सनातन धर्म बोर्ड

ISO/IEC 17021 प्रत्यायन (Accreditation) की प्रक्रिया

ISO/IEC 17021 प्रत्यायन (Accreditation) की प्रक्रिया

ISO 17021 प्रत्यायन हेतु प्रक्रिया

  • प्रमाणन निकाय (Certification Bodies – CBs) अथवा प्रत्यायन निकाय (Accreditation Bodies – ABs) को ISO/IEC 17021 के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करना होगा।
  • प्रत्यायन प्रक्रिया के अंतर्गत आवेदक द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज़ों तथा उसकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के आधार पर निर्धारित स्कोरिंग प्रणाली के अनुसार प्रत्यायन का निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर SDAB द्वारा स्थल निरीक्षण (Site Visit) तथा/या वीडियो कॉल के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा।
  • प्रत्येक आवेदक को निम्नलिखित शुल्क का भुगतान करना होगा:
    1. आवेदन शुल्क (Application Fee)
    2. प्रत्येक जारी किए गए प्रमाणपत्र के लिए वार्षिक शुल्क (Annual Fee)
    वार्षिक शुल्क का भुगतान निर्धारित संगठनात्मक शुल्क के बराबर या उससे अधिक होना चाहिए, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।
  • जारी किए गए सभी प्रमाणपत्रों का पंजीकरण www.sanatanboards.in पर करना अनिवार्य होगा।

विस्तृत प्रक्रिया (Detailed Procedure)

1. आवेदन प्रस्तुत करना

आवेदक को प्रत्यायन (Accreditation) के लिए निर्धारित आवेदन-पत्र विधिवत भरकर प्रस्तुत करना होगा। आवेदन करने से पूर्व आवेदक को इस मार्गदर्शिका तथा आवश्यक कौशल एवं ISO/IEC 17021 की आवश्यकताओं का पूर्ण अध्ययन कर लेना चाहिए।

2. आवेदन की समीक्षा

प्राप्त आवेदन-पत्र की समीक्षा की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो अतिरिक्त जानकारी अथवा दस्तावेज़ मांगे जा सकते हैं।

आवेदन स्वीकार होने के बाद SDAB द्वारा निम्नलिखित शुल्कों का चालान (Invoice) जारी किया जाएगा—

  • आवेदन शुल्क (Application Fee)
  • मूल्यांकन/निरीक्षण (Assessment/Surveillance) दिवस शुल्क (Day Rate)

3. ISO/IEC 17021 का अनुपालन

आवेदक प्रमाणन निकाय (Certification Body) को ISO/IEC 17021 के नवीनतम संस्करण की सभी आवश्यकताओं का पूर्णतः पालन करना होगा।


आवेदन के साथ संस्था की कानूनी स्थिति का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

यह निम्न में से कोई भी हो सकता है—

  • पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • कंपनी/संस्था का वैध पंजीकरण दस्तावेज़
  • अथवा किसी सरकारी ऑनलाइन रजिस्टर का सत्यापन योग्य लिंक

5. विद्यमान प्रमाणन निकायों हेतु अतिरिक्त दस्तावेज़

यदि आवेदक पहले से प्रमाणन सेवाएँ प्रदान कर रहा है, तो उसे निम्नलिखित दस्तावेज़ भी प्रस्तुत करने होंगे—

  • निष्पक्षता समिति (Impartiality Committee) की बैठकों की कार्यवाही (Minutes)
  • समिति के सदस्यों की सूची
  • आंतरिक ऑडिट (Internal Audit) रिपोर्ट
  • अन्य आवश्यक प्रबंधन अभिलेख

6. SDAB द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले प्रमुख दस्तावेज़

यदि आवेदक प्रत्यायन प्राप्त करने में सफल होता है, तो उसे SDAB द्वारा निम्नलिखित दस्तावेज़ों का पालन करना होगा—

  • प्रत्यायन अनुबंध (Accreditation Agreement)
  • समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU)
  • नियम एवं शर्तें (Terms & Conditions)
  • आचार संहिता (Code of Conduct)
  • वैश्विक संबद्धताएँ (Global Affiliations)
  • प्राधिकरण (Authority)
  • प्रत्यायन चिन्हों (Accreditation Marks) के उपयोग के नियम
  • प्रमाणपत्रों (Certificates) की स्वीकृत शब्दावली एवं प्रारूप

