सनातन धर्म धर्म संसद

🚩 सनातन धर्म और धर्म संसद 🚩

धर्म संसद सनातन धर्म के साधु-संतों, महंतों और धर्माचार्यों का एक प्रमुख संगठन है, जो हिंदू धर्म, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक-धार्मिक मुद्दों पर निर्णय लेने के लिए स्थापित किया गया है। यह किसी सरकार या राजनीतिक दल के नियंत्रण में नहीं होता, बल्कि सनातन धर्म की रक्षा, प्रचार-प्रसार, धार्मिक-सामाजिक सुधार और हिंदू समाज की एकता के लिए कार्य करता है।


1️⃣ धर्म संसद क्या है?

✅ धर्म संसद संतों और धर्माचार्यों की एक महत्वपूर्ण सभा होती है, जिसमें हिंदू धर्म से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विचार किया जाता है।
✅ इसका मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा, हिंदू समाज को संगठित करना, धार्मिक स्थलों और तीर्थों की रक्षा करना तथा धर्मांतरण और हिंदू विरोधी गतिविधियों का सामना करना है।
✅ यह संसद कुंभ मेले, अर्धकुंभ, अन्य धार्मिक आयोजनों और विशेष परिस्थितियों में बुलाई जाती है।


2️⃣ धर्म संसद का इतिहास

🔹 धर्म संसद की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जब ऋषि-मुनि और आचार्य धर्म-नीति से जुड़े विषयों पर चिंतन करते थे।
🔹 आधुनिक काल में इसकी शुरुआत 1990 के दशक में हुई, जब हिंदू समाज की रक्षा और राम मंदिर आंदोलन जैसे मुद्दों पर संतों ने एकजुट होकर धर्म संसद का आयोजन किया।
🔹 विभिन्न हिंदू संतों और संगठनों ने मिलकर इसे एक सशक्त मंच के रूप में विकसित किया।


3️⃣ धर्म संसद की विशेषताएँ

🔱 स्वतंत्र और आध्यात्मिक संगठन: यह किसी भी राजनीतिक दल या सरकार के अधीन नहीं होता।
🔱 हिंदू समाज को दिशा देना: सनातन धर्म की रक्षा और प्रचार-प्रसार के लिए मार्गदर्शन देना।
🔱 संतों और अखाड़ों की सहभागिता: इसमें विभिन्न अखाड़ों, मठों और हिंदू संगठनों के संत भाग लेते हैं।
🔱 महत्वपूर्ण धार्मिक और सामाजिक विषयों पर निर्णय: मंदिरों की सुरक्षा, धर्मांतरण रोकथाम, गौरक्षा, सनातन शिक्षा प्रणाली आदि पर चर्चा।


4️⃣ धर्म संसद के प्रमुख विषय

📌 राम जन्मभूमि और हिंदू मंदिरों की रक्षा
📌 गौ-रक्षा और गौरक्षा आंदोलन
📌 धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मुद्दों पर चर्चा
📌 कश्मीर और हिंदू तीर्थस्थलों की सुरक्षा
📌 सनातन शिक्षा और गुरुकुल परंपरा को पुनर्जीवित करना
📌 वेद-पुराणों और धर्म ग्रंथों का प्रचार-प्रसार
📌 हिंदू समाज की एकता और जागरूकता अभियान


5️⃣ धर्म संसद में भाग लेने वाले प्रमुख संत और संगठन

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
विश्व हिंदू परिषद (VHP)
अयोध्या, काशी और मथुरा के संत समाज
शंकराचार्य पीठों के धर्मगुरु
योग गुरु (जैसे बाबा रामदेव)
महामंडलेश्वर और नागा साधु समुदाय
अयोध्या, प्रयागराज, काशी, हरिद्वार और उज्जैन के संतगण


6️⃣ प्रमुख धर्म संसद आयोजन

🔸 1992 – राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान संतों की धर्म संसद
🔸 2017 – अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए निर्णय
🔸 2021-2023 – धर्मांतरण और हिंदू समाज की सुरक्षा पर चर्चा
🔸 हर कुंभ मेले में धर्म संसद का आयोजन होता है।


🌸 निष्कर्ष 🌸

🚩 धर्म संसद सनातन धर्म के संतों और धर्माचार्यों का एक आध्यात्मिक मंच है, जो धर्म की रक्षा और हिंदू समाज के उत्थान के लिए कार्य करता है।
🚩 इसका उद्देश्य सनातन संस्कृति, हिंदू समाज की रक्षा, गौ-रक्षा, धर्मांतरण रोकथाम और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा करना है।
🚩 यह हिंदू धर्म की एकता और जागरूकता का सबसे बड़ा आध्यात्मिक मंच है।

🔱 “सनातन धर्म की रक्षा ही धर्म संसद का उद्देश्य है!” 🔱

"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
    अधर्म मिटे, जग में फैले ज्ञान का पसारा।
    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
    मोक्ष का मार्ग दिखाए, यही है इसका धरम!” 🙏

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