सनातन धर्म बोर्ड

SDAB नीति: प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों (MSCB) के संक्रमण हेतु

SDAB नीति: प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों (MSCB) के संक्रमण हेतु

संस्करण: 2.0

लागूता: सभी SDAB-मान्यता प्राप्त प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकाय (MSCB)


1.0 कार्यकारी सारांश एवं उद्देश्य

यह दस्तावेज़ सनातन धर्म एक्रेडिटेशन बोर्ड (SDAB) की आधिकारिक नीति एवं रणनीतिक रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जिसका उद्देश्य मान्यता प्राप्त प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों (Management System Certification Bodies – MSCBs) को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानकों के नवीनतम संस्करणों में सुव्यवस्थित रूप से स्थानांतरित (Transition) करना है।

यह नीति अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय (International Body) तथा उसके मल्टीलेटरल रिकग्निशन अरेंजमेंट (MLA) के हस्ताक्षरकर्ता निकायों द्वारा जारी प्रस्तावों एवं निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है।

इस नीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुराने मानकों से नए प्रकाशित मानकों में परिवर्तन एक सुसंगत, पारदर्शी एवं कठोर प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए। यह संक्रमण प्रमाणन प्रणाली की विश्वसनीयता, प्रासंगिकता तथा अंतरराष्ट्रीय मान्यता बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

सफल संक्रमण के माध्यम से—

  • मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्रों का वैश्विक महत्व एवं विश्वसनीयता बनी रहेगी।
  • अनुरूपता मूल्यांकन (Conformity Assessment) प्रक्रिया में विश्वास सुदृढ़ होगा।
  • प्रमाणित संगठन नवीनतम प्रबंधन प्रणाली की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का लाभ प्राप्त करते रहेंगे।

यह नीति निम्नलिखित अंतरराष्ट्रीय मानकों के संक्रमण पर लागू होती है, जिन्हें इस दस्तावेज़ में “ISO 9001: नवीनतम”, “ISO 14001: नवीनतम” आदि के रूप में संदर्भित किया गया है। यहाँ “नवीनतम” से आशय उस समय ISO द्वारा प्रकाशित सबसे नवीन संस्करण से है, जब अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय अथवा SDAB द्वारा संक्रमण अवधि की आधिकारिक घोषणा की जाती है।

लागू मानक

  • ISO 9001 – गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (Quality Management Systems) – आवश्यकताएँ।
  • ISO 14001 – पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली (Environmental Management Systems) – आवश्यकताएँ एवं उपयोग हेतु मार्गदर्शन।
  • ISO 50001 – ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली (Energy Management Systems) – आवश्यकताएँ एवं उपयोग हेतु मार्गदर्शन।
  • ISO 50003 – ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली के ऑडिट एवं प्रमाणन प्रदान करने वाले निकायों हेतु आवश्यकताएँ।
  • ISO 13485 – चिकित्सा उपकरण (Medical Devices) – गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली – नियामक उद्देश्यों हेतु आवश्यकताएँ।

नोट: ISO/IEC 17021-1 जैसे अनुरूपता मूल्यांकन मानकों से संबंधित संक्रमण के लिए SDAB की पृथक नीति आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।


2.0 परिभाषाएँ (Definitions)

SDAB: सनातन धर्म एक्रेडिटेशन बोर्ड।

MSCB (Management System Certification Body): SDAB द्वारा मान्यता प्राप्त वह संस्था जो प्रबंधन प्रणाली मानकों के अनुसार ऑडिट करती है तथा प्रमाणपत्र जारी करती है।

International Body: अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय।

MLA (Multilateral Recognition Arrangement): अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय का बहुपक्षीय मान्यता समझौता।

IAF-AB Resolutions: अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय के सदस्य मान्यता निकायों द्वारा स्वीकृत औपचारिक निर्णय।

Certified Client (प्रमाणित ग्राहक): वह संगठन जिसके पास SDAB-मान्यता प्राप्त MSCB द्वारा जारी वैध प्रबंधन प्रणाली प्रमाणपत्र हो।

Transition Period (संक्रमण अवधि): नए मानक के प्रकाशन से लेकर निर्धारित अंतिम तिथि (Sunset Date) तक की वह अवधि जिसमें पुराने एवं नए दोनों संस्करणों के प्रमाणपत्र वैध रहते हैं।

Sunset Date (अंतिम वैधता तिथि): वह तिथि जिसके बाद पुराने संस्करण के आधार पर जारी प्रमाणपत्र मान्य नहीं रहेंगे। सभी प्रमाणित संगठनों को इस तिथि से पहले संक्रमण ऑडिट पूर्ण करना आवश्यक होगा।