7. कार्मिकों (Personnel) का विवरण

आवेदक को उन सभी कर्मचारियों का विवरण प्रस्तुत करना होगा जो मूल्यांकन, ऑडिट, प्रमाणन तथा प्रत्यायन प्रक्रिया में शामिल होंगे।

इसमें निम्नलिखित सम्मिलित होंगे—

  • जीवन-वृत्त (CV)
  • प्रोफ़ाइल
  • योग्यता
  • अनुभव
  • प्रशिक्षण अभिलेख

8. चरण–1 दस्तावेज़ समीक्षा (Stage–1 Documentation Review)

आवेदक को ISO/IEC 17021 के अनुरूप तैयार संपूर्ण प्रबंधन प्रणाली दस्तावेज़ (Management System Documentation) SDAB को प्रस्तुत करने होंगे।

इसके अतिरिक्त आवेदक को SDAB द्वारा उपलब्ध कराए गए Excel आधारित Self-Assessment Form को भी पूर्ण करके जमा करना होगा।

इन दस्तावेज़ों का विस्तृत डेस्क समीक्षा (Desk Review) किया जाएगा।


9. सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action)

यदि दस्तावेज़ों में किसी प्रकार की कमी या असंगति (Nonconformity) पाई जाती है, तो SDAB आवेदक को सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) करने हेतु सूचित करेगा।

आवेदक को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक संशोधन कर पुनः दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे।


10. अस्थायी प्रत्यायन (Provisional Accreditation Status)

जब SDAB यह सुनिश्चित कर लेगा कि दस्तावेज़ उसकी आवश्यकताओं के अनुरूप हैं, तब आवेदक को अस्थायी (Provisional) प्रत्यायन स्थिति प्रदान की जाएगी।

यह केवल यह दर्शाता है कि आवेदक अगले चरण के मूल्यांकन हेतु पात्र है; इसे पूर्ण प्रत्यायन (Full Accreditation) नहीं माना जाएगा।


11. अनुबंध एवं समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

आवेदक को—

  • प्रत्यायन अनुबंध (Agreement)
  • समझौता ज्ञापन (MoU)

का प्रिंट निकालकर उस पर अधिकृत हस्ताक्षर एवं संस्था की मोहर लगानी होगी।

इसके बाद स्कैन प्रति SDAB को भेजनी होगी।

SDAB द्वारा हस्ताक्षरित अंतिम अनुबंध एवं MoU आवेदक को वापस भेजे जाएंगे।

आवश्यकता पड़ने पर अनुबंध एवं MoU का नमूना भी उपलब्ध कराया जा सकता है।


12. अस्थायी प्रत्यायन प्रमाणपत्र (Provisional Accreditation Certificate)

यदि SDAB यह संतुष्ट हो जाता है कि आवेदक की दस्तावेज़ प्रणाली आवश्यक मानकों के अनुरूप है, तो उसे अस्थायी प्रत्यायन प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।

इसके साथ ही आवेदक का नाम SDAB की आधिकारिक सूची में दर्ज कर दिया जाएगा।

13. प्रत्यायन संदर्भ संख्या (Accreditation Reference Number) जारी करना

SDAB आवेदक को एक प्रत्यायन संदर्भ संख्या (Accreditation Reference Number) प्रदान करेगा, जिसके माध्यम से प्रमाणन निकाय (Certification Body) अपने ग्राहकों को जारी किए गए प्रमाणपत्रों का पंजीकरण कर सकेगा तथा वैध प्रमाणपत्र जारी कर सकेगा।

सभी प्रमाणपत्रों का पंजीकरण www.sanatanboards.in पर करना अनिवार्य होगा।


14. प्रथम प्रमाणन मूल्यांकन (Initial Certification Assessment)

प्रमाणन निकाय (CB) अपने पहले ग्राहक का मूल्यांकन (Assessment) एवं प्रमाणन (Certification) करेगा।

इस मूल्यांकन से संबंधित सभी दस्तावेज़ों की स्कैन अथवा इलेक्ट्रॉनिक प्रतियाँ SDAB को प्रस्तुत करनी होंगी।

इन दस्तावेज़ों में सामान्यतः निम्नलिखित सम्मिलित होंगे—

  • ग्राहक का आवेदन (Application)
  • ऑडिट योजना (Audit Plan)
  • ऑडिट रिपोर्ट
  • गैर-अनुरूपता रिपोर्ट (Nonconformity Reports)
  • सुधारात्मक कार्रवाई का रिकॉर्ड
  • प्रमाणन निर्णय (Certification Decision)
  • जारी किया गया प्रमाणपत्र

