सनातन धर्म बोर्ड

SDAB की अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatories) संबंधी रणनीति

SDAB की अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatories) संबंधी रणनीति

संशोधित: दिसंबर 2016

यह रणनीति दस्तावेज़ उन परीक्षण प्रयोगशालाओं (Testing Laboratories), अंशांकन (Calibration) प्रयोगशालाओं तथा निरीक्षण निकायों (Inspection Bodies) के अधिकृत कर्मियों के संबंध में SDAB की नीति को निर्धारित करता है, जिन्हें परीक्षण रिपोर्ट, अंशांकन प्रमाणपत्र तथा निरीक्षण रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने का अधिकार प्रदान किया गया है।


संदर्भ मानक (Reference Standards)

यह रणनीति निम्नलिखित नवीनतम अंतर्राष्ट्रीय मानकों की आवश्यकताओं पर आधारित है:

  • ISO/IEC 17020 – अनुरूपता मूल्यांकन (Conformity Assessment) – निरीक्षण करने वाले विभिन्न प्रकार के निकायों के संचालन हेतु आवश्यकताएँ।
  • ISO/IEC 17011 – अनुरूपता मूल्यांकन – अनुरूपता मूल्यांकन निकायों को प्रत्यायित (Accredit) करने वाले प्रत्यायन निकायों (Accreditation Bodies) हेतु सामान्य आवश्यकताएँ।
  • ISO/IEC 17025 – परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की दक्षता (Competence) हेतु सामान्य आवश्यकताएँ।

आवश्यकताएँ (Requirements)

प्रत्यायित (Accredited) परीक्षण प्रयोगशालाएँ एवं निरीक्षण निकाय यह सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी हैं कि उनके सभी कर्मचारी—चाहे वे पूर्णकालिक (Full-time), अंशकालिक (Part-time) अथवा अनुबंध (Contract) के आधार पर कार्यरत हों—उचित पर्यवेक्षण (Supervision) के अंतर्गत कार्य करें, सक्षम (Competent) हों तथा प्रयोगशाला या निरीक्षण संगठन की प्रबंधन प्रणाली (Management System) के अनुरूप कार्य करें।

इसके अतिरिक्त, ISO/IEC 17025 तथा ISO/IEC 17020 के अनुसार प्रबंधन (Management) को ऐसे विशिष्ट कर्मचारियों को औपचारिक रूप से अधिकृत (Authorize) करना आवश्यक है जो परीक्षण रिपोर्ट, अंशांकन प्रमाणपत्र तथा निरीक्षण रिपोर्ट जारी करने के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatories) हों।

ये आवश्यकताएँ ISO/IEC 17011 में भी वर्णित हैं। इस मानक के अनुसार प्रत्यायन निकायों (Accreditation Bodies) को उन सभी अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची (Approved Signatories List) बनाए रखना आवश्यक है जिन्हें उनके प्रत्यायित परीक्षण प्रयोगशालाओं अथवा निरीक्षण निकायों द्वारा रिपोर्ट एवं प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार प्रदान किया गया है।

अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को संबंधित परीक्षणों, अंशांकन या निरीक्षण प्रक्रियाओं का गहन तकनीकी ज्ञान होना चाहिए तथा उन्हें अपनी प्रयोगशाला अथवा निरीक्षण निकाय की प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं का पूर्ण ज्ञान होना चाहिए।

अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता परीक्षण रिपोर्ट, अंशांकन प्रमाणपत्र तथा निरीक्षण रिपोर्ट की तकनीकी सत्यता एवं प्रामाणिकता के लिए उत्तरदायी होते हैं। सामान्यतः यह दायित्व तकनीकी प्रबंधकों, विभागाध्यक्षों अथवा अन्य प्रशासनिक एवं प्रबंधकीय अधिकारियों द्वारा निभाया जाता है।

प्रत्येक तकनीशियन, अंशांकन विशेषज्ञ या निरीक्षक का नाम प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं है। केवल उन्हीं कर्मचारियों की पहचान आवश्यक है जो संगठनात्मक संरचना (Organizational Structure) के अंतर्गत रिपोर्टों में प्रस्तुत तकनीकी जानकारी के लिए उत्तरदायी हों तथा ग्राहकों एवं नियामक प्राधिकरणों के तकनीकी प्रश्नों का उत्तर देने में सक्षम हों।

प्रत्यायित प्रयोगशालाओं एवं निरीक्षण निकायों को अपने सभी वर्तमान अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की अद्यतन सूची बनाए रखना अनिवार्य है।

यदि संगठन में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन होता है—विशेषकर ऐसा परिवर्तन जो प्रबंधन स्तर पर हो और प्रत्यायन (Accreditation) की स्थिति को प्रभावित कर सकता हो—तो इसकी सूचना SDAB को बिना विलंब दिए जाना आवश्यक है।

SDAB के मूल्यांकनकर्ता (Assessors) नियमित निगरानी मूल्यांकन (Surveillance Assessments) तथा पुनर्मूल्यांकन (Reassessments) के दौरान इस सूची की समीक्षा करेंगे।


दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control)

दस्तावेज़ का प्रकार: रणनीति दस्तावेज़ (Strategy Document)

संस्करण (Version): संशोधित – दिसंबर 2016

स्थिति (Status): कार्यान्वयन हेतु अनुमोदित (Approved for Implementation)


1.0 परिचय एवं उद्देश्य (Introduction and Purpose)

यह रणनीति दस्तावेज़ SDAB (Sanatan Dharma Accreditation Board) की आधिकारिक नीति को स्थापित करता है, जो प्रत्यायित परीक्षण प्रयोगशालाओं (Testing Laboratories), अंशांकन सुविधाओं (Calibration Facilities) तथा निरीक्षण निकायों (Inspection Bodies) के उन कर्मचारियों से संबंधित है जिन्हें प्रामाणिक तकनीकी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने तथा उन्हें जारी करने का अधिकार प्रदान किया गया है।

इन दस्तावेज़ों में निम्नलिखित सम्मिलित हैं—

  • परीक्षण रिपोर्ट (Test Reports)
  • अंशांकन प्रमाणपत्र (Calibration Certificates)
  • निरीक्षण रिपोर्ट (Inspection Reports)

इन दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह डेटा की सत्यता (Data Integrity), तकनीकी शुद्धता (Technical Correctness), ग्राहक की आवश्यकताओं तथा अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुपालन (Compliance) की अंतिम पुष्टि (Final Verification) का प्रतीक है। यह संगठन की तकनीकी क्षमता (Technical Competence) का औपचारिक प्रमाण भी है।

इस रणनीति के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं—

  • प्रत्यायित निकायों (Accredited Bodies) के लिए SDAB की अपेक्षाओं के अनुरूप अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं हेतु स्पष्ट, एकरूप एवं कठोर ढाँचा (Framework) प्रदान करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि प्रयोगशालाओं एवं निरीक्षण निकायों में हस्ताक्षरकर्ताओं की स्वीकृति प्रक्रिया उच्चतम स्तर की तकनीकी जवाबदेही (Technical Accountability) एवं सत्यनिष्ठा (Integrity) के अनुरूप हो।
  • अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की स्वीकृति, रखरखाव एवं निगरानी (Approval, Maintenance & Surveillance) के संबंध में प्रत्यायित निकायों तथा SDAB की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करना।
  • संबंधित ISO/IEC मानकों की आवश्यकताओं को एकीकृत संचालन रणनीति (Unified Operational Strategy) के रूप में लागू करना।

अनुरूपता मूल्यांकन (Conformity Assessment) से संबंधित किसी दस्तावेज़ पर किया गया हस्ताक्षर केवल प्रशासनिक स्वीकृति नहीं है, बल्कि यह एक व्यावसायिक (Professional) एवं कानूनी (Legal) अनुमोदन भी है।

इस रणनीति का उद्देश्य SDAB प्रत्यायन के अंतर्गत जारी की गई रिपोर्टों एवं प्रमाणपत्रों की वैधता (Validity) तथा वैश्विक मान्यता (Global Recognition) को सुरक्षित रखना, अंतिम उपयोगकर्ताओं (End Users) के हितों की रक्षा करना, नियामक स्वीकृति (Regulatory Acceptance) को सुगम बनाना तथा अंतर्राष्ट्रीय व्यापार (International Trade) को प्रोत्साहित करना है।


2.0 संदर्भ मानक (Reference Standards)

यह रणनीति निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय मानकों के नवीनतम संस्करणों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई है—

ISO/IEC 17011

अनुरूपता मूल्यांकन – अनुरूपता मूल्यांकन निकायों को प्रत्यायित करने वाले प्रत्यायन निकायों हेतु सामान्य आवश्यकताएँ।