Recertification Audit (पुनः प्रमाणन ऑडिट): प्रमाणन चक्र (सामान्यतः प्रत्येक तीन वर्ष) के अंत में किया जाने वाला व्यापक ऑडिट जिसके आधार पर प्रमाणपत्र का नवीनीकरण किया जाता है।

Surveillance Audit (निगरानी ऑडिट): प्रमाणन अवधि के दौरान (सामान्यतः प्रतिवर्ष) किया जाने वाला आवधिक ऑडिट, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि संगठन की प्रबंधन प्रणाली निरंतर मानक की आवश्यकताओं का पालन कर रही है।

संचालन सिद्धांत एवं अनिवार्य संक्रमण समय-सीमा

3.0 संचालन के मूल सिद्धांत (Governing Principles)

संक्रमण (Transition) प्रक्रिया निम्नलिखित मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित होगी—

3.1 सत्यनिष्ठा (Integrity)

संक्रमण प्रक्रिया के दौरान प्रमाणन प्रणाली की गुणवत्ता एवं कठोरता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नए मानक के अनुरूप संगठन की पूर्ण अनुपालना (Compliance) का वस्तुनिष्ठ प्रमाण प्रस्तुत किया जाना आवश्यक होगा।

3.2 निष्पक्षता (Impartiality)

संक्रमण से संबंधित सभी निर्णय केवल अनुरूपता (Conformity) के वस्तुनिष्ठ साक्ष्यों के आधार पर लिए जाएंगे। किसी भी प्रकार के व्यावसायिक, व्यक्तिगत अथवा बाहरी दबाव का प्रभाव स्वीकार्य नहीं होगा।

3.3 दक्षता (Competence)

सभी MSCB तथा उनके ऑडिटरों को संक्रमण ऑडिट प्रारम्भ करने से पूर्व नए मानक की आवश्यकताओं के संबंध में आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं दक्षता प्रदर्शित करनी होगी। उनकी योग्यता का सत्यापन अनिवार्य होगा।

3.4 एकरूपता (Consistency)

सभी SDAB-मान्यता प्राप्त MSCB अपने सभी ग्राहकों के लिए संक्रमण प्रक्रिया को समान एवं एकरूप तरीके से लागू करेंगे, जिससे प्रमाणन प्रणाली की विश्वसनीयता बनी रहे।

3.5 पारदर्शिता (Transparency)

संक्रमण से संबंधित सभी आवश्यकताओं, प्रक्रियाओं, समय-सीमाओं एवं निर्देशों की स्पष्ट, समयबद्ध एवं पारदर्शी जानकारी सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी।

3.6 ग्राहक सहयोग (Client Support)

MSCB की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने प्रमाणित ग्राहकों को संक्रमण प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में उचित मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहायता प्रदान करे ताकि वे नए मानक के अनुरूप समय पर संक्रमण पूर्ण कर सकें।

3.7 अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय के अनुरूपता (International Body Alignment)

सभी गतिविधियाँ एवं समय-सीमाएँ अंतरराष्ट्रीय मान्यता निकाय (International Body) के अनिवार्य दस्तावेजों, विशेष रूप से International Body MD 9:2019 (Transition Requirements for Management System Standards) तथा संबंधित IAF-AB प्रस्तावों के अनुरूप होंगी।


4.0 अनिवार्य संक्रमण समय-सीमा एवं प्रमुख तिथियाँ (Mandatory Transition Timeline and Key Dates)

प्रत्येक नए मानक के लिए SDAB आधिकारिक संक्रमण सूचना जारी करेगा, जिसमें निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे—

4.1 नए मानक के प्रकाशन की तिथि (Publication Date)

वह तिथि जिस दिन ISO द्वारा नए संस्करण का आधिकारिक प्रकाशन किया जाएगा।

4.2 संक्रमण अवधि का प्रारम्भ (Start of Transition Period)

सामान्यतः संक्रमण अवधि नए मानक के प्रकाशन की तिथि से ही प्रारम्भ होगी।

4.3 International Body द्वारा निर्धारित अंतिम तिथि (Sunset Date)

यह वह अंतिम तिथि होगी जिसके बाद पुराने मानक के आधार पर जारी सभी प्रमाणपत्र अमान्य हो जाएंगे। इस तिथि तक सभी प्रमाणित संगठनों का नए मानक में सफलतापूर्वक संक्रमण होना आवश्यक होगा।

4.4 SDAB समापन समय-सीमा (SDAB Completion Deadline)

SDAB आवश्यकता अनुसार International Body की अंतिम तिथि से लगभग 3 से 6 माह पूर्व एक आंतरिक समापन समय-सीमा निर्धारित कर सकता है। इस अवधि तक MSCB को अपने सभी संक्रमण संबंधी कार्य, जैसे—