ये सभी दस्तावेज़ SDAB द्वारा पहले अनुमोदित दस्तावेज़ी प्रणाली के अनुरूप होने चाहिए।

यदि आवेदक पहले से प्रमाणन कार्य कर रहा है, तो SDAB आवश्यकता अनुसार पूर्व में जारी प्रमाणपत्रों के अभिलेख भी मांग सकता है।


15. अतिरिक्त चार मूल्यांकन (Further Four Assessments)

प्रथम प्रमाणन के बाद आवेदक को कम-से-कम चार (4) अतिरिक्त प्रमाणन मूल्यांकन करने होंगे।

प्रत्येक मूल्यांकन से संबंधित समस्त दस्तावेज़ों की प्रतियाँ SDAB को समीक्षा हेतु प्रस्तुत करनी होंगी।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रमाणन निकाय अपनी दस्तावेज़ीकृत प्रक्रियाओं का वास्तविक कार्यों में भी सही प्रकार से पालन कर रहा है।


16. SDAB द्वारा साइट साक्षी मूल्यांकन (Site Witness Assessment)

उचित अवसर उपलब्ध होने पर SDAB प्रमाणन निकाय की गतिविधियों का Site Witness Assessment करेगा।

इस दौरान SDAB के मूल्यांकनकर्ता—

  • प्रमाणन निकाय के कार्यालय का निरीक्षण करेंगे।
  • आवश्यक होने पर प्रमाणन ऑडिट के दौरान ऑडिट टीम के साथ ग्राहक स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
  • अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑडिट गतिविधियों का निरीक्षण करेंगे।

इस मूल्यांकन का उद्देश्य निम्नलिखित की पुष्टि करना है—

  • ऑडिटरों की तकनीकी क्षमता
  • ISO/IEC 17021 का अनुपालन
  • निष्पक्षता (Impartiality)
  • प्रमाणन प्रक्रिया की प्रभावशीलता
  • दस्तावेज़ी प्रणाली का वास्तविक अनुपालन

व्यय (Costs)

इस मूल्यांकन से संबंधित सभी खर्चों का वहन आवेदक करेगा, जिनमें शामिल हैं—

  • SDAB मूल्यांकनकर्ता का दैनिक शुल्क (Day Rate)
  • यात्रा व्यय
  • आवास व्यय
  • भोजन एवं अन्य आवश्यक खर्च

जहाँ संभव होगा, SDAB स्थानीय प्रतिनिधियों को नियुक्त कर व्यय को न्यूनतम रखने का प्रयास करेगा।

महत्वपूर्ण सूचना:
साइट साक्षी मूल्यांकन (Witness Assessment) सफल प्रत्यायन की गारंटी नहीं है। यदि वास्तविक कार्यवाही SDAB द्वारा पूर्व में स्वीकृत दस्तावेज़ों के अनुरूप नहीं पाई जाती, तो पूर्ण प्रत्यायन (Full Accreditation) अस्वीकार किया जा सकता है। इसलिए आवेदकों को अपने ग्राहकों के समक्ष भ्रामक या अतिरंजित दावे नहीं करने चाहिए।


17. प्रत्यायन स्थिति (Accreditation Status)

सभी मूल्यांकन सफलतापूर्वक पूर्ण होने के पश्चात SDAB निम्न में से किसी एक स्थिति में प्रत्यायन प्रदान करेगा—

  • INTERMEDIATE Accreditation
  • FULL Accreditation

इसके पश्चात—

  • प्रमाणन निकाय का नाम SDAB की आधिकारिक वेबसाइट www.sanatanboards.in पर प्रकाशित किया जाएगा।
  • आवश्यक होने पर संबंधित टिप्पणियाँ (Remarks/Conditions) भी प्रदर्शित की जा सकती हैं।
  • प्रमाणन निकाय को उसके स्वीकृत कार्यक्षेत्र (Scope of Accreditation) सहित सूचीबद्ध किया जाएगा।

18. नियमित प्रमाणन गतिविधियाँ

पूर्ण अथवा इंटरमीडिएट प्रत्यायन प्राप्त करने के बाद प्रमाणन निकाय अपने ग्राहकों का मूल्यांकन एवं प्रमाणन कार्य सामान्य रूप से जारी रख सकता है।

इस चरण के बाद प्रत्येक प्रमाणन की पूर्ण फाइल SDAB को भेजना आवश्यक नहीं होगा, जब तक SDAB विशेष रूप से इसकी मांग न करे।