यह मानक SDAB जैसे प्रत्यायन निकायों को यह सुनिश्चित करने हेतु बाध्य करता है कि वे अपने प्रत्यायित निकायों में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की स्वीकृति प्रक्रिया पर प्रभावी निगरानी रखें।

ISO/IEC 17025

परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं की दक्षता हेतु सामान्य आवश्यकताएँ।

इस मानक के अनुसार प्रयोगशाला प्रबंधन (Laboratory Management) पर यह प्रत्यक्ष उत्तरदायित्व होता है कि वह विशेष कर्मचारियों को परीक्षण रिपोर्ट एवं अंशांकन प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत करे।

ISO/IEC 17020

अनुरूपता मूल्यांकन – निरीक्षण करने वाले विभिन्न प्रकार के निकायों के संचालन हेतु आवश्यकताएँ।

यह मानक निरीक्षण निकायों के लिए भी समान प्रकार की आवश्यकताएँ निर्धारित करता है तथा निरीक्षण रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करने वाले कर्मचारियों की स्वीकृति एवं उत्तरदायित्व को स्पष्ट करता है।

3.0 मूल सिद्धांत एवं परिभाषाएँ (Core Principles and Definitions)


3.1 अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatory) की परिभाषा

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatory) वह व्यक्ति है जो प्रत्यायित निकाय (Accredited Body) की स्थायी संगठनात्मक संरचना (Permanent Organizational Structure) का सदस्य होता है तथा जिसे संगठन के प्रबंधन द्वारा औपचारिक रूप से किसी विशिष्ट श्रेणी की परीक्षण रिपोर्ट (Test Reports), अंशांकन प्रमाणपत्र (Calibration Certificates) एवं/अथवा निरीक्षण रिपोर्ट (Inspection Reports) की समीक्षा (Review), सत्यापन (Validation) एवं हस्ताक्षर (Sign) करने का अधिकार प्रदान किया गया हो।

ऐसा व्यक्ति संबंधित दस्तावेज़ की तकनीकी सामग्री (Technical Content) के लिए अंतिम रूप से उत्तरदायी होता है तथा ग्राहकों (Clients), नियामक प्राधिकरणों (Regulatory Authorities) एवं अन्य हितधारकों (Stakeholders) द्वारा पूछे गए तकनीकी प्रश्नों के लिए संगठन का प्रमुख संपर्क अधिकारी (Primary Point of Contact) होता है।


3.2 प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र (Scope of Authorization)

किसी भी अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को प्रदान किया गया प्राधिकरण (Authorization) विशिष्ट (Specific) एवं सीमित (Bounded) होता है। किसी व्यक्ति को निम्नलिखित सीमाओं के अंतर्गत हस्ताक्षर करने की अनुमति दी जा सकती है—

  • किसी निश्चित श्रेणी के परीक्षण, अंशांकन या निरीक्षण कार्यों के लिए।
    उदाहरण:
    • यांत्रिक परीक्षण (Mechanical Testing)
    • विद्युत अंशांकन (Electrical Calibration)
    • दाबयुक्त उपकरणों का निरीक्षण (Pressurized Equipment Inspection)
  • संगठन के किसी विशेष विभाग (Department) अथवा तकनीकी अनुभाग (Technical Section) के अंतर्गत।
  • केवल निर्धारित तकनीकी जटिलता (Complexity) अथवा जोखिम स्तर (Risk Level) तक।

किसी भी व्यक्ति को संगठन द्वारा जारी सभी प्रकार की रिपोर्टों एवं प्रमाणपत्रों पर बिना किसी सीमा के हस्ताक्षर करने की सामान्य (Blanket) अनुमति प्रदान करना प्रदर्शित तकनीकी क्षमता (Demonstrated Competence) के सिद्धांत के विपरीत है तथा इसकी अनुमति नहीं है।


3.3 मुख्य सिद्धांत: उत्तरदायित्व एवं कार्य निष्पादन (Responsibility vs. Execution)

यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि कार्य के निष्पादन (Execution of Work) तथा कार्य के लिए उत्तरदायित्व (Responsibility for Work) दो अलग-अलग अवधारणाएँ हैं।

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatory) रिपोर्ट के तकनीकी सत्यापन (Technical Verification) के लिए उत्तरदायी होता है।

वास्तविक परीक्षण (Testing), अंशांकन (Calibration) अथवा निरीक्षण (Inspection) का कार्य अन्य सक्षम तकनीशियनों (Technicians), प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों (Technologists) अथवा निरीक्षकों (Inspectors) द्वारा किया जा सकता है।

फिर भी, हस्ताक्षरकर्ता के पास इतना पर्याप्त तकनीकी ज्ञान एवं पर्यवेक्षण (Knowledge and Oversight) होना आवश्यक है कि वह यह सुनिश्चित कर सके कि—

  • कार्य स्वीकृत एवं मान्य (Validated) परीक्षण विधियों (Methods) के अनुसार किया गया है।
  • उपयोग किए गए उपकरणों (Equipment) का उचित अंशांकन (Calibration) किया गया था तथा वे निर्धारित उद्देश्य (Fit for Purpose) के लिए उपयुक्त थे।
  • कार्य करने वाले सभी कर्मचारी आवश्यक तकनीकी दक्षता (Competence) रखते थे।
  • प्राप्त परिणाम (Results) सही, उचित रूप से गणना किए गए तथा तकनीकी दृष्टि से सही प्रकार से व्याख्यायित (Properly Interpreted) किए गए हैं।
  • रिपोर्ट का प्रारूप (Report Format) सभी आवश्यक मानकों, प्रत्यायन आवश्यकताओं (Accreditation Requirements) एवं ग्राहक-विशिष्ट आवश्यकताओं (Client-specific Requirements) के अनुरूप है।

महत्वपूर्ण निष्कर्ष (Key Conclusion)

यद्यपि प्रत्येक तकनीकी कर्मचारी (Technical Staff) को अपने कार्य के लिए सक्षम होना आवश्यक है, फिर भी प्रत्येक तकनीशियन (Technician), अंशांकन विशेषज्ञ (Calibrator) अथवा फील्ड निरीक्षक (Field Inspector) का अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता होना आवश्यक नहीं है।

यह उत्तरदायित्व सामान्यतः निम्नलिखित अधिकारियों द्वारा निभाया जाता है—

  • पर्यवेक्षक (Supervisors)
  • तकनीकी प्रबंधक (Technical Managers)
  • गुणवत्ता प्रबंधक (Quality Managers)

हालाँकि संगठन की आवश्यकता एवं संरचना के अनुसार अन्य उपयुक्त एवं सक्षम अधिकारियों को भी यह अधिकार प्रदान किया जा सकता है।


3.0 का सारांश (Summary)

इस अनुभाग का मूल उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि—

  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता केवल रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि उसकी तकनीकी शुद्धता, विश्वसनीयता एवं वैधता के लिए अंतिम रूप से उत्तरदायी अधिकारी होता है।
  • उसका अधिकार सीमित एवं स्पष्ट रूप से परिभाषित कार्यक्षेत्र तक ही लागू होता है।
  • वास्तविक परीक्षण या निरीक्षण कोई अन्य सक्षम व्यक्ति कर सकता है, किंतु अंतिम तकनीकी उत्तरदायित्व अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता का ही रहेगा।
  • बिना प्रदर्शित तकनीकी क्षमता के किसी भी व्यक्ति को व्यापक या असीमित हस्ताक्षर अधिकार प्रदान नहीं किया जा सकता।

4.0 प्रत्यायित निकायों (Accredited Bodies) के लिए आवश्यकताएँ

प्रत्यायित परीक्षण प्रयोगशालाएँ (Accredited Testing Laboratories), अंशांकन प्रयोगशालाएँ (Calibration Laboratories) तथा निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies) अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं (Approved Signatories) की नियुक्ति, नियंत्रण एवं निगरानी के लिए एक प्रभावी, सुव्यवस्थित एवं प्रलेखित (Documented) प्रणाली स्थापित करने तथा उसका निरंतर रखरखाव करने के लिए पूर्णतः उत्तरदायी हैं।

यह प्रणाली संगठन की प्रबंधन प्रणाली (Management System) का अभिन्न (Integral) भाग होनी चाहिए तथा ISO/IEC मानकों की सभी आवश्यकताओं के अनुरूप संचालित की जानी चाहिए।


4.1 दक्षता मानदंडों (Competence Criteria) की स्थापना

प्रत्यायित निकाय को अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं के प्राधिकरण (Authorization) हेतु स्पष्ट (Clear), वस्तुनिष्ठ (Objective), प्रलेखित (Documented) तथा सत्यापन योग्य (Verifiable) दक्षता मानदंड (Competence Criteria) स्थापित एवं लागू करने होंगे।

