मेदारी तय की जाती है, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि कौन-सा क्षेत्र किसकी जिम्मेदारी है और सफाई कब करनी है।

नियम बनाते समय कर्मचारियों के सुझाव लेना उपयोगी हो सकता है।

इससे व्यवस्था केवल कागज पर अच्छी दिखने के बजाय वास्तविक काम में भी मदद कर सकती है।

8.5 नए कर्मचारियों को व्यवस्था समझाना

किसी संस्थान में समय के साथ नए कर्मचारी आ सकते हैं और जिम्मेदारियाँ बदल सकती हैं।

यदि नई टीम को FIVE-S के नियमों की जानकारी नहीं दी जाती, तो धीरे-धीरे पुरानी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

इसलिए नए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और परिचय प्रक्रिया में कार्यस्थल की व्यवस्था को शामिल किया जा सकता है।

उन्हें यह बताया जा सकता है कि औजार कहाँ रखे जाते हैं, कौन-से क्षेत्र साझा हैं, सफाई की क्या जिम्मेदारी है और समस्या दिखाई देने पर किसे सूचना देनी है।

इससे सभी कर्मचारियों के बीच काम करने के तरीके में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

8.6 सुधार को पहचानना और प्रोत्साहित करना

जब कर्मचारी किसी समस्या का समाधान सुझाते हैं या कार्यस्थल की व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं, तो उनके प्रयास को महत्व देना उपयोगी हो सकता है।

प्रोत्साहन का अर्थ हमेशा आर्थिक पुरस्कार नहीं होता। किसी अच्छे सुझाव को स्वीकार करना, टीम के सामने उसकी सराहना करना या उपयोगी सुधार को साझा करना भी कर्मचारियों को प्रेरित कर सकता है।

इससे लोगों को यह महसूस हो सकता है कि उनके सुझावों का वास्तविक महत्व है।

लेकिन प्रोत्साहन का उद्देश्य केवल निरीक्षण के समय अच्छी स्थिति दिखाना नहीं होना चाहिए। वास्तविक लक्ष्य लगातार सुधार की आदत विकसित करना है।

8.7 लंबे समय तक लाभ बनाए रखना

FIVE-S का लाभ तब अधिक उपयोगी हो सकता है, जब व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखा जाए।

इसके लिए नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, स्पष्ट जिम्मेदारियाँ और समस्या के मूल कारण को समझने की आदत जरूरी है।

किसी संस्थान को समय-समय पर यह भी देखना चाहिए कि पुराने नियम अब भी उपयोगी हैं या उनमें बदलाव की जरूरत है।

उदाहरण के लिए, नए उपकरण आने पर स्टोरेज व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है। कार्यक्षेत्र बदलने पर सफाई और जिम्मेदारी की सूची अपडेट की जा सकती है।

यह ध्यान रखना भी जरूरी है कि व्यवस्था में बदलाव संबंधित तकनीकी और सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुसार ही किए जाएँ।

8.8 FIVE-S को कार्य संस्कृति बनाना

जब कर्मचारी और प्रबंधन FIVE-S को केवल प्रमाणन की शर्त के रूप में नहीं, बल्कि रोजाना काम को बेहतर बनाने के तरीके के रूप में देखते हैं, तो इसका उद्देश्य अधिक स्पष्ट हो जाता है।

इसमें किसी एक व्यक्ति की बजाय पूरी टीम की भूमिका होती है।

Submarine Division Workshop-‘C’ के प्रमाणपत्र की उपलब्ध जानकारी वर्ष 2015 से 2018 तक की अवधि से जुड़ी है। इसके बाद FIVE-S व्यवस्था किस प्रकार जारी रही, इसकी पुष्टि के लिए अतिरिक्त रिकॉर्ड आवश्यक होंगे।

फिर भी, लगातार सुधार का विचार किसी भी औद्योगिक वर्कशॉप के लिए महत्वपूर्ण है।

इस अध्याय की मुख्य सीख है कि अच्छी व्यवस्था बनाना पहला कदम है, लेकिन उसे बनाए रखना ही वास्तविक अनुशासन और जिम्मेदारी की पहचान है।


अध्याय 9 – Submarine Division Workshop-‘C’ से मिलने वाली सीख और भविष्य के लिए उपयोगी सुझाव