19. जारी किए गए प्रमाणपत्रों की सूचना

प्रमाणन निकाय को अपने ग्राहकों को जारी किए गए प्रत्येक प्रमाणपत्र की जानकारी SDAB को उपलब्ध करानी होगी।

सभी प्रमाणपत्रों का पंजीकरण www.sanatanboards.in पर ऑनलाइन किया जाएगा।

प्रमाणन शुल्क (Certification Fees) भी SDAB की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन जमा किए जाएंगे।


20. सतत निगरानी (Ongoing Surveillance)

SDAB समय-समय पर प्रमाणन निकाय की गतिविधियों की निगरानी करेगा।

यह निगरानी विभिन्न जोखिम कारकों (Risk Factors) के आधार पर की जाएगी, जैसे—

  • जारी किए गए प्रमाणपत्रों की संख्या
  • प्रमाणन गतिविधियों का भौगोलिक विस्तार
  • पूर्व में पाई गई गैर-अनुरूपताएँ (Nonconformities)
  • प्राप्त शिकायतें (Complaints)
  • प्रमाणन निकाय का समग्र प्रदर्शन
  • अन्य प्रासंगिक जोखिम

आवश्यकता पड़ने पर SDAB—

  • निगरानी ऑडिट (Surveillance Audit)
  • दस्तावेज़ समीक्षा (Document Review)
  • साइट निरीक्षण (Site Visit)
  • साक्षी ऑडिट (Witness Audit)

आदि कर सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रमाणन निकाय ISO/IEC 17021 की आवश्यकताओं का निरंतर पालन कर रहा है।


परिचय एवं कार्यक्षेत्र (Introduction and Scope)

यह दस्तावेज़ उन प्रमाणन निकायों (Certification Bodies – CBs) के प्रत्यायन (Accreditation) की विस्तृत प्रक्रिया का वर्णन करता है, जो प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन सेवाएँ प्रदान करने में अपनी क्षमता (Competence), निष्पक्षता (Impartiality) एवं विश्वसनीयता (Reliability) को ISO/IEC 17021-1 (आगे ISO 17021 के रूप में संदर्भित) की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रदर्शित करना चाहते हैं।

यह प्रत्यायन प्रक्रिया कठोर, पारदर्शी एवं निष्पक्ष सिद्धांतों पर आधारित है, ताकि प्रत्यायित (Accredited) प्रमाणन निकाय अंतरराष्ट्रीय स्तर के सर्वोच्च मानकों के अनुरूप कार्य करें तथा उनके द्वारा जारी किए गए प्रमाणपत्रों पर उद्योग, ग्राहकों, नियामकों एवं अन्य हितधारकों का विश्वास बना रहे।

यह प्रक्रिया, जिसे यहाँ उदाहरणस्वरूप SDAB (Sanatan Dharma Accreditation Board) द्वारा संचालित माना गया है, आवेदन से लेकर प्रारंभिक मूल्यांकन, प्रत्यायन, सतत निगरानी (Surveillance) तथा पुनः प्रत्यायन (Re-accreditation) तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया को सम्मिलित करती है।

इसका उद्देश्य केवल प्रत्यायन प्रदान करना नहीं है, बल्कि प्रमाणन प्रणाली की विश्वसनीयता एवं अखंडता (Integrity) को बनाए रखते हुए प्रमाणन निकायों के साथ एक दीर्घकालिक, उत्तरदायी एवं गुणवत्ता-आधारित साझेदारी स्थापित करना भी है।

मुख्य सिद्धांत (Core Principles)

विस्तृत प्रक्रिया का वर्णन करने से पहले उन मूलभूत सिद्धांतों को समझना आवश्यक है, जिन पर यह प्रत्यायन प्रक्रिया आधारित है।


1. निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता (Impartiality and Independence)

पूरी प्रत्यायन प्रक्रिया तथा प्रमाणन निकाय (Certification Body) की सभी गतिविधियाँ किसी भी प्रकार के—

  • व्यावसायिक (Commercial)
  • वित्तीय (Financial)
  • व्यक्तिगत (Personal)
  • अथवा अन्य बाहरी प्रभाव

से पूर्णतः स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होनी चाहिए।

प्रमाणन निकाय को यह प्रदर्शित करना होगा कि उसने हितों के टकराव (Conflict of Interest) की पहचान करने, उनका मूल्यांकन करने तथा उन्हें प्रभावी रूप से नियंत्रित करने हेतु उचित व्यवस्था स्थापित की है।


2. क्षमता (Competence)