इन मानदंडों में न्यूनतम रूप से निम्नलिखित योग्यताओं का प्रदर्शन आवश्यक होगा—


4.1.1 तकनीकी दक्षता (Technical Competence)

उम्मीदवार के पास उन विशिष्ट परीक्षणों (Tests), अंशांकन (Calibrations) अथवा निरीक्षणों (Inspections) का व्यावहारिक (Practical) एवं सैद्धांतिक (Theoretical) ज्ञान होना चाहिए जिनके लिए उसे हस्ताक्षर करने का अधिकार प्रदान किया जाना प्रस्तावित है।

इसमें निम्नलिखित का पर्याप्त ज्ञान सम्मिलित होना चाहिए—

  • संबंधित अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय मानक (Applicable Standards)
  • परीक्षण एवं निरीक्षण विधियाँ (Test and Inspection Methods)
  • प्रयोग में आने वाले उपकरण (Equipment)
  • मापन अनिश्चितता (Measurement Uncertainty) के सिद्धांत
  • तकनीकी परिणामों की व्याख्या (Interpretation of Technical Results)

उम्मीदवार यह सिद्ध करने में सक्षम होना चाहिए कि वह अपने अधिकृत कार्यक्षेत्र से संबंधित तकनीकी निर्णय स्वतंत्र रूप से ले सकता है।


4.1.2 प्रबंधन प्रणाली का ज्ञान (Management System Knowledge)

उम्मीदवार को प्रयोगशाला अथवा निरीक्षण निकाय की प्रबंधन प्रणाली का विस्तृत एवं व्यावहारिक ज्ञान होना चाहिए, जो ISO/IEC 17025 अथवा ISO/IEC 17020 के अनुरूप स्थापित की गई हो।

विशेष रूप से उसे निम्नलिखित प्रक्रियाओं की जानकारी होनी चाहिए—

  • दस्तावेज़ नियंत्रण (Document Control)
  • अभिलेख प्रबंधन (Record Keeping)
  • गैर-अनुरूप कार्य (Non-Conforming Work)
  • सुधारात्मक कार्यवाही (Corrective Actions)
  • शिकायतों एवं अपीलों का निस्तारण (Handling of Complaints and Appeals)

हस्ताक्षरकर्ता को यह भी समझ होना चाहिए कि प्रबंधन प्रणाली का प्रत्येक घटक रिपोर्टों की विश्वसनीयता एवं प्रत्यायन की वैधता को किस प्रकार प्रभावित करता है।


4.1.3 अनुभव (Experience)

उम्मीदवार के पास संबंधित तकनीकी क्षेत्र में पर्याप्त व्यावहारिक अनुभव (Relevant Practical Experience) होना चाहिए।

संगठन को न्यूनतम अनुभव अवधि निर्धारित करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उम्मीदवार ने वास्तविक कार्य परिस्थितियों में पर्याप्त अनुभव प्राप्त किया है और स्वतंत्र रूप से तकनीकी निर्णय लेने में सक्षम है।


4.1.4 निर्णय क्षमता एवं सत्यनिष्ठा (Judgment and Integrity)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के पास निम्नलिखित गुण होने आवश्यक हैं—

  • निष्पक्ष (Impartial) एवं स्वतंत्र तकनीकी निर्णय लेने की क्षमता।
  • परीक्षण अथवा निरीक्षण विधियों की सीमाओं (Limitations of Methods) को समझने की योग्यता।
  • नैतिकता (Ethics), ईमानदारी (Integrity) एवं गोपनीयता (Confidentiality) का पालन।
  • किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव या हितों के टकराव (Conflict of Interest) से मुक्त होकर कार्य करने की क्षमता।

4.1.5 संचार कौशल (Communication Skills)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता ग्राहकों, नियामक प्राधिकरणों एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ प्रभावी तकनीकी संवाद स्थापित करने में सक्षम होना चाहिए।

उसे निम्नलिखित विषयों को स्पष्ट रूप से समझाने की क्षमता होनी चाहिए—

  • रिपोर्ट का तकनीकी आशय।
  • परीक्षण अथवा निरीक्षण की सीमाएँ।
  • प्राप्त परिणामों का महत्व।
  • रिपोर्ट में दर्ज टिप्पणियों एवं निष्कर्षों का आधार।

4.2 प्राधिकरण (Authorization) प्रदान करने की प्रक्रिया

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता नियुक्त करने की प्रक्रिया पूर्णतः औपचारिक (Formal), प्रलेखित (Documented) तथा पारदर्शी (Transparent) होनी चाहिए।

इस प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण सम्मिलित होने चाहिए—


4.2.1 नामांकन (Nomination)

उम्मीदवार का नामांकन संबंधित विभागाध्यक्ष (Department Head) अथवा तकनीकी प्रबंधक (Technical Manager) द्वारा किया जाना चाहिए।

नामांकन केवल उन कर्मचारियों के लिए किया जाना चाहिए जिन्होंने आवश्यक तकनीकी योग्यता, अनुभव तथा दक्षता प्रदर्शित की हो।


4.2.2 मूल्यांकन (Assessment)

उम्मीदवार का औपचारिक मूल्यांकन स्थापित दक्षता मानदंडों के आधार पर किया जाना चाहिए।

इस मूल्यांकन में निम्नलिखित गतिविधियाँ सम्मिलित हो सकती हैं—

  • शैक्षणिक योग्यताओं (Qualifications) का सत्यापन।
  • प्रशिक्षण अभिलेखों (Training Records) की समीक्षा।
  • व्यक्तिगत साक्षात्कार (Interview)।
  • व्यावहारिक दक्षता परीक्षण (Practical Assessment)।
  • पूर्व कार्यों एवं रिपोर्टों की समीक्षा।
  • रिपोर्ट सत्यापन (Report Review) का प्रत्यक्ष अवलोकन (Witnessed Assessment)।

मूल्यांकन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उम्मीदवार तकनीकी एवं प्रबंधन प्रणाली दोनों के संबंध में पूर्णतः सक्षम है।


4.2.3 अनुमोदन (Approval)

सफल मूल्यांकन के पश्चात उम्मीदवार को संगठन के उच्च प्रबंधन (Top Management) अथवा अधिकृत अधिकारी द्वारा औपचारिक स्वीकृति प्रदान की जाएगी।

यह स्वीकृति निम्नलिखित अधिकारियों में से किसी द्वारा दी जा सकती है—

  • तकनीकी प्रबंधक (Technical Manager)
  • गुणवत्ता प्रबंधक (Quality Manager)
  • प्रयोगशाला निदेशक (Laboratory Director)
  • अथवा संगठन द्वारा नामित अन्य सक्षम प्राधिकारी

4.2.4 प्रलेखन (Documentation)

प्राधिकरण प्रदान किए जाने के पश्चात संगठन को एक औपचारिक दस्तावेज़ जारी करना होगा, जैसे—

  • प्राधिकरण पत्र (Authorization Letter)
  • कार्यालय ज्ञापन (Official Memorandum)
  • संशोधित कार्य विवरण (Updated Job Description)
  • अथवा प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत कोई अन्य नियंत्रित दस्तावेज़।

इस दस्तावेज़ में निम्नलिखित विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए—

  • कर्मचारी का पूरा नाम।
  • अधिकृत हस्ताक्षर (Signature Specimen) अथवा उसके अभिलेख का संदर्भ।
  • अधिकृत तकनीकी कार्यक्षेत्र (Clearly Defined Scope of Authorization)।
  • प्रभावी तिथि (Effective Date)।
  • लागू प्रतिबंध (यदि कोई हों)।
  • अनुमोदन प्रदान करने वाले अधिकारी का नाम एवं हस्ताक्षर।

4.2 का उद्देश्य

प्राधिकरण प्रदान करने की प्रक्रिया का उद्देश्य केवल किसी कर्मचारी को हस्ताक्षर करने का अधिकार देना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि वह व्यक्ति तकनीकी रूप से सक्षम, उत्तरदायी तथा संगठन की प्रबंधन प्रणाली और ISO/IEC मानकों की सभी आवश्यकताओं से पूर्णतः परिचित हो।

इस प्रकार प्रत्येक अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता संगठन की तकनीकी विश्वसनीयता (Technical Credibility), निष्पक्षता (Impartiality) तथा प्रत्यायन (Accreditation) की प्रतिष्ठा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

4.3 मास्टर सूची (Master List) का रखरखाव

प्रत्यायित निकाय (Accredited Body) को अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं (Approved Signatories) की एक अद्यतन (Current), नियंत्रित (Controlled) एवं आधिकारिक मास्टर सूची (Master List) बनाए रखना अनिवार्य होगा।

