सनातन धर्म का इतिहास

🚩 सनातन धर्म का इतिहास 🚩

सनातन धर्म, जिसे हिन्दू धर्म भी कहा जाता है, विश्व का सबसे प्राचीन धर्म है। यह न केवल एक आस्था प्रणाली है बल्कि एक सम्पूर्ण जीवन पद्धति है जो सत्य, अहिंसा, धर्म, कर्म, मोक्ष, वेद, उपनिषद, पुराण और योग पर आधारित है। यह धर्म किसी एक व्यक्ति, ग्रंथ या संस्था द्वारा स्थापित नहीं किया गया, बल्कि यह एक अनादि (शाश्वत) परंपरा है जो हजारों वर्षों से चली आ रही है।


🔱 सनातन धर्म की उत्पत्ति और प्राचीन काल 🔱

1. वैदिक युग (लगभग 10,000 ईसा पूर्व – 1500 ईसा पूर्व)
✔️ सनातन धर्म की जड़ें वेदों में हैं, जो संसार के सबसे प्राचीन ग्रंथ हैं।
✔️ ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद चार प्रमुख वेद हैं।
✔️ इस काल में यज्ञ, हवन, तपस्या और ऋषि-मुनियों द्वारा ज्ञान प्राप्ति पर बल दिया जाता था।
✔️ इस समय के प्रमुख ऋषि: वशिष्ठ, अत्रि, विश्वामित्र, अगस्त्य, गौतम, जमदग्नि, कण्व आदि।
✔️ समाज वर्ण व्यवस्था पर आधारित था (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)।

2. उपनिषद और ब्राह्मण युग (1500 ईसा पूर्व – 500 ईसा पूर्व)
✔️ इस काल में आध्यात्मिकता, ध्यान और ब्रह्म ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया गया।
✔️ प्रमुख उपनिषद: ईश, केन, कठ, मांडूक्य, छांदोग्य, बृहदारण्यक आदि।
✔️ इस युग में योग, ध्यान, आत्मा-परमात्मा का ज्ञान और मोक्ष की अवधारणा विकसित हुई।
✔️ इस समय के प्रमुख संत: याज्ञवल्क्य, उद्दालक, श्वेतकेतु, शांडिल्य।


🔱 महाकाव्य युग (रामायण और महाभारत काल) 🔱

3. रामायण काल (लगभग 5000 ईसा पूर्व)
✔️ भगवान श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ।
✔️ महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की।
✔️ इस युग में धर्म, मर्यादा, सत्य, भक्ति और कर्तव्य की शिक्षा दी गई।
✔️ हनुमान, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, रावण, विभीषण इस युग के प्रमुख पात्र थे।

4. महाभारत काल (लगभग 3100 ईसा पूर्व)
✔️ महाभारत, जिसे वेदव्यास ने लिखा, विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य है।
✔️ भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को भगवद गीता का ज्ञान दिया।
✔️ इस युग में धर्म और अधर्म के बीच महासंग्राम हुआ।
✔️ भीष्म, अर्जुन, भीम, द्रोण, दुर्योधन, कर्ण, विदुर, धृतराष्ट्र, गांधारी इस युग के प्रमुख पात्र थे।


🔱 बौद्ध एवं जैन प्रभाव (600 ईसा पूर्व – 200 ईसवी)

✔️ इस समय गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अपने सिद्धांतों का प्रचार किया।
✔️ सनातन धर्म पर अहिंसा, ध्यान और साधना का प्रभाव पड़ा।
✔️ बौद्ध और जैन धर्म का प्रभाव बढ़ा लेकिन बाद में हिन्दू धर्म पुनः अपनी पुरानी स्थिति में लौट आया।


🔱 पुराण युग (200 ईस्वी – 800 ईस्वी)

✔️ इस समय 18 पुराणों की रचना हुई जिनमें विष्णु पुराण, शिव पुराण, देवी भागवत, स्कंद पुराण, गरुड़ पुराण प्रमुख हैं।
✔️ इस युग में भक्ति आंदोलन की शुरुआत हुई और विभिन्न देवी-देवताओं की पूजा शुरू हुई।
✔️ आदिशंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत का प्रचार किया और हिन्दू धर्म को पुनर्जीवित किया।


🔱 मध्यकालीन हिन्दू धर्म (800 ईस्वी – 1700 ईस्वी)

✔️ इस समय भारत पर मुस्लिम आक्रमण हुए और हिन्दू संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया गया।
✔️ राजपूतों, मराठाओं और सिखों ने हिन्दू धर्म की रक्षा की।
✔️ इस काल में तुलसीदास (रामचरितमानस), सूरदास, मीरा, चैतन्य महाप्रभु, कबीरदास जैसे संतों ने भक्ति आंदोलन को बढ़ावा दिया।
✔️ शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह ने हिन्दू धर्म को बचाने के लिए संघर्ष किया।


🔱 ब्रिटिश शासन और आधुनिक काल (1700 ईस्वी – वर्तमान)

✔️ ब्रिटिश शासन के दौरान हिन्दू धर्म पर कई तरह के हमले हुए।
✔️ राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद, महर्षि दयानंद सरस्वती, लोकमान्य तिलक, महात्मा गांधी, श्री अरविंदो ने सनातन धर्म को पुनर्जीवित करने में योगदान दिया।
✔️ 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ और सनातन धर्म पुनः अपनी जड़ों की ओर बढ़ा।
✔️ वर्तमान समय में योग, ध्यान, भगवद गीता, वेदांत पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हो रहे हैं।


🔱 सनातन धर्म की विशेषताएँ 🔱

  1. अहिंसा – जीवों पर दया करना और करुणा रखना।
  2. सत्य – सच्चाई को अपनाना और असत्य से बचना।
  3. कर्म योग – अच्छे कर्म करना और फल की चिंता न करना।
  4. भक्ति योग – भगवान की भक्ति करना और प्रेमपूर्वक साधना करना।
  5. ज्ञान योग – आत्मा और परमात्मा का ज्ञान प्राप्त करना।
  6. राजयोग – ध्यान और साधना द्वारा आत्म-साक्षात्कार।
  7. सनातन धर्म सर्व-समावेशी है – यह सभी धर्मों और विचारधाराओं को स्वीकार करता है।

🔱 निष्कर्ष (Conclusion) 🔱

सनातन धर्म केवल एक आस्था नहीं, बल्कि सम्पूर्ण जीवन दर्शन है। यह सम्पूर्ण मानवता के लिए एक प्रकाश स्तंभ के रूप में कार्य करता है। हजारों वर्षों के आक्रमणों, संघर्षों और परिवर्तनों के बावजूद, यह धर्म आज भी जीवंत है और सम्पूर्ण विश्व में आध्यात्मिकता और ज्ञान का प्रचार कर रहा है।

🚩 “धर्मो रक्षति रक्षितः” (जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है!) 🚩

"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
    अधर्म मिटे, जग में फैले ज्ञान का पसारा।
    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
    मोक्ष का मार्ग दिखाए, यही है इसका धरम!” 🙏

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