प्रमाणन निकाय के पास पर्याप्त तकनीकी, प्रबंधकीय तथा क्षेत्र-विशिष्ट (Sector-Specific) विशेषज्ञता होनी चाहिए।

उसे यह सिद्ध करना होगा कि उसके ऑडिटर, तकनीकी विशेषज्ञ तथा प्रमाणन निर्णय लेने वाले अधिकारी संबंधित प्रबंधन प्रणाली का प्रभावी एवं निष्पक्ष मूल्यांकन करने में सक्षम हैं।


3. एकरूपता एवं विश्वसनीयता (Consistency and Reliability)

प्रत्यायन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि सभी प्रत्यायित प्रमाणन निकाय समान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करें।

इससे विभिन्न देशों अथवा क्षेत्रों में जारी किए गए प्रमाणपत्रों की विश्वसनीयता एवं तुलनीयता बनी रहती है।


4. पारदर्शिता (Transparency)

प्रत्यायन प्रक्रिया, उसकी आवश्यकताएँ, नियम तथा प्रत्यायन प्राप्त संस्थाओं की स्थिति स्पष्ट एवं सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।

प्रत्यायित प्रमाणन निकायों का कार्यक्षेत्र (Scope of Accreditation), प्रत्यायन संख्या तथा अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक रजिस्टर में प्रकाशित की जाएगी ताकि कोई भी इच्छुक व्यक्ति उनकी वैधता की पुष्टि कर सके।


5. सतत सुधार (Continuous Improvement)

प्रत्यायन केवल एक बार प्राप्त की जाने वाली मान्यता नहीं है।

यह एक निरंतर प्रक्रिया है जिसमें प्रमाणन निकाय को—

  • अपने प्रबंधन तंत्र का नियमित मूल्यांकन करना होगा।
  • आंतरिक ऑडिट कराना होगा।
  • सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाइयाँ लागू करनी होंगी।
  • तथा अपनी प्रमाणन सेवाओं में लगातार सुधार बनाए रखना होगा।
ISO/IEC 17021 प्रत्यायन. ISO/IEC 17021 प्रत्यायन प्रमाणन निकायों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक को दर्शाता हुआ गुणवत्ता प्रबंधन और अनुपालन का प्रतीक।
ISO/IEC 17021 प्रत्यायन यह सुनिश्चित करता है कि प्रबंधन प्रणाली प्रमाणन प्रदान करने वाले निकाय निष्पक्ष, सक्षम और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करें।

विस्तृत चरणबद्ध प्रक्रिया (Detailed Step-by-Step Procedure)

Phase–0 : पूर्व-आवेदन एवं तैयारी (Pre-Application and Readiness)


Step 0.1 : आवश्यकताओं का अध्ययन (Familiarization)

प्रत्यायन के इच्छुक संगठन को आवेदन करने से पूर्व निम्नलिखित दस्तावेज़ों एवं आवश्यकताओं का विस्तृत अध्ययन करना चाहिए—

  • ISO/IEC 17021 का नवीनतम संस्करण
  • संबंधित क्षेत्र-विशिष्ट दिशानिर्देश (जैसे ISO 9001, ISO 14001, ISO 27001 आदि के लिए लागू दस्तावेज़)
  • SDAB की प्रत्यायन प्रक्रिया
  • SDAB के नियम एवं शर्तें

आवेदन करने से पूर्व संगठन द्वारा स्वयं का Self-Assessment करना अत्यंत अनुशंसित है ताकि संभावित कमियों की पहचान पहले ही की जा सके।


Step 0.2 : प्रारंभिक पूछताछ (Inquiry)

इच्छुक संगठन आवेदन करने से पहले SDAB सचिवालय (Secretariat) से संपर्क कर सकता है।

इस चरण में निम्नलिखित विषयों पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है—

  • आवेदन प्रक्रिया
  • आवश्यक दस्तावेज़
  • शुल्क संरचना
  • संभावित समय-सीमा
  • मूल्यांकन प्रक्रिया
  • अन्य प्रशासनिक आवश्यकताएँ

Phase–1 : आवेदन एवं दस्तावेज़ समीक्षा (Application and Document Review)


Step 1.1 : औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना (Formal Application Submission)

आवेदक प्रमाणन निकाय SDAB द्वारा निर्धारित आवेदन-पत्र को पूर्ण रूप से भरकर प्रस्तुत करेगा।