यह सूची संगठन के आंतरिक प्रबंधन (Internal Management) तथा SDAB द्वारा किए जाने वाले बाहरी मूल्यांकन (External Assessment) दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण अभिलेख (Key Record) मानी जाएगी।

मास्टर सूची संगठन की दस्तावेज़ नियंत्रण प्रणाली (Document Control System) के अंतर्गत नियंत्रित दस्तावेज़ (Controlled Document) के रूप में रखी जानी चाहिए।

प्रत्येक अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के संबंध में निम्नलिखित विवरण सूची में स्पष्ट रूप से दर्ज होने चाहिए—

  • कर्मचारी का पूरा नाम (Full Name)
  • विशिष्ट पहचान संख्या (Unique Identifier), जैसे कर्मचारी आईडी (Employee ID)
  • पदनाम (Position / Designation)
  • स्वीकृत तकनीकी कार्यक्षेत्र (Specific Scope of Authorization)

उदाहरण:

  • 300 मि.मी. तक के आयामी हस्त उपकरणों (Dimensional Hand Tools) का अंशांकन।
  • वेल्ड (Welds) के गैर-विनाशकारी परीक्षण (Non-Destructive Testing – NDT) का निरीक्षण।
  • पेयजल (Potable Water) में भारी धातुओं (Heavy Metals) का रासायनिक विश्लेषण।

इसके अतिरिक्त निम्नलिखित विवरण भी सम्मिलित किए जाने चाहिए—

  • प्रारंभिक प्राधिकरण (Initial Authorization) की तिथि।
  • हस्ताक्षर का नमूना (Signature Specimen) अथवा उसके सुरक्षित अभिलेख का संदर्भ।
  • लागू प्रतिबंध (Limitations), विशेष टिप्पणियाँ (Special Notes) अथवा अतिरिक्त शर्तें (Additional Conditions), यदि कोई हों।

यह सूची सदैव अद्यतन रखी जानी चाहिए तथा अधिकृत व्यक्तियों एवं SDAB मूल्यांकनकर्ताओं के लिए आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

कॉर्पोरेट शैली का इन्फोग्राफिक जिसमें SDAB की अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता रणनीति दर्शाई गई है। इसमें अधिकृत अधिकारी, दस्तावेज़ सत्यापन, डिजिटल हस्ताक्षर सुरक्षा तथा अनुपालन एवं शासन से जुड़े आइकन एक आधिकारिक दस्तावेज़ के चारों ओर प्रदर्शित हैं।
SDAB की अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता रणनीति पारदर्शिता, सुरक्षा, जवाबदेही और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करते हुए अधिकृत हस्ताक्षर प्रक्रिया को प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाती है।

4.4 निरंतर निगरानी एवं दक्षता का रखरखाव (Ongoing Monitoring and Competence Maintenance)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को एक बार प्राधिकृत (Authorized) कर देने के बाद उसका प्राधिकरण स्थायी (Permanent) या आजीवन (Indefinite) नहीं माना जाएगा।

प्रत्यायित निकाय को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता की तकनीकी दक्षता (Technical Competence), कार्य निष्पादन (Performance) एवं व्यावसायिक विकास (Professional Development) का नियमित मूल्यांकन किया जाता रहे।

इसके लिए संगठन को एक प्रलेखित प्रक्रिया (Documented Procedure) स्थापित करनी होगी।


4.4.1 आवधिक समीक्षा (Periodic Review)

संगठन को निर्धारित अंतराल (Planned Intervals) पर प्रत्येक अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता की दक्षता एवं प्रदर्शन का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) करना चाहिए।

यह समीक्षा सामान्यतः—

  • प्रतिवर्ष (Annually), अथवा
  • प्रत्येक दो वर्ष (Biennially)

की जा सकती है, अथवा संगठन की आवश्यकता एवं जोखिम स्तर के अनुसार अन्य उपयुक्त अवधि निर्धारित की जा सकती है।


4.4.2 सतत व्यावसायिक विकास (Continuous Professional Development)

संगठन यह सुनिश्चित करेगा कि अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर अद्यतन (Updated) रखें।

इसके लिए उन्हें निम्नलिखित गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया जाना चाहिए—

  • तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम (Technical Training Programmes)
  • कार्यशालाएँ एवं सेमिनार (Workshops and Seminars)
  • तकनीकी समितियों (Technical Committees) में सहभागिता
  • नवीन ISO/IEC मानकों एवं संशोधनों (Revisions) का अध्ययन
  • नई परीक्षण एवं निरीक्षण विधियों का प्रशिक्षण

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हस्ताक्षरकर्ता नवीनतम तकनीकी एवं नियामकीय आवश्यकताओं से सदैव परिचित रहें।


4.4.3 कार्य निष्पादन का मूल्यांकन (Performance Evaluation)

प्रत्यायित निकाय को प्रत्येक अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के कार्य निष्पादन की नियमित निगरानी करनी होगी।

इसमें निम्नलिखित पहलू सम्मिलित होंगे—

  • उनके हस्ताक्षर से जारी की गई रिपोर्टों एवं प्रमाणपत्रों की गुणवत्ता।
  • तकनीकी त्रुटियों (Technical Errors) की समीक्षा।
  • ग्राहकों (Clients) से प्राप्त प्रतिक्रिया (Feedback)।
  • आंतरिक लेखा-परीक्षण (Internal Audit) के निष्कर्ष।
  • सुधारात्मक एवं निवारक कार्यवाहियों (Corrective and Preventive Actions) का विश्लेषण।

यदि किसी हस्ताक्षरकर्ता के प्रदर्शन में कमी पाई जाती है, तो संगठन आवश्यक प्रशिक्षण, पुनर्मूल्यांकन अथवा अन्य उपयुक्त सुधारात्मक कार्यवाही करेगा।


4.5 परिवर्तनों का प्रबंधन (Handling Changes)

प्रत्यायित निकाय को ऐसी प्रलेखित प्रक्रिया स्थापित करनी होगी जिसके माध्यम से अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की मास्टर सूची (Master List) में होने वाले सभी परिवर्तनों को समय पर अद्यतन किया जा सके।

इन परिवर्तनों में निम्नलिखित परिस्थितियाँ सम्मिलित हैं—


4.5.1 नए प्राधिकरण (New Authorizations)

जब किसी नए कर्मचारी को अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के रूप में स्वीकृति प्रदान की जाती है, तो उसका विवरण मास्टर सूची में तत्काल सम्मिलित किया जाना चाहिए।


4.5.2 कार्यक्षेत्र में परिवर्तन (Change in Scope)

यदि किसी अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के अधिकार क्षेत्र (Scope of Authorization) का विस्तार (Expansion) अथवा सीमित (Reduction) किया जाता है, तो उसका संशोधित विवरण मास्टर सूची में स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाना चाहिए।


4.5.3 अस्थायी निलंबन (Suspension)

यदि किसी कारणवश हस्ताक्षर करने का अधिकार अस्थायी रूप से रोकना आवश्यक हो, जैसे—

  • दीर्घकालीन अवकाश (Extended Leave)
  • कार्य निष्पादन संबंधी चिंताएँ (Performance Concerns)
  • लंबित जाँच (Pending Investigation)
  • आवश्यक पुनः प्रशिक्षण (Mandatory Retraining)

तो ऐसे हस्ताक्षरकर्ता का प्राधिकरण निर्धारित अवधि के लिए निलंबित किया जा सकता है।


4.5.4 प्राधिकरण की समाप्ति / निरस्तीकरण (Withdrawal / Revocation)

निम्नलिखित परिस्थितियों में अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता का अधिकार स्थायी रूप से समाप्त किया जा सकता है—

  • कर्मचारी द्वारा संगठन छोड़ देना।
  • बार-बार गंभीर तकनीकी त्रुटियाँ (Repeated Serious Errors)।
  • पद अथवा जिम्मेदारियों में परिवर्तन (Change in Job Role)।
  • आवश्यक तकनीकी दक्षता बनाए रखने में असफलता।
  • संगठन द्वारा निर्धारित योग्यता मानदंडों का पालन न करना।

ऐसी प्रत्येक स्थिति में मास्टर सूची को तत्काल अद्यतन करना आवश्यक होगा।


4.6 SDAB को सूचना देना (Notification to SDAB)

प्रत्यायित निकाय का यह संविदात्मक (Contractual) दायित्व है कि वह अपने प्रत्यायन (Accreditation) की स्थिति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों की सूचना SDAB को बिना अनावश्यक विलंब (Without Undue Delay) प्रदान करे।