9.1 प्रमाणन को सीखने का अवसर मानना

किसी भी प्रबंधन प्रणाली से जुड़े प्रमाणन को केवल प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए।

इसे कार्यप्रणाली की समीक्षा करने, कमियों को पहचानने और सुधार की दिशा तय करने का अवसर भी माना जा सकता है।

Mazagon Dock Limited Submarine Division Workshop-‘C’ के उपलब्ध रिकॉर्ड में FIVE-S Workplace Management System का प्रमाणपत्र वर्ष 2015 से संबंधित है, जिसकी वैधता वर्ष 2018 तक बताई गई है।

यह जानकारी कार्यस्थल प्रबंधन के महत्व पर चर्चा करने का आधार देती है।

हालाँकि, प्रमाणन से पहले और बाद के वास्तविक प्रदर्शन आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए इस केस स्टडी का उद्देश्य वास्तविक ऐतिहासिक परिणामों की घोषणा करना नहीं, बल्कि FIVE-S से मिलने वाली सीख को समझाना है।

9.2 पहली सीख: हर वस्तु की पहचान स्पष्ट हो

किसी वर्कशॉप में जरूरी सामान को आसानी से पहचान पाना उपयोगी होता है।

इसके लिए जहाँ उचित हो, अलमारियों, स्टोरेज क्षेत्रों और औजारों पर स्पष्ट पहचान चिह्न लगाए जा सकते हैं।

इससे कर्मचारियों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि कौन-सी वस्तु कहाँ रखी जानी चाहिए।

लेकिन तकनीकी उपकरणों और नियंत्रित सामग्री की पहचान संबंधित नियमों के अनुसार ही की जानी चाहिए।

सही पहचान से भ्रम कम हो सकता है और कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

9.3 दूसरी सीख: सफाई के साथ समस्या की पहचान भी करें

यदि किसी स्थान पर बार-बार गंदगी जमा होती है, तो केवल उसे साफ करना पर्याप्त नहीं है।

यह समझना जरूरी है कि ऐसा क्यों हो रहा है।

शायद वहाँ स्टोरेज की कमी हो, सफाई की जिम्मेदारी स्पष्ट न हो या काम की प्रक्रिया में कोई कठिनाई हो।

समस्या के मूल कारण को पहचानकर उसका समाधान करने से सुधार लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

इसलिए सफाई को केवल दैनिक काम के रूप में नहीं, बल्कि कार्यस्थल की स्थिति पर ध्यान देने के अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है।

9.4 तीसरी सीख: कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाएँ

कर्मचारी कार्यस्थल की वास्तविक स्थिति को अच्छी तरह जानते हैं।

इसलिए उन्हें समस्याएँ बताने और सुधार के सुझाव देने का अवसर मिलना चाहिए।

यदि किसी कर्मचारी का सुझाव उपयोगी है, तो उसे लागू करने की संभावना पर विचार किया जा सकता है।

इससे कर्मचारियों को व्यवस्था में अपनी भूमिका समझने में मदद मिल सकती है।

हालाँकि, किसी भी सुझाव को लागू करने से पहले संबंधित तकनीकी आवश्यकताओं और सुरक्षा नियमों की जाँच जरूरी है।

9.5 चौथी सीख: नियमों को लिखित और स्पष्ट रखें

मौखिक निर्देश समय के साथ भूल सकते हैं या अलग-अलग लोगों तक अलग तरीके से पहुँच सकते हैं।

इसलिए FIVE-S से जुड़े जरूरी नियमों को स्पष्ट रूप से लिखना उपयोगी हो सकता है।

इन नियमों में जिम्मेदारियाँ, सफाई का तरीका, सामान रखने की व्यवस्था और समस्या की सूचना देने की प्रक्रिया शामिल की जा सकती है।

नियमों को कर्मचारियों की समझ के अनुसार सरल भाषा में तैयार करना चाहिए।

जहाँ आवश्यक हो, वहाँ चित्रों और संकेतों का उपयोग किया जा सकता है।

इससे कर्मचारियों को काम करने का एक समान तरीका समझने में मदद मिल सकती है।

9.6 पाँचवीं सीख: परिणामों को मापें

किसी व्यवस्था में सुधार का सही मूल्यांकन करने के लिए केवल यह कहना पर्याप्त नहीं है कि कार्यस्थल पहले से बेहतर दिखाई देता है।