आवेदन में सामान्यतः निम्नलिखित जानकारी अपेक्षित होगी—

  • संस्था का नाम
  • कानूनी स्थिति (Legal Status)
  • पंजीकरण विवरण
  • प्रस्तावित प्रमाणन कार्यक्षेत्र (Certification Scope)
  • संगठनात्मक संरचना
  • शीर्ष प्रबंधन (Top Management) का विवरण
  • निष्पक्षता समिति (Impartiality Committee) का गठन
  • उपलब्ध संसाधन एवं कार्यालयों का विवरण

Step 1.2 : आवेदन शुल्क का भुगतान (Payment of Application Fee)

आवेदन प्रस्तुत करते समय आवेदक को निर्धारित गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) आवेदन शुल्क जमा करना होगा।

यह शुल्क निम्नलिखित प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रयुक्त होगा—

  • आवेदन का पंजीकरण
  • प्रारंभिक समीक्षा
  • दस्तावेज़ परीक्षण
  • प्रशासनिक प्रक्रिया

Step 1.3 : आवेदन की समीक्षा एवं अतिरिक्त जानकारी (Review of Application and Request for Information)

SDAB आवेदन-पत्र की प्रारंभिक समीक्षा करेगा।

यदि आवेदन में कोई जानकारी अधूरी, अस्पष्ट अथवा अनुपलब्ध पाई जाती है, तो SDAB अतिरिक्त जानकारी (Request for Information – RFI) मांगेगा।

जब आवेदन आगे की प्रक्रिया हेतु स्वीकार कर लिया जाएगा, तब SDAB निम्नलिखित मदों का विस्तृत शुल्क प्रस्ताव (Quotation) अथवा चालान (Invoice) जारी करेगा—

  • चरण–1 दस्तावेज़ समीक्षा
  • चरण–2 मूल्यांकन
  • साइट निरीक्षण
  • साक्षी ऑडिट
  • अन्य लागू शुल्क

Step 1.4 : अनिवार्य दस्तावेज़ों की प्रस्तुति (Submission of Mandatory Evidence)

आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा—

निम्न में से कोई एक—

  • कंपनी पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • संस्था का पंजीकरण प्रमाणपत्र
  • निगमित होने का प्रमाण (Certificate of Incorporation)
  • अथवा सरकारी ऑनलाइन रजिस्टर का सत्यापन योग्य लिंक

(ख) प्रबंधन प्रणाली दस्तावेज़ (Management System Documentation)

ISO/IEC 17021 के अनुरूप तैयार किए गए सभी प्रमुख दस्तावेज़, जैसे—

  • गुणवत्ता पुस्तिका (Quality Manual)
  • नीतियाँ (Policies)
  • प्रक्रियाएँ (Procedures)
  • कार्य निर्देश (Work Instructions)
  • रिकॉर्ड प्रारूप (Record Formats)
  • प्रपत्र (Forms)
  • संचालन प्रणाली से संबंधित अन्य दस्तावेज़

(ग) निष्पक्षता समिति से संबंधित दस्तावेज़ (Evidence of Impartiality Governance)

यदि संगठन पहले से प्रमाणन कार्य कर रहा है, तो निम्नलिखित प्रस्तुत करना होगा—

  • निष्पक्षता समिति का चार्टर (Charter)
  • समिति की बैठकों की कार्यवाही (Minutes)
  • समिति के सदस्यों की सूची
  • उनके प्रोफ़ाइल एवं योग्यता
  • विभिन्न हितधारकों का संतुलित प्रतिनिधित्व दर्शाने वाले अभिलेख

(घ) कार्मिक क्षमता संबंधी अभिलेख (Personnel Competence Records)

प्रमाणन प्रक्रिया में सम्मिलित सभी कर्मचारियों के लिए—

  • जीवन-वृत्त (CV)
  • शैक्षणिक योग्यता
  • तकनीकी योग्यता
  • प्रशिक्षण रिकॉर्ड
  • अनुभव प्रमाण
  • ऑडिट लॉग
  • कार्य-अनुभव का विवरण

प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।


Step 1.5 : चरण–1 दस्तावेज़ समीक्षा (Stage–1 Documentation Review / Desktop Audit)

SDAB के मूल्यांकनकर्ता (Assessors) प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज़ों की विस्तृत डेस्क समीक्षा (Desktop Audit) करेंगे।

इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि—

  • प्रबंधन प्रणाली ISO/IEC 17021 की आवश्यकताओं के अनुरूप है।
  • SDAB के नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया गया है।
  • सभी आवश्यक दस्तावेज़ उपलब्ध हैं।
  • प्रक्रियाएँ प्रभावी एवं कार्यान्वयन योग्य हैं।