विशेष रूप से निम्नलिखित परिस्थितियों में SDAB को तत्काल सूचित किया जाना चाहिए—

(i) यदि किसी मान्यता प्राप्त तकनीकी कार्यक्षेत्र (Accredited Scope) के लिए एकमात्र अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता संगठन छोड़ देता है अथवा उसका प्राधिकरण समाप्त कर दिया जाता है।

(ii) यदि वरिष्ठ प्रबंधन (Senior Management) स्तर पर ऐसा परिवर्तन होता है जिससे तकनीकी प्रबंधन (Technical Management Chain) प्रभावित होता हो।

उदाहरण:

  • तकनीकी प्रबंधक (Technical Manager) का पद छोड़ना।
  • गुणवत्ता प्रबंधक (Quality Manager) का पद छोड़ना।

विशेषकर तब जब वे अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता भी हों।

(iii) यदि किसी महत्वपूर्ण प्रत्यायित तकनीकी गतिविधि (Accredited Activity) के लिए संगठन के पास कोई वर्तमान अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता उपलब्ध न रहे।


सामान्य परिवर्तन (Routine Changes)

निम्नलिखित परिवर्तन सामान्य (Routine) माने जाएंगे—

  • नए अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की नियुक्ति।
  • सेवानिवृत्ति।
  • सीमित कार्यक्षेत्र परिवर्तन।
  • सामान्य अद्यतन।

यदि इन परिवर्तनों से संगठन की तकनीकी क्षमता (Technical Capability) पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ता, तो उनकी सूचना SDAB को अगली नियमित निगरानी (Routine Surveillance Assessment) के दौरान भी दी जा सकती है।

हालाँकि, यदि कोई परिवर्तन संगठन की प्रत्यायन क्षमता (Accreditation Capability) को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करता है, तो उसकी सूचना तत्काल देना अनिवार्य होगा।


4.0 अनुभाग का सारांश (Summary)

इस अनुभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि—

  • प्रत्येक प्रत्यायित निकाय अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की सटीक, नियंत्रित एवं अद्यतन मास्टर सूची बनाए रखे।
  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की दक्षता का नियमित मूल्यांकन एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जाए।
  • अधिकारों में होने वाले प्रत्येक परिवर्तन का उचित अभिलेखन एवं नियंत्रण किया जाए।
  • प्रत्यायन की स्थिति को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण परिवर्तनों की सूचना SDAB को समय पर प्रदान की जाए।

इस प्रकार संगठन यह सुनिश्चित करता है कि अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली सदैव पारदर्शी, विश्वसनीय, तकनीकी रूप से सक्षम तथा ISO/IEC मानकों एवं SDAB की आवश्यकताओं के पूर्ण अनुरूप बनी रहे।

5.0 SDAB की भूमिका एवं पर्यवेक्षण रणनीति (SDAB’s Role and Oversight Strategy)

SDAB, एक प्रत्यायन निकाय (Accreditation Body) के रूप में, प्रत्यायित निकायों (Accredited Bodies) द्वारा अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं (Approved Signatories) की स्वीकृति एवं प्रबंधन प्रणाली का स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता (Independent Validator) होता है।

SDAB की भूमिका स्वयं किसी व्यक्ति को सीधे अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता नियुक्त करना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक प्रत्यायित निकाय द्वारा अपनाई गई स्वीकृति प्रक्रिया निष्पक्ष, प्रलेखित, प्रभावी तथा ISO/IEC मानकों के अनुरूप हो।

इसलिए SDAB की पर्यवेक्षण रणनीति (Oversight Strategy) का आधार मूल्यांकन (Assessment), सत्यापन (Verification) तथा सतत निगरानी (Continuous Surveillance) है, न कि प्रत्यक्ष नियुक्ति (Direct Appointment)।


5.1 मूल्यांकन के दौरान आकलन (Assessment During Evaluations)

SDAB के मूल्यांकनकर्ता (Assessors) विभिन्न प्रकार के मूल्यांकनों के दौरान अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली की विस्तृत समीक्षा करेंगे।


5.1.1 प्रारंभिक प्रत्यायन मूल्यांकन (Initial Accreditation Assessment)

जब कोई संगठन पहली बार SDAB से प्रत्यायन (Accreditation) प्राप्त करने के लिए आवेदन करता है, तब SDAB यह सुनिश्चित करेगा कि—

  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की नियुक्ति हेतु उचित एवं प्रलेखित प्रणाली स्थापित हो।
  • प्राधिकरण (Authorization) प्रक्रिया ISO/IEC मानकों के अनुरूप हो।
  • नियुक्त व्यक्तियों की तकनीकी क्षमता का पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध हो।
  • सभी आवश्यक अभिलेख (Records) उपलब्ध एवं नियंत्रित हों।

इस चरण में पूरी प्रणाली की संरचना (Design) एवं उसके कार्यान्वयन (Implementation) का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा।


5.1.2 निगरानी मूल्यांकन (Surveillance Visits)

नियमित निगरानी (Surveillance) के दौरान अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली की समीक्षा SDAB मूल्यांकन का एक मानक (Standard Agenda Item) भाग होगी।

मूल्यांकनकर्ता विशेष रूप से यह सत्यापित करेंगे कि—

  • मास्टर सूची (Master List) अद्यतन (Current) है।
  • नई नियुक्तियाँ उचित प्रक्रिया के अनुसार की गई हैं।
  • हटाए गए अथवा निलंबित हस्ताक्षरकर्ताओं का विवरण समय पर संशोधित किया गया है।
  • प्राधिकरण प्रक्रिया का सतत पालन किया जा रहा है।

5.1.3 पुनर्मूल्यांकन (Reassessment)

पुनः प्रत्यायन (Reassessment) के समय SDAB अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली का व्यापक एवं गहन पुनर्मूल्यांकन करेगा।

इसमें निम्नलिखित का परीक्षण किया जाएगा—

  • संपूर्ण प्रणाली की प्रभावशीलता।
  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की तकनीकी क्षमता।
  • प्रबंधन प्रणाली के साथ उनका अनुपालन।
  • समय के साथ दक्षता बनाए रखने हेतु अपनाई गई प्रक्रियाएँ।

5.2 मूल्यांकन गतिविधियाँ (Assessment Activities)

SDAB के मूल्यांकनकर्ता सामान्यतः निम्नलिखित गतिविधियाँ करेंगे—


5.2.1 मास्टर सूची की समीक्षा (Review of the Master List)

मूल्यांकनकर्ता संगठन से वर्तमान अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की आधिकारिक मास्टर सूची उपलब्ध कराने का अनुरोध करेंगे।

इस सूची की समीक्षा करते समय वे यह सुनिश्चित करेंगे कि—

  • सूची अद्यतन हो।
  • सभी प्रविष्टियाँ पूर्ण हों।
  • प्रत्येक हस्ताक्षरकर्ता का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो।

5.2.2 नमूना चयन (Sampling of Signatories)

मूल्यांकनकर्ता सूची से कुछ अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं का चयन करेंगे।

सामान्यतः प्राथमिकता उन व्यक्तियों को दी जाएगी जो—

  • महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों (Key Technical Scopes) को कवर करते हों।
  • उच्च जोखिम (High-Risk Activities) वाले कार्यों के लिए अधिकृत हों।
  • व्यापक तकनीकी उत्तरदायित्व निभाते हों।

5.2.3 दक्षता अभिलेखों की समीक्षा (Review of Competence Records)

चयनित हस्ताक्षरकर्ताओं के संबंध में निम्नलिखित अभिलेखों की समीक्षा की जाएगी—

  • जीवन-वृत्त (Curriculum Vitae – CV)
  • शैक्षणिक योग्यताएँ।
  • प्रशिक्षण अभिलेख (Training Records)
  • अनुभव का प्रमाण।
  • दक्षता मूल्यांकन रिपोर्ट।
  • प्राधिकरण प्रदान करने संबंधी दस्तावेज़।

इस समीक्षा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि हस्ताक्षरकर्ता निर्धारित दक्षता मानदंडों को पूरा करता है।


5.2.4 साक्षात्कार (Interview of Approved Signatories)

मूल्यांकनकर्ता चयनित हस्ताक्षरकर्ताओं का तकनीकी साक्षात्कार भी ले सकते हैं।

साक्षात्कार के दौरान निम्नलिखित विषयों का मूल्यांकन किया जाएगा—

  • उनके अधिकृत कार्यक्षेत्र की तकनीकी विधियाँ।
  • संबंधित ISO/IEC मानकों (17025, 17020 आदि) की समझ।
  • प्रयोगशाला अथवा निरीक्षण निकाय की प्रबंधन प्रणाली।
  • रिपोर्टों की समीक्षा एवं हस्ताक्षर करने संबंधी उनकी जिम्मेदारियाँ।
  • जहाँ लागू हो, मापन अनिश्चितता (Measurement Uncertainty) की समझ।