  • कार्यालय मूल्यांकन (Office Assessments)
  • साक्षी ऑडिट (Witness Audits)
  • प्रशासनिक प्रक्रिया
  • संक्रमण सत्यापन

पूर्ण करने होंगे।


उदाहरणात्मक संक्रमण कार्यक्रम (Illustrative Transition Schedule)

गतिविधिउत्तरदायी पक्षसमय-सीमा
International Body द्वारा संक्रमण योजना एवं अंतिम तिथि की घोषणाInternational Bodyअंतिम तिथि से 24–36 माह पूर्व
SDAB द्वारा आधिकारिक संक्रमण नीति जारी करनाSDABघोषणा के 3 माह के भीतर
MSCB द्वारा अपनी प्रक्रियाओं एवं दस्तावेजों का अद्यतनMSCBअंतिम तिथि से 18–24 माह पूर्व
ऑडिटरों का प्रशिक्षण एवं दक्षता सत्यापनMSCBअंतिम तिथि से 12–18 माह पूर्व
ग्राहकों के संक्रमण ऑडिट प्रारम्भ करनाMSCBनीति जारी होने के तुरंत बाद
SDAB समापन समय-सीमाMSCBअंतिम तिथि से लगभग 6 माह पूर्व
International Body की अंतिम (Sunset) तिथिसभी पक्षअंतिम समय-सीमा

विशेष सूचना:
ISO 50003 तथा ISO 13485 के लिए आवश्यक संक्रमण तिथियाँ International Body की आधिकारिक घोषणा के पश्चात SDAB द्वारा पृथक परिपत्र (Circular) के माध्यम से जारी की जाएँगी.

SDAB नीति: प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों. इन्फोग्राफिक जिसमें SDAB नीति के अंतर्गत प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों (MSCB) के संक्रमण की चरणबद्ध प्रक्रिया दिखाई गई है। इसमें वर्तमान स्थिति, अंतर विश्लेषण, नीति अनुपालन, दस्तावेज़ अद्यतन, ऑडिट एवं मूल्यांकन तथा SDAB मान्यता के चरणों को फ्लोचार्ट, प्रमाणन, अनुपालन और गुणवत्ता प्रबंधन से संबंधित आइकनों के साथ दर्शाया गया है।
यह इन्फोग्राफिक SDAB नीति के अनुसार प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन निकायों (MSCB) के संक्रमण की प्रक्रिया को सरल और दृश्यात्मक रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें अनुपालन, दस्तावेज़ अद्यतन, ऑडिट और मान्यता प्राप्त करने के प्रमुख चरणों को दर्शाया गया है।

MSCB संक्रमण आवश्यकताएँ (MSCB Transition Requirements)

5.0 MSCB संक्रमण आवश्यकताएँ

5.1 ऑडिटर एवं कर्मचारियों की दक्षता (Auditor and Staff Competence)

कर्मचारियों एवं ऑडिटरों की दक्षता एक विश्वसनीय संक्रमण प्रक्रिया की आधारशिला है। प्रत्येक MSCB को निम्नलिखित आवश्यकताओं का पालन करना होगा—

  • दक्षता योजना (Competence Plan) तैयार करना: प्रत्येक नए मानक के लिए ऑडिटरों की दक्षता विकसित करने तथा उसका सत्यापन करने हेतु विस्तृत योजना बनाना और लागू करना।
  • औपचारिक प्रशिक्षण प्रदान करना: सभी संबंधित ऑडिटरों एवं तकनीकी कर्मचारियों को नए मानक की आवश्यकताओं, उद्देश्य तथा उसके व्यावहारिक अनुप्रयोग पर औपचारिक प्रशिक्षण देना। प्रशिक्षण में पुराने संस्करण की तुलना में हुए सभी प्रमुख परिवर्तनों को शामिल किया जाना चाहिए।
  • प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का सत्यापन: प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का मूल्यांकन लिखित परीक्षा, व्यावहारिक मूल्यांकन, साक्षी (Witness) ऑडिट अथवा अन्य उपयुक्त माध्यमों से किया जाना चाहिए।
  • रिकॉर्ड बनाए रखना: प्रत्येक कर्मचारी के प्रशिक्षण तथा दक्षता सत्यापन से संबंधित सभी अभिलेख सुरक्षित रखे जाएँ।
  • ऑडिट से पूर्व योग्यता अनिवार्य: जब तक किसी ऑडिटर की नए मानक के लिए दक्षता औपचारिक रूप से सत्यापित एवं दर्ज नहीं हो जाती, तब तक वह उस मानक के अंतर्गत संक्रमण ऑडिट नहीं करेगा।