कुछ मापने योग्य संकेतकों की मदद ली जा सकती है।

उदाहरण के लिए:

  • किसी औजार को खोजने में लगने वाला समय।
  • निरीक्षण में सामने आने वाली कमियों की संख्या।
  • समस्याओं को ठीक करने में लगने वाला समय।
  • कर्मचारियों के प्रशिक्षण का रिकॉर्ड।
  • सफाई और व्यवस्था से जुड़े नियमों का पालन।
  • बार-बार होने वाली समस्याओं की संख्या।

यदि इन आंकड़ों को नियमित रूप से दर्ज किया जाए, तो समय के साथ होने वाले बदलाव को समझना आसान हो सकता है।

इन संकेतकों का उद्देश्य कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव डालना नहीं, बल्कि व्यवस्था में सुधार के अवसर पहचानना होना चाहिए।

9.7 छठी सीख: प्रमाणन की स्थिति की सही जानकारी दें

किसी भी प्रमाणपत्र के बारे में लिखते समय जारी होने की तारीख, वैधता और प्रमाणन के दायरे की सही जानकारी देना जरूरी है।

इस केस स्टडी में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रमाणपत्र 2015 में जारी हुआ था और उसकी वैधता 2018 तक थी।

इसलिए वर्तमान समय में इसे वैध प्रमाणपत्र के रूप में प्रस्तुत करने से पहले नवीनतम रिकॉर्ड की जाँच करना जरूरी होगा।

इसी तरह, FIVE-S Workplace Management System को अपने आप ISO 9001 प्रमाणन नहीं माना जाना चाहिए। ISO 9001 गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली से संबंधित अलग मानक है। यदि ISO 9001 प्रमाणपत्र की जानकारी उपलब्ध नहीं है, तो उसके बारे में अपुष्ट दावा नहीं करना चाहिए।

यह स्पष्टता संस्थान की जानकारी को सही और विश्वसनीय बनाए रखने में मदद करती है।

9.8 भविष्य के लिए व्यावहारिक सुझाव

FIVE-S व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निम्नलिखित कदम उपयोगी हो सकते हैं:

पहला: कार्यस्थल की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करें।

दूसरा: जरूरी और गैरजरूरी सामान की पहचान करें।

तीसरा: औजारों और सामग्री के लिए उचित स्थान तय करें।

चौथा: सफाई और निरीक्षण की जिम्मेदारी स्पष्ट करें।

पाँचवाँ: कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दें।

छठा: सामने आने वाली समस्याओं का रिकॉर्ड रखें।

सातवाँ: समस्याओं के मूल कारण को समझकर सुधार करें।

आठवाँ: समय-समय पर नियमों की समीक्षा करें।

ये सामान्य सुझाव हैं। किसी वास्तविक वर्कशॉप में इन्हें लागू करते समय उसके तकनीकी काम, सुरक्षा आवश्यकताओं और आंतरिक प्रक्रियाओं को ध्यान में रखना चाहिए।

9.9 इस केस स्टडी का महत्व

Submarine Division Workshop-‘C’ से संबंधित FIVE-S प्रमाणपत्र की जानकारी हमें यह समझने का अवसर देती है कि कार्यस्थल प्रबंधन औद्योगिक काम में एक महत्वपूर्ण विषय है।

एक अच्छी व्यवस्था कर्मचारियों को सही औजार और जानकारी उपलब्ध कराने, कार्यक्षेत्र को व्यवस्थित रखने और लगातार सुधार की आदत विकसित करने में मदद कर सकती है।

लेकिन किसी प्रमाणपत्र के आधार पर संस्थान की वास्तविक उत्पादन वृद्धि, आर्थिक सफलता या सुरक्षा परिणामों का दावा तभी किया जाना चाहिए, जब उसके समर्थन में पर्याप्त रिकॉर्ड उपलब्ध हों।

इस अध्याय का मुख्य संदेश है कि प्रमाणन से मिलने वाली सीख को रोजाना के काम में अपनाना और उसके परिणामों को सही तरीके से मापना जरूरी है।