5.2.5 रिपोर्टों एवं प्रमाणपत्रों की समीक्षा (Review of Reports and Certificates)

मूल्यांकनकर्ता उन परीक्षण रिपोर्टों, अंशांकन प्रमाणपत्रों अथवा निरीक्षण रिपोर्टों की समीक्षा करेंगे जिन पर चयनित हस्ताक्षरकर्ताओं ने हस्ताक्षर किए हों।

इसका उद्देश्य यह सत्यापित करना होगा कि—

  • रिपोर्ट तकनीकी रूप से सही है।
  • सभी आवश्यक समीक्षाएँ की गई हैं।
  • हस्ताक्षरकर्ता ने उचित सत्यापन किया है।
  • इलेक्ट्रॉनिक अथवा लिखित समीक्षा का पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध है।

5.2.6 प्रत्यक्ष अवलोकन (Witnessing the Review Process)

जहाँ संभव हो, विशेषकर पुनर्मूल्यांकन (Reassessment) अथवा विस्तारित मूल्यांकन (Extended Assessment) के दौरान, SDAB मूल्यांकनकर्ता हस्ताक्षरकर्ता द्वारा रिपोर्ट की समीक्षा एवं अनुमोदन प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन भी कर सकते हैं।

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वास्तविक कार्यप्रणाली (Actual Practice) प्रलेखित प्रक्रिया (Documented Procedure) के अनुरूप है।


5.3 मूल्यांकन के परिणाम (Outcomes of Assessment)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं से संबंधित सभी निष्कर्ष (Findings) मूल्यांकन रिपोर्ट (Assessment Report) में दर्ज किए जाएंगे।

इन निष्कर्षों के आधार पर निम्नलिखित परिणाम हो सकते हैं—


5.3.1 कोई निष्कर्ष नहीं (No Findings)

यदि प्रणाली पूर्णतः प्रभावी, प्रलेखित एवं ISO/IEC मानकों के अनुरूप पाई जाती है, तो कोई गैर-अनुरूपता (Nonconformity) दर्ज नहीं की जाएगी।


5.3.2 लघु गैर-अनुरूपता (Minor Nonconformity)

यदि निम्न प्रकार की छोटी कमियाँ पाई जाती हैं—

  • दस्तावेज़ों में त्रुटि।
  • मास्टर सूची का अद्यतन न होना।
  • प्रशिक्षण अभिलेखों में छोटी कमी।
  • किसी रिकॉर्ड का अधूरा होना।

तो इसे लघु गैर-अनुरूपता (Minor Nonconformity) माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में संगठन को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कार्यवाही (Corrective Action) करनी होगी।


5.3.3 प्रमुख गैर-अनुरूपता (Major Nonconformity)

यदि निम्नलिखित गंभीर कमियाँ पाई जाती हैं—

  • बिना औपचारिक प्राधिकरण के कोई व्यक्ति रिपोर्टों पर हस्ताक्षर कर रहा हो।
  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता अपने अधिकृत कार्यक्षेत्र का मूलभूत तकनीकी ज्ञान प्रदर्शित करने में असफल हो।
  • अनुमोदन प्रक्रिया का कोई प्रलेखित रिकॉर्ड उपलब्ध न हो।
  • SDAB को महत्वपूर्ण परिवर्तन की सूचना न दी गई हो, जिससे किसी प्रत्यायित कार्यक्षेत्र में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता उपलब्ध न रहा हो।

तो इसे प्रमुख गैर-अनुरूपता (Major Nonconformity) माना जाएगा।

ऐसी स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कार्यवाही (Immediate Corrective Action) आवश्यक होगी।

जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता, संबंधित प्रत्यायित कार्यक्षेत्र (Affected Accredited Scope) का प्रत्यायन प्रभावित हो सकता है।


5.4 SDAB अभिलेखों का रखरखाव (Maintenance of SDAB Records)

ISO/IEC 17011 की आवश्यकताओं के अनुसार SDAB अपने सभी प्रत्यायित निकायों के अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं से संबंधित अभिलेखों का भी रखरखाव करेगा।

इन अभिलेखों में सामान्यतः निम्नलिखित सम्मिलित होंगे—

  • मूल्यांकन के दौरान प्रस्तुत की गई मास्टर सूची की प्रतियाँ।
  • महत्वपूर्ण परिवर्तनों की सूचनाएँ।
  • मूल्यांकन रिपोर्टों में दर्ज टिप्पणियाँ।
  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं से संबंधित अन्य आवश्यक अभिलेख।

हालाँकि, यह स्पष्ट किया जाता है कि वर्तमान एवं अद्यतन जानकारी का प्राथमिक स्रोत (Primary Repository) सदैव संबंधित प्रत्यायित निकाय (Accredited Body) ही रहेगा।

SDAB इन अभिलेखों का उपयोग केवल प्रत्यायन प्रक्रिया के प्रभावी संचालन, सत्यापन एवं निगरानी के उद्देश्य से करेगा।


5.0 अनुभाग का सारांश (Summary)

इस अनुभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि—

  • SDAB अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की नियुक्ति नहीं करता, बल्कि उनकी स्वीकृति प्रणाली का स्वतंत्र मूल्यांकन करता है।
  • प्रत्येक प्रत्यायित निकाय की अनुमोदन प्रक्रिया नियमित रूप से सत्यापित की जाती है।
  • दक्षता, अभिलेख, प्रशिक्षण एवं तकनीकी उत्तरदायित्व की समीक्षा की जाती है।
  • गैर-अनुरूपताओं की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है।
  • ISO/IEC 17011 के अनुरूप SDAB आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखता है।

इस प्रकार SDAB यह सुनिश्चित करता है कि प्रत्यायित निकायों द्वारा जारी प्रत्येक परीक्षण रिपोर्ट, अंशांकन प्रमाणपत्र एवं निरीक्षण रिपोर्ट केवल तकनीकी रूप से सक्षम एवं विधिवत अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा ही जारी की जाए, जिससे प्रत्यायन प्रणाली की विश्वसनीयता एवं अंतरराष्ट्रीय मान्यता बनी रहे।

6.0 विभिन्न प्रकार के निकायों के लिए विशेष विचार (Specific Considerations for Different Body Types)

यद्यपि अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं (Approved Signatories) से संबंधित मूलभूत सिद्धांत सभी प्रत्यायित निकायों (Accredited Bodies) पर समान रूप से लागू होते हैं, फिर भी प्रत्येक प्रकार के अनुरूपता मूल्यांकन निकाय (Conformity Assessment Body) की कार्यप्रणाली, तकनीकी उत्तरदायित्व तथा जोखिम (Risk) अलग-अलग होते हैं।

इस कारण SDAB विभिन्न प्रकार के निकायों के लिए कुछ अतिरिक्त एवं विशिष्ट आवश्यकताओं को भी निर्धारित करता है।


6.1 परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाएँ (Testing and Calibration Laboratories) – ISO/IEC 17025

ISO/IEC 17025 के अंतर्गत प्रत्यायित परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं में अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता केवल रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाला अधिकारी नहीं होता, बल्कि वह रिपोर्ट की तकनीकी वैधता (Technical Validity), मापन परिणामों (Measurement Results) की विश्वसनीयता तथा प्रयोगशाला की दक्षता (Competence) का अंतिम उत्तरदायी अधिकारी होता है।

ऐसे हस्ताक्षरकर्ता के पास निम्नलिखित विषयों का गहन ज्ञान होना अनिवार्य है—

6.1.1 मापन अनिश्चितता (Measurement Uncertainty)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को यह पूर्ण रूप से समझ होना चाहिए कि—

  • मापन अनिश्चितता (Measurement Uncertainty) क्या है।
  • उसका निर्धारण (Evaluation) किस प्रकार किया जाता है।
  • परिणामों की व्याख्या में उसका क्या महत्व है।
  • रिपोर्ट में इसे किस प्रकार प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

जहाँ आवश्यक हो, हस्ताक्षरकर्ता को अनिश्चितता बजट (Uncertainty Budget) का भी उचित ज्ञान होना चाहिए।


6.1.2 अनुरेखणीयता (Metrological Traceability)

हस्ताक्षरकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि—

  • सभी मापन राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय मानकों (National/International Standards) से अनुरेखणीय (Traceable) हों।
  • प्रयोग में लिए गए संदर्भ मानक (Reference Standards) एवं उपकरण वैध अंशांकन (Valid Calibration) रखते हों।
  • अनुरेखणीयता की श्रृंखला (Traceability Chain) पूर्ण एवं प्रमाणित हो।