5.2 मान्यता दस्तावेज़ों का अद्यतन (Update of Accreditation Documentation)

MSCB को उन सभी दस्तावेज़ों की व्यवस्थित समीक्षा एवं संशोधन करना होगा जो पुराने मानकों का संदर्भ देते हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं—

  • ऑडिट चेकलिस्ट एवं कार्य दस्तावेज़
  • ऑडिट रिपोर्ट प्रारूप
  • प्रमाणन निर्णय प्रक्रिया
  • ग्राहक सूचना पुस्तिकाएँ एवं आवेदन प्रपत्र
  • विपणन एवं संविदात्मक (Contractual) दस्तावेज़
  • आंतरिक प्रक्रियाएँ एवं गुणवत्ता मैनुअल

सभी दस्तावेज़ों में नए मानकों की आवश्यकताओं एवं शब्दावली को सही रूप से सम्मिलित किया जाना चाहिए। SDAB मूल्यांकन के दौरान इन अद्यतन दस्तावेज़ों की समीक्षा करेगा।


5.3 संचार रणनीति (Communication Strategy)

सफल संक्रमण के लिए सक्रिय एवं प्रभावी संचार अत्यंत आवश्यक है। प्रत्येक MSCB को निम्नलिखित संचार योजना तैयार कर उसका क्रियान्वयन करना होगा—

आंतरिक संचार (Internal Communication)

  • सभी कर्मचारियों एवं उप-ठेकेदारों को संक्रमण संबंधी आवश्यकताओं तथा उनकी भूमिकाओं की जानकारी देना।

ग्राहक संचार (Client Communication)

सभी प्रमाणित ग्राहकों को समय रहते निम्नलिखित जानकारी प्रदान करना—

  • नए मानक का प्रकाशन।
  • International Body एवं SDAB द्वारा निर्धारित संक्रमण समय-सीमा तथा अंतिम तिथि।
  • वर्तमान प्रमाणपत्र पर संक्रमण का प्रभाव।
  • MSCB द्वारा प्रस्तावित संक्रमण प्रक्रिया (विकल्प, समय-निर्धारण एवं संभावित शुल्क)।
  • ग्राहकों की तैयारी हेतु सुझाव, जैसे—
    • गैप विश्लेषण (Gap Analysis)
    • प्रशिक्षण
    • आंतरिक प्रक्रियाओं का अद्यतन
    • आंतरिक ऑडिट

हितधारकों के साथ समन्वय (Stakeholder Liaison)

राष्ट्रीय मानक संस्थानों, उद्योग संगठनों एवं अन्य प्रमाणन निकायों के साथ समन्वय स्थापित करना, ताकि मानकों की व्याख्या एवं कार्यान्वयन में एकरूपता सुनिश्चित हो सके।


5.4 संक्रमण ऑडिट की योजना एवं क्रियान्वयन (Transition Audit Planning and Execution)

MSCB को संक्रमण मूल्यांकन को अपने ऑडिट कार्यक्रम में सम्मिलित करने हेतु स्पष्ट प्रक्रियाएँ निर्धारित करनी होंगी।

संक्रमण ऑडिट निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है—

संयुक्त ऑडिट (Combined Audit)

निर्धारित Surveillance Audit अथवा Recertification Audit के साथ संक्रमण मूल्यांकन करना। यह सबसे प्रभावी एवं अनुशंसित तरीका है।

विशेष संक्रमण ऑडिट (Stand-alone Transition Audit)

केवल संक्रमण के उद्देश्य से अलग ऑडिट आयोजित करना।

संक्रमण ऑडिट की अवधि एवं दायरा इतना पर्याप्त होना चाहिए कि संगठन की प्रबंधन प्रणाली का नए मानक की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन किया जा सके। यह केवल गैप विश्लेषण नहीं, बल्कि पूर्ण अनुरूपता मूल्यांकन (Full Conformity Assessment) होगा।


5.5 पुनः प्रमाणन (Recertification) के साथ समन्वय

MSCB को अपने ग्राहकों के पुनः प्रमाणन (Recertification) चक्र के साथ संक्रमण प्रक्रिया का समन्वय करने का प्रयास करना चाहिए।

यदि पुनः प्रमाणन ऑडिट संक्रमण अवधि के भीतर आयोजित किया जाए, तो इससे—

  • समय की बचत होगी।
  • संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा।
  • MSCB एवं ग्राहक दोनों के लिए लागत कम होगी।

MSCB को यह भी स्पष्ट रूप से बताना होगा कि प्रमाणन की निरंतरता किस प्रकार बनाए रखी जाएगी तथा ऑडिट कार्यक्रम में आवश्यक परिवर्तन कैसे लागू किए जाएँगे।

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"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
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    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
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