#निरंतरसुधार


अध्याय 10 – FIVE-S की विरासत, कार्यस्थल प्रबंधन और विकास का संदेश

10.1 एक व्यवस्थित कार्यस्थल की पहचान

किसी भी औद्योगिक संस्थान की सफलता में कई चीजों का योगदान होता है। तकनीकी ज्ञान, मशीनें, कर्मचारियों की मेहनत, प्रबंधन की योजना और काम की गुणवत्ता सभी महत्वपूर्ण हैं।

लेकिन इन सभी चीजों का सही उपयोग तभी संभव होता है, जब कार्यस्थल पर उचित व्यवस्था हो।

औजारों की सही जगह, साफ कार्यक्षेत्र, स्पष्ट नियम और जिम्मेदार कर्मचारियों से काम करना आसान हो सकता है।

FIVE-S इसी तरह की व्यवस्था बनाने पर ध्यान देता है।

Mazagon Dock Limited Submarine Division Workshop-‘C’ से संबंधित उपलब्ध प्रमाणपत्र रिकॉर्ड वर्ष 2015 से 2018 तक की अवधि को दर्शाता है। यह जानकारी इस केस स्टडी का आधार है।

10.2 छोटी आदतों का बड़ा महत्व

किसी भी कार्यस्थल में छोटे-छोटे काम बार-बार किए जाते हैं।

औजार को सही जगह रखना, काम के बाद क्षेत्र साफ करना, किसी खराबी की सूचना देना और दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना ऐसी ही आदतें हैं।

इनमें से कोई एक काम देखने में बहुत छोटा लग सकता है। लेकिन जब सभी कर्मचारी नियमित रूप से ऐसी आदतें अपनाते हैं, तो कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखना आसान हो सकता है।

इसके विपरीत, यदि कर्मचारी सोचें कि एक औजार को कहीं भी रख देने से क्या फर्क पड़ेगा, तो धीरे-धीरे व्यवस्था कमजोर हो सकती है।

इसीलिए FIVE-S का महत्व केवल पाँच चरणों में नहीं, बल्कि उन चरणों को रोजाना अपनाने में है।

10.3 प्रमाणन से लगातार सुधार तक का सफर

प्रमाणन किसी प्रणाली को व्यवस्थित तरीके से अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

लेकिन प्रमाणन के बाद भी काम जारी रहता है।

नियमों की समीक्षा करनी होती है। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना होता है। समस्याओं की पहचान करनी होती है। और यह देखना होता है कि व्यवस्था वास्तविक काम में कितनी उपयोगी है।

यदि किसी सुधार से अच्छा परिणाम मिलता है, तो उसे नियमित प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जा सकता है।

यदि कोई तरीका उपयोगी साबित नहीं होता, तो उसकी समीक्षा करके उचित बदलाव किया जा सकता है।

इस तरह सुधार एक बार का काम न रहकर लगातार चलने वाली प्रक्रिया बन सकता है।

10.4 कर्मचारियों और प्रबंधन की साझा जिम्मेदारी

FIVE-S को सफल बनाने के लिए केवल कर्मचारियों से अनुशासन की अपेक्षा करना पर्याप्त नहीं है।

प्रबंधन को भी आवश्यक संसाधन, स्पष्ट निर्देश और उचित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना चाहिए।

कर्मचारियों को नियमों का पालन करना चाहिए और समस्याएँ सामने आने पर उनकी सूचना देनी चाहिए।

दोनों पक्षों के बीच सहयोग होने से कार्यस्थल को व्यवस्थित बनाए रखना आसान हो सकता है।

उदाहरण के लिए, यदि कर्मचारियों को किसी स्टोरेज व्यवस्था में कठिनाई आती है, तो उनकी बात सुनकर उस व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।

इससे नियम अधिक व्यावहारिक बन सकते हैं और उनका पालन करना आसान हो सकता है।

10.5 विकास का वास्तविक अर्थ

किसी संस्थान के विकास को केवल अधिक उत्पादन या अधिक आय से नहीं मापा जाना चाहिए।

बेहतर कार्यप्रणाली, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, समय का सही उपयोग, समस्याओं की समय पर पहचान और लगातार सुधार भी विकास के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