SDAB आवश्यकता अनुसार आवेदक से एक विस्तृत Self-Assessment Checklist (आमतौर पर Excel प्रारूप में) भी भरवा सकता है, जिससे दस्तावेज़ समीक्षा अधिक प्रभावी हो सके।

यह चरण प्रत्यायन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण भाग है। इस चरण में यह सत्यापित किया जाता है कि प्रमाणन निकाय (Certification Body – CB) केवल दस्तावेज़ों में ही नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यों में भी ISO/IEC 17021 की सभी आवश्यकताओं का पालन कर रहा है।


चरण 2.1 : “अस्थायी” अथवा “मूल्यांकन हेतु तैयार” स्थिति प्रदान करना (Granting of “Provisional” or “Ready for Assessment” Status)

जब SDAB यह सुनिश्चित कर लेता है कि—

  • दस्तावेज़ी प्रबंधन प्रणाली पर्याप्त एवं उपयुक्त है,
  • चरण–1 (Stage–1) में पाई गई सभी गैर-अनुरूपताओं (Nonconformities) का प्रभावी समाधान कर दिया गया है,

तब प्रमाणन निकाय को “अस्थायी (Provisional)” अथवा “मूल्यांकन हेतु तैयार (Ready for Assessment)” का दर्जा प्रदान किया जाता है।

महत्वपूर्ण: यह पूर्ण प्रत्यायन (Full Accreditation) नहीं है। इसका अर्थ केवल इतना है कि प्रमाणन निकाय अब अगले चरण, अर्थात् वास्तविक मूल्यांकन (Operational Assessment) के लिए पात्र है।

इस स्थिति के साथ प्रमाणन निकाय का नाम SDAB की आधिकारिक वेबसाइट www.sanatanboards.in पर Provisional Status के रूप में प्रकाशित किया जाएगा।


प्रमाणन निकाय को निम्नलिखित दस्तावेज़ों पर विधिवत हस्ताक्षर कर SDAB को भेजना होगा—

  • प्रत्यायन अनुबंध (Accreditation Agreement)
  • समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding – MoU)

प्रक्रिया इस प्रकार होगी—

  1. दस्तावेज़ों का प्रिंट निकालना।
  2. अधिकृत हस्ताक्षर करना।
  3. संस्था की आधिकारिक मोहर (Seal) लगाना।
  4. हस्ताक्षरित दस्तावेज़ों की स्कैन प्रति SDAB को भेजना।

SDAB द्वारा प्रतिहस्ताक्षर (Countersignature) किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच औपचारिक अनुबंध प्रभावी हो जाएगा।


चरण 2.3 : प्रारंभिक प्रमाणन (Initial Certification) की फाइलें प्रस्तुत करना

प्रमाणन निकाय को अपने प्रस्तावित कार्यक्षेत्र (Scope of Accreditation) के अंतर्गत वास्तविक ग्राहकों (Real Clients) के लिए कम-से-कम पाँच (5) पूर्ण प्रमाणन ऑडिट सम्पन्न करने होंगे।

प्रत्येक ऑडिट के लिए निम्नलिखित संपूर्ण दस्तावेज़ SDAB को प्रस्तुत किए जाएंगे—

  • ग्राहक का आवेदन (Client Application)
  • अनुबंध समीक्षा (Application Review)
  • ऑडिट योजना (Audit Plan)
  • चरण–1 एवं चरण–2 ऑडिट रिपोर्ट
  • गैर-अनुरूपता रिपोर्ट (Nonconformity Reports)
  • सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action Records)
  • तकनीकी समीक्षा (Technical Review)
  • प्रमाणन निर्णय (Certification Decision)
  • जारी किया गया प्रमाणपत्र (Issued Certificate)

इन दस्तावेज़ों की समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रमाणन निकाय अपनी स्वीकृत प्रक्रियाओं का वास्तविक कार्यों में भी सही प्रकार से पालन कर रहा है।


चरण 2.4 : चरण–2 ऑन-साइट मूल्यांकन (Stage–2 On-Site Assessment / Witness Assessment)

यह सम्पूर्ण प्रत्यायन प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण मूल्यांकन चरण है।

इस दौरान SDAB के मूल्यांकनकर्ता (Assessors) प्रमाणन निकाय की कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष निरीक्षण करेंगे।

(क) मुख्य कार्यालय का मूल्यांकन (Head Office Assessment)