6.1.3 परीक्षण एवं अंशांकन विधियों का सत्यापन (Method Validation)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को निम्नलिखित विषयों का पर्याप्त ज्ञान होना चाहिए—

  • विधि सत्यापन (Method Validation)
  • विधि सत्यापन का दस्तावेजीकरण
  • विधि की सीमाएँ (Limitations)
  • परीक्षण की सटीकता (Accuracy)
  • पुनरावृत्ति (Repeatability)
  • पुनरुत्पादनशीलता (Reproducibility)

उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रयोगशाला केवल वैध एवं अनुमोदित परीक्षण विधियों का उपयोग कर रही है।


6.1.4 अंशांकन प्रमाणपत्र (Calibration Certificates)

अंशांकन प्रमाणपत्रों पर हस्ताक्षर करने वाले अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता के पास विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों का विस्तृत ज्ञान होना चाहिए—

  • अंशांकन प्रक्रिया (Calibration Process)
  • मापन अनिश्चितता बजट (Measurement Uncertainty Budget)
  • अनुरूपता का कथन (Statement of Conformity)
  • निर्णय नियम (Decision Rules), जहाँ लागू हों।

क्योंकि अंशांकन प्रमाणपत्र आगे अनेक उद्योगों एवं प्रयोगशालाओं में संदर्भ दस्तावेज़ (Reference Document) के रूप में उपयोग किए जाते हैं, इसलिए इन पर हस्ताक्षर करने वाले अधिकारी की तकनीकी दक्षता अत्यंत उच्च स्तर की होनी चाहिए।


6.2 निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies) – ISO/IEC 17020

ISO/IEC 17020 के अंतर्गत कार्यरत निरीक्षण निकायों में अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका परीक्षण प्रयोगशालाओं से कुछ भिन्न होती है।

यहाँ केवल तकनीकी परिणाम ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि निरीक्षण के दौरान किए गए व्यावसायिक निर्णय (Professional Judgment) भी अत्यधिक महत्वपूर्ण होते हैं।


6.2.1 निरीक्षण प्रक्रिया का ज्ञान

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को निम्नलिखित विषयों की विस्तृत जानकारी होनी चाहिए—

  • निरीक्षण प्रक्रिया (Inspection Process)
  • संबंधित कोड (Codes)
  • तकनीकी मानक (Technical Standards)
  • नियामक आवश्यकताएँ (Regulatory Requirements)
  • निरीक्षण मानदंड (Inspection Criteria)

6.2.2 व्यावसायिक निर्णय (Professional Judgment)

निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करते समय अनेक परिस्थितियों में निरीक्षक को तकनीकी तथ्यों के आधार पर निर्णय (Judgment) लेना पड़ता है।

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि—

  • सभी निष्कर्ष वस्तुनिष्ठ (Objective) हों।
  • पर्याप्त तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) पर आधारित हों।
  • व्यक्तिगत मत अथवा अनुमान पर आधारित न हों।
  • सभी निष्कर्ष लागू मानकों के अनुरूप हों।

6.2.3 निरीक्षण रिपोर्ट का सत्यापन

रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से पहले अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता को यह सुनिश्चित करना होगा कि—

  • निरीक्षण निर्धारित प्रक्रिया (Defined Procedure) के अनुसार किया गया।
  • निरीक्षण करने वाले कर्मचारी सक्षम (Competent) थे।
  • निरीक्षण के दौरान एकत्रित सभी अभिलेख (Inspection Records) पूर्ण हैं।
  • रिपोर्ट में दिए गए निष्कर्ष उपलब्ध साक्ष्यों (Recorded Evidence) द्वारा पूर्णतः समर्थित हैं।

इस प्रकार निरीक्षण रिपोर्ट पर हस्ताक्षर केवल प्रशासनिक स्वीकृति नहीं, बल्कि तकनीकी उत्तरदायित्व का औपचारिक प्रमाण होता है।


6.3 बहु-स्थलीय (Multi-Site) एवं उप-ठेके (Subcontracted Operations) वाली संस्थाएँ

यदि किसी संगठन की एक से अधिक शाखाएँ (Multiple Sites) हैं अथवा वह कुछ कार्य उप-ठेकेदारों (Subcontractors) से करवाता है, तो अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं के संबंध में अतिरिक्त नियंत्रण आवश्यक हो जाते हैं।


6.3.1 बहु-स्थलीय संगठन (Multi-Site Organizations)

यदि संगठन की विभिन्न शाखाएँ SDAB प्रत्यायन (Accreditation) के अंतर्गत आती हैं, तो निम्नलिखित में से कोई एक व्यवस्था लागू होनी चाहिए—

(क) प्रत्येक शाखा में उसके अपने अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता उपलब्ध हों।

(ख) यदि हस्ताक्षर किसी केंद्रीकृत कार्यालय (Centralized Office) से किए जाते हों, तो संगठन के पास यह प्रदर्शित करने हेतु स्पष्ट एवं प्रलेखित प्रणाली होनी चाहिए कि—

  • केंद्रीय हस्ताक्षरकर्ता प्रत्येक शाखा की गतिविधियों से परिचित है।
  • उसे प्रत्येक शाखा के तकनीकी कार्यों पर पर्याप्त नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण (Oversight) प्राप्त है।
  • वह दूरस्थ शाखाओं (Remote Sites) द्वारा किए गए कार्यों की तकनीकी समीक्षा करने में सक्षम है।

6.3.2 उप-ठेके पर कराया गया कार्य (Subcontracted Work)

यदि किसी परीक्षण, अंशांकन अथवा निरीक्षण का कुछ भाग उप-ठेकेदार (Subcontractor) द्वारा किया जाता है, तो उस उप-ठेकेदार का कर्मचारी मुख्य प्रत्यायित निकाय (Accredited Body) की ओर से रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं कर सकता।

मुख्य प्रत्यायित निकाय का स्वयं का अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता ही अंतिम रूप से उत्तरदायी होगा।

उसे निम्नलिखित सुनिश्चित करना होगा—

  • उप-ठेकेदार सक्षम (Competent) है।
  • उप-ठेकेदार का कार्य निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप किया गया है।
  • प्राप्त परिणामों का तकनीकी सत्यापन किया गया है।
  • उप-ठेकेदार द्वारा उपलब्ध कराए गए डेटा की समीक्षा एवं पुष्टि (Review and Verification) की गई है।
  • उप-ठेकेदार के परिणामों को अपनी अंतिम रिपोर्ट में सम्मिलित करने से पूर्व उनकी उपयुक्तता का मूल्यांकन किया गया है।

अर्थात्, अंतिम रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने वाला अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता उप-ठेकेदार द्वारा किए गए कार्य सहित पूरी रिपोर्ट के लिए पूर्णतः उत्तरदायी रहेगा।


6.0 अनुभाग का सारांश (Summary)

इस अनुभाग का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि विभिन्न प्रकार के प्रत्यायित निकायों के लिए अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की जिम्मेदारियाँ उनके कार्य की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

  • ISO/IEC 17025 के अंतर्गत परीक्षण एवं अंशांकन प्रयोगशालाओं में मापन अनिश्चितता, अनुरेखणीयता, विधि सत्यापन तथा अंशांकन प्रमाणपत्रों की तकनीकी शुद्धता पर विशेष बल दिया गया है।
  • ISO/IEC 17020 के अंतर्गत निरीक्षण निकायों में व्यावसायिक निर्णय, निरीक्षण निष्कर्षों की वस्तुनिष्ठता तथा निरीक्षण साक्ष्यों के सत्यापन पर विशेष ध्यान दिया गया है।
  • बहु-स्थलीय संगठनों एवं उप-ठेके पर कार्य कराने वाले निकायों के लिए अतिरिक्त नियंत्रण एवं निगरानी आवश्यक है, ताकि अंतिम रूप से हस्ताक्षर करने वाला अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता पूरी रिपोर्ट की तकनीकी विश्वसनीयता के लिए उत्तरदायी बना रहे।

इस प्रकार SDAB यह सुनिश्चित करता है कि संगठन की संरचना या कार्य निष्पादन की पद्धति चाहे जैसी भी हो, अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली की पारदर्शिता, तकनीकी दक्षता एवं उत्तरदायित्व किसी भी परिस्थिति में प्रभावित न हो।

7.0 संक्रमणकालीन व्यवस्था एवं कार्यान्वयन (Transitional Arrangements and Implementation)