FIVE-S इन क्षेत्रों में सहायता कर सकता है।

हालाँकि, इसका वास्तविक प्रभाव जानने के लिए संस्थान के प्रदर्शन से जुड़े रिकॉर्ड का अध्ययन करना जरूरी है।

Submarine Division Workshop-‘C’ के संबंध में उपलब्ध जानकारी से प्रमाणपत्र का वर्ष और उसकी वैधता का विवरण मिलता है, लेकिन वास्तविक उत्पादन वृद्धि या आर्थिक लाभ के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

इसलिए इस केस स्टडी में FIVE-S के संभावित लाभों को समझाया गया है, न कि किसी अपुष्ट परिणाम को वास्तविक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

10.6 भविष्य के लिए उपयोगी दृष्टिकोण

किसी भी औद्योगिक कार्यस्थल को बेहतर बनाने के लिए कुछ मूल बातों पर लगातार ध्यान देना चाहिए।

पहली बात, जरूरी सामान की सही पहचान होनी चाहिए।

दूसरी बात, कार्यस्थल साफ और व्यवस्थित रहना चाहिए।

तीसरी बात, कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

चौथी बात, समस्याओं को छिपाने के बजाय उनकी सूचना दी जानी चाहिए।

पाँचवीं बात, प्रबंधन को सुधार के लिए जरूरी सहयोग देना चाहिए।

छठी बात, सुधार के परिणामों को सही आंकड़ों से मापना चाहिए।

इन बातों को अपनाने से कार्यस्थल में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

10.7 प्रमाणपत्र से मिलने वाला संदेश

Mazagon Dock Limited Submarine Division Workshop-‘C’ के लिए FIVE-S Workplace Management System से संबंधित प्रमाणपत्र का उपलब्ध विवरण इस विषय को समझने का अवसर देता है कि औद्योगिक कार्यस्थल में व्यवस्था और अनुशासन का कितना महत्व है।

वर्ष 2015 में जारी और वर्ष 2018 तक वैध बताए गए प्रमाणपत्र की ऐतिहासिक जानकारी को सही तरीके से प्रस्तुत करना जरूरी है।

इसके साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि किसी प्रमाणपत्र का महत्व केवल उसके जारी होने की तारीख तक सीमित नहीं है। उससे जुड़ी अच्छी कार्य आदतों को लगातार अपनाना अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है।

किसी भी संस्थान के लिए लंबे समय तक सफलता पाने का रास्ता केवल एक प्रमाणपत्र से नहीं बनता। उसके लिए कर्मचारियों की मेहनत, प्रबंधन की जिम्मेदारी, सही तकनीकी प्रक्रियाएँ और लगातार सुधार जरूरी हैं।

10.8 निष्कर्ष

इस केस स्टडी से यह समझ आता है कि FIVE-S Workplace Management System किसी तकनीकी वर्कशॉप में बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए उपयोगी तरीका हो सकता है।

छँटाई, सामान को सही जगह रखना, सफाई, समान नियम और अनुशासन इसके पाँच मुख्य आधार हैं।

इनके माध्यम से औजारों की पहचान आसान बनाने, कार्यक्षेत्र व्यवस्थित रखने, अनावश्यक समय की बर्बादी कम करने और कर्मचारियों में जिम्मेदारी की आदत विकसित करने में मदद मिल सकती है।

Mazagon Dock Limited Submarine Division Workshop-‘C’ के प्रमाणपत्र से संबंधित उपलब्ध जानकारी वर्ष 2015 से 2018 तक की अवधि को दर्शाती है। इस अवधि के वास्तविक प्रदर्शन परिणामों की पुष्टि के लिए अतिरिक्त रिकॉर्ड आवश्यक होंगे।

फिर भी, FIVE-S के सिद्धांत आज भी औद्योगिक कार्यस्थलों के लिए उपयोगी सीख देते हैं।

अंत में, सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि अच्छा कार्यस्थल केवल साफ दिखाई देने वाला स्थान नहीं होता, बल्कि ऐसा स्थान होता है जहाँ हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी समझता है, जरूरी सामान सही जगह पर मिलता है, नियमों का पालन होता है और सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।

यही सोच किसी भी संस्थान को अधिक व्यवस्थित, जिम्मेदार और बेहतर कार्य संस्कृति की दिशा में आगे बढ़ने में सहायता कर सकती है।

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