SDAB निम्नलिखित गतिविधियों का मूल्यांकन करेगा—

  • प्रबंधन प्रणाली (Management System)
  • दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control)
  • रिकॉर्ड नियंत्रण (Record Control)
  • कर्मचारियों की योग्यता एवं क्षमता
  • प्रशिक्षण व्यवस्था
  • शिकायत एवं अपील प्रक्रिया
  • निष्पक्षता समिति का संचालन
  • आंतरिक ऑडिट
  • प्रबंधन समीक्षा बैठकें (Management Review)

(ख) साक्षी ऑडिट (Witness Audit)

SDAB के मूल्यांकनकर्ता प्रमाणन निकाय के ऑडिटरों के साथ ग्राहक के परिसर (Client Site) पर उपस्थित होकर वास्तविक ऑडिट का निरीक्षण करेंगे।

यदि आवश्यक हो, तो यह निरीक्षण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अथवा अन्य दूरस्थ माध्यमों से भी किया जा सकता है।

साक्षी ऑडिट के दौरान निम्नलिखित बिंदुओं का मूल्यांकन किया जाएगा—

  • ऑडिटरों की तकनीकी दक्षता
  • ऑडिट योजना का पालन
  • साक्ष्यों (Audit Evidence) का संग्रह
  • निष्कर्ष निकालने की क्षमता
  • ISO मानकों की समझ
  • ग्राहक के साथ व्यावसायिक व्यवहार
  • निष्पक्षता एवं स्वतंत्रता
  • ऑडिट रिपोर्ट की गुणवत्ता

SDAB आवश्यकता अनुसार—

  • चरण–1 ऑडिट
  • चरण–2 ऑडिट
  • सर्विलांस ऑडिट
  • पुनःप्रमाणन (Recertification) ऑडिट

का भी साक्षी मूल्यांकन कर सकता है।


मूल्यांकन व्यय (Assessment Costs)

इस चरण से संबंधित सभी व्ययों का वहन प्रमाणन निकाय करेगा।

इनमें सामान्यतः शामिल होंगे—

  • SDAB मूल्यांकनकर्ताओं का दैनिक शुल्क (Day Rate)
  • हवाई/रेल/सड़क यात्रा व्यय
  • स्थानीय परिवहन
  • होटल एवं आवास व्यय
  • भोजन एवं दैनिक भत्ता (Per Diem)
  • अन्य आवश्यक प्रशासनिक व्यय

जहाँ संभव होगा, SDAB स्थानीय मूल्यांकनकर्ताओं की नियुक्ति कर लागत को कम करने का प्रयास करेगा।


चरण 2.5 : चरण–2 के बाद सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Actions from Stage–2 Assessment)

चरण–2 मूल्यांकन पूर्ण होने के बाद SDAB विस्तृत मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करेगा।

रिपोर्ट में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं—

  • प्रमुख गैर-अनुरूपताएँ (Major Nonconformities)
  • लघु गैर-अनुरूपताएँ (Minor Nonconformities)
  • सुधार हेतु सुझाव (Opportunities for Improvement)
  • सकारात्मक अवलोकन (Positive Observations)

यदि किसी प्रकार की गैर-अनुरूपता पाई जाती है, तो प्रमाणन निकाय को—

  1. मूल कारण विश्लेषण (Root Cause Analysis) करना होगा।
  2. सुधारात्मक कार्रवाई (Corrective Action) लागू करनी होगी।
  3. उसके प्रभावी कार्यान्वयन का प्रमाण SDAB को प्रस्तुत करना होगा।

जब तक सभी गैर-अनुरूपताओं का संतोषजनक समाधान नहीं हो जाता, तब तक अंतिम प्रत्यायन प्रदान नहीं किया जाएगा।


महत्वपूर्ण सूचना

प्रमाणन निकाय को अपने ग्राहकों के समक्ष यह दावा नहीं करना चाहिए कि उसे निश्चित रूप से प्रत्यायन प्राप्त हो जाएगा।

अंतिम प्रत्यायन तभी माना जाएगा जब SDAB का स्वतंत्र निर्णय प्राधिकरण (Decision-Making Committee) लिखित रूप में प्रत्यायन प्रदान करने का निर्णय जारी करेगा।

इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रामक, अतिरंजित या समयपूर्व दावे करने से बचना आवश्यक है।

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"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
    अधर्म मिटे, जग में फैले ज्ञान का पसारा।
    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
    मोक्ष का मार्ग दिखाए, यही है इसका धरम!” 🙏

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