यह रणनीति दस्तावेज़ दिसंबर 2016 से प्रभावी माना जाएगा।

इस रणनीति के जारी होने के समय जो भी परीक्षण प्रयोगशालाएँ (Testing Laboratories), अंशांकन प्रयोगशालाएँ (Calibration Laboratories) तथा निरीक्षण निकाय (Inspection Bodies) पहले से ही SDAB द्वारा प्रत्यायित (Accredited) हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे इस रणनीति में वर्णित सभी आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी प्रणाली को तत्काल (Immediate) रूप से समायोजित (Align) करें।

यदि किसी मौजूदा प्रत्यायित निकाय में इस रणनीति की आवश्यकताओं के अनुरूप कोई कमी (Non-Compliance) पाई जाती है, तो SDAB द्वारा निर्धारित अगली नियोजित मूल्यांकन गतिविधि (Scheduled Assessment Activity) के दौरान उसे औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही (Corrective Action) अपेक्षित होगी।

जो संगठन पहली बार SDAB प्रत्यायन (Accreditation) के लिए आवेदन करेंगे, उन्हें प्रारंभिक मूल्यांकन (Initial Assessment) के दौरान यह प्रदर्शित करना होगा कि उनकी अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता (Approved Signatory) प्रणाली इस रणनीति के प्रत्येक प्रावधान के पूर्णतः अनुरूप है।

अर्थात्, किसी भी नए आवेदक को प्रत्यायन प्रदान करने से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाएगा कि—

  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया विधिवत प्रलेखित (Documented) हो।
  • सभी अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता निर्धारित तकनीकी दक्षता (Technical Competence) रखते हों।
  • प्राधिकरण (Authorization) का कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से परिभाषित हो।
  • संगठन की प्रबंधन प्रणाली (Management System) इस रणनीति एवं संबंधित ISO/IEC मानकों के अनुरूप संचालित हो।

इस प्रकार यह रणनीति सभी वर्तमान एवं भावी प्रत्यायित निकायों पर समान रूप से लागू होगी।


8.0 निष्कर्ष (Conclusion)

अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं (Approved Signatories) से संबंधित यह रणनीति SDAB की प्रत्यायन प्रणाली (Accreditation Framework) का एक मूलभूत (Fundamental) एवं अत्यंत महत्वपूर्ण (Cornerstone) घटक है।

यह सुनिश्चित करती है कि परीक्षण रिपोर्टों (Test Reports), अंशांकन प्रमाणपत्रों (Calibration Certificates) तथा निरीक्षण रिपोर्टों (Inspection Reports) की अंतिम स्वीकृति एवं हस्ताक्षर केवल ऐसे व्यक्तियों द्वारा किए जाएँ जो—

  • तकनीकी रूप से पूर्णतः सक्षम (Technically Competent) हों।
  • अपने कार्यक्षेत्र का पर्याप्त ज्ञान रखते हों।
  • प्रबंधन प्रणाली की आवश्यकताओं से भली-भाँति परिचित हों।
  • अपने निर्णयों के प्रति पूर्णतः उत्तरदायी (Fully Accountable) हों।

SDAB इस रणनीति के माध्यम से यह अनिवार्य करता है कि अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ताओं की नियुक्ति एवं प्राधिकरण (Authorization) की प्रक्रिया—

  • कठोर (Rigorous)
  • प्रलेखित (Documented)
  • पारदर्शी (Transparent)
  • निष्पक्ष (Impartial)
  • सत्यापन योग्य (Verifiable)

होनी चाहिए।

ऐसी प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक जारी की गई रिपोर्ट एवं प्रमाणपत्र की तकनीकी विश्वसनीयता (Technical Credibility) बनी रहे तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता (Recognition) सुरक्षित रहे।

यह रणनीति निम्नलिखित उद्देश्यों की पूर्ति करती है—

  • SDAB प्रत्यायन प्रणाली की विश्वसनीयता (Credibility) को सुदृढ़ करना।
  • ग्राहकों, नियामक संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों का विश्वास बनाए रखना।
  • अनुरूपता मूल्यांकन (Conformity Assessment) प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी रिपोर्टों एवं प्रमाणपत्रों की मान्यता (Global Acceptance) को बनाए रखना।
  • प्रत्यायित निकायों की तकनीकी क्षमता एवं उत्तरदायित्व को सुदृढ़ करना।

अतः SDAB सभी प्रत्यायित निकायों को पुनः स्मरण कराता है कि इस रणनीति का प्रभावी एवं निरंतर कार्यान्वयन वैकल्पिक (Optional) नहीं, बल्कि प्रत्यायन (Accreditation) की वैधता, अखंडता (Integrity) एवं मान्यता (Recognition) बनाए रखने के लिए एक अनिवार्य आवश्यकता (Mandatory Requirement) है।

प्रत्येक प्रत्यायित निकाय का यह दायित्व है कि वह अपनी अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली की नियमित समीक्षा करे, उसे अद्यतन रखे तथा यह सुनिश्चित करे कि सभी अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता SDAB एवं संबंधित ISO/IEC मानकों की आवश्यकताओं का निरंतर पालन करते रहें।

इस प्रकार SDAB एक ऐसी प्रत्यायन प्रणाली को प्रोत्साहित करता है जो तकनीकी उत्कृष्टता (Technical Excellence), निष्पक्षता (Impartiality), पारदर्शिता (Transparency), उत्तरदायित्व (Accountability) तथा अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता (International Credibility) के सर्वोच्च मानकों पर आधारित हो।


7.0 एवं 8.0 का सारांश (Summary)

इस अंतिम नीति अनुभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि—

  • सभी वर्तमान प्रत्यायित निकाय इस रणनीति के अनुरूप अपनी प्रणाली को तत्काल अद्यतन करें।
  • नए प्रत्यायन आवेदक प्रारंभिक मूल्यांकन के समय पूर्ण अनुपालन (Full Compliance) प्रदर्शित करें।
  • अनुमोदित हस्ताक्षरकर्ता प्रणाली SDAB प्रत्यायन ढाँचे का केंद्रीय एवं अनिवार्य भाग बनी रहे।
  • केवल तकनीकी रूप से सक्षम एवं विधिवत अधिकृत व्यक्ति ही परीक्षण रिपोर्टों, अंशांकन प्रमाणपत्रों एवं निरीक्षण रिपोर्टों पर हस्ताक्षर करें।
  • इस रणनीति का पालन SDAB प्रत्यायन की विश्वसनीयता, अंतरराष्ट्रीय मान्यता तथा सभी हितधारकों के विश्वास को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।

शाखाएँ (Branches)


SDAB प्रत्यायन (SDAB Accreditation)

SDAB मुख्य कार्यालय (Head Office)

सनातन धर्मा प्रत्यायन बोर्ड (SDAB)
SDAB हाउस

C/O Mr. Garry
54, Glengarnock Avenue,
E-14 3BP, Isle of Dogs,
London, United Kingdom

दूरभाष (Tel.): +44-8369083940

ई-मेल (Email): info@sanatanboards.in

वेबसाइट (Website): www.sanatanboards.in


मुंबई मुख्य कार्यालय (Mumbai Head Office)

सनातन धर्मा प्रत्यायन बोर्ड (SDAB)
SDAB हाउस

B-401, New Om Kaveri CHS Ltd.,
Nagindas Pada,
Shiv Sena Office के निकट,
Nallasopara (East), Maharashtra, India

दूरभाष (Tel.): +91-7499991895

ई-मेल (Email): info@sanatanboards.in

वेबसाइट (Website): www.sanatanboards.in


दिल्ली–एनसीआर पंजीकृत कार्यालय (Delhi–NCR Registered Office)

सनातन धर्मा प्रत्यायन बोर्ड (SDAB)
SDAB हाउस

Asaoti, जिला पलवल (Palwal)
फरीदाबाद–दिल्ली एनसीआर, हरियाणा, भारत

दूरभाष (Tel.): +91-7979801035

फैक्स (Fax): +91-250-2341170

वेबसाइट (Website): www.sanatanboards.in

"सनातन धर्म – न आदि, न अंत, केवल सत्य और अनंत!"

  1. 🚩 “सनातन धर्म है शाश्वत, सत्य का उजियारा,
    अधर्म मिटे, जग में फैले ज्ञान का पसारा।
    धर्म, कर्म, भक्ति, ज्ञान का अद्भुत संगम,
    मोक्ष का मार्ग दिखाए, यही है इसका धरम!” 🙏

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

संपर्क

अस्वीकरण

नौकरियाँ

दुश्मन

सदस्यता

       1 व्यक्ति
       2 उत्पाद संगठन
       3 संगठन
       4 परियोजना

      1 व्यक्ति
      2 उत्पाद संगठन
      3 संगठन
      4 परियोजना

गुरु

© 2025 Created with sanatanboards.in